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  • रांची में आवास बोर्ड के खाली फ्लैट के आवंटन के लिए लॉटरी, सोमवार से शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन

    रांची में आवास बोर्ड के खाली फ्लैटों के आवंटन के लिए लॉटरी प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रेशन की शुरुआत सोमवार से हो गई है। आवास बोर्ड के चेयरमैन संजय लाल पासवान ने जानकारी दी कि यह प्रक्रिया 10 मार्च तक जारी रहेगी।

    उन्होंने बताया कि रांची के बाद हजारीबाग और फिर जमशेदपुर में भी लॉटरी के लिए रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। जमशेदपुर में एक, दो और तीन बेडरूम के कुल 241 पुराने फ्लैट उपलब्ध हैं, जिनमें एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी और इडब्ल्यूएस श्रेणी के फ्लैट शामिल हैं। इच्छुक आवेदक इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।

    सोमवार को वे आदित्यपुर स्थित आवास बोर्ड कार्यालय में कार्यपालक अभियंता, कनीय अभियंता और अन्य कर्मचारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जमशेदपुर में बोर्ड की खाली पड़ी जमीन पर नए प्रोजेक्ट लाने की योजना पर काम हो रहा है, जिसके लिए कार्यपालक अभियंता से प्रस्ताव मांगा गया है।

  • रांची में नई आपातकालीन मोचन प्रणाली शुरू, एक बटन दबाते ही मिलेगी मदद

    रांची: झारखंड की राजधानी रांची में एक नई आपातकालीन मोचन प्रणाली की शुरुआत की गई है, जिससे नागरिक किसी भी दुर्घटना या अपराध की सूचना महज एक बटन दबाकर दे सकेंगे। इस पहल की जानकारी एक अधिकारी ने सोमवार को दी।

    महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे ‘आपातकालीन कॉल बॉक्स’

    ‘रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन’ द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों पर अत्याधुनिक संचार प्रणाली से लैस ‘आपातकालीन कॉल बॉक्स’ स्थापित किए गए हैं। इन बॉक्सों को पीले रंग में रंगा गया है और इनमें एक प्रमुख लाल बटन लगा हुआ है।

    बिना मोबाइल के सीधे मदद का विकल्प

    एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, अब लोग आपात स्थिति में बिना मोबाइल फोन या किसी नंबर को याद किए बिना भी सीधे सरकारी एजेंसियों से संपर्क कर सकते हैं।

    आपातकाल में तुरंत सहायता

    विज्ञप्ति में बताया गया कि यदि कोई दुर्घटना या अपराध घटित होता है, तो व्यक्ति लाल बटन दबाकर सीधे ‘कमांड कंट्रोल सेंटर’ से जुड़ सकता है। इसके बाद, पुलिस और संबंधित एजेंसियां तुरंत सहायता के लिए मौके पर पहुंच जाएंगी। इस सुविधा से रांची के नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।

    50 महत्वपूर्ण स्थानों पर हुई स्थापना

    इस नई प्रणाली के तहत कांके रिंग रोड, सहजानंद चौक, शनि मंदिर चौक, हमरू चौक, अरगोड़ा चौक और सुजाता चौक सहित कुल 50 प्रमुख चौराहों पर कॉल बॉक्स लगाए गए हैं। इससे शहर के लोग किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन तक अपनी बात सीधे पहुंचा सकेंगे, जिससे अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।

  • डिजिटल अरेस्ट का शिकार होते पढ़े-लिखे लोग, युवती के साथ हुआ 24 घंटे का साइबर टॉर्चर

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट ……………

    हर दिन मोबाइल पर गृह मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी के तहत डिजिटल अरेस्ट को लेकर जागरूकता कॉलर ट्यून सुनाई देती है। अखबारों और विभिन्न कार्यक्रमों में भी इसके बारे में चर्चा होती रहती है। बावजूद इसके, पढ़े-लिखे लोग भी साइबर अपराधियों के जाल में फंसते जा रहे हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला देवघर में सामने आया, जहां पीजी तक पढ़ाई कर चुकी एक युवती को डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया गया।

    कैसे हुआ साइबर क्राइम?

