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  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मिली हाइ कोर्ट से राहत

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट ……

    आज की खबर झारखंड की राजनीति के गलियारों से है, जहां की सांस ली। झारखंड हाईकोर्ट ने ईडी के समन को लेकर उन्हें व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में उपस्थित होने के आदेश से अंतरिम राहत दी है।

    अब कहानी की परतें खोलते हैं।
    रांची की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 25 नवंबर को हेमंत सोरेन को 4 दिसंबर को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया था। मामला ईडी की ओर से दाखिल शिकायतवाद का है, जिसमें आरोप लगाया गया कि हेमंत सोरेन ने जमीन घोटाले में पूछताछ के लिए भेजे गए 10 समनों में से केवल दो पर उपस्थिति दर्ज कराई। बाकी बार वह अनुपस्थित रहे।

    इस आदेश के खिलाफ हेमंत सोरेन ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। और वहां, जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की बेंच ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए व्यक्तिगत उपस्थिति के आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने ईडी से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 16 दिसंबर को तय की है।

    अब जरा रुकिए। यह केवल एक कानूनी मसला नहीं है। यह एक राजनीतिक कथा भी है।
    ईडी के समन, सीजेएम कोर्ट का आदेश, फिर मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में पहुंचना और अब हाईकोर्ट में राहत मिलना—यह सब क्या संकेत देता है? राजनीति और कानून के इस ताने-बाने में, असल मुद्दा जनता के सरोकारों से कहीं छूट तो नहीं गया?

    हेमंत सोरेन के खिलाफ 19 फरवरी 2024 को शिकायत दर्ज की गई थी। ईडी का आरोप है कि जमीन घोटाले में उनका नाम सामने आया है। समन पर अनुपस्थिति को पीएमएलए की धारा 63 और आईपीसी की धारा 174 के तहत गैरकानूनी बताया गया। लेकिन, यह भी देखना होगा कि क्या यह मामला केवल कानून का पालन न करने का है, या इसके पीछे कोई और कहानी छुपी है?

    राजनीति और कानून के इस खेल में हमेशा सवाल उठते हैं।
    क्या हेमंत सोरेन को दी गई यह राहत उनकी स्थायी सुरक्षा की गारंटी है, या सिर्फ कुछ समय के लिए मिली राजनीतिक सांस? ईडी का अगला कदम क्या होगा? और 16 दिसंबर को अदालत का रुख क्या होगा?

    जब एक मुख्यमंत्री को अदालत में हाजिर होने से राहत मिलती है, तो यह सिर्फ एक कानूनी खबर नहीं होती। यह लोकतंत्र की बारीकियों को समझने का मौका भी होता है।

