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  • मंईयां सम्मान योजना के अयोग्य लाभुकों पर गिरी गाज,जानिए कब मिलेगा 2500 रुपए

    RANCHI: झारखंड की महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का बढ़ा हुआ लाभ क्रिसमस से पहले उनके खातों में पहुंचने वाला है। लेकिन हर किसी को यह राहत नहीं मिलेगी। सामाजिक सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अयोग्य लाभुकों की पहचान कर उनके खातों में यह राशि रोक दी जाएगी।

    स्क्रीनिंग शुरू, अयोग्य लाभुकों पर शिकंजा। 

    राज्यभर में मंईयां सम्मान योजना के तहत 50 लाख से अधिक महिलाओं को 2500 रुपये की सहायता राशि मिलनी है। लेकिन कई महिलाएं जो इस योजना के दायरे में नहीं आतीं, फिर भी इसका लाभ ले रही थीं। ऐसे मामलों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है।

    सामाजिक सुरक्षा विभाग ने सभी उपायुक्तों को निर्देश देते हुए कहा है कि:

    1. गलत तरीके से लाभ लेने वालों से वसूली की जाएगी।
    2. जिन्हें पहले से किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ मिल रहा है, उन्हें इस योजना से बाहर किया जाएगा।
    3. अयोग्य लाभुकों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    किन्हें नहीं मिलेगा मंईयां सम्मान योजना का लाभ?

    निम्नलिखित श्रेणियों की महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलेगा:

    • आयकर दाता महिलाएं।
    • सरकारी कर्मी या रिटायर सरकारी कर्मियों के परिवार की महिलाएं।
    • ईपीएफओ धारक या उनके परिवार के सदस्य।
    • झारखंड से बाहर की निवासी महिलाएं।
    • एक से अधिक जिलों में लाभ लेने वाले लाभुक।

    कैबिनेट की मुहर और योजना का विस्तार। 

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना की राशि को 1000 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये करने का ऐलान किया था। कैबिनेट में इस प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद अब इसे लागू किया जा रहा है।

    सख्ती से हो रही जांच। 

    विभाग ने सभी जिलों में स्क्रीनिंग प्रक्रिया तेज कर दी है। यदि जांच के दौरान कोई अयोग्य लाभुक पाया गया, तो उसकी राशि वापस ली जाएगी और उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    महिलाओं को मिलेगा सीधा लाभ। 

    मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत योग्य लाभुक महिलाओं के खातों में यह राशि जल्द ही ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद एक कार्यक्रम के दौरान इस राशि को जारी करेंगे।

  • जंगल में अपराध की साजिश रचते 6 अपराधी गिरफ्तार, देसी कट्टे बरामद

    गिरिडीह:  गिरिडीह जिले के बिरनी थाना क्षेत्र में पुलिस ने अपराध की योजना बना रहे छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनके पास से दो देसी कट्टे भी बरामद किए।

    गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई. 

    गिरिडीह एसपी  डॉ. विमल कुमार ने रविवार को मीडिया को बताया कि घुज्जी जंगल में अपराधियों की गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर एसडीपीओ  धनंजय राम की अगुवाई में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अपराधियों को मौके पर धर दबोचा।

    गिरफ्तार अपराधियों की पहचान। 

    गिरफ्तार अपराधियों में शामिल हैं:

    • मो. समीर अंसारी, रेहान अंसारी, और रिजवान अंसारी (धनवार )
    • फणीभूषण साव और शिबू साव (बिरनी )
    • सिराजुद्दीन अंसारी (लालबाजार,धनवार)

    बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी। 

    पुलिस पूछताछ में अपराधियों ने स्वीकार किया कि वे इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।

    आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज। 

    पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल, उनसे पूछताछ जारी है ताकि अपराध की पूरी साजिश का खुलासा हो सके।

    एसपी की सराहना। 

    पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने टीम की तत्परता और कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा, “गिरिडीह पुलिस अपराध पर नियंत्रण के लिए प्रतिबद्ध है। यह सफलता टीमवर्क और हमारी सतर्कता का परिणाम है।”

    इस कार्रवाई से इलाके में पुलिस की सख्ती और अपराधियों में खौफ का संदेश गया है।

  • तोपचांची झील बनेगा झारखंड का प्रमुख पर्यटन केंद्र, 76 करोड़ की आएगी लागत -मंत्री सुदिव्य कुमार

    धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले में स्थित ऐतिहासिक तोपचांची झील जल्द ही आधुनिक पर्यटन स्थल के रूप में चमकेगी। नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने शनिवार को झील का निरीक्षण करते हुए इसकी नई परियोजना का खुलासा किया। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत झील का कायाकल्प करने के लिए 76 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है, जो बढ़कर 100 करोड़ रुपये तक जा सकती है।

    झील को मिलेगी नई पहचान।
    झील को टूरिस्ट प्लेस के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू  ने बताया कि परियोजना में आधुनिक स्ट्रीट लाइट, रिसॉर्ट, स्विमिंग पूल, और पर्यटकों के रहने के लिए उत्कृष्ट सुविधाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही झील के चारों ओर थीम पार्क, वोटिंग और स्विमिंग जैसी आकर्षक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

    पुराने ढांचे को तोड़कर बनेगा नया निर्माण। 
    झील के आसपास के पुराने और जर्जर भवनों को तोड़कर नए निर्माण किए जाएंगे। परियोजना से जुड़े इंजीनियरों ने मंत्री को विस्तार से बताया कि झील के चारों ओर के इलाकों को कैसे विकसित किया जाएगा। मंत्री ने लगभग एक घंटे तक ब्लू प्रिंट का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए।

    पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए खास। 
    मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू  ने कहा, “तोपचांची झील की प्राकृतिक सुंदरता पहले से ही आकर्षक है। इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस कर पर्यटकों के लिए और भी आकर्षक बनाया जाएगा। इस परियोजना के तहत स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।”

    नए साल में शिलान्यास और काम की शुरुआत। 
    तोपचांची झील परियोजना को लेकर स्थानीय विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने कहा, “नए साल में इसका शिलान्यास होगा और कार्य तेज़ी से शुरू किए जाएंगे। यह परियोजना न केवल झील की खूबसूरती को बढ़ाएगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी।”

    सरकार की बड़ी योजना। 
    मंत्री ने आश्वासन दिया कि तीन महीने के भीतर सरकार इस परियोजना पर काम शुरू करेगी। तोपचांची झील के कायाकल्प से झारखंड को एक नया पर्यटन केंद्र मिलेगा, जो राज्य की पर्यटन संभावनाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

    झील का यह विकास न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि झारखंड के इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता को भी जीवंत बनाएगा।

  • पत्रकार अमरनाथ सिन्हा पर हमला, विरोध में पत्रकारों की एकजुटता

    गिरिडीह: गिरिडीह में शुक्रवार को नगर निगम के अजीडीह टॉल वसूली केंद्र पर पत्रकार अमरनाथ सिन्हा पर हुए जानलेवा हमले के खिलाफ शनिवार को नया परिषद भवन में पत्रकारों की बैठक हुई। बैठक में गिरिडीह के पत्रकार समुदाय ने एकजुट होकर हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    बैठक के बाद पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गिरिडीह उपायुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने उपायुक्त को याद दिलाया कि माननीय उच्च न्यायालय ने 18 दिसंबर को नगर निगम क्षेत्र में टॉल वसूली पर रोक लगाने का आदेश दिया था, बावजूद इसके अजीडीह केंद्र पर अवैध वसूली जारी थी। इसी मुद्दे को उजागर करने पर पत्रकार अमरनाथ पर हमला हुआ।

    इस बैठक में कई वरिष्ठ पत्रकार शामिल हुए, जिनमें राकेश सिन्हा ,अरविंद कुमार, प्रवीण कुमार राय, लक्ष्मी अग्रवाल, रमेश प्रभाकर, सुनील मंथन शर्मा, आलोक रंजन, सूरज सिन्हा,मीरा कुमारी, शाहिद रजा, प्रकाश श्रीवास्तव, नफीस अजहर, एजाज अहमद, कैफ जद्दी, दानिश अहमद, मृणाल सिन्हा और अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं।

    घटना के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पपरवाटांड स्थित अमरनाथ सिन्हा के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने चौथे स्तंभ पर इस हमले की निंदा करते हुए प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    इसी बीच धनवार के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने भी समाहरणालय पहुंचकर अमरनाथ सिन्हा से मुलाकात की और घटना की निंदा की। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया।