    शुक्रवार को देवघर के विलियम्स टाउन इलाके की एक युवती को ठगों ने सीबीआई अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर 24 घंटे तक कैद रखा। अपराधी उसे लगातार मानसिक यातनाएं देते रहे और हर उस निर्देश का पालन करवाया, जो उन्होंने दिया। इस दौरान युवती सोई, खाई, पी और यहां तक कि अपने पिता से बात कराकर बैंक अकाउंट की डिटेल्स भी साझा कर दी।

    सौभाग्य से, वह ठगी से बच गई, लेकिन जब वह पुलिस थाने शिकायत दर्ज कराने पहुंची, तो उसका डर उसके कांपते हाथों और सहमे हुए चेहरे पर साफ झलक रहा था।

    “तुम्हारे खिलाफ केस दर्ज है” – एक फोन कॉल जिसने जिंदगी बदल दी!

    घटना 6 फरवरी की है, जब युवती की सामान्य दिनचर्या चल रही थी। तभी अचानक एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि “तुम्हारे खिलाफ सोशल मीडिया पर अश्लील तस्वीरें पोस्ट करने का केस दर्ज हुआ है!”

    जब युवती ने यह कहकर इनकार किया कि “मैंने ऐसा कुछ नहीं किया,” तो कॉलर ने उसे एक सीनियर अधिकारी से बात करवाई।

    इसके बाद…

    🔹 फोन पर ही एक ‘फर्जी अरेस्ट वारंट‘ भेज दिया गया।
    🔹 वीडियो कॉल पर युवती को कैद कर लिया गया।
    🔹 कहा गया कि ‘तुम्हारे घर की निगरानी की जा रही है, बाहर मत निकलना!‘
    🔹 डराने के लिए वर्दी में फोटो भी दिखाया गया।
    🔹 “अगर किसी को बताया, तो पूरे परिवार की जान खतरे में पड़ जाएगी” – धमकी दी गई।

    24 घंटे तक साइबर टॉर्चर – पिता तक को झांसे में लिया!

    गुरुवार से शुक्रवार तक युवती पूरी तरह ठगों के जाल में फंसी रही। इस दौरान उसने किसी से संपर्क करने की हिम्मत नहीं की। जब सुबह उसने बड़ी मुश्किल से अपने पिता से बात करने की गुहार लगाई, तो अपराधियों ने पिता को भी अपने जाल में फंसा लिया।

    पिता से एक बैंक अकाउंट की डिटेल्स भी ले ली गईं। लेकिन इस बीच युवती के भाई को इस घटना की जानकारी हो गई। उसने अपने दोस्त को युवती के घर भेजा, जिसने किसी तरह समझा-बुझाकर युवती को साइबर थाना जाने के लिए तैयार किया।

    अगर युवती समय रहते पुलिस के पास नहीं पहुंचती, तो वह गलत कदम उठा सकती थी।

    क्या है डिजिटल अरेस्ट?

    👉 डिजिटल अरेस्ट भारतीय कानून में मान्य नहीं है।
    👉 यह साइबर क्राइम का नया तरीका है।
    👉 अपराधी सोशल मीडिया प्रोफाइल से जानकारी चुराते हैं और फिर पीड़ित को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं।
    👉 गिरफ्तारी का डर दिखाकर वीडियो कॉल के जरिए ‘घर में नजरबंद‘ कर देते हैं।
    👉 बैकग्राउंड में पुलिस स्टेशन, सीबीआई ऑफिस जैसी तस्वीरें दिखाकर पीड़ित को भ्रमित करते हैं।
    👉 किसी ऐप को डाउनलोड कराकर या डिजिटल फॉर्म भरवाकर पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।

    कैसे बचें डिजिटल अरेस्ट से?

    ✔️ अज्ञात नंबरों से आए कॉल पर सतर्क रहें।
    ✔️ किसी भी फर्जी अरेस्ट वारंट या केस के नाम पर डरें नहीं।
    ✔️ अगर कोई आपको डराकर बैंक डिटेल्स मांग रहा है, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
    ✔️ सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी, फोटो और नंबर शेयर न करें।
    ✔️ अगर कोई वीडियो कॉल पर आपको ‘कैद‘ कर रहा है, तो तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति को जानकारी दें।

    डिजिटल दुनिया में सतर्क रहना ही सुरक्षा है!

