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  • SIR-2026 अभियान शुरू: मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर उपायुक्त की अहम बैठक, अफवाहों से बचने की अपील

    The News Post4U Desk

    गिरिडीह, 04 जून 2026। जिले में मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR-2026) की शुरुआत कर दी गई है। इस संबंध में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में उपायुक्त ने बताया कि SIR-2026 अभियान के तहत बूथ स्तरीय पदाधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे तथा भरे हुए प्रपत्र प्राप्त करेंगे। यदि किसी परिवार से संपर्क नहीं हो पाता है तो BLO तीन बार प्रयास करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर दूरभाष के माध्यम से भी संपर्क स्थापित किया जाएगा।

    उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं है। बल्कि मतदाता सूची से मृत, डुप्लीकेट, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं की पहचान कर सूची को अधिक विश्वसनीय और त्रुटिरहित बनाना है। उन्होंने आम लोगों से अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान नहीं देने तथा पुनरीक्षण प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की।

    बैठक में सभी राजनीतिक दलों से निर्धारित समय के भीतर BLA-2 की नियुक्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

    निर्वाचन विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक घर-घर सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद 05 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। दावा एवं आपत्ति 05 अगस्त से 04 सितंबर 2026 तक प्राप्त किए जाएंगे, जबकि अंतिम मतदाता सूची 07 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित होगी।

    अधिकारियों ने बताया कि जिन मतदाताओं से हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र प्राप्त होंगे, उनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। वहीं निर्धारित अवधि में प्रपत्र जमा नहीं करने वाले मतदाता दावा-आपत्ति अवधि के दौरान प्रपत्र-6 एवं घोषणा प्रपत्र के माध्यम से अपना नाम पुनः शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

    बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा निर्वाचन विभाग के अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

  • गैर-दलीय चुनाव में ‘भाजपा समर्थित’ पोस्टरों का खेल, आचार संहिता पर सवाल—FIR के बाद भी शहर में जस के तस बैनर

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    गिरिडीह:नगर निगम का चुनाव गैर-दलीय है। कागज़ पर यह साफ लिखा है कि चुनाव पार्टी चिन्ह पर नहीं, व्यक्ति के नाम और काम पर लड़ा जाएगा। लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और कहानी कह रही है। पूरे शहर में “भाजपा समर्थित उम्मीदवार” लिखे पोस्टरों और बैनरों ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। सवाल यह है—जब चुनाव गैर-दलीय है, तो फिर ‘पार्टी समर्थित’ का शोर किस नियम के तहत?

    चुनाव आयोग ने मामले का संज्ञान लिया। आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में दो दिन पहले गिरिडीह नगर निगम के मेयर प्रत्याशी शैलेंद्र चौधरी के खिलाफ नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि एफआईआर के बाद भी वे बैनर-पोस्टर शहर की दीवारों पर अब भी टंगे हुए हैं—मानो व्यवस्था को खुली चुनौती दे रहे हों।

    शहर के कई प्रमुख चौक-चौराहों से लेकर गलियों तक लगे बैनरों में साफ तौर पर “भाजपा समर्थित” लिखा दिखाई देता है। यह स्थिति केवल पोस्टरों तक सीमित नहीं है। पचम्बा थाना और मुफस्सिल थाना क्षेत्र में प्रचार वाहनों के जरिए भी बाकायदा यह प्रचार किया जा रहा है कि “मैं भाजपा का समर्थित उम्मीदवार हूँ।” लाउडस्पीकर से प्रसारित संदेशों में पार्टी समर्थन का दावा खुलकर दोहराया जा रहा है।

    जबकि नियम स्पष्ट हैं—नगर निकाय चुनाव में किसी भी दल के अधिकृत प्रत्याशी की अवधारणा लागू नहीं होती। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह मतदाताओं को भ्रमित करने की कोशिश है? क्या यह आचार संहिता की खुली अवहेलना नहीं है?

