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  • झामुमो छात्र विंग का शक्ति प्रदर्शन, एकदिवसीय सम्मेलन में जुटे सैकड़ों विद्यार्थी

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

     

    सम्मेलन के मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी केवल डिग्री लेने वाला वर्ग नहीं, बल्कि समाज, राज्य और देश का भविष्य होते हैं।”
    उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी विषय या मुद्दे पर सवाल करने की क्षमता विकसित करें।
    मंत्री ने कहा—
    कोई कुछ कह दे, तो आँख मूंदकर उस पर भरोसा मत कीजिए। सोचिए, समझिए और सवाल उठाइए।”

    विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइज़ैक न्यूटन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सेब नीचे ही क्यों गिरा—यह सवाल उनके मन में आया और वहीं से गुरुत्वाकर्षण के नियम की खोज हुई।
    उन्होंने युवाओं को नवाचार और वैज्ञानिक सोच अपनाने की प्रेरणा दी।

    मोबाइल फोन के बढ़ते प्रभाव पर बोलते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि मोबाइल युवाओं पर सकारात्मक और नकारात्मक—दोनों तरह का प्रभाव डाल रहा है।
    चुनाव आपको करना है कि आप इसे किस दिशा में ले जाते हैं,” उन्होंने कहा।

    देश की मौजूदा राजनीति पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने कहा कि कोई चाहे भारत को एक रंग में रंगने की कोशिश करे, लेकिन यह संभव नहीं है।
    भारत को पूरी दुनिया विविधता में एकता के देश के रूप में जानती है। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत और खूबसूरती है,” उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो के जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि जीवन में अनुशासन सबसे बड़ा हथियार है।
    उन्होंने नगर विकास मंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गिरिडीह में विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज बहुत जल्द शुरू होने जा रहे हैं, जो जिले के छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

    झामुमो के वरिष्ठ नेता एवं जमुआ के पूर्व विधायक केदार हाजरा ने कहा कि
    एक अच्छा विद्यार्थी ही आगे चलकर एक अच्छा नागरिक बनता है।”

    सम्मेलन के दौरान झारखंड छात्र मोर्चा के नेता अभय कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों विद्यार्थियों ने झामुमो छात्र मोर्चा की सदस्यता ग्रहण की। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सभी नव-शामिल छात्रों को माला पहनाकर और पार्टी का पट्टा पहनाकर संगठन में शामिल कराया।
    छात्र नेता अभय कुमार ने संगठन को पूरी ताकत से मजबूत करने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम में झामुमो के जिला उपाध्यक्ष शाहनवाज अंसारी, महानगर अध्यक्ष रॉकी सिंह, जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष सुमित कुमार, जिला सह सचिव दिलीप कुमार, राकेश कुमार सिंह, मोनू सिंह, अभय सिंह, मेहताब मिर्जा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

    इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की भागीदारी ने सम्मेलन को ऐतिहासिक बना दिया।
    कार्यक्रम में बड़ी यादव, डब्लू यादव, सुमेर वर्मा, आदित्य यादव, बिट्टू यादव, आशीष सिंह, रोहित मंडल, अंकित राज, राज पांडे, आशीष यादव, शिवम देव, रंजन वर्मा, विशाल झा, आर्यन वर्मा, प्रिंस प्रभाकर, सुजीत मंडल, पंकज साव, सागर, बंटी यादव, रोहन तूरी सहित सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित थे।

    सम्मेलन ने साफ संदेश दिया कि गिरिडीह में छात्र राजनीति एक नई दिशा और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है।

     

  • गिरिडीह सहित पूरे झारखंड में धूमधाम से मनाया गया मिलाद-उन-नबी

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : आज पूरे झारखंड, खासकर गिरिडीह जिले में मिलाद-उन-नबी का पर्व बड़े ही अकीदत और जोश-ओ-ख़रोश के साथ मनाया गया। इस्लामी कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-उल-अव्वल की 12वीं तारीख को पैगंबर हज़रत मोहम्मद सलल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्मदिन की खुशी में यह पर्व मनाया जाता है।

    सुबह से ही शहर की गलियों और चौक-चौराहों पर जश्न का माहौल देखने को मिला। मौलाना आज़ाद चौक, बीबीसी रोड, स्टेशन रोड, विट्टी बाज़ार, कोल्डीहा, भंडारीडीह, मोहनपुर, बरवाडीह और बुढ़ियाखाद समेत जिलेभर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़े-बड़े जुलूस निकाले। इन जुलूसों में नन्हें बच्चे से लेकर बुज़ुर्ग तक शामिल हुए और इस्लामी परचम लहराते नज़र आए।

    गिरिडीह के विधायक और राज्य सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू भी मौलाना आज़ाद चौक से लेकर बरवाडीह करबला मैदान तक जुलूस में शरीक हुए और क़ियादत की। उनके साथ इरशाद अहमद वारिस, हाजी सईद अख़्तर, मो. चाँद सहित कई अन्य मुस्लिम रहनुमा भी मौजूद थे।

