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  • नगर निगम चुनाव की उल्टी गिनती शुरू,शहर की सियासत चरम पर

    परवेज़ आलम.

     The News Post4U.

    गिरिडीह नगर निगम चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। अब बस कुछ ही घंटे बचे हैं… और शहर की सियासत अपने चरम पर है। आपके शहर की सरकार कौन चलाएगा ? किसके हाथ होगी मेयर की कुर्सी? और कौन जीतेगा इस बार की “हॉट सीट”?

    चहुकोनिया मुकाबला… लेकिन असली टक्कर दो के बीच !

    कागज़ पर मुकाबला चार कोनों का दिख रहा है… लेकिन ज़मीन पर असली लड़ाई सिमटती दिख रही है दो चेहरों के बीच— भाजपा समर्थित उम्मीदवार डॉ शैलेन्द्र चौधरीऔर जेएमएम समर्थित प्रत्याशी प्रमिला मेहरा। लेकिन कहानी इतनी सीधी भी नहीं है…

    भाजपा के दो बागी चेहरे—नागेश्वर दास और प्रकाश दास—अब जेएमएम के पाले में जा चुके हैं। और भाजपा के ही बागी कामेश्वर पासवान… पार्टी के लिए गले की हड्डी बने हुए हैं। यानी…
    मुकाबला सिर्फ विरोधियों से नहीं, अपनों से भी है!

     कुल 16 उम्मीदवार मैदान में.

    मेयर पद के लिए 16 उम्मीदवार मैदान में हैं। तीन बड़े राजनीतिक समर्थन साफ दिख रहे हैं—

    • प्रमिला मेहरा को झामुमो का समर्थन
    • डॉ शैलेन्द्र चौधरी को भाजपा का समर्थन
    • समीर राज चौधरी को कांग्रेस का समर्थन

    पिछले चुनाव में समीर राज चौधरी 20,595 वोट लाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। इस बार सवाल ये है—क्या वे उस वोट बैंक को फिर से समेट पाएंगे?

    बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर.

    यह चुनाव सिर्फ स्थानीय नहीं है… यह प्रतिष्ठा की लड़ाई भी है। झारखंड सरकार में मंत्री और नगर विकास विभाग संभाल रहे सुदीव्य कुमार सोनू—गिरिडीह उनके ही क्षेत्र में आता है। उनकी साख भी इस चुनाव से जुड़ी है।

    दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी— साथ ही भाजपा के कई दिग्गज नेता—यहां आकर मोर्चा संभाल चुके हैं। यह लड़ाई मेयर की कुर्सी से आगे बढ़कर राजनीतिक संदेश की लड़ाई बन चुकी है।

    आंकड़ों की बात करें तो…

    गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र 36 वार्डों में बंटा है। कुल 137 बूथ हैं।
    कुल मतदाता—1 लाख 50 हजार 992. महिला मतदाता—75,725
    पुरुष मतदाता—75,266 और एक किन्नर मतदाता भी इस लोकतंत्र का हिस्सा है। अब सवाल—किसका गणित बैठेगा?

    गैर-दलीय चुनाव… लेकिन पूरी तरह दलीय रणनीति.

    कागज़ पर यह “गैर-दलीय” चुनाव है। लेकिन ज़मीन पर? पूरी तरह दलीय! राज्य के 48 शहरी निकायों में यही तस्वीर है। 23 फरवरी को मतदान होगा… और चार दिन बाद तस्वीर साफ हो जाएगी।

    सत्तारूढ़ गठबंधन के दो चेहरे—
    झारखंड मुक्ति मोर्चा और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस— यहां आमने-सामने हैं और तीसरे कोने पर मजबूती से खड़ी है भारतीय जनता पार्टी। यानी सीधी त्रिकोणीय जंग.

    सवाल आपके लिए…

    क्या वोट विकास पर पड़ेगा? या जातीय समीकरण पर? क्या मुस्लिम वोट निर्णायक होंगे?
    क्या हिंदू वोट गोलबंद होंगे ? क्या बागी उम्मीदवार खेल बिगाड़ देंगे? और सबसे बड़ा सवाल—
    क्या यह चुनाव 2029 की बड़ी राजनीतिक लड़ाइयों का ट्रेलर है?

    आख़िर में .