  • बॉलीवुड के सितारे करिश्मा कपूर की एक झलक के लिए ठहर गया गिरिडीह

    गिरिडीह से परवेज़ आलम की रिपोर्ट …….
    झारखंड का एक छोटा पर सुंदर स शहर है गिरिडीह जो आम तौर पर अपने साधारण जीवन और सादगी के लिए जाना जाता है.  जवाब है—हां, बिल्कुल!
    शाम के 5:40 बजे।
    करिश्मा कपूर की गाड़ी शो-रूम के उद्घाटन स्थल पर पहुंची। जैसे ही दरवाजा खुला, गिरिडीह में मानो बिजली सी कौंध गई। लोग सड़क किनारे, पेड़ों पर, छतों पर, यहां तक कि दीवारों पर भी चढ़कर इस पल को अपनी आंखों में कैद करने की कोशिश कर रहे थे।
    करिश्मा ने माइक उठाया और कहा, “गिरिडीह वालों, कैसे हो?”
    बस, फिर क्या था! पूरा शहर शोर के समंदर में डूब गया। लोग मोबाइल की फ्लैशलाइट ऑन करके उनका स्वागत कर रहे थे। जैसे-जैसे करिश्मा मुस्कराईं, लोगों के दिलों की धड़कनें तेज़ होती गईं।
    और फिर, वह पल आया जिसने भीड़ को झूमने पर मजबूर कर दिया। लोगों की मांग पर करिश्मा ने अपनी किसी हिट फिल्म के गाने पर ठुमके लगाए। हर ठुमके पर भीड़ झूम उठी। मानो पूरे गिरिडीह का समय वहीं थम गया हो।
    सड़कें जाम, दीवारें हाउसफुल।
    लोग घंटों पहले से खड़े थे। पुलिस प्रशासन सुरक्षा में जुटा था, लेकिन भावनाओं की बाढ़ को कैसे रोका जा सकता है? यह सब देखकर एक बात साफ है—फिल्में केवल पर्दे तक सीमित नहीं हैं। वे लोगों के दिल और जीवन का हिस्सा हैं।
    करिश्मा का आना सिर्फ एक इवेंट नहीं था। यह इस बात की गवाही थी कि सिनेमा का आम आदमी पर कितना गहरा असर है। जब कोई बॉलीवुड स्टार छोटे शहरों में आता है, तो वह उम्मीदें, सपने और अपनों से जुड़ाव लेकर जाता है।
    गिरिडीह ने करिश्मा को देखा और महसूस किया कि ग्लैमर और आम आदमी का रिश्ता केवल एक झलक का ही नहीं, बल्कि दिल का रिश्ता है।

  • गिरिडीह के तीन गोदामों में लगी भयंकर आग, लगभग 2 करोड़ रुपये का नुकसान।

    गिरिडीह के पचम्बा थाना क्षेत्र के बोड़ो इलाके में मंगलवार आधी रात को भीषण आग लगने की घटना हुई, जिसमें प्लाईवुड और बिजली के सामान के तीन गोदाम जलकर खाक हो गए। इस आगजनी में करीब 2 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। आग से 2 प्लाईवुड और 1 बिजली के सामान के गोदाम के साथ-साथ प्लाईवुड, बिजली के उपकरण, 3 मोटरसाइकिल और एक एक्सयूवी कार पूरी तरह नष्ट हो गए। यह हादसा मंगलवार रात लगभग 11:30 बजे हुआ।

    बाबाधाम प्लाईवुड के मालिक रवि कुमार साहू ने बताया कि आग झूमराज इंटरप्राइजेज, बाबाधाम प्लाईवुड और एक बिजली के सामान के गोदाम में लगी। झूमराज इंटरप्राइजेज रवि के ससुर भुनेश्वर प्रसाद साहू का है, जबकि बिजली के सामान का गोदाम अमित कुमार का है। तीनों गोदाम पास-पास स्थित थे। रवि ने बताया कि उनके दो कर्मचारी गोदाम में रहते थे, जिन्होंने रात 11:30 से 12:00 बजे के बीच फोन पर आग लगने की सूचना दी।

    रवि तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की टीम ने सुबह 8:30 बजे तक आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग पर पूरी तरह काबू पाने में लंबा समय लगा। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। रवि के अनुसार, इस आग से लगभग 1.80 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।

  • सीएम का निर्देश: झारखंड में लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त करें

    रांची से खबर…….

    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को राज्य में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि झारखंड में बेहतर लॉ एंड ऑर्डर सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सुनियोजित अपराधों पर रोक लगाने के लिए चिन्हित अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और एक प्रभावी एक्शन प्लान तैयार किया जाए।

    अवैध खनन पर सख्ती के निर्देश
    मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अवैध खनन पर सख्त कदम उठाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा, “अवैध माइनिंग राज्य की छवि को धूमिल कर रही है। नदियों से बालू और मिट्टी के अवैध उठाव पर रोक लगाना बेहद जरूरी है। इससे नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ रहा है।” मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए एक विशेष कार्य योजना तैयार करें।

