Tag: jharkhand police

  • रंगों में न घुले अशांति के रंग,होली पर प्रशासन सख्त, 24 घंटे अलर्ट मोड में

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू

    गिरिडीह: होली… यानी रंगों का त्योहार, हंसी का त्योहार, गिले-शिकवे मिटाने का त्योहार। लेकिन इस बार प्रशासन का संदेश बिल्कुल साफ है — रंगों में मस्ती हो, मगर मर्यादा भी हो। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि होली के नाम पर किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि या कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    संवेदनशील इलाकों में खास निगरानी.

    जिले के सभी संवेदनशील और अति-संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है। वहां अतिरिक्त दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस की गश्ती टीमें लगातार सड़कों पर भ्रमणशील रहेंगी और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाएं और शांति समिति के सदस्यों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें।

    डीजे और तेज ध्वनि पर सख्ती.

    उपायुक्त रामनिवास यादव ने साफ शब्दों में कहा है कि डीजे, तेज ध्वनि विस्तारक यंत्र और अश्लील गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। निर्धारित समय सीमा के बाद लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

    इसके अलावा—

    • शराब के नशे में वाहन चलाने वालों पर कड़ी नजर
    • सड़क पर हुड़दंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई
    • जबरन रंग लगाने जैसी घटनाओं पर तुरंत हस्तक्षेप

    ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

     सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर.

    इस बार सिर्फ सड़कों पर ही नहीं, सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
    भ्रामक, अफवाह फैलाने वाले या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साइबर सेल को 24 घंटे सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। आम लोगों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम या नजदीकी थाना को दें।

    आपात सेवाएं भी अलर्ट.

    पुलिस अधीक्षक डॉ बिमल कुमार ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहार के दौरान:

    • एंबुलेंस सेवा
    • फायर ब्रिगेड
    • चिकित्सा व्यवस्था सभी अलर्ट मोड में रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

     प्रशासन की अपील.

    प्रशासन ने आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से सहयोग की अपील की है।

    संदेश बिल्कुल स्पष्ट है —
    होली रंगों की हो, रिश्तों की हो, सम्मान की हो। अगर कोई शांति भंग करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस बार गिरिडीह में होली सिर्फ रंगों की नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की भी होगी।

     

  • गिरिडीह पुलिस की मानवीय पहल, बिरहोर समुदाय को मिली ठंड से राहत

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास व समन्वय को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में गिरिडीह पुलिस ने एक सराहनीय पहल की। इसी कड़ी में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक, गिरिडीह डॉक्टर बिमल कुमार ने सरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत अमनारी पंचायत के बिरहोर कॉलोनी पहुंचे, जहाँ उन्होंने ठंड से बचाव के लिए जरूरतमंदों के बीच कंबल व अन्य आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया।

    इस दौरान पुलिस अधीक्षक बिमल कुमार ने बिरहोर समुदाय के लोगों से सीधे संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और आश्वस्त किया कि गिरिडीह पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। पुलिस की इस संवेदनशील पहल से आदिवासी समुदाय के लोगों के चेहरे पर राहत और भरोसे की झलक साफ नजर आई।

    कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक के साथ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बगोदर–सरिया, समेत संबंधित थाना एवं ओपी प्रभारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर स्थानीय हालात का जायजा लिया और क्षेत्रीय मुद्दों पर जानकारी प्राप्त की।

    कार्यक्रम के पश्चात अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बगोदर–सरिया के कार्यालय में सभी संबंधित पुलिस पदाधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधि-व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए कई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए, ताकि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत बनी रहे।

    मानवीय संवेदना और प्रशासनिक सक्रियता का यह प्रयास पुलिस–जनसहभागिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

  • 10 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, डीजीपी बोले –2025 में झारखंड उग्रवाद मुक्त होगा

    परवेज़ आलम व

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    चाईबासा, झारखंड:  उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में झारखंड पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में 10 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। सरेंडर करने वालों में 3 नाबालिग भी शामिल हैं। डीजीपी अनुराग गुप्ता की मौजूदगी में हुए इस आत्मसमर्पण को राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

