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  • JPSC के नए अध्यक्ष बने एल ख्यांगते, सात महीने से खाली था पद

    जेपीएससी को नया अध्यक्ष मिला, एल ख्यांगते की हुई नियुक्ति

    झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) को आखिरकार नया अध्यक्ष मिल गया है। राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल ख्यांगते को इस पद पर नियुक्त किया गया है। इसकी आधिकारिक अधिसूचना आज शाम तक जारी की जाएगी।

    गौरतलब है कि जेपीएससी अध्यक्ष का पद पिछले सात महीनों से खाली था। राज्यपाल संतोष गंगवार ने गुरुवार को राज्य सरकार के प्रस्ताव पर तत्काल निर्णय लेते हुए एल ख्यांगते को यह जिम्मेदारी सौंपी। एल ख्यांगते पहले झारखंड के मुख्य सचिव के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।

    इससे पहले, वे झारखंड के मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत रह चुके हैं। राज्य सरकार ने उनके नाम की सिफारिश की थी, जिसे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गुरुवार को त्वरित मंजूरी दे दी। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि उनकी नियुक्ति से राज्य में भर्ती प्रक्रियाएं तेज होंगी और आयोग द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं तय समय और निर्धारित कैलेंडर के अनुसार संपन्न होंगी।

    शिक्षा और UPSC सफलता

    उन्होंने झारखंड में पूर्व मुख्य सचिव के रूप में कार्य करने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी भी संभाली है। वे प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान (ATI) के महानिदेशक भी रह चुके हैं। मूल रूप से मिजोरम से ताल्लुक रखने वाले, वे एक आदिवासी समुदाय से आते हैं। उन्होंने इतिहास में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और 1987 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। वे 1988 बैच के झारखंड कैडर के अधिकारी हैं।

  • दसवीं बोर्ड पेपर लीक: गिरिडीह से मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपी गिरफ्तार

    जैक प्रश्न पत्र लीक मामले में कोडरमा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मास्टरमाइंड समेत छह गिरफ्तार

    कोडरमा पुलिस ने सोमवार तड़के सुबह 4 बजे नगर थाना क्षेत्र के न्यू बरगंडा स्थित एक मकान में छापेमारी की। यह कार्रवाई करीब 10 बजे तक चली और एसडीपीओ अनिल सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई।

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने जैक पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड समेत छह युवकों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी न्यू बरगंडा के उक्त मकान में रहकर पढ़ाई करने के साथ-साथ प्रश्न पत्र लीक करने में भी संलिप्त थे।

    एसडीपीओ अनिल सिंह ने बताया कि इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में विज्ञान के प्रश्न पत्र बरामद किए हैं। इसके अलावा, कई मोबाइल फोन और अन्य संदिग्ध दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर कोडरमा ले जाया है और मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल हैं और पेपर लीक कैसे किया जा रहा था।

  • राज्यपाल ने अभिभाषण में गिनाईं हेमंत सरकार की उपलब्धियां, कहा – बजट सत्र की सफलता के लिए सभी दल करें सहयोग

    झारखंड विधानसभा बजट सत्र का शुभारंभ: राज्यपाल संतोष गंगवार का अभिभाषण

    झारखंड विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल संतोष गंगवार के अभिभाषण के साथ प्रारंभ हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने सरकार की उपलब्धियों, योजनाओं और भविष्य की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने विकास, सुशासन और जनकल्याण को सरकार की प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया और सभी वर्गों के कल्याण हेतु सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

    विकास और आधारभूत संरचना

    राज्यपाल ने बुनियादी ढांचे के विकास को सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बताया। सड़क, पुल और रेलवे कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण एवं मरम्मत हेतु बड़ी धनराशि आवंटित की गई है, जबकि शहरी यातायात को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की जा रही हैं। जल आपूर्ति और स्वच्छता को आधुनिक बनाने के प्रयास भी जारी हैं।

    कृषि एवं ग्रामीण विकास

    राज्य सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं को लागू कर रही है। कृषि ऋण माफी योजना, सॉइल हेल्थ कार्ड, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस प्रयास किए गए हैं। छोटे एवं मध्यम किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है और उनकी फसलें बेहतर मूल्य पर बिकें, इसके लिए नई मंडियों की स्थापना की जा रही है। डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भी योजनाएं शुरू की गई हैं।

    शिक्षा एवं युवाओं के लिए योजनाएं

    शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए सरकार ने स्मार्ट क्लासरूम, छात्रवृत्ति योजनाओं और उच्च शिक्षा संस्थानों में सुधार हेतु पर्याप्त बजट आवंटित किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए नए कॉलेज खोले जा रहे हैं। इसके अलावा, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