    देवघर की यह घटना सिर्फ एक चेतावनी नहीं, बल्कि सबक है कि साइबर ठग कितने शातिर हो सकते हैं। पढ़े-लिखे लोग भी इन अपराधियों के जाल में फंस सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि सतर्क रहें, जागरूक रहें और जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस की मदद लें!

  • झारखंड में सादा पान मसाला पर लगेगा प्रतिबंध, स्वास्थ्य मंत्री ने की सख्त घोषणा

    रांची: झारखंड में अब सादा पान मसाला की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगेगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के राज्यस्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम में यह बड़ा ऐलान किया। उन्होंने साफ कहा कि गुटखा के नाम पर बिक रहे सादा पान मसाला पर पूरी तरह से रोक लगाई जाएगी और नशीली दवाओं की बढ़ती बिक्री पर भी सख्त कार्रवाई होगी।

    ‘सादा पान मसाला के नाम पर हो रही है गुटखा की बिक्री’

    मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि झारखंड में गुटखा और तंबाकू उत्पादों के सेवन से युवा शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर हो रहे हैं। उन्होंने कहा—
    “हमारी सरकार किसी भी सूरत में यह बर्दाश्त नहीं करेगी कि राज्य का युवा नशे की गिरफ्त में जाए।”

    उन्होंने अधिकारियों को दवा दुकानों की तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि कई मेडिकल स्टोर्स में नशीले सिरप और स्टेरॉयड खुलेआम बेचे जा रहे हैं, जिससे युवा पीढ़ी गलत रास्ते पर जा रही है।

    सिविल सर्जनों और ड्रग इंस्पेक्टरों को सख्त चेतावनी!

    स्वास्थ्य मंत्री ने सभी सिविल सर्जनों और ड्रग इंस्पेक्टरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा—
    “अगर आपके इलाके में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की बिक्री पाई गई, तो सिर्फ दुकानदार नहीं, बल्कि आप भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे!”

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि किसी मेडिकल स्टोर में प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पाई जाती है, तो तत्काल दुकान को सील कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

    ‘स्वस्थ झारखंड, नशामुक्त झारखंड’ का लक्ष्य.

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार पूरे राज्य में इस अभियान को लागू करेगी और किसी भी हालत में गुटखा, नशीले पदार्थों और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को नशे से बचाने के लिए और भी सख्त कदम उठाने जा रही है ताकि स्वस्थ झारखंड, नशामुक्त झारखंड का सपना साकार हो सके।

    ‘मैं खुद डॉक्टर हूं, सही-गलत अच्छी तरह जानता हूं’

    बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने साफ कहा—
    “मैं खुद डॉक्टर हूं, सही-गलत अच्छी तरह जानता हूं। मेरी जिम्मेदारी है कि झारखंड में ऐसे अवैध कार्यों को जड़ से खत्म करूं।”

    उन्होंने सभी जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि वे अपने जिलों में मेडिकल स्टोर्स की जांच कर नशीली दवाओं की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाएं।

    अब देखना यह होगा कि क्या यह फैसला केवल घोषणा बनकर रह जाएगा, या झारखंड में सच में नशे के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे?

  • झारखंड की बेटियों को मिला अपना आशियाना, सीएम हेमंत सोरेन ने निभाया वादा

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट ………………

    झारखंड की धरती से निकलीं, अपने हुनर से देश और दुनिया में नाम रौशन करने वाली हॉकी स्टार सलीमा टेटे और निक्की प्रधान को आखिरकार वह सौगात मिल गई, जिसका उन्हें वर्षों से इंतजार था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को इन दोनों ओलंपियन खिलाड़ियों को रांची के हरमू आवासीय कॉलोनी में 3750 वर्ग फीट के भूखंड आवंटन के कागजात सौंपे। इसके साथ ही सरकार ने यह भी घोषणा की कि दोनों खिलाड़ियों को अपने घर के निर्माण के लिए 35-35 लाख रुपये भी दिए जाएंगे। इस मौके पर पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार भी उपस्थित थे ।