    साइबर अपराध पर सख्त नजर
    मुख्यमंत्री ने साइबर अपराध को राज्य के लिए एक गंभीर चुनौती बताते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि साइबर क्राइम से निपटने के लिए एक मजबूत तंत्र तैयार करें। बैठक में झारखंड साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर स्थापित करने पर चर्चा हुई। सीएम ने कहा कि जल्द से जल्द टेक्निकल सेल का गठन करें और तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति करें। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक का उपयोग कर साइबर अपराध को नियंत्रित किया जा सकता है।

    ‘प्रतिबिंब ऐप’ से मिली कामयाबी
    बैठक में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ‘प्रतिबिंब ऐप’ के जरिए 330 साइबर अपराधियों पर एफआईआर दर्ज की गई है। अब तक 1281 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 3493 सिम कार्ड और 2524 मोबाइल जब्त किए गए हैं।

    नशे और अफीम की खेती पर कड़े कदम
    मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ कड़े कदम उठाने और अफीम की खेती पर रोक लगाने के लिए भी निर्देश दिए।

    इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अलका तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव (गृह विभाग) वंदना दादेल, डीजीपी अनुराग गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    मुख्यमंत्री के इस निर्देश से साफ है कि झारखंड सरकार राज्य में अपराध और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  • पांच दिसंबर को हेमंत कैबिनेट का विस्तार

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट…….
    हेमंत सोरेन सरकार ने कैबिनेट विस्तार की तारीख तय कर दी है। पांच दिसंबर, समय दोपहर 12:30 बजे, स्थान राजभवन का बिरसा मंडप। झारखंड की राजनीतिक फिज़ाओं में उठते सवालों और अटकलों का दौर अब खत्म होता दिख रहा है। 28 नवंबर को जब हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तो मोरहाबादी मैदान का मंच राष्ट्रीय नेताओं से गुलजार था। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, भगवत मान सिंह , अरविंद केजरीवाल, सांसद पप्पू यादव व विधायक कल्पना मुर्मू  सोरेन   समेत तमाम नेता इसके गवाह बने। लेकिन तब से एक सवाल बना हुआ था—मंत्रिमंडल में कौन होगा शामिल?

    राजनीतिक हलकों में चर्चा और उम्मीदें
    झारखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर के मुताबिक “जब कोई बड़ा फैसला होता है, तो मंथन जरूरी है। सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पांच दिसंबर को पूरे मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण होगा। नेतृत्व का फैसला सर्वमान्य होगा।”

    पांच दिसंबर का इंतजार कीजिए।
    राजभवन के बिरसा मंडप में सिर्फ शपथ नहीं होगी, बल्कि झारखंड की राजनीतिक तस्वीर में नए रंग भरने की शुरुआत होगी।

  • झारखंड की धरती पर वीरता और सादगी को सलाम

    परवेज़ आलम की कलम से……

    आज झारखंड  में एक अद्भुत भावनात्मक संगम देखने को मिला। एक ओर शहादत की गूंज थी, तो दूसरी ओर राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा। परमवीर चक्र विजेता लांस नायक अल्बर्ट एक्का की शहादत दिवस और देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने झारखंड की मिट्टी से जुड़े इन महान व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि दी।

    अल्बर्ट एक्का: शौर्य की जीवित गाथा
    महात्मा गांधी मार्ग, रांची में अल्बर्ट एक्का की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित करते हुए राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा, “लांस नायक अल्बर्ट एक्का का साहस और बलिदान केवल झारखंड नहीं, पूरे देश का गौरव है। उनका जीवन हर भारतवासी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके वीरता की गाथा सदियों तक अमर रहेगी।”

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस अवसर पर शहीद को नमन करते हुए झारखंड के वीर सपूतों के अद्वितीय योगदान को रेखांकित किया।

    डॉ. राजेंद्र प्रसाद: सादगी का अनूठा आदर्श
    इसके बाद डोरंडा स्थित राजेंद्र चौक पर देश के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। राज्यपाल गंगवार ने कहा, “डॉ. राजेंद्र प्रसाद की सादगी, निस्वार्थ सेवा, और राष्ट्र निर्माण में योगदान हर पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक हैं। उनकी निष्ठा हमें बताती है कि महानता दिखावे में नहीं, कर्म में होती है।”