    स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

    सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने और दूरस्थ क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। टेलीमेडिसिन सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए विशेष योजनाओं को लागू किया गया है।

    रोजगार एवं औद्योगिक विकास

    राज्य सरकार स्थानीय उद्योगों और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए कई नई योजनाएं लेकर आई है। औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए नीतिगत फैसले लिए गए हैं। टेक्सटाइल, खनन और कृषि आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी जा रही है। महिला उद्यमियों के सशक्तिकरण के लिए भी विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं।

    महिला एवं बाल विकास

    महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, पोषण अभियान और महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहयोग देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण के लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। बाल श्रम और मानव तस्करी जैसी सामाजिक बुराइयों से निपटने के लिए कठोर कानून लागू किए गए हैं।

    पर्यावरण एवं सतत विकास

    पर्यावरण संरक्षण के तहत ग्रीन एनर्जी, वृक्षारोपण और जल संरक्षण योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए सरकार सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। प्रदूषण नियंत्रण और कचरा प्रबंधन को भी प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।

    कानून व्यवस्था एवं सुशासन

    राज्यपाल ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस बल के आधुनिकीकरण और साइबर क्राइम से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र किया। महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक निगरानी प्रणाली लागू की गई है। भ्रष्टाचार और लालफीताशाही को समाप्त करने के लिए ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    सांस्कृतिक एवं पर्यटन विकास

    झारखंड सरकार राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं चला रही है। ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के विकास के साथ-साथ इको-टूरिज्म और साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल सकें।,,

    राज्यपाल संतोष गंगवार ने अपने अभिभाषण में झारखंड सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों का सार प्रस्तुत किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और आशा जताई कि आगामी बजट इन लक्ष्यों को और मजबूती प्रदान करेगा। सरकार का उद्देश्य झारखंड को एक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है। इस अभिभाषण के साथ बजट सत्र की शुरुआत हो गई है, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं बजट प्रस्तावों पर चर्चा होगी।

  • झारखंड के मंत्रियों के लिए बंगले तैयार, जानिए कौन कहां रहेगा

    झारखंड के 11 मंत्रियों को मिले नए बंगले, स्मार्ट सिटी में आधुनिक सुविधाओं से लैस आवास आवंटित

    झारखंड सरकार ने धुर्वा स्थित स्मार्ट सिटी में 11 मंत्रियों के लिए निर्मित बंगलों का आवंटन कर दिया है। इन बंगलों के निर्माण में लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत आई है। एक ही परिसर में बनाए गए इन अत्याधुनिक बंगलों में मंत्रियों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

    बंगलों की विशेषताएं

    • प्रत्येक बंगले का क्षेत्रफल 16,321 वर्ग फीट है, जबकि बिल्ट-अप एरिया 8,000 वर्ग फीट का है।
    • बंगले दो हिस्सों में विभाजित हैं – रेजिडेंशियल ब्लॉक (निवास स्थान) और एनेक्स ब्लॉक (कार्यालयीय कार्यों के लिए)।
    • एनेक्स ब्लॉक को मंत्रियों की आधिकारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है।

    इन मंत्रियों को आवंटित हुए बंगले

    1. बंगला नंबर 1 – सुदिव्य कुमार सोनू (नगर विकास, उच्च शिक्षा, पर्यटन एवं कला संस्कृति मंत्री)
    2. बंगला नंबर 2 – शिल्पी नेहा तिर्की (कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री)
    3. बंगला नंबर 3 – राधाकृष्ण किशोर (वित्त मंत्री)
    4. बंगला नंबर 4 – इरफान अंसारी (स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, खाद्य सार्वजनिक एवं उपभोक्ता मंत्री)
    5. बंगला नंबर 5 – योगेंद्र प्रसाद (पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री)
    6. बंगला नंबर 6 – हफ़ीजुल हसन (जल संसाधन एवं अल्पसंख्यक विभाग मंत्री)
    7. बंगला नंबर 7 – चमरा लिंडा (कल्याण मंत्री)
    8. बंगला नंबर 8 – दीपक बिरुआ (राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार, परिवहन मंत्री)
    9. बंगला नंबर 9 – दीपिका पांडे सिंह (ग्रामीण विकास, पंचायती राज मंत्री)
    10. बंगला नंबर 10 – रामदास सोरेन (स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री)
    11. बंगला नंबर 11 – संजय प्रसाद यादव (श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं उद्योग मंत्री)