    जिला प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। जो अधिकारी “नियम-कानून” का पालन सुनिश्चित कराने के लिए तैनात हैं, क्या उन्हें यह सब दिखाई नहीं दे रहा? एफआईआर दर्ज होने के बाद अपेक्षा थी कि पोस्टर-बैनर हटाए जाएंगे, प्रचार वाहनों पर रोक लगेगी और कड़ी कार्रवाई होगी। लेकिन अब तक ज़मीनी स्तर पर कोई सख्ती नजर नहीं आई है।

    राजनीतिक जानकारों का कहना है कि गैर-दलीय चुनाव में पार्टी का नाम जोड़ना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की भावना के विपरीत है। इससे चुनाव की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगता है।

    अब देखना यह है कि चुनाव आयोग और जिला प्रशासन आगे क्या कदम उठाते हैं—क्या नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा या फिर यह मामला भी कागज़ी कार्रवाई तक ही सीमित रह जाएगा?

    नगर निगम चुनाव में मुद्दे विकास, जल संकट, सफाई और आधारभूत सुविधाओं के होने चाहिए थे। लेकिन फिलहाल चर्चा पोस्टरों, बैनरों और आचार संहिता उल्लंघन की है। सवाल सीधा है—क्या गैर-दलीय चुनाव वाकई गैर-दलीय रह पाएगा?

     

  • हाड़ी जाति विकास मंच ने डीसी को सौंपा ज्ञापन, सात सूत्री मांगों पर त्वरित कार्रवाई की मांग

    गिरिडीह: झारखंड के हाडी जाति विकास मंच ने एक बार फिर राज्य सरकार से अपनी लंबित मांगों पर त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है। मंच की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को संबोधित ज्ञापन में सात सूत्रीय मांगों को दोहराते हुए कहा गया है कि वर्षों से सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन से जूझ रहे हाडी समुदाय को अभी तक न्याय नहीं मिला है।

    यह ज्ञापन डीसी गिरिडीह  के माध्यम से दिनांक 24 जून 2025 को सौंपा गया, जिसमें मंच की तरफ से पहले 25 जनवरी 2025 को प्रस्तुत की गई मांगों को एक बार फिर से याद दिलाया गया है। ज्ञापन में मंच ने उल्लेख किया है कि हाडी  जाति आज भी मुख्यधारा से वंचित है और उन्हें विकास योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

    इनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

    1. राज्य के विभिन्न जिलों में निवासरत हाडी जाति के लोगों को स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र (स्थानीय नीति 1932) के आधार पर निर्गत किया जाए।
    2. राज्य के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति भूमिहीन हाडी जाति परिवारों को पांच डिसमिल भूमि मुफ्त में उपलब्ध कराई जाए।
    3. हाडी जाति को अनुसूचित जनजाति (ST) की सूची में शामिल किया जाए।
      ज्ञापन में कहा गया है कि हाडी जाति की पहचान, परंपरा और रहन-सहन जनजातीय समाज से पूरी तरह मेल खाती है, फिर भी आज तक इस समुदाय को संवैधानिक दर्जा नहीं मिल पाया है। हाडी जाति विकास मंच का यह ज्ञापन सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है। मंच का कहना है कि कई बार सरकार से मांग करने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे समुदाय में निराशा है। ज्ञापन के अंत में मंच ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वह स्वयं इन मांगों पर गौर करें और उचित निर्देश संबंधित विभागों को दें ताकि हाड़ू जाति को उसका हक और सम्मान मिल सके।

    यह ज्ञापन गिरिडीह के हाडी जाति प्रतिनिधियों द्वारा सौंपा गया, जिसमें हस्ताक्षरकर्ता के रूप में राजेश कुमार हाड़ी (अध्यक्ष हाड़ी जाति विकास मंच) का नाम उल्लिखित है।
    राज्य सरकार यदि हाडी जाति की मांगों को गंभीरता से लेती है, तो यह समुदाय के सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा।

  • गिरिडीह : पंचायत सेवक की आत्महत्या से मचा हड़कंप

    बीडीओ सहित चार पर एफआईआर, परिजनों को सरकारी नौकरी का आश्वासन.

    Key point.

    • मृतक पंचायत सेवक सुखलाल महतो ने 13 जून को कीटनाशक खाया, 15 जून को रिम्स रांची में मौत.
    • आत्महत्या से पहले पत्र में बीडीओ और अन्य अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप.
    • शव के साथ 12 घंटे से अधिक चला धरना, विधायक भी हुए शामिल.
    • प्रशासन ने एफआईआर, सरकारी नौकरी और विभागीय कार्रवाई का दिया भरोसा.
    • जिलास्तरीय जांच समिति का गठन.

