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  • बंगाल सरकार द्वारा झारखंड में आलू रोक पर बाबूलाल ने मुख्यमंत्री से हल निकालने को कहा!

    पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा झारखंड में आलू के ट्रकों को आने से रोकने पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की है। उन्होंने हेमंत सोरेन से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात कर इस समस्या को तुरंत हल करने का अनुरोध किया है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X  पर उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार के इस फैसले से महंगाई को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। बंगाल से झारखंड आ रहे सैकड़ों ट्रकों को वापस लौटा दिया गया है, जिससे सब्जी मंडियों में केवल कुछ दिनों का ही स्टॉक बचा है। कम आपूर्ति के कारण आलू की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, और यह आम लोगों की रसोई से गायब हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि हेमंत सोरेन ममता बनर्जी से बातचीत कर इस समस्या का समाधान निकालें और झारखंड में आलू की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें, ताकि राज्य के लोगों को महंगाई से राहत मिल सके।

  • गिरिडीह में चौकीदार पद पर सीधी भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षण का कार्यक्रम घोषित

    गिरिडीह जिले में चौकीदार संवर्ग के पदों पर सीधी भर्ती हेतु आयोजित लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए शारीरिक माप, जाँच, और दौड़ का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। यह प्रक्रिया निम्नलिखित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगी:

    05 दिसंबर 2024 (गुरुवार):
    स्थान – गिरिडीह स्टेडियम, गिरिडीह
    रोल नंबर – 0100001 से 0900715 तक

    06 दिसंबर 2024 (शुक्रवार):
    स्थान – मुफस्सिल थाना के निकट
    रोल नंबर – 1000003 से 1301004 तक

    07 दिसंबर 2024 (शनिवार):
    रिजर्व दिन (यदि आवश्यक हो)।

    महत्वपूर्ण निर्देश:
    अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र, दो पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो, और सरकारी फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, वोटर कार्ड, या ड्राइविंग लाइसेंस) अनिवार्य रूप से साथ लाना होगा।

    सभी सफल अभ्यर्थी निर्धारित तिथि पर सुबह 6:00 बजे से 9:00 बजे के बीच अपने संबंधित स्थान पर उपस्थिति सुनिश्चित करें।

  • रांची DC मंजूनाथ भजंत्री ने ली सुप्रीम कोर्ट की शरण, दाखिल की स्पेशल लीव पिटीशन; जानिए क्या है मामला

    झारखंड की राजधानी रांची के वर्तमान उपायुक्त और आईएएस अधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने इस संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय में एक विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल की है। अपनी याचिका में, रांची डीसी ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें चुनावी कार्यों से दूर रखने का निर्देश दिया गया था। मंजूनाथ भजंत्री ने सुप्रीम कोर्ट से इस आदेश को रद्द करने की मांग की है।

    गौरतलब है कि उनकी याचिका अभी तक सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है।

    हाईकोर्ट के आदेश का विवरण

    झारखंड हाईकोर्ट ने 22 सितंबर को मंजूनाथ भजंत्री के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने और उन्हें चुनावी कार्यों से अलग रखने का आदेश जारी किया था। इसके बाद, उन्हें चुनावी कार्यों से दूर कर दिया गया और विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता लागू होने पर उन्हें रांची डीसी के पद से हटा दिया गया। उनकी जगह वरुण रंजन को रांची डीसी नियुक्त किया गया।

    हालांकि, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण के बाद राज्य सरकार ने मंजूनाथ भजंत्री को पुनः रांची का उपायुक्त नियुक्त कर दिया। उन्होंने शुक्रवार को ही पदभार संभाला है।

  • झारखंड में मिली हार के कारणो की तलाश मे जुटी बीजेपी

    झारखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली भारी हार के बाद अब पार्टी हार के कारणों की तलाश में जुट गई है। इसके लिए 30 नवंबर और 1 दिसंबर को राज्य स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष शामिल होंगे। साथ ही, हारने वाले प्रत्याशी, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, प्रमंडलीय प्रभारी और कोर कमेटी के सदस्य भी मौजूद रहेंगे। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने इसे बेहद महत्वपूर्ण बैठक बताते हुए कहा कि इसमें हार के कारणों को गहराई से समझने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी माना कि चुनाव परिणाम से कार्यकर्ताओं में नाराजगी स्वाभाविक है, और इसे वरिष्ठ नेताओं के सामने रखा जाएगा।

    संगठन में बदलाव की संभावना

    शनिवार और रविवार को प्रदेश स्तर पर बैठकें होंगी, जिनमें चुनाव प्रबंधन समिति, जिला प्रभारी और जिलाध्यक्षों की बैठकें शामिल हैं। इसके बाद 3 दिसंबर को राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव परिणामों की समीक्षा होगी। बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री, जिलाध्यक्ष और प्रभारियों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