    ये नए बंगले मंत्रियों को सरकारी कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के साथ-साथ आरामदायक आवासीय सुविधाएं भी प्रदान करेंगे।

  • स्पीकर रवींद्रनाथ महतो आज बुलाएंगे सर्वदलीय बैठक, बजट सत्र के अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

    झारखंड विधानसभा बजट सत्र की तैयारियाँ शुरू, आज होगी अहम बैठक

    झारखंड विधानसभा के आगामी बजट सत्र की तैयारियाँ जोरों पर हैं। विधानसभा अध्यक्ष रबिंद्रनाथ महतो ने आज सभी राजनीतिक दलों के विधायक दल के नेताओं की बैठक बुलाई है। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत विभिन्न दलों के नेता शामिल होंगे। बैठक में सत्र के सुचारू संचालन और अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही, पांच नेताओं को विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।

    गौरतलब है कि बजट सत्र 24 फरवरी से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 20 कार्यदिवस निर्धारित किए गए हैं। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जिसके बाद नए सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। 25 से 27 फरवरी तक राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। 28 फरवरी को सरकार तीसरा अनुपूरक बजट पेश करेगी, जबकि 3 मार्च को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट प्रस्तुत करेंगे।

  • झारखंड में ED की बड़ी कार्रवाई: NRHM घोटाले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

    NRHM घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, तीन दिन की रिमांड मंजूर

    धनबाद निवासी कोयला व्यापारी प्रमोद सिंह, जो लगभग 13 साल पहले (2011-12) हुए एनआरएचएम (नेशनल रूरल हेल्थ मिशन) घोटाले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे हैं, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद प्रमोद सिंह को पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया, जहां ईडी ने सात दिन की रिमांड की मांग की। अदालत ने सुनवाई के बाद तीन दिन की रिमांड की अनुमति दी। इसके बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए चार मार्च तक के लिए बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार में रखा गया। ईडी गुरुवार को उससे जेल में पूछताछ करेगी।

    सात करोड़ के घोटाले में बड़ी भूमिका

    प्रमोद सिंह एनआरएचएम में कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर अकाउंट मैनेजर के रूप में कार्यरत थे और उन पर सात करोड़ रुपये के घोटाले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप है। ईडी ने इस वर्ष का पहला मामला इसी केस में दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि प्रमोद सिंह ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के 10 खातों की रकम अपने और अपनी पत्नी प्रिया सिंह के खातों में ट्रांसफर करा ली थी।

    इस मामले में धनबाद के तत्कालीन दो सिविल सर्जनों – डॉ. शशि भूषण और डॉ. अरुण कुमार सिन्हा – समेत प्रमोद सिंह की पत्नी प्रिया सिंह, अश्विनी शर्मा, अजीत कुमार, रामजय कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह और अमरेंद्र कुमार पांडे के नाम भी शामिल हैं।

    एसीबी केस को ईडी ने किया टेकओवर

    2016 में प्रमोद सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। बाद में 2023 में ईडी ने इस केस को टेकओवर कर लिया। ईडी ने 4 जुलाई 2024 और 13 अगस्त 2024 को प्रमोद सिंह के घर पर छापेमारी की थी। साथ ही, उनके सहयोगी अंजीव सिंह, मधुबन निवासी अश्विनी शर्मा, नावाडीह के अरुण सिंह, नूतनडीह के मुकेश पासवान और प्रमोद के साढ़ू दिव्य प्रकाश सिंह के घर भी तलाशी ली गई थी।

    12 बार समन भेजने के बाद वारंट पर हुई गिरफ्तारी

    ईडी के रांची जोनल ऑफिस ने प्रमोद सिंह को 12 बार समन भेजा था, लेकिन वह किसी भी बार पेश नहीं हुए। इसके बाद ईडी ने कोर्ट से वारंट जारी करवाया और उसे रांची कार्यालय में हाजिर होने के लिए कहा। बुधवार को प्रमोद सिंह वारंट के आधार पर ईडी कार्यालय पहुंचा, जहां पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

    गौरतलब है कि सितंबर 2024 में ईडी ने प्रमोद सिंह और उनके परिवार की 1.63 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। पहले एनआरएचएम में कॉन्ट्रैक्ट के तहत कार्यरत रहे प्रमोद सिंह वर्तमान में कोयला व्यापार में सक्रिय हैं और एक बड़े कारोबारी के रूप में जाने जाते हैं।

  • Jharkhand weather update: 3 दिन लगातार बारिश, 50KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    झारखंड में मौसम का बदलेगा मिजाज, ओलावृष्टि और तेज हवा को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी

    रांची समेत पूरे झारखंड में 22 फरवरी तक गरज, तेज हवा और हल्की बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इसको लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अनुमान के मुताबिक, इस दौरान हवा की गति 40 से 50 किमी प्रतिघंटा तक हो सकती है, जिससे दिन के तापमान में 1 से 3 डिग्री की गिरावट संभव है। हालांकि, रात के तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

    पश्चिमी विक्षोभ का असर, बदलेगा मौसम का रुख

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, देश के उत्तरी भाग में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिम बंगाल से तेलंगाना तक निम्न दबाव क्षेत्र बना है, जिससे हवा की दिशा बदल रही है। इसका असर झारखंड में अगले तीन दिनों तक देखने को मिलेगा।

    इन जिलों में अधिक प्रभाव

    20 और 21 फरवरी को सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, खूंटी, रांची, रामगढ़ और बोकारो में ओलावृष्टि, तेज हवा और हल्की बारिश की संभावना है। वहीं, 22 फरवरी को पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, रांची, खूंटी, सिमडेगा, रामगढ़, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, दुमका, जामताड़ा और लोहरदगा में ओलावृष्टि के साथ तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इस दिन पूरे राज्य में बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    बादल छाए, तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव

    राज्य में मौसम में बदलाव के संकेत पहले से ही दिखने लगे हैं। बुधवार को कई इलाकों में बादल छाए रहे, जिससे न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। रांची का न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि गुमला में सबसे कम 11.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

    मौसम विभाग के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले तीन दिनों तक झारखंड के कई हिस्सों में गरज, तेज हवा और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। 20 से 22 फरवरी तक बारिश का पूर्वानुमान है, जबकि 23 फरवरी तक बादल छाए रहने की संभावना है।

  • कैबिनेट बैठक मे लिए गए कुछ अहम फाइसले, जानिए कौन-कौन से फैसले लिए गए

    महिलाओं को फैक्ट्रियों में रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति

    राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए फैक्ट्रियों में महिलाओं को रात में काम करने की अनुमति प्रदान कर दी है। अब महिलाएं अपनी सहमति से शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक कार्य कर सकेंगी। मंगलवार को कैबिनेट द्वारा इस फैसले को मंजूरी दी गई, जिससे औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और संचालन में सुगमता आएगी। इस पहल से निवेश को बढ़ावा मिलेगा और औद्योगीकरण की गति तेज होगी।

    महंगाई भत्ते में वृद्धि

    राज्य सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनधारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी की घोषणा की है। छठे वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों का डीए 239% से बढ़ाकर 246% कर दिया गया है, जबकि पांचवें वेतनमान के अंतर्गत डीए 443% से बढ़ाकर 455% कर दिया गया है।

    कैबिनेट के अन्य अहम फैसले

    • आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका नियमावली में संशोधन को मंजूरी।
    • पेयजल विभाग के सात कर्मचारियों की सेवा नियमित की गई।
    • बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम और बीएसइडीईएल को 1.27 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान की स्वीकृति मिली।
    • हजारीबाग के भूसंरक्षण उपनिदेशक सुनील कुमार के दंड पुनर्विचार आवेदन को अस्वीकार किया गया।
    • एसटीएफ अधिकारी राजेश कुमार के परिवार को सेवा लाभ प्रदान करने की स्वीकृति मिली।

    ये सभी निर्णय राज्य में औद्योगीकरण को गति देने और कर्मचारियों की सुविधाओं में सुधार लाने के उद्देश्य से लिए गए हैं।

  • झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: MSME उद्योगों को तीन साल तक ट्रेड लाइसेंस से मिलेगी छूट

    रांची: झारखंड सरकार ने सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों (एमएसएमई) को प्रोत्साहन देने के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब प्रदेश में इन उद्योगों को पहले तीन साल तक ट्रेड लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल उद्योग विभाग की सहमति मिलने से ही कारोबार शुरू किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

    इसके साथ ही सरकार ने पांचवे और छठे वेतनमान के तहत कार्यरत कर्मचारियों और पेंशनधारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी का भी निर्णय लिया है। अब छठे वेतनमान पर काम करने वाले कर्मियों, पेंशनधारियों और पारिवारिक पेंशनधारियों का डीए 239 प्रतिशत से बढ़ाकर 246 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि पांचवे वेतनमान पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह 443 प्रतिशत से बढ़ाकर 455 प्रतिशत किया गया है।

    कैबिनेट बैठक में महिलाओं को कारखानों में रात में काम करने की अनुमति देने के लिए कारखाना अधिनियम-1948 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। अब महिलाएं अपनी सहमति से शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक काम कर सकेंगी।

    कौन होगा लाभार्थी?