     By The News Post4u

    गिरिडीह (झारखंड): गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड में कार्यरत पंचायत सेवक सुखलाल महतो की आत्महत्या के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि उन्होंने बीडीओ, मुखिया के पति और दो अन्य अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर कार्यालय परिसर में ही जहरीला पदार्थ खा लिया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ गया।

    आत्महत्या से पहले पत्र में लगाए थे गंभीर आरोप.

    13 जून को डुमरी प्रखंड कार्यालय परिसर में सुखलाल महतो ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या की कोशिश की थी। उन्हें गंभीर हालत में रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 15 जून को उनका निधन हो गया। आत्महत्या से पहले सुखलाल ने एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने डुमरी बीडीओ अन्वेषा ओना, बलथरिया पंचायत की मुखिया के पति परमेश्वर नायक, रोजगार सेवक अनिल कुमार और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े बीसी पर मानसिक प्रताड़ना और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।

    शव के साथ 12 घंटे से अधिक धरना, विधायक भी बैठे समर्थन में.

    रविवार देर रात जब मृतक का शव डुमरी लाया गया, तो उनके परिजन और ग्रामीण प्रखंड कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए। सोमवार दोपहर 12:30 बजे तक यह धरना जारी रहा। माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया, जब डुमरी के विधायक जयराम कुमार महतो भी धरने में शामिल हो गए और मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग उठाई।

    वार्ता के बाद प्रशासन का फैसला: एफआईआर और नौकरी का आश्वासन.

    स्थिति को देखते हुए गिरिडीह के एसडीएम संतोष गुप्ता ने विधायक और मृतक के परिजनों से बातचीत की। वार्ता के बाद यह सहमति बनी कि जिन चार लोगों पर मृतक ने आरोप लगाए थे, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। साथ ही, मृतक के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने, विभागीय कार्रवाई शुरू करने और पावना समेत अन्य सरकारी लाभ दिए जाने का निर्णय लिया गया।

    विधायक का आरोप: सिस्टम ने की आत्महत्या के लिए मजबूर.

    विधायक जयराम महतो ने कहा कि “अगर किसी कर्मचारी को आत्महत्या करनी पड़ी है तो इसके लिए सिस्टम जिम्मेदार है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रांची में पुलिस मृतक के बयान में नाम शामिल नहीं करना चाहती थी, जिस पर उन्होंने दबाव बनाकर यह सुनिश्चित किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।

    जांच के लिए बनी कमेटी.

    14 जून को ही गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर एक जांच कमेटी का गठन कर दिया गया था। इसमें अपर समाहर्ता विजय सिंह बिरुआ, एसडीएम संतोष गुप्ता, डीएसपी नीरज कुमार सिंह और डॉ. रवि महर्षि शामिल हैं। इसके अलावा, पुलिस अपनी स्तर से भी मामले की जांच कर रही है।

    यह घटना झारखंड के सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता और भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक बड़ा संकेत है। अब देखना होगा कि प्रशासन अपने वादों को कितनी जल्दी और ईमानदारी से अमल में लाता है।

     

  • विश्व रक्तदान दिवस पर गिरिडीह में  स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर ली गई शपथ

    By Chandan. For The News Post4u

    गिरिडीह: विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर शनिवार को गिरिडीह के सदर अस्पताल स्थित सभाकक्ष में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला स्वास्थ्य समिति के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करना और इसके महत्व को लेकर आमजन में जागरूकता फैलाना था।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव रहे, जिनका स्वागत सिविल सर्जन डॉ. एस.पी. मिश्रा ने पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया। ब्लड बैंक के सचिव सह रेडक्रॉस चेयरमैन अरविंद कुमार ने उन्हें मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की शुरुआत सिविल सर्जन द्वारा स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने जिले में थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया और हीमोफीलिया जैसे रक्त विकारों से पीड़ित मरीजों की संख्या और उन्हें मासिक रक्त की आवश्यकता की जानकारी साझा की।