    डीजीपी अनुराग गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि झारखंड अब निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। पिछले 20 वर्षों से चले आ रहे उग्रवाद विरोधी संघर्ष में अब तक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 500 से अधिक जवानों व अधिकारियों ने शहादत दी है। उनकी कुर्बानी और लगातार चल रहे अभियानों की बदौलत ही आज नक्सलवाद लगभग समाप्ति की कगार पर है।

    गुप्ता ने दावा किया कि दिसंबर 2025 तक राज्य पूरी तरह से उग्रवाद मुक्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में झारखंड में केवल 40–45 सक्रिय उग्रवादी ही बचे हैं, जिनकी गतिविधियों को पुलिस और पैरामिलिट्री बलों ने सीमित दायरे में बांध दिया है। यही कारण है कि नक्सली या तो मारे जा रहे हैं या आत्मसमर्पण करने को मजबूर हो रहे हैं।

    डीजीपी ने चेतावनी दी कि अब नक्सलियों के पास केवल दो ही विकल्प बचे हैं—

    1. आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटकर समाज का हिस्सा बनें।
    2. या फिर पुलिस कार्रवाई में मारे जाएं।

    उन्होंने राज्य की सरेंडर पॉलिसी को देश की सबसे सफल नीति बताते हुए कहा कि यह भटके युवाओं को नई शुरुआत का मौका देती है। उन्होंने नक्सलियों से हिंसा छोड़कर शांति और विकास की राह अपनाने की अपील की।

    नशाखोरी और संगठित अपराध पर भी होगी सख्ती.

    इस दौरान डीजीपी ने मीडिया को बताया कि  पुलिस की कार्रवाई केवल नक्सलवाद तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ती नशाखोरी और संगठित आपराधिक गिरोहों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी। आने वाले महीनों में विशेष अभियान चलाकर ऐसे सभी अपराध नेटवर्क को तोड़ा जाएगा, ताकि झारखंड शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में और तेजी से आगे बढ़ सके।

    पिछले 10 महीनों का रिपोर्ट कार्ड.

    रिपोर्ट के अनुसार, 29 नवंबर 2024 से 23 सितंबर 2025 के बीच सुरक्षा बलों ने राज्य में 33 नक्सलियों को ढेर किया, 20 ने सरेंडर किया और 18 को गिरफ्तार किया गया।

    • भाकपा (माओवादी): 21 मारे गए, 7 गिरफ्तार, 4 ने सरेंडर किया।
    • जेजेएमपी (JJMP): 8 मारे गए, 16 ने सरेंडर किया, 3 गिरफ्तार।
    • टीएसपीसी (TSPC): 2 मारे गए, 6 गिरफ्तार।

    इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि टीएसपीसी और जेजेएमपी जैसे संगठन लगभग समाप्त हो चुके हैं। भाकपा (माओवादी) अब केवल सारंडा और कुछ इलाकों (हजारीबाग, चतरा) तक सीमित रह गया है।

    पुलिस की रणनीति और भविष्य.

    डीजीपी गुप्ता ने कहा कि उग्रवाद को खत्म करने के साथ-साथ समाज में जड़ें जमा रहे हर तरह के संगठित अपराध और नशे के कारोबार पर भी लगातार प्रहार किया जाएगा। आने वाले महीनों में चलाए जाने वाले अभियानों का लक्ष्य झारखंड को पूरी तरह शांति और विकास की राह पर लाना है।

  • आज़रबैजान से प्रत्यर्पण के बाद कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह भारत लाया गया

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू

    रांची एयरपोर्ट शनिवार को पुलिस के लिए ऐतिहासिक दिन का गवाह बना। कुख्यात गैंगस्टर सुनील मीणा उर्फ मयंक सिंह को आज़रबैजान से प्रत्यर्पण कर भारत लाया गया। झारखंड एटीएस (Anti-Terrorist Squad) के एसपी ऋषभ झा के नेतृत्व में एक विशेष टीम मयंक को लेकर रांची पहुंची। एयरपोर्ट से उसे कड़ी सुरक्षा के बीच बख़्तरबंद गाड़ी से सीधे रामगढ़ ले जाया गया।

    यह झारखंड पुलिस का पहला सफल प्रत्यर्पण है, और इस वजह से इसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    अपराधों का लंबा इतिहास.