    कैबिनेट के इस फैसले से एमएसएमई उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उद्यमियों को पहले तीन वर्षों तक ट्रेड लाइसेंस लेने की बाध्यता नहीं होगी। इसके बाद वे लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं। इससे उद्योगों की स्थापना और संचालन की प्रक्रिया सरल होगी, जिससे प्रदेश में नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

    सरकार के इन फैसलों से झारखंड में औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

  • उर्दू किसी एक धर्म की भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का प्रतीक है – अंजुमन उर्दू सम्मेलन में बोले मंत्री इरफान अंसारी

    झारखंड में अंजुमन तरक्की उर्दू हिन्द का पहला राज्य सम्मेलन संपन्न

    रांची के पुरानी विधानसभा भवन में अंजुमन तरक्की उर्दू हिन्द, झारखंड का पहला राज्य सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन के पहले सत्र की अध्यक्षता राष्ट्रीय सचिव अतहर फारूकी ने की, जिसमें सम्मेलन के संयोजक एम. जेड. खान ने संयोजक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में अंजुमन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला गया।

    उर्दू के सम्मान और विकास पर जोर

    सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि, झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि उर्दू किसी विशेष धर्म से जुड़ी नहीं है, बल्कि यह एक भारतीय भाषा और संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने उर्दू को उसका उचित सम्मान न मिलने पर चिंता जताई और कहा कि इस भाषा से प्रेम करने वालों की संख्या कम नहीं है। उन्होंने उर्दू शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

    इस सत्र में जालिब वतनी की पुस्तक “उड़ान” का विमोचन किया गया। इस अवसर पर सुशील साहिल (गोड्डा), मुफ्ती सईद आलम (गिरिडीह), हसन निज़ामी (धनबाद), जफरुल्लाह सादिक (हजारीबाग), जमशेद कमर (रांची) आदि ने अपने विचार साझा किए। भारतीय संविधान की प्रस्तावना को उर्दू भाषा में डॉ. मोहम्मद रेहाना अली ने प्रस्तुत किया।

    सम्मेलन में उर्दू के प्रचार-प्रसार पर विचार-विमर्श

    सभा को संबोधित करते हुए सुभाषिनी अली ने कहा कि उर्दू को उसकी सही पहचान तक पहुंचाने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उर्दू को केवल मुसलमानों की भाषा समझना एक बड़ी गलतफहमी है। इस भाषा की उन्नति के लिए इसे आर्थिक व्यवस्था से जोड़ने और अधिक जनप्रिय बनाने के प्रयास करने होंगे। साथ ही, उन्होंने उर्दू साहित्य के अन्य भाषाओं में अनुवाद की जरूरत पर भी जोर दिया।

    दूसरे सत्र की अध्यक्षता डॉ. यासीन अंसारी ने की, जबकि संचालन एम. जेड. खान ने किया। इस सत्र में सांसद महुआ माजी ने कहा कि हिंदी और उर्दू का संबंध “मां और मौसी” की तरह है। इस सम्मेलन में झारखंड के 22 जिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    उर्दू के विकास को लेकर पारित प्रस्ताव

    इस सत्र में उर्दू भाषा के संवर्धन से जुड़े 13 प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

    • साहित्य एवं उर्दू अकादमी का गठन
    • उर्दू सेल और उर्दू निदेशालय की स्थापना
    • उर्दू शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति

    साहित्यकारों की भागीदारी

    सम्मेलन में उर्दू और हिंदी के कई प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख नाम थे – वीना श्रीवास्तव, अपराजिता, एम. एल. सिंह, के. के. सिंह, सुशील साहिल, रेहाना, नजमा नाहिद, आलम आरा, फरहत जहां, शाजिया शबनम, डॉ. अंजार, मो. शकील, शोएब, कनक चौधरी आदि।

    यह सम्मेलन झारखंड में उर्दू भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। वक्ताओं ने उर्दू को नई पीढ़ी तक पहुंचाने, इसे शिक्षा प्रणाली में मजबूत करने और सामाजिक-आर्थिक विकास से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन के दौरान उर्दू भाषा को अधिक मान्यता दिलाने के लिए विभिन्न सुझाव और संकल्प पारित किए गए।

    उल्लेखनीय है कि अंजुमन तरक्की उर्दू हिन्द की स्थापना 1882 में हुई थी, और इससे महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, मौलाना अबुल कलाम आजाद, शिबली नोमानी जैसी महान विभूतियों का संबंध रहा है।