    इस अवसर पर उपायुक्त श्री यादव ने उपस्थित लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान की शपथ दिलाई और रक्तदान के क्षेत्र में कार्य कर रही ब्लड बैंक की टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिले में रक्त की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्वैच्छिक रक्तदाताओं को प्रेरित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।

    कार्यक्रम में रक्तदान के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले 15 व्यक्तियों को मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें डॉ. एस.के. डोकानिया, डॉ. विकास लाल, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. साकेत, शालिनी खोवाला, मदनलाल विश्वकर्मा, डॉ. निकिता गुप्ता, रिया अग्रवाल, स्वाति बगेड़िया, विकास सिन्हा, अतेंद्र नारायण राम, बुलंद अख्तर, दानिश, सुरेंद्र यादव शामिल रहे।

    इसके अतिरिक्त अनुमंडल व प्रखंड स्तर पर रक्तदान शिविरों के बेहतर आयोजन व निगरानी हेतु उपायुक्त रामनिवास यादव और सिविल सर्जन डॉ. एस.पी. मिश्रा को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

    कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी ब्लड बैंक के सचिव अरविंद कुमार ने निभाई, जबकि धन्यवाद ज्ञापन ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. शोहेल अख्तर ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संत कुमार सहित सदर अस्पताल के अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। मौके पर डीएस डॉ. राजीव, डॉ. रेखा झा, डॉ. रवि महर्षि सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

     

  • गिरिडीह : सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस ने रचा कीर्तिमान-कल्पना सोरेन

    पर्यावरण दिवस पर भी दिया गया जागरूकता का संदेश

    By The News Post4u.

    गिरिडीह: सर जेसी बोस मुख्यमंत्री बालिका उत्कृष्ट विद्यालय, गिरिडीह में बुधवार को दोहरा उत्सव देखने को मिला। एक ओर जहां विद्यालय के छात्रों ने सीबीएसई 10वीं और 12वीं की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर जिले का मान बढ़ाया, वहीं दूसरी ओर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण कर हरित संदेश दिया गया।

    इस विशेष कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रहीं गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन, जिनका स्वागत विद्यालय की बाल संसद की छात्राओं ने पारंपरिक तरीके से तिलक और पुष्प वर्षा कर किया। इस मौके पर जिले के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, जेएमएम नेता संजय सिंह, पूर्व विधायक केदार हाजरा सहित अन्य लोग उपस्थित थे ।

    सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस : एक सपने की उड़ान

    समारोह की मुख्य अतिथि कल्पना सोरेन ने विद्यालय के तीन छात्राओं के राज्य टॉपर्स में शामिल होने पर स्कूल के प्राचार्य, शिक्षकों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा, “राज्य के 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में से सिर्फ एक विद्यालय से तीन टॉपर्स का आना इस स्कूल की मेहनत और ईमानदारी का परिचायक है। इससे पूरे गिरिडीह का नाम रोशन हुआ है।”

    उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, “आपका भविष्य एक पौधे की तरह है। सिर्फ रोपने से वह नहीं बढ़ता, उसे पानी, देखभाल और ध्यान चाहिए। वैसे ही आप पढ़ाई और अनुशासन से अपने जीवन को बड़ा बना सकते हैं।”

    पर्यावरण संरक्षण की शपथ.

    विश्व पर्यावरण दिवस पर सभी अतिथियों ने वृक्षारोपण किया और एक स्वर में कहा – पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ।” यह संदेश न केवल विद्यालय परिसर के लिए था, बल्कि पूरे समाज को हरियाली और स्वच्छता की दिशा में प्रेरित करने वाला था।

    प्राचार्य मुन्ना प्रसाद कुशवाहा ने पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया । इस मौके पर जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं और विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

    मारवाड़ी युवा मंच प्रेरणा शाखा का पौधारोपण अभियान.

