Tag: jharkhand news
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मंईयां सम्मान योजना के अयोग्य लाभुकों पर गिरी गाज,जानिए कब मिलेगा 2500 रुपए
RANCHI: झारखंड की महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का बढ़ा हुआ लाभ क्रिसमस से पहले उनके खातों में पहुंचने वाला है। लेकिन हर किसी को यह राहत नहीं मिलेगी। सामाजिक सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अयोग्य लाभुकों की पहचान कर उनके खातों में यह राशि रोक दी जाएगी। -
जंगल में अपराध की साजिश रचते 6 अपराधी गिरफ्तार, देसी कट्टे बरामद
गिरिडीह: गिरिडीह जिले के बिरनी थाना क्षेत्र में पुलिस ने अपराध की योजना बना रहे छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनके पास से दो देसी कट्टे भी बरामद किए। -
तोपचांची झील बनेगा झारखंड का प्रमुख पर्यटन केंद्र, 76 करोड़ की आएगी लागत -मंत्री सुदिव्य कुमार
धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले में स्थित ऐतिहासिक तोपचांची झील जल्द ही आधुनिक पर्यटन स्थल के रूप में चमकेगी। नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने शनिवार को झील का निरीक्षण करते हुए इसकी नई परियोजना का खुलासा किया। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत झील का कायाकल्प करने के लिए 76 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है, जो बढ़कर 100 करोड़ रुपये तक जा सकती है। -
पत्रकार अमरनाथ सिन्हा पर हमला, विरोध में पत्रकारों की एकजुटता
गिरिडीह: गिरिडीह में शुक्रवार को नगर निगम के अजीडीह टॉल वसूली केंद्र पर पत्रकार अमरनाथ सिन्हा पर हुए जानलेवा हमले के खिलाफ शनिवार को नया परिषद भवन में पत्रकारों की बैठक हुई। बैठक में गिरिडीह के पत्रकार समुदाय ने एकजुट होकर हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। -
एमएस धोनी अपने घर से ही होंगे ‘आउट’?आवास बोर्ड भेजा जा सकता है नोटिस
रांची : भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और झारखंड का गौरव एमएस धोनी को उनके पुराने आवासीय प्लॉट को लेकर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। झारखंड राज्य आवास बोर्ड धोनी के हरमू रोड स्थित पुराने घर के प्लॉट पर नोटिस भेजने की तैयारी में है।
धोनी को यह प्लॉट वर्ष 2009 में झारखंड सरकार ने आवासीय उपयोग के लिए गिफ्ट किया था। लेकिन अब इस प्लॉट पर एक लैब खुलने की खबर सामने आई है। आवास बोर्ड का कहना है कि यदि आवासीय प्लॉट का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
आवासीय प्लॉट का व्यावसायिक उपयोग पर सवाल.
आवास बोर्ड के चेयरमैन संजय पासवान ने बताया कि धोनी को यह प्लॉट उनके खेल में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया था। उन्होंने कहा, “आवासीय प्लॉट का व्यावसायिक उपयोग नियमों का उल्लंघन है। हमने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”बीजेपी कार्यालय को भी मिला था नोटिस.
संजय पासवान ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब बोर्ड ने इस तरह की कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, “हरमू रोड में जहां बीजेपी का प्रदेश कार्यालय है, वहां भी भूखंड के दुरुपयोग का मामला सामने आया था। उस मामले में पहले ही नोटिस दिया जा चुका है।”धोनी का हरमू वाला घर: बीते वर्षों की कहानी.
2009 में झारखंड सरकार ने धोनी को पांच कट्ठा का यह प्लॉट गिफ्ट किया था। यहां उन्होंने शानदार घर बनवाया और कई वर्षों तक वहीं रहे। लेकिन बाद में वे रांची के सिमलिया स्थित अपने प्राइवेट फॉर्म हाउस में शिफ्ट हो गए।क्लिनिक लैब में तब्दील हो रहा है घर.