    पुलिस रिकॉर्ड्स बताते हैं कि मयंक सिंह पर हत्या, रंगदारी, धमकी, फायरिंग और आपराधिक षड्यंत्र जैसे 45 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। वह कई सालों से फरार था और विदेश जाकर अपने नेटवर्क को सक्रिय रखे हुए था।

    सूत्रों का कहना है कि मयंक झारखंड, बंगाल और छत्तीसगढ़ में कोयला व परिवहन कारोबारियों से वसूली करता था। उसके इशारे पर हत्या और फायरिंग की घटनाएँ होती थीं।

    गैंग कनेक्शन.

    पुलिस के अनुसार, मयंक का सीधा संबंध लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू जैसे बड़े गैंगस्टरों से है। यही वजह थी कि उसे सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर ख़तरा माना जाता था।

    जांच में सामने आया कि सुनील मीणा पहले काम के सिलसिले में मलेशिया गया, जहां उसकी मुलाकात रोहित गोदारा, गोल्डी बरार और संपत नेहरा के ज़रिए लॉरेंस बिश्नोई से हुई। इसके बाद उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराध की दुनिया में कदम रखा।

    लॉरेंस के कहने पर उसने राजस्थान और पंजाब में हत्या, रंगदारी और गोलीबारी जैसी वारदातें अंजाम दीं। वह तब चर्चा में आया जब उसने राजस्थान के तत्कालीन मंत्री व कांग्रेस विधायक गोविंद राम मेघवाल से रंगदारी मांगी थी। यही नहीं, उसने राजस्थान के एक पेट्रोल पंप मालिक से पांच करोड़ रुपये की वसूली की मांग की थी और पैसे न देने पर फायरिंग करवा दी थी।

    विदेश भागकर भी अपराध जारी.

    पासपोर्ट रद्द होने के बाद सुनील ने डंकी रूट के जरिए सिंगापुर, ईरान, मैक्सिको और फिर अमेरिका तक का सफर तय किया। वहीं से वह अमन साहू गिरोह के लिए पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में युवाओं को भर्ती करता रहा।

    इसी दौरान उसने मयंक सिंह के साथ मिलकर झारखंड व आसपास के राज्यों में कोयला और परिवहन कंपनियों से वसूली की योजना बनाई।

    प्रत्यर्पण की पूरी प्रक्रिया.

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इंटरपोल की मदद से पहले उसका लोकेशन ट्रैक किया गया। इसके बाद भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और सीबीआई की इंटरपोल शाखा के सहयोग से प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई। कई महीनों की मेहनत के बाद आखिरकार अक्टूबर 2024 में मयंक सिंह आज़रबैजान के दातू में गिरफ्तार हुआ और अब भारत लाया गया।

    रांची एयरपोर्ट पर पहुंचे एसपी ऋषभ झा ने कहा –
    “यह झारखंड पुलिस के इतिहास का पहला प्रत्यर्पण है। हमें उम्मीद है कि विदेश में छिपे बाकी अपराधियों को भी जल्द प्रत्यर्पण या निर्वासन के जरिए वापस लाया जाएगा। इस सफलता का श्रेय पुलिस महानिदेशक, मुख्यमंत्री और राज्य व केंद्र सरकार के सहयोग को जाता है।”

    पुलिस मयंक सिंह से लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू गैंग से जुड़े रहस्यों की पड़ताल करेगी। उसे जल्द ही रामगढ़ की अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उसकी हिरासत की मांग करेगी।

    पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मयंक की गिरफ्तारी से झारखंड और पड़ोसी राज्यों में सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।

     

  • एक आईपीएस अधिकारी समेत 17 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को राष्ट्रपति पदकों

    The News Post4u.

    झारखंड पुलिस के लिए इस स्वतंत्रता दिवस पर गर्व का अवसर आने वाला है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को आदेश जारी करते हुए राज्य के एक आईपीएस अधिकारी समेत 17 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को विभिन्न श्रेणियों में वीरता, राष्ट्रपति और सराहनीय सेवा पदकों से सम्मानित करने की घोषणा की है।

    इस सूची में शामिल अधिकारी और जवानों को 15 अगस्त के दिन औपचारिक रूप से सम्मान प्रदान किया जाएगा। सम्मानित किए जाने वालों में पांच पुलिस अधिकारी और कर्मी को वीरता पदक, एक को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक, जबकि 11 को सराहनीय सेवा पदक मिलेगा।