  • एमएस धोनी अपने घर से ही होंगे ‘आउट’?आवास बोर्ड भेजा जा सकता है नोटिस

    रांची :  भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और झारखंड का गौरव एमएस धोनी को उनके पुराने आवासीय प्लॉट को लेकर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। झारखंड राज्य आवास बोर्ड धोनी के हरमू रोड स्थित पुराने घर के प्लॉट पर नोटिस भेजने की तैयारी में है।

    धोनी को यह प्लॉट वर्ष 2009 में झारखंड सरकार ने आवासीय उपयोग के लिए गिफ्ट किया था। लेकिन अब इस प्लॉट पर एक लैब खुलने की खबर सामने आई है। आवास बोर्ड का कहना है कि यदि आवासीय प्लॉट का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

    आवासीय प्लॉट का व्यावसायिक उपयोग पर सवाल.
    आवास बोर्ड के चेयरमैन संजय पासवान ने बताया कि धोनी को यह प्लॉट उनके खेल में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया था। उन्होंने कहा, “आवासीय प्लॉट का व्यावसायिक उपयोग नियमों का उल्लंघन है। हमने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

    बीजेपी कार्यालय को भी मिला था नोटिस. 
    संजय पासवान ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब बोर्ड ने इस तरह की कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, “हरमू रोड में जहां बीजेपी का प्रदेश कार्यालय है, वहां भी भूखंड के दुरुपयोग का मामला सामने आया था। उस मामले में पहले ही नोटिस दिया जा चुका है।”

    धोनी का हरमू वाला घर: बीते वर्षों की कहानी. 
    2009 में झारखंड सरकार ने धोनी को पांच कट्ठा का यह प्लॉट गिफ्ट किया था। यहां उन्होंने शानदार घर बनवाया और कई वर्षों तक वहीं रहे। लेकिन बाद में वे रांची के सिमलिया स्थित अपने प्राइवेट फॉर्म हाउस में शिफ्ट हो गए।

    क्लिनिक लैब में तब्दील हो रहा है घर.
    धोनी के हरमू रोड स्थित पुराने घर में अब एक क्लिनिक लैब स्थापित की जा रही है। लंबे समय तक खाली पड़े इस मकान का उपयोग अब व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा रहा है। इस बात की जानकारी आवास बोर्ड को मिली, तो चेयरमैन ने इसकी जांच के आदेश दिए।

    यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि आवासीय प्लॉट का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है, तो धोनी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। संजय पासवान ने संकेत दिया है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    एमएस धोनी के प्रशंसकों के लिए यह खबर चौंकाने वाली हो सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद क्या निर्णय लिया जाता है और धोनी इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

  • कांग्रेस की हार की पड़ताल: भितरघातियों पर गिरेगी गाज?

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………
    झारखंड में हालिया विधानसभा चुनावों के नतीजे कांग्रेस के लिए संतोषजनक रहे, लेकिन 14 सीटों पर मिली हार ने पार्टी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। गठबंधन के तहत 30 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की, लेकिन हार के कारणों की समीक्षा ने अंदरूनी कलह और रणनीतिक चूकों की पोल खोल दी है। 21 दिसंबर को रांची मे आयोजित बैठक मे पार्टी ने हार की समीक्षा की ।

    हार की असली वजहें:
    कांग्रेस की समीक्षा में स्पष्ट हुआ है कि कई सीटों पर पार्टी के ही नेताओं ने भितरघात कर प्रत्याशियों को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। स्थानीय संगठनों और उम्मीदवारों के बीच समन्वय की कमी भी हार का बड़ा कारण बनी।

    जरमुंडी विधानसभा क्षेत्र:
    यहां पूर्व मंत्री बादल को भाजपा की मजबूत रणनीति और हरिनारायण राय की भाजपा से करीबी के कारण हार का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक मंत्री रहने के दौरान उनके खिलाफ उपजा असंतोष भी उनकी हार की वजह बना।

    जमशेदपुर पश्चिम सीट:
    तत्कालीन मंत्री बन्ना गुप्ता वायरल वीडियो से उपजे विवाद के चलते प्रचार युद्ध में टिक नहीं पाए। जदयू के सरयू राय ने उनका पराजय दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    झरिया और धनबाद:
    इन क्षेत्रों में संगठनात्मक तालमेल की कमी और स्थानीय इकाई का असहयोग हार का कारण बना। झरिया में कांग्रेस को सिटिंग सीट पर भी हार का सामना करना पड़ा।