धोनी के हरमू रोड स्थित पुराने घर में अब एक क्लिनिक लैब स्थापित की जा रही है। लंबे समय तक खाली पड़े इस मकान का उपयोग अब व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा रहा है। इस बात की जानकारी आवास बोर्ड को मिली, तो चेयरमैन ने इसकी जांच के आदेश दिए।यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि आवासीय प्लॉट का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है, तो धोनी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। संजय पासवान ने संकेत दिया है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एमएस धोनी के प्रशंसकों के लिए यह खबर चौंकाने वाली हो सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद क्या निर्णय लिया जाता है और धोनी इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
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कांग्रेस की हार की पड़ताल: भितरघातियों पर गिरेगी गाज?
परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………झारखंड में हालिया विधानसभा चुनावों के नतीजे कांग्रेस के लिए संतोषजनक रहे, लेकिन 14 सीटों पर मिली हार ने पार्टी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। गठबंधन के तहत 30 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की, लेकिन हार के कारणों की समीक्षा ने अंदरूनी कलह और रणनीतिक चूकों की पोल खोल दी है। 21 दिसंबर को रांची मे आयोजित बैठक मे पार्टी ने हार की समीक्षा की । -
मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है और इस पर हमला कतई बर्दास्त नहीं:मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू
गिरिडीह : झारखंड हाईकोर्ट द्वारा गुरुवार को गिरिडीह नगर निगम के टोल टैक्स वसूली पर रोक के बाद भी शुक्रवार को टोल टैक्स की वसूली की जा रही थी । जब पत्रकार टोल टैक्स की वसूली की खबर बनाने पहुंचे तो टोल टैक्स की वसूली कर रहे कुछ गुंडों ने पत्रकार पर हमला कर दिया जिसमे पत्रकार अमर सिन्हा जख्मी हो गये, जख्मी अवस्था मे उन्हे सदर अस्पताल मे इलाज के लिए लाया गया । घंटना की खबर मिलते ही नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू सदर अस्पताल पहुंचे और घायल पत्रकार का हाल चाल लिया और कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है और इस पर हमला कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। दोषी को कड़ी सजा मिलेगी और उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा ।
बता दें कि गुरुवार को हाईकोर्ट ने गिरिडीह नगर निगम को निर्देश दिया था कि टोल टैक्स की वसूली पर रोक तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। साथ ही, आदेश की प्रति नगर विकास विभाग के मुख्य सचिव, गिरिडीह जिले के उपायुक्त (DC), गिरिडीह नगर निगम के आयुक्त और गिरिडीह के एसडीएम को भी भेज दिया गया था ।

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जेपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति की मांग, झारखंड के युवाओं का ट्विटर अभियान
परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………
झारखंड के युवाओं ने अब अपनी आवाज को डिजिटल माध्यम से बुलंद करने का फैसला किया है। जेपीएससी अध्यक्ष पद की नियुक्ति की मांग को लेकर 21 दिसंबर 2024, सुबह 8 बजे से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर #JPSC_Chairman_Appoint_Karo हैशटैग के साथ एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का नेतृत्व छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं।
क्या है मामला?
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के मुताबिक, 22 अगस्त 2024 से झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) का अध्यक्ष पद खाली पड़ा है। इस वजह से 11वीं सिविल सेवा परीक्षा, सीडीपीओ परीक्षा, फॉरेस्ट रेंजर ऑफिसर भर्ती सहित अन्य परीक्षाओं के परिणाम और नए विज्ञापन अटके हुए हैं।देवेंद्र महतो ने कहा,
“इस देरी के कारण झारखंड के छात्र मानसिक दबाव में हैं और उनकी भविष्य की योजनाएं बाधित हो रही हैं। सरकार को जल्द से जल्द जेपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति करनी चाहिए। यह मुद्दा सिर्फ परीक्षा परिणाम का नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य का है।”
24 दिसंबर तक मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी.
छात्र नेता ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि 24 दिसंबर 2024 को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर ठोस निर्णय लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो झारखंड के छात्र वृहद आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।सोशल मीडिया से उठ रही आवाज।
आज का ट्विटर अभियान झारखंड के छात्रों का आक्रोश और सरकार से उनकी उम्मीद का प्रतीक है। डिजिटल माध्यम से युवाओं ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की जो कोशिश शुरू की है, वह राज्य में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सुधार की उम्मीद को जिंदा रखती है।क्या सरकार उठाएगी कदम?