    वीरता पदक प्राप्त करने वाले

    इन पदकों को उन पुलिस कर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान असाधारण साहस और बहादुरी का प्रदर्शन किया। झारखंड से इस सम्मान के लिए चुने गए नाम हैं:

    • सब-इंस्पेक्टर विनय कुमार
    • हेड कॉन्टेबल प्रमोद राय
    • कांस्टेबल वेद प्रकाश महतो
    • कांस्टेबल रामचंद्र महतो
    • कांस्टेबल कृष्णा मुर्मू

    राष्ट्रपति पदक (विशिष्ट सेवा) प्राप्त करने वाले

    • हवलदार कैलाश कुमार श्रेष्ठा — जिन्होंने अपने लंबे कार्यकाल में उत्कृष्ट कार्य और अनुकरणीय सेवा से विभाग का मान बढ़ाया।

    सराहनीय सेवा पदक प्राप्त करने वाले

    ये पदक उन पुलिसकर्मियों को दिए जाते हैं जिन्होंने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में अनुशासन, समर्पण और लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो। इस श्रेणी में झारखंड पुलिस के 11 अधिकारी और कर्मी शामिल हैं:

    • आईपीएस अनुरंजन किस्पोट्टा
    • डीएसपी मनोज कुमार राय
    • इंस्पेक्टर असित मोदी
    • एसआई दीपक पुंज
    • एएसआई महेंद्र महतो
    • हवलदार विजय थापा
    • कांस्टेबल विदेशी मांझी
    • कांस्टेबल अजय कुमार दुबे
    • हवलदार रंजीता कुजूर
    • कांस्टेबल पुष्पा औरैया
    • कांस्टेबल दीपक कुमार सिंह

    झारखंड पुलिस के लिए यह सम्मान न केवल राज्य की कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों का प्रमाण है, बल्कि उन जवानों के साहस और प्रतिबद्धता की भी पहचान है जो अपने कर्तव्य के प्रति हर परिस्थिति में समर्पित रहते हैं।

     

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के झारखंड दौरे को लेकर तैयारियां तेज

    मुख्य सचिव  ने दिए सुरक्षा और प्रोटोकॉल पुख्ता करने के निर्देश.

    For The News Post4u.

    रांची : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू  के झारखंड के  दो दिवसीय दौरे को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्य सचिव अलका तिवारी ने मंगलवार को देवघर, रांची और धनबाद के उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सुरक्षा से लेकर कार्यक्रम संचालन तक हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की और संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी। 31 जुलाई से 1 अगस्त तक राष्ट्रपति झारखंड मे रहेंगी ।

    ADVT.

    मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राष्ट्रपति के झारखंड प्रवास के दौरान हर छोटी-बड़ी व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि देवघर में सावन माह के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कांवरिया पथ को बिना प्रभावित किए राष्ट्रपति के एयरपोर्ट से एम्स तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित कर लिया गया है।

    गौरतलब है कि राष्ट्रपति मुर्मू का पूर्व निर्धारित झारखंड दौरा 10-11 जून को अपरिहार्य कारणों से स्थगित हो गया था। उस समय भी तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने राष्ट्रपति के झारखंड दौरे को “यादगार और गरिमामय” बनाने का निर्देश दिया था, जिसे इस बार भी दोहराया गया।

    कार्यक्रमों का ब्यौरा:

    • राष्ट्रपति देवघर में एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी।
    • इसके बाद वे धनबाद स्थित IIT (ISM) के दीक्षांत समारोह में भी शिरकत करेंगी।
    • रांची में भी उनके कुछ निर्धारित कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

    मुख्य सचिव ने राष्ट्रपति के आगमन से लेकर प्रस्थान तक की हर व्यवस्था के लिए स्पष्ट जवाबदेही तय की।

    • वाणिज्य कर विभाग के सचिव अमिताभ कौशल और आईजी अखिलेश कुमार झा को मुख्य नोडल अधिकारी बनाया गया है।
    • सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को पब्लिक एड्रेस सिस्टम और मीडिया व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है।

    प्रमुख तैयारियों पर हुई चर्चा:

    • राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थलों पर मंच व्यवस्था, राष्ट्रीय गान, रेड कार्पेट और बुके, कारकेड और आउट राइडर्स,
    • फोटोग्राफरों के लिए खुले वाहन, बैगेज वैन, छाता, ध्वनि विस्तारक यंत्र,
    • प्रमुख अतिथियों की सूची, मंच से बोलने वालों की सूची,
    • देवघर एयरपोर्ट से एम्स तक की सुरक्षा व्यवस्था,
    • चिकित्सा सुविधा, पेयजल, शौचालय, अग्निशमन व्यवस्था,
    • राष्ट्रपति के साथ आनेवाले अतिथियों के ठहराव और भोजन जैसी व्यवस्थाओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।

    देवघर, रांची और धनबाद के उपायुक्तों ने भी अपने-अपने जिलों में राष्ट्रपति के संपूर्ण प्रवास के लिए ब्लूप्रिंट प्रस्तुत किया। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि राष्ट्रपति के प्रत्येक कार्यक्रम प्रोटोकॉल के अनुरूप और शिष्टाचार पूर्ण वातावरण में संपन्न होंगे।

    मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया ताकि राष्ट्रपति का यह दौरा ना केवल सुरक्षित और सुव्यवस्थित हो, बल्कि राज्य की प्रतिष्ठा को भी ऊंचाई दे सके।

  • 3 अगस्त को झारखंड, बिहार समेत पांच राज्यों में नक्सली बंद का ऐलान

     — बढ़ते ऑपरेशनों के विरोध में नक्सलियों का प्रतिरोध

    By: परवेज़ आलम

    For The News Post4u.

    गिरिडीह/रांची: झारखंड और बिहार समेत पांच राज्यों में एक बार फिर नक्सली बंद का ऐलान किया गया है। प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने 3 अगस्त 2025 को झारखंड, बिहार, उत्तरी छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और असम में बंद का आह्वान किया है। बंद का उद्देश्य नक्सल ऑपरेशनों और लगातार हो रही मुठभेड़ों के विरोध में “जनविरोधी कार्रवाइयों” के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करना है।

    माओवादी संगठन का आरोप और बंद का मकसद.

    भाकपा (माओवादी) के पूर्वी रीजनल ब्यूरो के प्रवक्ता संकेत ने प्रेस रिलीज जारी कर इस बंद की जानकारी दी। बयान में कहा गया है कि ऑपरेशन कगार के तहत की जा रही “फासीवादी कार्रवाई” और विवेक उर्फ प्रयाग मांझी सहित आठ माओवादी कार्यकर्ताओं की हत्या का प्रतिशोध लेने के लिए यह बंद बुलाया गया है। संगठन का आरोप है कि राज्य और केंद्र सरकारें गरीब, आदिवासी और वंचित वर्गों को कुचलने के लिए जबरन सैन्य कार्रवाई कर रही हैं।

    जगह-जगह स्मृति सभा का भी ऐलान.

    नक्सलियों ने न सिर्फ बंद का ऐलान किया है, बल्कि अपने मारे गए कैडरों की स्मृति में देशभर में स्मृति सभाएं आयोजित करने की योजना भी बनाई है। इन सभाओं में अंडरग्राउंड समर्थकों को भाग लेने और जनसंपर्क बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि नक्सली संगठन इस बंद के माध्यम से एक बार फिर अपने खोते प्रभाव को पुनः स्थापित करने की कोशिश में है।

    पुलिस का प्रहार: 6 महीने में 17 नक्सली मारे गए, 197 गिरफ्तार.

    इस साल के पहले छह महीनों में झारखंड पुलिस और केंद्रीय बलों ने माओवादियों पर बड़ा शिकंजा कसते हुए 17 नक्सलियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। वहीं 197 नक्सलियों को गिरफ्तार भी किया गया है। कई इनामी माओवादी या तो मारे गए हैं या जेल पहुंच चुके हैं।

    कुछ प्रमुख मुठभेड़ की घटनाएं:

    • 21 जनवरी 2025: बोकारो जिले में एरिया कमांडर शांति देवी और कदर मनोज टुडू को मार गिराया गया।
    • 29 जनवरी 2025: चाईबासा में जोनल कमांडर संजय गंझू और एक करोड़ के इनामी नक्सली एनाल्डा की महिला मित्र हेमंत मांगियां को सुरक्षा बलों ने ढेर किया।
    • जनवरी 2025: रामगढ़ में आतंक का पर्याय बने राहुल तुरी को भी मार गिराया गया।
    • 21 अप्रैल 2025: झारखंड पुलिस के इतिहास का सबसे बड़ा एनकाउंटर, जिसमें एक साथ आठ नक्सली ढेर हुए, जिनमें सबसे चर्चित नाम था एक करोड़ के इनामी विवेक उर्फ प्रयाग मांझी का।
    • जुलाई 2025: बोकारो में पांच लाख के इनामी नक्सली कुंवर को भी मार गिराया गया।