    जमशेदपुर पूर्वी सीट:
    यहां डॉ. अजय कुमार पार्टी के प्रत्याशी थे, लेकिन स्थानीय संगठन ने उनका साथ नहीं दिया। कई नेता अंदरूनी भितरघात में लगे रहे, जिससे पार्टी की संभावना धूमिल हो गई।

    भविष्य की राह:
    समीक्षा बैठक के बाद तैयार की गई रिपोर्ट कांग्रेस आलाकमान को भेजी जाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता ने संकेत दिए हैं कि भितरघातियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

    चुनाव परिणाम:
    कांग्रेस ने 30 सीटों पर चुनाव लड़ा और 16 पर जीत हासिल की। पार्टी का मानना है कि बेहतर रणनीतिक तालमेल और आंतरिक समन्वय से सीटों की संख्या और बढ़ाई जा सकती थी।

    संघर्ष जारी:
    कांग्रेस ने यह भी स्वीकार किया है कि कमियों को सुधारने के बाद भविष्य में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। अब सबकी नजरें आलाकमान के फैसलों और भितरघातियों पर गिरने वाली गाज पर टिकी हैं।

  • मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है और इस पर  हमला कतई बर्दास्त नहीं:मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू

    गिरिडीह : झारखंड हाईकोर्ट द्वारा गुरुवार को गिरिडीह नगर निगम के टोल टैक्स वसूली पर रोक के बाद भी शुक्रवार को टोल टैक्स की वसूली की जा रही थी । जब पत्रकार टोल टैक्स की वसूली की खबर बनाने पहुंचे तो टोल टैक्स की वसूली कर रहे कुछ गुंडों ने पत्रकार पर हमला कर दिया जिसमे पत्रकार अमर सिन्हा जख्मी हो गये, जख्मी अवस्था मे उन्हे सदर अस्पताल मे इलाज के लिए लाया गया । घंटना की खबर मिलते ही नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू सदर अस्पताल पहुंचे और घायल पत्रकार का हाल चाल लिया और कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा  स्तम्भ है और इस पर  हमला कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। दोषी को कड़ी सजा मिलेगी और उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा ।

    बता दें कि गुरुवार को हाईकोर्ट ने गिरिडीह नगर निगम को निर्देश दिया था कि टोल टैक्स की वसूली पर रोक तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। साथ ही, आदेश की प्रति नगर विकास विभाग के मुख्य सचिव, गिरिडीह जिले के उपायुक्त (DC), गिरिडीह नगर निगम के आयुक्त और गिरिडीह के एसडीएम को भी भेज दिया गया था ।

  • जेपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति की मांग, झारखंड के युवाओं का ट्विटर अभियान

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………

    झारखंड के युवाओं ने अब अपनी आवाज को डिजिटल माध्यम से बुलंद करने का फैसला किया है। जेपीएससी अध्यक्ष पद की नियुक्ति की मांग को लेकर  21 दिसंबर 2024, सुबह 8 बजे से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर #JPSC_Chairman_Appoint_Karo हैशटैग के साथ एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का नेतृत्व छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं।

    क्या है मामला?
    छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के मुताबिक, 22 अगस्त 2024 से झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) का अध्यक्ष पद खाली पड़ा है। इस वजह से 11वीं सिविल सेवा परीक्षा, सीडीपीओ परीक्षा, फॉरेस्ट रेंजर ऑफिसर भर्ती सहित अन्य परीक्षाओं के परिणाम और नए विज्ञापन अटके हुए हैं।

    देवेंद्र महतो ने कहा,

    “इस देरी के कारण झारखंड के छात्र मानसिक दबाव में हैं और उनकी भविष्य की योजनाएं बाधित हो रही हैं। सरकार को जल्द से जल्द जेपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति करनी चाहिए। यह मुद्दा सिर्फ परीक्षा परिणाम का नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य का है।”

    24 दिसंबर तक मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी.
    छात्र नेता ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि 24 दिसंबर 2024 को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर ठोस निर्णय लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो झारखंड के छात्र वृहद आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

    सोशल मीडिया से उठ रही आवाज।
    आज का ट्विटर अभियान झारखंड के छात्रों का आक्रोश और सरकार से उनकी उम्मीद का प्रतीक है। डिजिटल माध्यम से युवाओं ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की जो कोशिश शुरू की है, वह राज्य में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सुधार की उम्मीद को जिंदा रखती है।