    इसी क्रम में, मारवाड़ी युवा मंच – प्रेरणा शाखा, गिरिडीह ने भी विश्व पर्यावरण दिवस पर समाज को हरियाली का संदेश दिया। संगठन ने 51 पौधों का रोपण कर यह संकल्प लिया कि वे आने वाली पीढ़ियों को एक हरा-भरा भविष्य देंगे।

    इस अभियान में रिया अग्रवाल और  बरखा बालासिया का योगदान सरहनीय  रहा। दोनों ने न केवल कार्यक्रम की रूपरेखा तय की, बल्कि स्वयं सक्रिय रहकर उसे सफल बनाया।

    मारवाड़ी युवा मंच प्रेरणा शाखा सामाजिक और पर्यावरणीय विषयों पर लगातार कार्य कर रहा है। यह कार्यक्रम भी उसी श्रृंखला की एक मजबूत कड़ी है, जिसमें उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया।

  • गिरिडीह : 339 चौकीदारों को मिला नियुक्ति पत्र, युवाओं में खुशी की लहर

    By the news post4u

    गिरिडीह: गिरिडीह नगर भवन में आज आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में जिले के रिक्त चौकीदार पदों पर चयनित 339 अभ्यर्थियों को विधिवत रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस मौके पर युवाओं के चेहरों पर खुशी की चमक साफ नजर आई। राज्य सरकार की इस पहल को युवाओं ने ‘सपनों की पहली सीढ़ी’ बताया और पूरे उत्साह के साथ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

    दीप प्रज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ.

    कार्यक्रम की शुरुआत संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर की गई। कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि सुदिव्य कुमार सोनू  मंत्री – नगर एवं आवास विभाग, उच्च तकनीकी एवं शिक्षा विभाग, पर्यटन तथा खेलकूद विभाग, झारखंड सरकार के साथ बगोदर के विधायक नागेंद्र महतो , जमुआ विधायक मंजु कुमारी एवं डुमरी के विधायक जय राम महतो की गरिमामय उपस्थिति थी  । इस अवसर पर उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक,उप विकास आयुक्त, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जनसंपर्क पदाधिकारी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे ।

    विस्तृत चयन प्रक्रिया से होकर गुजरे अभ्यर्थी.

    कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि गिरिडीह जिले में चौकीदार के कुल 389 पद स्वीकृत हैं। इन पदों के लिए कुल 12,854 आवेदन प्राप्त हुए थे। लिखित परीक्षा में 8126 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें से 1664 को सफल घोषित किया गया। इसके बाद हुई शारीरिक दक्षता परीक्षा में 385 अभ्यर्थी सफल हुए। सभी स्तरों पर मूल्यांकन और जिला स्तरीय चयन समिति की अनुशंसा के बाद 339 योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्त किया गया।

    इन 339 चयनित अभ्यर्थियों में 42 महिलाएं और 297 पुरुष शामिल हैं। वर्गानुसार इनकी संख्या इस प्रकार रही –

    • अनारक्षित कोटि – 210
    • अनुसूचित जनजाति – 59
    • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग – 29
    • अत्यंत पिछड़ा वर्ग – 25
    • पिछड़ा वर्ग – 16

    युवाओं के चेहरों पर खुशी, सरकार को जताया आभार.

    नियुक्ति पत्र मिलने के बाद युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। कई चयनित अभ्यर्थियों ने कहा कि यह नौकरी उनके जीवन को दिशा देगी और परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करेगी। एक अभ्यर्थी ने कहा, हमने मेहनत की, भरोसा रखा और सरकार ने हमारे सपने पूरे किए। आज एक नई शुरुआत हो रही है।”

    मंत्री ने दी शुभकामनाएं, सेवा भाव से कार्य करने की अपील.

    नवनियुक्त चौकीदारों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू  ने कहा कि यह सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज और शासन के प्रति जिम्मेदारी का अवसर है। उन्होंने युवाओं से कहा, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भाव से कार्य करें। आपकी भूमिका गांव-गांव में प्रशासन की आंख और कान की तरह होगी। सरकार जमीनी स्तर पर प्रशासन को सशक्त करने के लिए काम कर रही है।”

    उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में विभिन्न विभागों में और भी नियुक्तियां की जाएंगी, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

    महिलाओं, युवाओं और गरीबों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता.

    मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार महिलाओं, युवाओं और गरीब वर्गों को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित स्कूल भेजें, क्योंकि शिक्षा ही समाज में वास्तविक परिवर्तन का आधार है।

    सभी वर्गों के लिए समर्पित सरकार – मंत्री

    उन्होंने कहा, राज्य सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। ग्राम पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर तक बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। युवाओं से अपील है कि वे राज्य और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें और ईमानदारी से कार्य करें।”
    गिरिडीह में आयोजित यह नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम न सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया की सफलता का प्रतीक था, बल्कि यह युवाओं के आत्मविश्वास और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का भी सशक्त उदाहरण बना। यह कार्यक्रम यह दर्शाता है कि रोजगार सृजन के क्षेत्र में सरकार का   ठोस प्रयास जमीनी स्तर पर असर दिखा रह है ।

  • हाईटेक पुस्तकालय ,गिरिडीह में छात्रों को मिलेगी आधुनिक सुविधाएं

    गिरिडीह के झिंझरी मोहल्ले में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है। झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने यहां सिद्धू कान्हों सह सावित्रीबाई फुले पुस्तकालय का उद्घाटन किया। इस पुस्तकालय को हाईटेक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिससे हर उम्र और वर्ग के लोग लाभान्वित हो सकें।

    शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान.
    उद्घाटन के बाद मंत्री जी ने पुस्तकालय भवन का निरीक्षण किया और उपलब्ध पुस्तकों का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी जरूरतों को समझने की कोशिश की और उन्हें शिक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। मौके पर जिले के उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मिलेगा मदद .
    मंत्री सोनू ने कहा कि यह पुस्तकालय हर प्रकार की प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए वरदान साबित होगा। यहां सिविल सेवा, बैंकिंग, रेलवे, एसएससी, जेईई, नीट जैसी परीक्षाओं के लिए सभी आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। छात्रों के बैठने की आधुनिक व्यवस्था, बिजली, पानी और शौचालय की सुविधाओं के साथ-साथ फ्री वाई-फाई की भी सुविधा दी जाएगी। मंत्री  ने कहा कि यह पुस्तकालय सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि ज्ञान का मंदिर है, जो समाज को आगे बढ़ाने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन हर संभव सहायता देगा, लेकिन इसे जीवंत रखने की ज़िम्मेदारी स्थानीय लोगों की होगी

    बुजुर्गों और बच्चों के लिए भी खास इंतज़ाम।
    मंत्री ने बताया कि यहां सिर्फ छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि बुजुर्गों के लिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक पुस्तकें भी उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं, छोटे बच्चों के लिए रोचक और ज्ञानवर्धक किताबें रखी गई हैं, ताकि वे खेल-खेल में पढ़ाई की ओर आकर्षित हो सकें।

    डिजिटल शिक्षा की ओर कदम।
    भविष्य में इस पुस्तकालय को ई-लर्निंग/डिस्टेंस लर्निंग सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां ऑनलाइन कोचिंग क्लासेज़ का भी प्रावधान होगा। इससे खासकर ग़रीब और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को उच्च स्तरीय शिक्षा का लाभ मिलेगा।

    सामाजिक सहभागिता की अपील।
    उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने पुस्तकालय के शुभारंभ को जिले के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि समाज तभी प्रगति कर सकता है, जब वह शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश करे। उन्होंने स्थानीय लोगों से इस पुस्तकालय को संरक्षित और विकसित करने की अपील की ताकि आने वाली पीढ़ियों को इसका अधिक से अधिक लाभ मिल सके।

    यह पुस्तकालय गिरिडीह के छात्रों के लिए एक बड़ा तोहफा है, जो उनकी शिक्षा को नए आयाम देगा और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की कठिन चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।

    *परवेज़ आलम की रिपोर्ट…………

     

     

  • गिरिडीह में शान से लहराया तिरंगा, मंत्री सुदिव्य सोनू ने झंडा मैदान में किया झंडोतोलन

    गिरिडीह : 76 वें गणतंत्र दिवस के मौके पर गिरिडीह के झंडा मैदान में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को पूरे शान के साथ फहराया गया। गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह गिरिडीह के ऐतिहासिक झंडा मैदान में हुआ। झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, पर्यटन, कला संस्कृति खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने झंडोतोलन किया और तिरंगे को सलामी दिया। नमन प्रियेश लकड़ा और डॉ बिमल कुमार भी इस मौके मे उपस्थित थे । इससे पहले गिरिडीह जिला पुलिस बल के जवानों के टुकड़ियों के साथ महिला पुलिस बल, होम गार्ड जवान और एनसीसी कैडेटों के अलावा विभिन्न स्कूल के बच्चो के परेड का निरीक्षण मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, डीसी नमन प्रियेश लकड़ा और डॉ बिमल कुमार ने खुली जीप से किया। इस दौरान विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा झांकियां भी निकाली ।