    झारखंड की बेटियों का सपना हुआ साकार।

    राज्य सरकार के इस फैसले के बाद सलीमा और निक्की का रांची में अपने घर का सपना अब हकीकत बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने हरमू आवासीय कॉलोनी के प्लॉट नंबर 10 (ए) और 10 (बी) में इन दोनों खिलाड़ियों को जमीन देने की घोषणा की। यह वही वादा था जो हेमंत सोरेन ने 2021 में किया था, जब निक्की प्रधान टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेकर लौटी थीं।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा, “आज का दिन सिर्फ सलीमा और निक्की के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व का दिन है। ये बेटियां राज्य की असली धरोहर हैं। इन्होंने साबित कर दिया कि अगर हौसला हो, तो झारखंड जैसी पिछड़ी समझी जाने वाली भूमि से भी वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी निकल सकते हैं।”

    संघर्ष से सफलता तक की कहानी॰

    इस मौके पर एक ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति भी दिखाई गई, जिसमें सलीमा और निक्की की संघर्ष से सफलता तक की यात्रा को दिखाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा, “जब मैं पहली बार इनके गांव गया था, तब इनके हालात देखे थे। उस दिन तय कर लिया था कि इन बेटियों को घर दूंगा। सरकार सिर्फ वादे नहीं करती, बल्कि उन्हें पूरा भी करती है।”

    सलीमा-निक्की ने जताया आभार.

    अपना सपना साकार होता देख सलीमा टेटे और निक्की प्रधान की खुशी का ठिकाना नहीं था। सलीमा ने कहा, “जब आप दिल से मेहनत करते हैं, तो मंजिल जरूर मिलती है।” वहीं, निक्की प्रधान ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा, “आज हमारा सपना पूरा हो गया। 2021 में जब मुख्यमंत्री ने यह वादा किया था, तब हमें भरोसा था कि वह इसे निभाएंगे और आज वही दिन आ गया।”

    खेल और खिलाड़ियों के लिए सरकार का बड़ा कदम।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने झारखंड सरकार की नई खेल नीति पर भी जोर दिया और कहा कि राज्य के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य सिर्फ वर्ल्ड-क्लास खिलाड़ी बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें वो सारी सुविधाएं देना है, जिसकी वे हकदार हैं।”

    इस कार्यक्रम में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक राजेश कच्छप, विधायक भूषण बाड़ा, मुख्य सचिव अलका तिवारी, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

    झारखंड की बेटियों को उनका हक मिल गया। सलीमा और निक्की अब अपने घर का सपना पूरा कर पाएंगी। लेकिन यह सिर्फ दो खिलाड़ियों की कहानी नहीं है—यह संदेश है उन हजारों युवा खिलाड़ियों के लिए जो झारखंड की मिट्टी से निकलकर दुनिया में छा जाना चाहते हैं। झारखंड सरकार का यह कदम राज्य में खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक नई मिसाल बन सकता है।

     

  • झारखंड: मनचाही पोस्टिंग और ट्रांसफर कराने का झांसा देने वाला गिरोह का भंडाफोड़  

    परवेज़ आलम की खास रिपोर्ट ………..

    झारखंड में पुलिस-प्रशासन के अफसरों को मनचाही पोस्टिंग और ट्रांसफर का झांसा देकर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। रांची पुलिस ने इस गिरोह के पाँच शातिर सदस्यों को हिरासत में लिया था पर फिलवक्त इन आरोपियों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया है । इस गिरोह ने  कई आईपीएस, डीएसपी और दारोगा को अपना शिकार बनाया है। पुलिस ने आरोपियों के व्हाट्सएप चैट और लेन-देन के सबूत खंगालने रही है।

    गुप्त सूचना से हुआ खुलासा.

    रांची कोतवाली थाने में दर्ज एक सनहा के आधार पर पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया है । खबर थी कि यह गिरोह अधिकारियों के तबादले, पोस्टिंग और ठेका मैनेज करने का झांसा देकर बड़ी रकम वसूल रहा था। इसके बाद हिंदपीढ़ी और चुटिया थाना क्षेत्रों में दबिश देकर गिरोह के प्रमुख सदस्य सज्जाद उर्फ मुन्ना और कैप्टन सिंह सलूजा को हिरासत में लिया गया। इनसे पूछताछ के बाद जमशेदपुर के अयान सरकार, हल्दीपोखर के चंदन लाल और रांची के सूर्य प्रभात को भी गिरफ्तार किया गया।