    क्या सरकार उठाएगी कदम?
    अब देखना यह है कि झारखंड सरकार इस आवाज को सुनती है या फिर छात्रों को अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा। जेपीएससी जैसी महत्वपूर्ण संस्था के अध्यक्ष पद की नियुक्ति पर सरकार का हर कदम, राज्य के युवाओं के भविष्य की दिशा तय करेगा।

  • गिरिडीह: पुलिस ने एक बार फिर से तीन कुख्यात साइबर अपराधियों को हिरासत में लिया है।

    बैंक अधिकारी बनकर और कोरोना वैक्सीन के बदले सरकारी अनुदान का झांसा देकर करते थे ठगी

    गिरिडीह: साइबर थाना पुलिस ने बेगाबाद थाना क्षेत्र के खंडोली मोड़ पर छापेमारी कर तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अपराधियों में गांडेय थाना क्षेत्र के पंदनाटाड़ निवासी साहिल अंसारी (19 वर्ष) और नजमुल अंसारी (23 वर्ष), साथ ही बेंगाबाद थाना क्षेत्र के पुर्री निवासी प्रमोद यादव (30 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से 7 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड और एक बाइक बरामद की है। इस संबंध में जानकारी शुक्रवार को साइबर डीएसपी आबिद खान ने पत्रकार वार्ता के दौरान दी।

    साइबर डीएसपी ने बताया कि एसपी गिरिडीह को प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से सूचना मिली थी कि खंडोली मोड़ के पास कुछ साइबर अपराधी धोखाधड़ी की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इस सूचना पर कार्रवाई के लिए एसपी ने एक विशेष टीम का गठन किया। टीम का नेतृत्व साइबर डीएसपी आबिद खान ने किया, जिसमें साइबर थाना प्रभारी अजय कुमार, पुअनि पुनीत कुमार गौतम, गुंजन कुमार, सअनि गजेंद्र कुमार, आरक्षी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

    जांच में सामने आया कि ये अपराधी खुद को बैंक अधिकारी बताकर KYC अपडेट के नाम पर लोगों को फर्जी APK फाइल भेजते थे। इससे वे बैंक खातों की जानकारी चुराकर ठगी करते थे। इसके अलावा, वे कोरोना वैक्सीन लगवाने के बदले ₹10,000 की सरकारी सहायता का झांसा देकर भी लोगों को धोखा देते थे। तीनों आरोपियों के खिलाफ कांड संख्या 44/2024 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है।

  • एक ही भवन के अंदर चार अलग-अलग थाने स्थापित होंगे !

    रांची: झारखंड में अब बड़े शहरों में एक ही भवन के अंदर चार अलग-अलग थाने स्थापित किए जाएंगे।इसके लिए बहुमंजिला इमारत का निर्माण किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक मंजिल पर एक विशेष थाना होगा। पहली मंजिल पर साइबर थाना, दूसरी पर महिला थाना, तीसरी पर एससी-एसटी थाना और चौथी मंजिल पर एचटीयू थाना संचालित होंगे। यह नई योजना झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता द्वारा तैयार की गई है, और इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उन्होंने आइजी प्रोविजन पंकज कंबोज को सौंपी है।

    योजना को अमल में लाने की तैयारी

    झारखंड पुलिस मुख्यालय इस योजना को पूरा करने के लिए शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के एसपी के साथ बैठक करेगा। बैठक में एसपी को जमीन की उपलब्धता के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर पुलिस मुख्यालय को भेजने को कहा जाएगा।

    महिला पुलिसकर्मियों के लिए विशेष प्रावधान

    इस बहुमंजिला भवन में महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग से बैरक की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, महिला पुलिस और अन्य कर्मियों के लिए विशेष सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।

    केंद्रीकृत थानों से लाभ

    एक ही स्थान पर सभी थाने होने से जनता को अधिक सहूलियत मिलेगी। हालांकि, अलग-अलग थानों के निर्माण से भूमि की अधिक आवश्यकता और निर्माण लागत बढ़ सकती है, लेकिन केंद्रीकृत भवन से प्रशासनिक कार्यों में आसानी और लोगों के लिए बेहतर सेवा सुनिश्चित होगी।