    इन सभी कार्रवाइयों ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की सुरक्षा एजेंसियां माओवादियों के खिलाफ सख्त मोड में हैं और अब संगठन बैकफुट पर है।

    सुरक्षा एजेंसियों के लिए अलर्ट.

    3 अगस्त को प्रस्तावित बंद को देखते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। रेलवे, बस अड्डे, बाजार, खनन क्षेत्र और सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पिछली बार की तरह इस बार भी नक्सली हिंसा की आशंका को देखते हुए अतिसंवेदनशील जिलों में ड्रोन और सैटेलाइट निगरानी की व्यवस्था की जा रही है।

    जहां एक ओर माओवादी संगठन पुलिस कार्रवाई के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा बलों का दावा है कि उनका उद्देश्य केवल आम लोगों की सुरक्षा और शांति बहाल करना है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नक्सली बंद को कितना समर्थन मिल पाता है और क्या राज्य प्रशासन उस पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रख पाता है।

  • झारखंड पुलिस का रिपोर्ट कार्ड: माओवादी, साइबर और संगठित अपराध पर निर्णायक कार्रवाई, छह महीनों में दिखा असर

    रांची | राज्य ब्यूरो | 18 जुलाई 2025

    झारखंड पुलिस ने राज्य में माओवाद, साइबर ठगी, संगठित अपराध और मादक पदार्थ तस्करी जैसे अपराधों के खिलाफ बीते छह महीनों (जनवरी से जून 2025) में प्रभावी कार्रवाई कर अहम उपलब्धियां दर्ज की हैं। शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में आईजी अभियान डॉ. माइकल राज एस. ने इस छः माह की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड मीडिया के सामने प्रस्तुत किया।

    ▶ माओवादियों पर शिकंजा, बड़ी कार्रवाइयां.

    आईजी ने बताया कि राज्य में अब केवल 100 माओवादी-उग्रवादी ही सक्रिय बचे हैं, जिनमें 75 की मौजूदगी सारंडा (चाईबासा) क्षेत्र में है। बाकी 25 माओवादी अन्य जिलों में फैले हैं।

    इन छह महीनों में:

    • 197 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया।
    • 10 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया।
    • 17 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए, जिनमें एक करोड़ के इनामी प्रयाग मांझी, अरविंद यादव, साहेब राम मांझी, विनय गंझू और जेजेएमपी प्रमुख पप्पू लोहरा जैसे शीर्ष नेता शामिल हैं।
    • 113 हथियार बरामद हुए, जिनमें 31 हथियार पुलिस से लूटे गए थे।

    राज्य के कई माओवादी प्रभावित क्षेत्रों—जैसे पारसनाथ, बूढ़ा पहाड़, बुंडू-तमाड़ और चतरा-गया जोन को उग्रवाद मुक्त घोषित कर दिया गया है। उग्रवाद प्रभावित जिलों की संख्या घटकर 9 रह गई है, जिनमें मुख्य रूप से चाईबासा और लातेहार शामिल हैं।

    ▶ साइबर अपराध पर सख्त कार्रवाई.

    जनवरी से जून 2025 तक साइबर अपराध पर पुलिस ने खास ध्यान दिया:

    • 620 केस दर्ज किए गए, जिनमें 767 साइबर अपराधी गिरफ्तार हुए।
    • 54.35 लाख रुपये नकद, 1664 सिम कार्ड, 1283 मोबाइल, 135 एटीएम कार्ड, और कई वाहन जब्त किए गए।
    • साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर 11,910 शिकायतें दर्ज हुईं।
    • पुलिस ने 15.90 करोड़ रुपये फ्रीज किए और कोर्ट के माध्यम से 83.84 लाख रुपये पीड़ितों को वापस दिलवाए।

    ▶ मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान.