    राजनीतिक कनेक्शन से जुड़े तार।

    पुलिस की पहली जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों का राजनीतिक कनेक्शन है। अयान सरकार भाजपा नेता बाबूलाल सोरेन के कारोबारी साझेदार बताए जा रहे हैं। चंदन लाल भी सोरेन के साथ मिलकर काम करता है। वहीं, सूर्य प्रभात भाजपा युवा मोर्चा का पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुका है, जबकि कैप्टन सिंह सलूजा भाजपा के एक राज्यसभा सदस्य के करीबी माने जाते हैं।

    डेढ़ करोड़ की ठगी का शक।

    सूत्रों के मुताबिक, गिरोह ने अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर अब तक करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की है। हालांकि फंसने के डर से कोई भी पीड़ित अधिकारी सामने नहीं आ रहा है, जिससे पुलिस के लिए जांच को आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।

    मोबाइल और चैट की जांच जारी।

    पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है ताकि पता चल सके कि किन-किन अधिकारियों को ठगा गया है और यह गिरोह किस तरह से काम कर रहा था।

    सीआईडी जांच की संभावना।

    पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईडी से जांच कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह के खिलाफ और भी ठोस सबूत जुटाए जा सकते हैं।

    आरोपियों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ा गया।

    फिलहाल हिरासत में लिए गए आरोपियों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया है, लेकिन जांच जारी है। पुलिस इस गिरोह से जुड़े हर पहलू को खंगालने में जुटी है ताकि झारखंड में ऐसी ठगी के खेल पर लगाम लगाई जा सके।

    झारखंड में अधिकारियों को निशाना बनाकर चल रहे इस ठगी के खेल के भडाफोड़ ने  प्रशासनिक महकमे मे खलबली मचा दी है ।

     

  • कुणाल की थार पर धोनी के ऑटोग्राफ ने खींचा आनंद महिंद्रा का ध्यान, दी खास प्रतिक्रिया

    महेंद्र सिंह धोनी ने दोस्त की नई महिंद्रा थार पर ऑटोग्राफ देकर बनाया खास पल

    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, अपने खास अंदाज और सादगी के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में धोनी अपने दोस्त और झारखंड के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी की नई महिंद्रा थार पर ऑटोग्राफ देकर एक यादगार पल का हिस्सा बने। कुणाल, जो झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य भी हैं, अपनी नई गाड़ी की खुशी साझा करने के लिए धोनी के फार्महाउस पहुंचे थे। धोनी ने गाड़ी की सीट पर अपने हस्ताक्षर कर इस मुलाकात को और भी खास बना दिया।

    कुणाल ने इस अनोखे पल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जो तेजी से वायरल हो गईं। इस पर महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “एक कार वह ‘कैनवास’ होती है, जिस पर हम अपनी जिंदगी और सपनों को चित्रित करते हैं। यह थार उस शख्स के हस्ताक्षर से सज गई, जो जिंदगी जीने की कला में माहिर है।”

    धोनी का अपने दोस्तों और फैंस के साथ जुड़ाव हमेशा चर्चा का विषय रहा है। इससे पहले भी उन्होंने कई मौकों पर अपने प्रशंसकों और करीबियों की गाड़ियों पर ऑटोग्राफ देकर उन्हें खास महसूस कराया है। कुणाल ने कहा, “धोनी न केवल एक महान खिलाड़ी हैं, बल्कि एक सच्चे दोस्त भी हैं। उनकी सादगी और गर्मजोशी अद्वितीय है।”

    यह घटना धोनी की विनम्रता और अपने करीबियों के प्रति उनके खास लगाव को दर्शाती है। धोनी के इस अंदाज ने उनके फैंस का दिल एक बार फिर जीत लिया है।

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधायकों के लिए निर्माणाधीन आवास का किया निरीक्षण

    मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया निर्माणाधीन विधायक आवासीय परिसर, दिए महत्वपूर्ण निर्देश

    रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज राजधानी के जगन्नाथपुर स्थित निर्माणाधीन विधायक आवासीय परिसर का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आवास, हेल्थ सेंटर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, चिल्ड्रन पार्क, प्ले ग्राउंड, बिजली, पानी, सड़क, वाहन पार्किंग, और सीवरेज-ड्रेनेज सिस्टम समेत अन्य कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि इसे जल्द पूरा कर विधायकों को आवास अलॉट किए जा सकें।

    मुख्यमंत्री के साथ मौजूद कंस्ट्रक्शन कंपनी ने बताया कि निर्माण कार्य जून माह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    विधायकों को मिलेगा सुविधाजनक और व्यवस्थित आवास