    इस चुनाव में बीजेपी के कई बड़े नेताओं को हार का सामना करना पड़ा, जिनमें नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, मुख्य सचेतक बिरंची नारायण, विधायक अनंत ओझा, भानु प्रताप शाही, अमित मंडल, गीता कोड़ा और सीता सोरेन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि बीजेपी की हार का एक बड़ा कारण स्थानीय मुद्दों की अनदेखी और बाहरी नेताओं को टिकट देना रहा। समीक्षा बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा कि पार्टी आगे क्या कदम उठाने वाली है।

  • JAC: आज से मैट्रिक परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू होगी, आवेदन करने की अंतिम तिथि यह है।

    झारखंड में मैट्रिक परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया आज, 30 नवंबर से शुरू हो गई है। छात्र 14 दिसंबर तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में जैक ने अधिसूचना जारी कर दी है। जो छात्र देर से आवेदन करना चाहते हैं, वे 15 से 21 दिसंबर के बीच विलंब शुल्क के साथ फॉर्म भर सकते हैं। बिना विलंब शुल्क वाले आवेदनों का सत्यापन जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा 17 दिसंबर तक किया जाएगा, जबकि विलंब शुल्क के साथ आए आवेदनों का सत्यापन 23 दिसंबर तक होगा।

    साल 2024 की इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए भी आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो चुकी है। छात्र आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.jac.jharkhand.gov.in के माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। झारखंड में बोर्ड परीक्षाएं हर साल फरवरी में आयोजित होती हैं, और इस बार भी परीक्षाएं उसी महीने में होने की संभावना है।

  • झारखंड में अगले 3 महीनों में 28,368 पदों पर भर्तियां होंगी, परिणाम का इंतजार जारी है।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी कैबिनेट की पहली बैठक में ही निर्देश दिया है कि नियुक्ति परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया जाए। इसके बाद, जेपीएससी और जेएसएससी लंबित नियुक्ति प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाएंगी। इन नियुक्तियों के पूरी होने से राज्य के करीब 50,000 युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। इनमें प्रमुख रूप से सहायक आचार्य के 26,001 पद, जेएसएससी सीजीएल के 2025 पद, सिविल सेवा के 342 पद, और झारखंड पुलिस में 4919 आरक्षी पदों पर बहाली महत्वपूर्ण है। सहायक आचार्य, सीजीएल और सिविल सेवा परीक्षाओं का परिणाम अगले तीन महीनों में जारी हो सकता है, क्योंकि इन परीक्षाओं का आयोजन हो चुका है और अभ्यर्थी परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

  • भगवान बिरसा मुंडा के वंशज को अंतिम विदाई: पीएम सीएम ने दी श्रद्धांजलि

    रांची से रिपोर्ट …..

    भगवान बिरसा मुंडा के वंशज मंगल मुंडा के निधन की खबर ने झारखंड के आदिवासी समाज को गहरे शोक में डाल दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद रिम्स अस्पताल पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मंगल मुंडा को श्रद्धांजलि दी।

    उलिहातू में शोक की लहर। 
    मंगल मुंडा का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव उलिहातू पहुंचते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बिरसा मुंडा के गांव में श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। मंगल मुंडा के पिता सुखराम मुंडा, मां लखिमनी देवी और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। शुक्रवार को आदिवासी परंपराओं के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    दुर्घटना के बाद इलाज के लिए भेजा गया था रिम्स । 
    मंगल मुंडा 25 नवंबर को एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें खूंटी से रांची के रिम्स अस्पताल लाया गया, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने डॉक्टरों को उनके इलाज में कोई कसर न छोड़ने के निर्देश दिए। उनके इलाज के लिए डॉक्टरों की एक विशेष टीम बनाई गई थी।

    मुख्यमंत्री का रिम्स दौरा  ।
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन खुद रिम्स पहुंचे और मंगल मुंडा के स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन से यह सुनिश्चित करने को कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के वंशज को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा मिले।

    मंगल मुंडा का निधन । 
    सिर में गंभीर चोटों के कारण तमाम प्रयासों के बावजूद मंगल मुंडा को बचाया नहीं जा सका। 28 नवंबर की रात 12:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके छोटे भाई ने सोशल मीडिया पर इस दुखद समाचार को साझा किया, जिसके बाद से आदिवासी समाज में शोक की लहर है।

    भगवान बिरसा के वंशज को अंतिम विदाई । 
    45 वर्षीय मंगल मुंडा के निधन ने एक बार फिर भगवान बिरसा मुंडा की विरासत और आदिवासी समाज के संघर्ष को याद करने का मौका दिया है। झारखंड के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक ने उनके प्रति संवेदना व्यक्त की। लेकिन

  • संगठन में ऊपर से नीचे तक बदलाव की जरूरत:खड़गे

    नई दिल्ली से विशेष रिपोर्ट…..

    कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक ने पार्टी के अंदर एक बड़ा मंथन छेड़ दिया। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के तीखे और सटीक बयानों ने नेताओं को आत्ममंथन पर मजबूर कर दिया। इस बैठक में प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। खड़गे ने अपनी बात को पांच मुख्य बिंदुओं में समेटा और पार्टी को अनुशासन, बदलाव, और रणनीति में सुधार की नसीहत दी।

    खड़गे की 5 बड़ी बातें
    1. संगठन में ऊपर से नीचे तक बदलाव की जरूरत
    खड़गे ने कहा, “राज्य चुनावों में उम्मीद से कम प्रदर्शन हमारे लिए चुनौती है। पार्टी नेताओं में एकता की कमी और एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी हमें नुकसान पहुंचा रही है।”
    उन्होंने सख्त अनुशासन की मांग करते हुए कहा कि पार्टी को “जमीनी स्तर से लेकर AICC तक बदलाव लाने होंगे।”

    2. माहौल पक्ष में होना, जीत की गारंटी नहीं
    खड़गे ने साफ कहा कि चुनाव का माहौल कांग्रेस के पक्ष में दिखता है, लेकिन सिर्फ इससे जीत तय नहीं होती। “हमें टाइम बाउंड रणनीति बनानी होगी और मतदाता सूचियों की जांच जैसे काम चुनाव से एक साल पहले ही पूरे करने होंगे,” उन्होंने जोड़ा।

    3. चुनाव रणनीति में सुधार की दरकार
    महाराष्ट्र के नतीजों को लेकर खड़गे ने कहा, “MVA के लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद विधानसभा के परिणाम चौंकाने वाले हैं। हमें अपनी रणनीति में सुधार करना होगा।”
    उन्होंने जोर दिया कि “दुष्प्रचार और गलत सूचना का मुकाबला करने के ठोस तरीके विकसित करने होंगे।”

    4. सत्ता में आना कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण
    खड़गे ने कहा कि कांग्रेस का सत्ता में आना न केवल पार्टी के लिए, बल्कि देश के एजेंडे को लागू करने के लिए भी जरूरी है। उन्होंने विधानसभा चुनाव के खराब प्रदर्शन को लेकर चेताया कि “हमें कड़े कदम उठाने होंगे।”

    5. मणिपुर से संभल तक गंभीर मुद्दे
    खड़गे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि “मणिपुर से लेकर संभल तक कई गंभीर मुद्दे हैं। बीजेपी अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए धार्मिक मुद्दों को हवा दे रही है। हमें इन विभाजनकारी ताकतों को हर हाल में हराना होगा।”

    महाराष्ट्र चुनाव पर कांग्रेस का ऐतराज
    कांग्रेस ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कथित धांधली का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है।

    कांग्रेस ने इन मुद्दों को उठाया:
    वोटर्स की हेराफेरी:
    कांग्रेस ने दावा किया कि “जुलाई से नवंबर 2024 के बीच महाराष्ट्र में 47 लाख नए वोटर्स जोड़े गए।” इनमें से अधिकांश 50 विधानसभा सीटों पर जोड़े गए, जहां 47 सीटें सत्ताधारी गठबंधन ने जीतीं।

    वोटिंग प्रतिशत में संदिग्ध बढ़ोतरी:
    “21 नवंबर को शाम 5 बजे तक वोटिंग प्रतिशत 58.22% था, जो रात 11:30 बजे 65.02% हो गया।” कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक घंटे में 76 लाख वोट कैसे डाले गए?

    खड़गे का संदेश:
    खड़गे के इन बयानों और कांग्रेस की आपत्ति से एक बात साफ है—पार्टी अब न तो अनुशासनहीनता बर्दाश्त करेगी, न ही रणनीति में ढील।

  • गिरिडीह का थाना: अमित शाह के हाथों सम्मानित

    खास रिपोर्ट. परवेज़ आलम……..