अब देखना यह है कि झारखंड सरकार इस आवाज को सुनती है या फिर छात्रों को अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा। जेपीएससी जैसी महत्वपूर्ण संस्था के अध्यक्ष पद की नियुक्ति पर सरकार का हर कदम, राज्य के युवाओं के भविष्य की दिशा तय करेगा। -
गिरिडीह: पुलिस ने एक बार फिर से तीन कुख्यात साइबर अपराधियों को हिरासत में लिया है।
बैंक अधिकारी बनकर और कोरोना वैक्सीन के बदले सरकारी अनुदान का झांसा देकर करते थे ठगी
गिरिडीह: साइबर थाना पुलिस ने बेगाबाद थाना क्षेत्र के खंडोली मोड़ पर छापेमारी कर तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अपराधियों में गांडेय थाना क्षेत्र के पंदनाटाड़ निवासी साहिल अंसारी (19 वर्ष) और नजमुल अंसारी (23 वर्ष), साथ ही बेंगाबाद थाना क्षेत्र के पुर्री निवासी प्रमोद यादव (30 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से 7 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड और एक बाइक बरामद की है। इस संबंध में जानकारी शुक्रवार को साइबर डीएसपी आबिद खान ने पत्रकार वार्ता के दौरान दी।
साइबर डीएसपी ने बताया कि एसपी गिरिडीह को प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से सूचना मिली थी कि खंडोली मोड़ के पास कुछ साइबर अपराधी धोखाधड़ी की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इस सूचना पर कार्रवाई के लिए एसपी ने एक विशेष टीम का गठन किया। टीम का नेतृत्व साइबर डीएसपी आबिद खान ने किया, जिसमें साइबर थाना प्रभारी अजय कुमार, पुअनि पुनीत कुमार गौतम, गुंजन कुमार, सअनि गजेंद्र कुमार, आरक्षी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आया कि ये अपराधी खुद को बैंक अधिकारी बताकर KYC अपडेट के नाम पर लोगों को फर्जी APK फाइल भेजते थे। इससे वे बैंक खातों की जानकारी चुराकर ठगी करते थे। इसके अलावा, वे कोरोना वैक्सीन लगवाने के बदले ₹10,000 की सरकारी सहायता का झांसा देकर भी लोगों को धोखा देते थे। तीनों आरोपियों के खिलाफ कांड संख्या 44/2024 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
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एक ही भवन के अंदर चार अलग-अलग थाने स्थापित होंगे !
रांची: झारखंड में अब बड़े शहरों में एक ही भवन के अंदर चार अलग-अलग थाने स्थापित किए जाएंगे।इसके लिए बहुमंजिला इमारत का निर्माण किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक मंजिल पर एक विशेष थाना होगा। पहली मंजिल पर साइबर थाना, दूसरी पर महिला थाना, तीसरी पर एससी-एसटी थाना और चौथी मंजिल पर एचटीयू थाना संचालित होंगे। यह नई योजना झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता द्वारा तैयार की गई है, और इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उन्होंने आइजी प्रोविजन पंकज कंबोज को सौंपी है।
योजना को अमल में लाने की तैयारी
झारखंड पुलिस मुख्यालय इस योजना को पूरा करने के लिए शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के एसपी के साथ बैठक करेगा। बैठक में एसपी को जमीन की उपलब्धता के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर पुलिस मुख्यालय को भेजने को कहा जाएगा।
महिला पुलिसकर्मियों के लिए विशेष प्रावधान
इस बहुमंजिला भवन में महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग से बैरक की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, महिला पुलिस और अन्य कर्मियों के लिए विशेष सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।
केंद्रीकृत थानों से लाभ
एक ही स्थान पर सभी थाने होने से जनता को अधिक सहूलियत मिलेगी। हालांकि, अलग-अलग थानों के निर्माण से भूमि की अधिक आवश्यकता और निर्माण लागत बढ़ सकती है, लेकिन केंद्रीकृत भवन से प्रशासनिक कार्यों में आसानी और लोगों के लिए बेहतर सेवा सुनिश्चित होगी।