    झंडोतोलन के बाद मंत्री ने आवाम को खिताब करते हुए शासन-प्रशासन द्वारा जनहित में किए जा रहे कार्यों को विस्तार पूर्वक बताया और सरकार की उपलब्धियां गिनाई। मंत्री ने कहा कि यह दिन हर भारतीय के लिए गर्व, सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है. आज झंडा मैदान के इस मंच से मैं उन सभी वीर सपूतों को नमन करता हूं, जिन्होंने आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया. झारखंड की पावन भूमि से बिरसा मुंडा, सिद्धु कान्हो, चांद-भैरव, नीलांबर-पीतांबर जैसे महानायकों ने हमें प्रेरणा दी. समृद्ध खनिज संसाधनों से परिपूर्ण गिरिडीह की यह पावन धरती जैन तीर्थकरों और वैज्ञानिक धरोहरों के ऐतिहासिक महत्व को अपने में समेटे हुए पूरे देश को गौरवान्वित करने का काम किया है. हमारा प्रयास है कि झारखंड का हर नागरिक विकास की मुख्यधारा से जुड़े और आगे बढ़े.

    समारोह के दौरान एसएसबी 35 बटालियन को प्रथम, कार्मेल हाई स्कूल को द्वितीय, एनसीसी सीनियर महिला को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इसके अलावा जिला पुलिस बल, पुरुष, आईआरबी 09, जिला पुलिस बल, महिला, झारखंड गृह रक्षा वाहिनी, हाई स्कूल, गिरिडीह, एनसीसी सीनियर महिला, डीएवी सीसीएल, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, सुभाष पब्लिक स्कूल, बीएनएस डीएवी तथा बैंड दल के रूप में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, जमुआ को सम्मानित किया गया। वहीं सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग गिरिडीह, कृषि विभाग गिरिडीह, पशुपालन विभाग गिरिडीह, मत्सय विभाग गिरिडीह, जिला समाज कल्याण कार्यालय गिरिडीह, गव्य विकास कार्यालय गिरिडीह, JSLPS गिरिडीह, डी० आर० डी० ए० गिरिडीह, उत्पाद विभाग गिरिडीह, जिला उद्योग केन्द्र गिरिडीह, अग्निशमन केन्द्र गिरिडीह, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक गिरिडीह, शिक्षा विभाग गिरिडीह एवं जिला आपूर्ति कार्यालय गिरिडीह, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग द्वारा झांकियां प्रस्तुत की गई। इन झांकियों में परिवहन विभाग की झांकी प्रथम, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की झांकी द्वितीय एवं समाज कल्याण विभाग की झांकी तृतीय स्थान पर रही।

    बाद मे मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के ज़िला करर्यालय मे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। इस मौके पर ज़िला संयोजक संजय सिंह सहित बड़ी संख्या मे कार्यकर्ता उपस्थित थे।

    पूरे ज़िले मे गणतंत्र दिवस की धूम रही। सभी संस्थाओं मे बड़े शान के साथ तिरंगा फहराया गया। ज़िला ब्यवहार न्यायालय मे प्रधान ज़िला जज अरविंद पांडेय ने तिरंगा फहराया वहीं ज़िला अधिवक्ता संघ मे  प्रकाश सहाय ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस मौके पर अधिवकता संघ ने वकालत मे शानदार 50 वर्ष पूरा करने वाले अधिवकता नागेश्वर प्रसाद सिन्हा व नरेंद्र शर्मा को शाल और प्रसशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। संघ के पूर्व सचिव नंद लाल गोप को भी शाल और बुके देकर सम्मानाइट किया गया। इस मौके पर संघ के सचिव चुन्नू कान्त,उपाधायक्ष अजय कुमार सिन्हा मंटू,सचिव प्रशासन दसरथ प्रसाद, वरीय अधिवक्ता विजय सिन्हा, दीपक कुमार सुधीर ओझा, उर्मिला शर्मा, मुमताज़ मिर्ज़ा, शबबीर आलम, तनवीर आलम, चन्दन सिन्हा,शालनी सिन्हा रंजन सिन्हा,गीतेश चंद्रा, विपिन यादव, अंजनी सिन्हा सहित बड़ी संख्या मे अधिवक्ता उपस्थित थे।