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अवसर पर कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद के आदर्श झारखंड जैसे उभरते राज्य के लिए विकास और समानता के पथ पर चलते रहने की प्रेरणा देते हैं।

    अल्बर्ट एक्का की शहादत और डॉ. राजेंद्र प्रसाद की सादगी—दो कहानियां, दो मिसाल। एक ने मातृभूमि के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया, तो दूसरे ने राष्ट्र को मजबूत करने के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। आज झारखंड ने इन दोनों को याद कर एक बार फिर अपनी मिट्टी की गहराई और गर्व को महसूस किया।

  • झारखंड: कौन मंत्री बनेगा ? काँग्रेस मे सियासी गहमागहमी

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …..
    झारखंड में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिल्ली में कांग्रेस की सियासी गहमागहमी चरम पर है। सोमवार को दिल्ली मे प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने राहुल गांधी से मुलाकात की। चर्चाओं का बाजार गर्म है—कौन मंत्री बनेगा और किसे इंतजार करना पड़ेगा? अब कांग्रेस आलाकमान के पास झारखंड से आए संभावित नामों की सूची है। सूत्रों की मानें, तो शाम तक चार नामों पर मुहर लगने की संभावना है।
    कांग्रेस का मंत्रिमंडल—सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर।
    झारखंड में मंत्रिमंडल विस्तार का खाका खींचा जा रहा है। कांग्रेस के सूत्र बता रहे हैं कि प्रमंडल और सामाजिक समीकरणों को केंद्र में रखा गया है। हर प्रमंडल से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, जातीय समीकरण को साधते हुए आदिवासी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, और अगड़ी जाति को बराबर तरजीह मिलेगी।
    गुलाम अहमद मीर कहते हैं, “कैबिनेट विस्तार की तिथि तय करना मुख्यमंत्री का अधिकार है। कांग्रेस पूरी तरह तैयार है। जैसे ही तारीख तय होगी, हम अपनी सूची सौंप देंगे।” वहीं प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश का भी यही कहना है कि विधानसभा सत्र से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा।
    दिल्ली में फैसले की घड़ी। 
    झारखंड कांग्रेस की टीम ने आलाकमान से मुलाकात की है । मीर और कमलेश ने मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, और केसी वेणुगोपाल से एक-एक कर भेंट की। इस दौरान विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन का ब्यौरा दिया गया। 16 सीटों पर कांग्रेस की जीत और 14 सीटों पर हार के कारणों की रिपोर्ट भी सौंपी गई।
    इंडिया गठबंधन की जीत और कांग्रेस की उम्मीदें।
    झारखंड विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन ने बहुमत हासिल किया। झामुमो के खाते में 34 सीटें आईं, जबकि कांग्रेस ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की। अब कांग्रेस ने 4:1 के फॉर्मूले के तहत चार विधायकों पर एक मंत्री पद की मांग रखी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शपथ तो ले ली है, लेकिन कांग्रेस की नजर अब मंत्री पद पर है।

  • झारखंड: काशी और उज्जैन की तरह देवघर में बैद्यनाथ कॉरिडोर का निर्माण, हेमंत सरकार ने 900 करोड़ की बड़ी योजना को मंजूरी दी।

    झारखंड न्यूज़: देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग, झारखंड के देवघर में स्थित है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश-विदेश से यहां दर्शन के लिए आते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए झारखंड सरकार ने देवघर को एक प्रमुख धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। सत्ता में आने के बाद, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने इसे वाराणसी के काशी विश्वनाथ और उज्जैन के महाकाल मंदिर की तरह एक भव्य कॉरिडोर में बदलने की योजना बनाई है।

    मुख्य बिंदु:

    • झारखंड सरकार का बड़ा निर्णय: देवघर का आधुनिक विकास।
    • काशी और उज्जैन की तर्ज पर: बाबा बैद्यनाथ धाम में कॉरिडोर निर्माण।
    • लागत: परियोजना पर 900 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