    सभी प्रत्याशी एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। जनसंपर्क, बैठकें, रणनीति, समीकरण… सब अपने चरम पर हैं । लेकिन अंत में फैसला आपके हाथ में है । 23 फरवरी को आप तय करेंगे—
    गिरिडीह की कमान किसे सौंपी जाए। चुनाव भले “गैर-दलीय” हो… लेकिन सियासत पूरी तरह “दलीय” हो चुकी है।

  • “हर घर तक पहुंचेगा पानी” — शैलेन्द्र चौधरी ने पेयजल संकट को बनाया चुनाव का मुख्य मुद्दा

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: नगर निगम क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी के बीच मेयर प्रत्याशी डॉ. शैलेन्द्र चौधरी का जनसंपर्क अभियान अब सीधे जनता की सबसे बड़ी जरूरत—पानी—पर केंद्रित हो गया है।

    तिरंगा चौक, वृंदावन अपार्टमेंट, महावीर गली, धोबिया गली, दर्जी मोहल्ला, टुंडी रोड सहित कई इलाकों में घर-घर पहुंचकर उन्होंने लोगों से संवाद किया। दरवाजे खुले, समस्याएं सामने आईं और बातचीत में एक मुद्दा सबसे ऊपर रहा—पेयजल संकट।

    “नीचे की मंजिल तक नहीं पहुंचता पानी”

    स्थानीय लोगों ने बताया कि कई मोहल्लों में हालात इतने खराब हैं कि नीचे की मंजिलों तक भी पानी नहीं पहुंच पाता। कहीं प्रेशर इतना कम है कि मोटर के बिना काम नहीं चलता।
    इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ रहा है—पानी भरने के लिए अतिरिक्त मेहनत, रोज की जद्दोजहद और अनिश्चितता।

    ठोस समाधान का वादा.

    डॉ. शैलेन्द्र चौधरी ने भरोसा दिलाया कि मेयर बनने के बाद इन इलाकों में जलापूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा।

    • नई ओवरहेड पानी टंकी का निर्माण
    • पुरानी पाइपलाइन की जांच और मरम्मत
    • जरूरत पड़ने पर नई पाइपलाइन बिछाने की योजना
    • हर घर तक पर्याप्त दबाव के साथ जलापूर्ति सुनिश्चित करना

    उन्होंने स्पष्ट कहा, “पानी सुविधा नहीं, बुनियादी अधिकार है। इसके लिए लोगों को संघर्ष नहीं करना चाहिए।”

    दो समय नियमित जलापूर्ति का आश्वासन.

    चुनावी घोषणा में एक और बड़ा वादा किया गया—नगर निगम क्षेत्र में प्रतिदिन दो बार नियमित जलापूर्ति, सुबह और शाम। ताकि नागरिकों को पानी के लिए भागदौड़ न करनी पड़े और दैनिक जरूरतें सुचारु रूप से पूरी हो सकें।

    विकास और जवाबदेही की बात.

    जनसंपर्क के दौरान लोगों का समर्थन उत्साहजनक दिखा। डॉ. चौधरी ने कहा कि जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता चाहती है।
    उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे नगर के सर्वांगीण विकास के इस संकल्प में सहभागी बनें और एक संवेदनशील, कर्मठ एवं जवाबदेह नेतृत्व को समर्थन दें।

    चुनाव की इस तपिश में पानी का मुद्दा अब केंद्र में है। सवाल यह है—क्या इस बार नगर की प्यास सच में बुझेगी?

     

  • “हर वार्ड में लाइब्रेरी, हर गली में सीसीटीवी” — प्रमिला मेहरा का जनसंपर्क अभियान तेज

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: नगर निगम क्षेत्र में चुनावी हलचल तेज है। महापौर प्रत्याशी प्रमिला मेहरा इन दिनों वार्ड-वार्ड, गली-गली घूमकर लोगों से आशीर्वाद मांग रही हैं। उनके जनसंपर्क अभियान में स्थानीय मुद्दों की साफ झलक दिख रही है—पढ़ाई, सुरक्षा और खेलकूद को लेकर बड़े वादे किए जा रहे हैं।

    जनसंपर्क के दौरान प्रमिला मेहरा ने कहा, “अगर जनता का आशीर्वाद मिला तो हर वार्ड में विद्यार्थियों के लिए लाइब्रेरी खोली जाएगी। आज बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर-दूर तक निजी लाइब्रेरी जाना पड़ता है। खासकर बेटियों को इससे ज्यादा परेशानी होती है। मैं मेयर बनी तो यह सुविधा उनके अपने वार्ड में ही उपलब्ध कराऊंगी।”

    उन्होंने शिक्षा को नगर विकास की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि एक सशक्त शहर की नींव पढ़े-लिखे युवाओं से ही मजबूत होती है।

    सुरक्षा पर फोकस.

    प्रमिला मेहरा ने शहरी सुरक्षा को लेकर भी बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा कि हर गली, हर चौक-चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि अपराध पर नियंत्रण हो और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।

    खेल और युवाओं के लिए योजना.