    मई 2025 तक पुलिस ने 389 केस दर्ज कर 393 आरोपियों को जेल भेजा। जब्त किए गए मादक पदार्थों का बाजार मूल्य करीब 20.44 करोड़ रुपये आंका गया:

    • 553 किलो गांजा,
    • 66 किलो अफीम,
    • 2.49 किलो ब्राउन शुगर,
    • 9950 किलो डोडा,
    • 7925 टैबलेट्स शामिल हैं।

    ▶ संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ सख्ती.

    झारखंड पुलिस की एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) और अन्य इकाइयों ने चार प्रमुख संगठित आपराधिक गिरोहों पर कार्रवाई करते हुए:

    • 12 अपराधियों को गिरफ्तार किया।
    • जिनमें पांडेय गिरोह, अमन साहू गिरोह, सुजीत सिन्हा गिरोह, और अमन श्रीवास्तव गिरोह के सदस्य शामिल थे।
    • चार हथियार और 21 कारतूस जब्त किए गए।

    धनबाद से प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्ब उत तहरीर के पांच सक्रिय सदस्य भी गिरफ्तार किए गए।

    ▶ पुलिस कल्याण और प्रोन्नति में प्रगति.

    • झारखंड पुलिस सहायता एवं कल्याण कोष से 622 परिवारों को ₹1.67 करोड़ की मदद दी गई।
    • 108 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति मिली।
    • 64 पुलिस इंस्पेक्टर को डीएसपी, और 9 एएसआई को सब-इंस्पेक्टर रैंक में प्रोन्नति दी गई।

    ▶ खेल में भी पुलिस का परचम.

    • झारखंड पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर एक गोल्ड, चार सिल्वर और कई ब्रॉन्ज मेडल प्राप्त हुए।
    • कोच्चि में ऑल इंडिया पुलिस बैडमिंटन व टेबल टेनिस प्रतियोगिता में 5 कांस्य पदक।
    • 38वें नेशनल गेम्स (उत्तराखंड) में 2 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य पदक पुलिस खिलाड़ियों ने झटके।

    आईजी डॉ. माइकल ने कहा कि यह रिपोर्ट झारखंड पुलिस की प्रतिबद्धता, सक्षमता और सुधार की दिशा में जारी प्रयासों का प्रमाण है। पुलिस विभाग का फोकस आगे भी अपराधियों पर नकेल कसने और जनता को सुरक्षित माहौल देने पर रहेगा।

     

  • JMM का आधिकारिक ‘X’ हैंडल हुआ हैक, सीएम ने पुलिस और X कॉर्प को किया अलर्ट

     — अपडेटेड साइबर अलर्ट.

    परवेज़ आलम.

    The News Post4U के लिए रिपोर्ट.

    रांची/नई दिल्ली:  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल @JmmJharkhand हैक कर लिया गया है। उन्होंने इस साइबर हमले के लिए “असामाजिक तत्वों” को जिम्मेदार ठहराया है और इस मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड पुलिस और सोशल मीडिया कंपनी X (पूर्व में ट्विटर) से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

    दिल्ली में रहकर दी जानकारी.

    गौरतलब है कि इस वक्त मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पिता और पार्टी के संस्थापक शिबू सोरेन के इलाज के सिलसिले में दिल्ली में हैं। इसी दौरान उन्होंने अपने व्यक्तिगत ‘X’ अकाउंट से एक पोस्ट साझा कर यह गंभीर सूचना सार्वजनिक की।

    उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा —

    “झामुमो का आधिकारिक X हैंडल @JmmJharkhand असामाजिक तत्वों द्वारा हैक कर लिया गया है। झारखंड पुलिस इस पर संज्ञान ले और शीघ्र जांच कर आवश्यक कार्रवाई करे। @XCorpIndia कृपया आप भी इस पर ध्यान दें।”

    मुख्यमंत्री की इस प्रतिक्रिया के बाद झारखंड पुलिस को मामले में तकनीकी जांच शुरू करने का निर्देश भी दे दिया गया है।

    क्या पोस्ट किया है हैकरों ने?

    हैक होने के कुछ ही समय बाद JMM के आधिकारिक X हैंडल से जो पहली पोस्ट साझा की गई, उसमें एक गिलहरी जैसी फोटो के साथ एक क्रिप्टोकरेंसी भुगतान पता (crypto wallet address) और संदेश लिखा था — “LIVE ON BONK”।
    इससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि यह एक क्रिप्टो स्कैम ग्रुप का काम हो सकता है, जिसका मकसद अकाउंट हैक कर पब्लिसिटी और आर्थिक लाभ उठाना होता है।

    एलन मस्क के X पर बड़ा साइबर हमला.

    यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि झारखंड मुक्ति मोर्चा का यह हैंडल सोशल मीडिया पर खासा सक्रिय रहता है और इसके 2 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं।
    ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) अब टेस्ला और स्पेसX के मालिक एलन मस्क के अधीन है। हेमंत सोरेन ने खुद X कॉर्पोरेशन को टैग करते हुए तकनीकी हस्तक्षेप की मांग की है ताकि हैकर्स को रोका जा सके और पार्टी की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित हो।

    झारखंड की राजनीति के लिए चेतावनी.

    विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह का साइबर हमला केवल एक डिजिटल उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक दलों की साइबर सुरक्षा में भारी खामी को उजागर करता है।
    झामुमो के आधिकारिक हैंडल को हैक किया जाना न सिर्फ पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि इससे राजनीतिक सूचनाओं के दुरुपयोग की भी आशंका बढ़ जाती है।

    झारखंड पुलिस की साइबर शाखा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं X कॉर्प की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
    हेमंत सोरेन और उनकी पार्टी उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही हैंडल को सुरक्षित कर लिया जाएगा और दोषियों को चिन्हित कर कड़ी सजा दी जाएगी।

     

     

  • मुहर्रम को लेकर पुलिस सख्त: डीजे पर पाबंदी, सोशल मीडिया पर खास नजर

    Edited By: परवेज़ आलम
    For: The News Post4U

    झारखंड में मोहर्रम पर्व को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद कर दी गई है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग गुप्ता ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSP) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उनका साफ कहना है कि शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह सड़क पर हो या सोशल मीडिया पर।

    डीजे बजाने पर सख्त पाबंदी.

    DGP ने स्पष्ट कर दिया है कि मोहर्रम के जुलूस में डीजे बजाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पर्व मातम का होता है, न कि जश्न का। ऐसे में डीजे बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, जैसा कि पहले रामनवमी के अवसर पर भी किया गया था। अगर किसी ने डीजे का इस्तेमाल किया, तो सीधी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम.

    पुलिस प्रमुख ने सभी जिलों में संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, और वीडियोग्राफी के निर्देश दिए हैं। जुलूस के रूट्स की जांच की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी मार्ग पर पत्थर या ईंट जैसी चीजें न हों, ताकि किसी तरह के उपद्रव की संभावना को खत्म किया जा सके।

    पुराने उपद्रवियों पर कड़ी नजर.

    DGP ने आदेश दिया है कि पहले से चिन्हित उपद्रवियों पर नजर रखी जाए और उन पर निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने सभी थानों और जिलों को शांति समिति की बैठक आयोजित करने को भी कहा है।

    सोशल मीडिया पर सख्त निगरानी.

    DGP अनुराग गुप्ता ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत एक्शन लेने का निर्देश दिया है। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि अगर कोई असामाजिक तत्व अफवाह फैलाने की कोशिश करता है, तो तुरंत उसकी पहचान कर कार्रवाई की जाए।

    पुलिस बलों के लिए व्यवस्था भी जरूरी.

    सिर्फ सुरक्षा नहीं, पुलिसकर्मियों की सुविधा का भी ख्याल रखा जा रहा है। DGP ने पुलिस बलों के लिए भोजन, आवास और पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश भी दिया है। साथ ही एंटी-रायट ड्रिल, बॉडी प्रोटेक्टर, और दंगा नियंत्रण उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

    हर जिले के एसपी होंगे ज़िम्मेदार.

    DGP ने डायल 112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को एक्टिव मोड में रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है, तो सीधी जिम्मेदारी संबंधित SP की होगी। हर जिले के एसपी को क्षेत्र भ्रमण करने और स्थानीय स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। DGP ने यह भरोसा जताया है कि पूरे झारखंड में मोहर्रम का त्योहार शांति और सौहार्द के माहौल में संपन्न होगा। लेकिन किसी भी तरह की लापरवाही या उकसावे को लेकर अब प्रशासन कतई माफ करने के मूड में नहीं है। जो नियम तोड़ेगा, उस पर कानून अपना काम करेगा।