    कॉरिडोर निर्माण की योजना

    हेमंत सरकार ने बाबा बैद्यनाथ धाम को आधुनिक स्वरूप देने के लिए हरी झंडी दे दी है। देवघर में 30 एकड़ से अधिक भूमि का चयन कर लिया गया है। योजना के तहत, काशी और उज्जैन जैसे धार्मिक स्थलों के मॉडल पर एक भव्य कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने के बाद जमीन पर काम जल्द ही शुरू होगा।

    900 करोड़ का बजट

    कॉरिडोर के निर्माण पर अनुमानित 900 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके तहत, काशी की तर्ज पर स्थानीय दुकानों और मकानों को हटाया जाएगा, और प्रभावित जमीन मालिकों को करीब 300 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके बाद निर्धारित क्षेत्र में निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा।

  • डुमरी विधायक जयराम महतो घायल हो गए, जानिए पूरा मामला ..

    झारखंड के बोकारो में रविवार को JLKM के अध्यक्ष और डुमरी विधायक जयराम महतो एक हादसे में घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब वे 1 दिसंबर को बोकारो के जैनामोड़ स्थित प्रजापति धर्मशाला में बेरमो विधानसभा चुनाव को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में शामिल होने आए थे। आतिशबाजी के दौरान एक पटाखा जयराम महतो के करीब फट गया, जिससे उनके बाल झुलस गए और सिर के दाहिने हिस्से में हल्की चोट आई।

    जानकारी के मुताबिक, जयराम महतो जब जैनामोड़ स्थित बाबा तिलका मांझी चौक पहुंचे और वहां तिलका मांझी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर रहे थे, उसी दौरान समर्थकों द्वारा की जा रही आतिशबाजी में वे चोटिल हो गए। बताया गया है कि पटाखा उनके ठीक सामने फटा, जिससे वह असहज हो गए। घटना के बाद कुछ समय के लिए अफरातफरी मच गई।

    इस हादसे के बाद जयराम महतो रांची लौट गए। उनके सहयोगियों ने बताया कि उन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए रांची ले जाया गया है। विधायक जयराम ने स्थानीय नेताओं से समीक्षा बैठक के नतीजे की जानकारी देने को कहा है। प्रखंड अध्यक्ष रघु महतो और उत्पल महतो ने बताया कि जयराम समीक्षा बैठक में भाग लेने आए थे, लेकिन हादसे के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा।

  • कथित बांग्लादेशी घुसपैठ के मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। झारखंड सरकार : जनसंख्या संरचना में बदलाव के दावे बेबुनियाद हैं।”

    झारखंड में कथित घुसपैठ के मामले को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है। इससे पहले, 8 नवंबर को पिछली सुनवाई में, जस्टिस सुधांशु धुलिया और जस्टिस ए. अमानुल्लाह की बेंच ने केंद्र सरकार और याचिकाकर्ता दानियल दानिश को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। झारखंड सरकार ने अपनी बात रखते हुए बताया था कि राज्य के छह जिलों – गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, दुमका, साहिबगंज, और देवघर के उपायुक्तों ने रिपोर्ट दी है कि राज्य में कोई अवैध प्रवासी या घुसपैठ नहीं है। केवल साहिबगंज जिले में दो मामले सामने आए हैं, जिन्हें राज्य सरकार देख रही है। सरकार ने यह भी कहा है कि कथित घुसपैठ के चलते जनसांख्यिकी में बदलाव का दावा आधारहीन है।

    20 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट ने बांग्लादेशी घुसपैठियों की जांच के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों की एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाने का आदेश दिया था और इसके सदस्यों के नाम भी सुझाए थे। इस आदेश को झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार के वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि झारखंड सीमावर्ती राज्य नहीं है और हाईकोर्ट का यह आदेश राज्य में हो रहे विधानसभा चुनावों में चर्चा का मुद्दा बन गया है।