    उन्होंने घोषणा की कि हर वार्ड में खेल मैदान विकसित किया जाएगा, ताकि बच्चों और युवाओं को खेलकूद की सुविधाएं मिल सकें और वे स्वस्थ जीवनशैली की ओर बढ़ें।

    वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंदों को प्राथमिकता.

    प्रमिला मेहरा ने कहा कि मेयर बनने पर वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद परिवारों के कार्यों को प्राथमिकता के साथ निश्चित समय सीमा में पूरा किया जाएगा।

    हर वार्ड में बनेगी कमेटी, लगेगा जनता दरबार.

    उन्होंने यह भी ऐलान किया कि हर वार्ड में वार्ड कमेटी का गठन कर उसे सशक्त बनाया जाएगा। योजनाओं के चयन में वार्ड कमेटी की सीधी भागीदारी होगी।
    साथ ही, जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हर महीने हर वार्ड में जनता दरबार लगाया जाएगा।

    जनसंपर्क अभियान के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। मौके पर राकेश कुमार राकी, शाहनवाज अंसारी, मो तुफान, सोनू एजाज, अल्कामा, मो वसीम राजा, डना बाबू, मो शेरू, मो नैयर, सतार अंसारी, सुशील शर्मा, मो पलटन, मो गांधी, मो चांद, मो पप्पु, गीता शर्मा, प्रमिला कुमारी सहित दर्जनों कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।

    इसके अलावा राकेश कुमार रॉकी, हरिमोहन कंधवे, प्रमोद कंधवे, विनय खेतान, बंटी केडिया, संतु कंधवे, गोपाल बगेड़िया, टिंकू सिंह, योगेन्द्र सिंह, सोनू कुमार, किशोर दास सहित कई स्थानीय लोग भी अभियान में सक्रिय दिखे।

    चुनाव की इस सरगर्मी के बीच अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इन वादों को कितना समर्थन देती है और नगर निगम की बागडोर किसके हाथों में सौंपती है।

  • प्रमिला मेहरा का जनसंपर्क तेज, बोलीं— “बेटी को मौका दीजिए, शहर को नई दिशा मिलेगी”

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: नगर निगम चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, सियासी सरगर्मी भी तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में महापौर प्रत्याशी प्रमिला मेहरा ने शहर के विभिन्न मोहल्लों में जोरदार जनसंपर्क अभियान चलाया। घर-घर पहुंचकर उन्होंने लोगों से आशीर्वाद मांगा और भावनात्मक अपील करते हुए कहा, “आपकी बेटी, आपकी बहन चुनाव मैदान में है। अगर आप मुझे मेयर बनाते हैं तो गिरिडीह का समुचित और संतुलित विकास सुनिश्चित करूंगी।”

    जनसंपर्क के दौरान प्रमिला मेहरा ने स्थानीय समस्याओं—जल संकट, सफाई व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं—को प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि वह शहरी क्षेत्र की परेशानियों से भली-भांति परिचित हैं और मेयर बनने के बाद निश्चित समय सीमा में समाधान सुनिश्चित करेंगी।

    महाशिवरात्रि के अवसर पर उन्होंने विभिन्न मंदिरों में महादेव की पूजा-अर्चना कर शहर की सुख-समृद्धि की कामना भी की।

    रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग होगा प्राथमिक एजेंडा.

    प्रमिला मेहरा ने अपने विज़न को स्पष्ट करते हुए कहा कि गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि लगातार गिरते भूजल स्तर को रोका जा सके। उनका दावा है कि इससे आने वाले वर्षों में शहर को पानी की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।

    उन्होंने “हर घर नल जल” की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी वादा किया और कहा कि जल संकट का स्थायी समाधान उनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।

    समर्थकों का दिखा उत्साह.

    जनसंपर्क अभियान में इरशाद अहमद वारिस , नऔषद अहमद चांद ,राकेश कुमार राकी, अभय सिंह, सुमेर वर्मा, रौनक मिश्रा, अभय कुमार, सन्नी सिंह, विवेक सिन्हा, नंदकिशोर सिंह, बासुदेव यादव, मो. इम्तियाज, उमेश यादव, अंजली सोरेन, नंदू सिंह, गीता शर्मा, प्रमिला कुमारी, सुशील शर्मा, शाहनवाज अंसारी, मो. तुफान, सोनू एजाज, अल्कामा, मो. वसीम राजा, मो. पप्पू सहित दर्जनों समर्थक मौजूद रहे।

    चुनावी मौसम में अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता “बेटी” की इस अपील को कितना समर्थन देती है और शहर की सरकार की सत्ता की चाबी किसके हाथों में जाती है।