द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह: नगर निगम क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी के बीच मेयर प्रत्याशी डॉ. शैलेन्द्र चौधरी का जनसंपर्क अभियान अब सीधे जनता की सबसे बड़ी जरूरत—पानी—पर केंद्रित हो गया है।
तिरंगा चौक, वृंदावन अपार्टमेंट, महावीर गली, धोबिया गली, दर्जी मोहल्ला, टुंडी रोड सहित कई इलाकों में घर-घर पहुंचकर उन्होंने लोगों से संवाद किया। दरवाजे खुले, समस्याएं सामने आईं और बातचीत में एक मुद्दा सबसे ऊपर रहा—पेयजल संकट।
“नीचे की मंजिल तक नहीं पहुंचता पानी”
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई मोहल्लों में हालात इतने खराब हैं कि नीचे की मंजिलों तक भी पानी नहीं पहुंच पाता। कहीं प्रेशर इतना कम है कि मोटर के बिना काम नहीं चलता।
इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ रहा है—पानी भरने के लिए अतिरिक्त मेहनत, रोज की जद्दोजहद और अनिश्चितता।
ठोस समाधान का वादा.
डॉ. शैलेन्द्र चौधरी ने भरोसा दिलाया कि मेयर बनने के बाद इन इलाकों में जलापूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा।
- नई ओवरहेड पानी टंकी का निर्माण
- पुरानी पाइपलाइन की जांच और मरम्मत
- जरूरत पड़ने पर नई पाइपलाइन बिछाने की योजना
- हर घर तक पर्याप्त दबाव के साथ जलापूर्ति सुनिश्चित करना
उन्होंने स्पष्ट कहा, “पानी सुविधा नहीं, बुनियादी अधिकार है। इसके लिए लोगों को संघर्ष नहीं करना चाहिए।”
दो समय नियमित जलापूर्ति का आश्वासन.
चुनावी घोषणा में एक और बड़ा वादा किया गया—नगर निगम क्षेत्र में प्रतिदिन दो बार नियमित जलापूर्ति, सुबह और शाम। ताकि नागरिकों को पानी के लिए भागदौड़ न करनी पड़े और दैनिक जरूरतें सुचारु रूप से पूरी हो सकें।
विकास और जवाबदेही की बात.
जनसंपर्क के दौरान लोगों का समर्थन उत्साहजनक दिखा। डॉ. चौधरी ने कहा कि जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता चाहती है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे नगर के सर्वांगीण विकास के इस संकल्प में सहभागी बनें और एक संवेदनशील, कर्मठ एवं जवाबदेह नेतृत्व को समर्थन दें।
चुनाव की इस तपिश में पानी का मुद्दा अब केंद्र में है। सवाल यह है—क्या इस बार नगर की प्यास सच में बुझेगी?