    झारखंड के उस थाने की, जिसने पूरे देश में झारखंड का नाम रोशन कर दिया है।
    अमित शाह ने दिया सम्मान!
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झारखंड के गिरिडीह जिले के निमियाघाट थाने को देश के तीन सर्वश्रेष्ठ थानों में शामिल होने का गौरव दिलाते हुए सम्मानित किया।
    इस सम्मान को तत्कालीन थाना प्रभारी राणा जंगबहादुर सिंह ने 29 नवंबर को भुवनेश्वर मे ग्रहण किया। यह पुरस्कार हर साल गृह मंत्रालय द्वारा देश के सबसे बेहतरीन थानों को दिया जाता है।
    निमियाघाट को क्यों मिला यह अवार्ड?
    आप सोच रहे होंगे कि निमियाघाट थाना आखिर क्यों चुना गया?
    👉 आम जनता के साथ पुलिस का व्यवहार।
    👉 थाने की साफ-सफाई और सुविधाएं।
    👉 दिव्यांगों के लिए रैंप और पुलिसकर्मियों की फिटनेस के इंतजाम।
    👉 सीसीटीवी और फायर सेफ्टी जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं।
    इन सभी मानकों पर खरा उतरते हुए निमियाघाट थाना इस बार देश के शीर्ष तीन थानों में अपनी जगह बना सका।
    झारखंड का नाम राष्ट्रीय मंच पर!
    इस सम्मान ने यह साबित कर दिया कि छोटे शहरों और गांवों की पुलिसिंग भी राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल बन सकती है। निमियाघाट थाना अब पूरे देश में चर्चा का केंद्र बन चुका है।
    राणा जंगबहादुर सिंह: इस सफलता के असली हीरो!
    थाने की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे तत्कालीन थाना प्रभारी राणा जंगबहादुर सिंह का नाम है। उनके नेतृत्व में यह थाना हर मानक पर खरा उतरा और अब अमित शाह के हाथों ट्रॉफी लेने के बाद यह उपलब्धि झारखंड के लिए गर्व का विषय बन गई है।
    क्या यह झारखंड पुलिस के लिए नई शुरुआत है?
    यह सवाल अब झारखंड की पुलिसिंग व्यवस्था के लिए प्रेरणा है। क्या निमियाघाट की इस सफलता को राज्य के बाकी थाने भी अपना सकेंगे?
    झारखंड पुलिस ने क्या नया मानक स्थापित किया है?
    ऐसे समय में, जब पुलिसिंग को अक्सर आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है, निमियाघाट थाना यह दिखाता है कि सही दिशा, नेतृत्व और जनता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ पुलिस सिस्टम कितनी बेहतरीन बन सकती है।

  • फेंगल तूफान: झारखंड में क्या होगा असर? जानिए पूरा अपडेट!”

    रांची से रिपोर्ट……

    बंगाल की खाड़ी में बने नए चक्रवातीय तूफान ‘फेंगल’ की, जो झारखंड के मौसम पर कुछ खास असर डालने वाला है। चलिए, विस्तार से समझते हैं।
    फेंगल तूफान का क्या है हाल?
    25 नवंबर को बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव ने अब चक्रवातीय तूफान का रूप ले लिया है। इसे नाम दिया गया है ‘फेंगल।’ मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो यह तूफान अगले 24 घंटों में तमिलनाडु के तट को पार करेगा। इसके बाहरी बादल और दक्षिण-पश्चिमी हवा का रुख झारखंड की ओर होगा। तो अब सवाल उठता है – रांची और झारखंड के अन्य हिस्सों में इसका क्या असर होगा?
    रांची और झारखंड का मौसम कैसा रहेगा?
    👉 हल्की धुंध और बादल:
    रांची और आसपास के इलाकों में सुबह के वक्त हल्की धुंध और बादल छाए रहेंगे। हालांकि मौसम ज्यादातर शुष्क रहेगा।
    👉 ठंड बढ़ेगी:
    दिन में तापमान में गिरावट आएगी, यानी ठंड का एहसास बढ़ने वाला है। लेकिन रात में बादल छाए रहने की वजह से न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
    👉 दो दिसंबर तक असर:
    मौसम विभाग का कहना है कि दो दिसंबर तक हल्के बादल और ठंड का यह मिजाज रहेगा। उसके बाद फेंगल का असर खत्म हो जाएगा और फिर असली ठंड की एंट्री होगी।
    दो दिसंबर के बाद क्या होगा?
    दो दिसंबर के बाद झारखंड में ठंड तेजी से बढ़ेगी। तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी। तो अपने स्वेटर और जैकेट्स तैयार कर लीजिए, क्योंकि भीषण ठंड आपके दरवाजे पर दस्तक देने वाली है।
    क्या कह रहे हैं मौसम वैज्ञानिक?
    झारखंड के मौसम और फेंगल तूफान के बारे में जानकारी देते हुए मौसमव वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि रांची समेत झारखंड के ऊपर हल्के स्तर के बादल छाए रहेंगे। दिन के तापमान में गिरावट होगी और ठंड बढ़ेगी। ‘फेंगल‘ का असर दो दिसंबर तक रह सकता है। इस दौरान तापमान में बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 2 दिसंबर के बाद और तेजी से ठंड बढ़ेगी। तो  तैयारी कर लीजिएठंड का स्वागत करने की।