    इसके अलावा नवजीवन नर्सिंग होम मे लायन्स क्लब एलिट,गिरिडीह के अधयक्ष अधिवक्ता दसरथ प्रसाद ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस मौके पर लोजपा नेता राज कुमार राज, पूर्व मंत्री चंद्र मोहन प्रसाद, अधिवक्ता परवेज़ आलम, रेड क्रॉस के अध्यक्ष अरविंद कुमार, सुभाष पब्लिक स्कूल के निदेशक संजय सिंह गुड्डू, चैंबर ऑफ कोमेर्स के अध्यक्ष राहुल बर्मन, डॉ अमिता राय, डॉ शैलेन्द्र चौधरी, सरदार परमजीत सिंह,संवेदक रत्न गुप्ता,अधिवक्ता प्रकाश सहाय  नवजीवन नर्सिंग होम की सीईओ स्वाती बगेडिया और राजेन्द्र बगेरिया सहित शहर के गण्य मान्य लोग उपस्थित थे। ज़िला परिषद मे अध्यक्ष मुनिया देवी ने तिरंगा फहराया। किरण पब्लिक स्कूल मे निदेशक अशोक सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और गांधी चौक मे स्थापित गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया । मौलाना आज़ाद चौक पर jmm नेता इरशाद अहमद वारीश ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। वहीं चुंजका पंचायत के वार्ड सदस्य सुशीला देवी ने अपने क्षेत्र की गरीब महिलाओं को अंग वस्त्र और मिठाई देकर सम्मानित किया ।              

  • नेहरू युवा केंद्र व रुद्रा फाउंडेशन ने चलाया सड़क सुरक्षा जागरूकता सप्ताह कार्यक्रम

    महेशलुंडी पंचायत में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    गिरिडीह : महेशलुंडी पंचायत सचिवालय भवन में नेहरू युवा केंद्र, गिरिडीह और रुद्रा फाउंडेशन गिरिडीह ने सोमवार को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

    कार्यक्रम की शुरुआत रुद्रा फाउंडेशन के सचिव सैयद सबीह अशरफ ने मुख्य अतिथि, गिरिडीह के यातायात निरीक्षक  दुगन टोपनो और पंचायत मुखिया शिवनाथ साव का बुके देकर स्वागत करते हुए की।

    मुख्य अतिथि  टोपनो ने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह की महत्ता समझाई। उन्होंने यातायात नियमों का पालन करने का आग्रह करते हुए कहा, “आपकी सुरक्षा आपकी जागरूकता पर निर्भर है। हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न केवल अनिवार्य है, बल्कि जीवन रक्षक भी है। यातायात पुलिस आपकी मदद के लिए तत्पर है, लेकिन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जनता का सहयोग अनिवार्य है।” उन्होंने सड़क पर धैर्य रखने और ट्रैफिक जाम की समस्या से बचने के लिए सभी को प्रेरित किया।

    पंचायत मुखिया शिवनाथ साव ने इस जागरूकता कार्यक्रम को अपने पंचायत में आयोजित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “यह पहल न केवल मेरे पंचायत के युवाओं को जागरूक करेगी, बल्कि पूरे गिरिडीह जिले में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होगी। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे अभियान निरंतर चलने चाहिए।”

    रुद्रा फाउंडेशन के सचिव सैयद सबीह अशरफ ने ट्रैफिक नियमों के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए सभी से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा, “अगर हम सब मिलकर प्रयास करें, तो गिरिडीह को दुर्घटनामुक्त जिला बना सकते हैं।”

    कार्यक्रम का संचालन रुद्रा फाउंडेशन के समन्वयक संतोष कुमार पांडेय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन रवि कुमार ने दिया।

    इस कार्यक्रम में पंचायत उपमुखिया रमेश कंधवे, रुद्रा फाउंडेशन के संतोष कुमार और रवि कुमार, युवा प्रतिनिधि सागर कुमार, रिजवाज अंसारी, प्रेम कुमार गुप्ता, आनंद कुमार समेत सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना था।