    मुख्यमंत्री ने परिसर में बड़े पैमाने पर पौधारोपण करने का निर्देश देते हुए कहा कि विधायकों के लिए अभी आवासीय व्यवस्था अलग-अलग क्षेत्रों में बिखरी हुई है। विधायक आवासीय परिसर के बन जाने से सभी विधायकों को एक जगह, सुविधाजनक और व्यवस्थित आवासीय व्यवस्था उपलब्ध होगी।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, भवन निर्माण विभाग के सचिव अरवा राजकमल और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

  • JEE Mains परीक्षा: रांची के इन क्षेत्रों में 6 दिन तक निषेधाज्ञा लागू

    रांची में JEE Mains परीक्षा के लिए 3 केंद्र स्थापित, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    राजधानी रांची में JEE Mains परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए तीन परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यह परीक्षा 22, 23, 24, 28, 29 और 30 जनवरी को दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। परीक्षा को कदाचार मुक्त रखने के उद्देश्य से केंद्रों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

    फोटो कॉपी और साइबर कैफे पर रोक
    ओल्ड एचबी रोड स्थित ऑक्सफोर्ड स्कूल, लोअर चुटिया के अरुणिमा टेक्निकल सर्विस और पुंदाग के फ्यूचर ब्राइड परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गई है। यह आदेश परीक्षा के दिनों में सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान क्षेत्र में फोटो कॉपी, साइबर कैफे और प्रिंटिंग शॉप खोलने की अनुमति नहीं होगी।

    जिला प्रशासन ने BNS की धारा 163 के तहत यह प्रतिबंध लागू किया है। उपायुक्त ने सदर SDO को निर्देशित किया है कि परीक्षा अवधि के दौरान इन निर्देशों का पालन सख्ती से सुनिश्चित करें।

  • रांची से लापता नाबालिग बहनें कर्नाटक में मिलीं, पुलिस जल्द करेगी खुलासा

    रांची: झारखंड की राजधानी से रहस्यमय तरीके से लापता हुईं दो नाबालिग बहनों को पुलिस ने कर्नाटक से बरामद कर लिया है। 11 जनवरी की शाम से गायब इन बहनों को बेंगलुरु से वापस रांची लाया जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने अभी तक अपहरण की पुष्टि नहीं की है, लेकिन उनके रांची पहुंचने के बाद सच सामने आने की उम्मीद है।

    गायब होने की कहानी:

    रांची के हिंदपीढ़ी इलाके की रहने वाली ये दोनों बहनें 11 जनवरी को आधार कार्ड ठीक करवाने के लिए निकली थीं। परिजनों के मुताबिक, दोनों मंगल टॉवर से घर लौटने के लिए ऑटो में बैठी थीं। लेकिन रास्ते में उन्हें शक हुआ कि ऑटो चालक किसी और दिशा में जा रहा है। घबराई लड़कियों ने अपने पिता को फोन किया, लेकिन ऑटो चालक ने उनका फोन छीन लिया। इसके बाद परिजनों का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया।

    स्पेशल टीम का कमाल।

    परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया। रांची प्रक्षेत्र के आईजी ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया और टेक्निकल सेल की मदद से लड़कियों की लोकेशन ट्रेस की। पुलिस को जानकारी मिली कि लड़कियां कर्नाटक में हैं। स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों बहनों को बरामद कर लिया गया। दोनों नाबालिग बहनों के गायब होने के बाद मामला राजनीतिक तूल पकड़ चुका था। विपक्षी दलों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी भी परिजनों से मिलने पहुंचे थे। पुलिस ने भरोसा दिया था कि लड़कियों को जल्द ही ढूंढ लिया जाएगा, और अब यह भरोसा सच में बदल चुका है।

    पुलिस फिलहाल यह जांच कर रही है कि मामला अपहरण का था या फिर कुछ और। दोनों बहनों की रांची वापसी के बाद घटनाक्रम की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

    झारखंड में लड़कियों  की सुरक्षा को लेकर यह घटना कई सवाल खड़े करती है। क्या यह सिर्फ एक इत्तेफाक था, या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह है? जवाबों का इंतजार सभी को है। परवेज़ आलम की रिपोर्ट ……