    करबला मैदान में एक भव्य जलसे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उलेमा, इमाम और वक्ताओं ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने पैगंबर मोहम्मद सलल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं को मानवता के लिए अनमोल बताया। वक्ताओं ने कहा कि पैगंबर का जीवन इंसानियत, समानता, मोहब्बत और भाईचारे की मिसाल है, जिसे अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी ज़रूरत है।

    इतिहास के पन्नों को देखें तो 570 ईस्वी में मक्का की पवित्र धरती पर हज़रत मोहम्मद सलल्लाहु अलैहि वसल्लम का जन्म हुआ था। उन्होंने ताउम्र लोगों को नफरत छोड़कर अमन और इंसाफ़ की राह अपनाने की शिक्षा दी।

    आज के दिन मस्जिदों और मदरसों में कुरान-ख़्वानी हुई, विशेष दुआएं की गईं और जुलूसों के ज़रिए मोहब्बत और भाईचारे का संदेश दिया गया। पूरा शहर रोशनी और सजावट से जगमगाता नज़र आया। बच्चे, नौजवान और बुज़ुर्ग सभी ने इस दिन को उत्साह और श्रद्धा से मनाया और यह संकल्प लिया कि पैगंबर के बताए रास्ते पर चलकर समाज में मोहब्बत और इंसानियत को बढ़ावा देंगे।

    आज जब दुनिया में नफरत और बंटवारे की आवाज़ें तेज हो रही हैं, मिलाद-उन-नबी हमें यह याद दिलाता है कि मोहम्मद साहब की असल तालीम अमन, बराबरी और इंसानियत के लिए थी।

  • गिरिडीह :आईएमए का पहला इंस्टॉलेशन समारोह, मंत्री ने डॉक्टरों से समाजहित में आगे आने की अपील की

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह के एक स्थानीय होटल में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का पहला इंस्टॉलेशन समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया। इस मौके पर राज्य सरकार के नगर विकास, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में आईएमए झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर ए. के. सिंह, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉक्टर सिद्धार्थ सन्याल, तथा शहर के अनेक नामचीन चिकित्सक शामिल हुए।

    मंत्री ने दिए संदेश.

    समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि आईएमए एक प्रतिष्ठित संगठन है, जिसने हमेशा डॉक्टरों के हितों की लड़ाई लड़ी है। उन्होंने डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे समाज सेवा में भी सक्रिय भूमिका निभाएँ।

    “मैं आईएमए से अपेक्षा करता हूँ कि गरीब, असहाय और प्रतिभाशाली बच्चों के भविष्य को सँवारने में संस्था आगे आए। एक जनप्रतिनिधि के तौर पर मैं हरसंभव सहयोग देने को तैयार हूँ,” – मंत्री सोनू ने कहा।

    गरिमामय शुरुआत और सम्मान समारोह.

    कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद मंत्री और उपस्थित अतिथियों ने नए पदाधिकारियों को अंगवस्त्र और बुके देकर सम्मानित किया। इस मौके पर चिकित्सकों के योगदान को सराहते हुए उन्हें शॉल और स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए गए।

    सांस्कृतिक प्रस्तुति ने बाँधा समां.

    समारोह में छोटी बच्चियों आराध्या और आराधना ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने डॉक्टरों और मेहमानों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम के अंत में दोनों बच्चियों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया।

    नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का संकल्प.

    नवनिर्वाचित आईएमए अध्यक्ष डॉक्टर मो. रियाज अहमद ने कहा कि आने वाले समय में संस्था न केवल चिकित्सकों के हितों की रक्षा करेगी, बल्कि सामाजिक कर्तव्यों के निर्वहन में भी अग्रणी भूमिका निभाएगी।
    सचिव डॉक्टर रितेश सिन्हा और कोषाध्यक्ष डॉक्टर नूतन लाल समेत पूरी टीम ने समाज और स्वास्थ्य क्षेत्र के बीच मजबूत पुल बनने का आश्वासन दिया।

    बड़ी संख्या में चिकित्सक और गणमान्य रहे मौजूद.

    इस अवसर पर डॉक्टर शिला वर्मा, डॉक्टर एस. के. डोकानिया, डॉक्टर रेखा झा, डॉक्टर प्रभात कुमार, डॉक्टर विकास माथुर, डॉक्टर राजीव कुमार, डॉक्टर बी. हेम्ब्रम, डॉक्टर विनय गुप्ता, डॉक्टर बी. एन. झा, डॉक्टर राजेश चंद्रा सहित शहर के कई प्रतिष्ठित डॉक्टर मौजूद थे। इसके अलावा मनीषा जालान, उत्तम जालान, एस. बी. चौधरी, आयशा अहमद, अमीरुद्दीन अहमद, इरशाद अहमद वारिस, बैरिस्टर फरदीन अहमद समेत अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

     

     

  • नगर विकास मंत्री ने दो करोड़ की 14 विकास योजनाओं का किया शिलान्यास

     

    नई पेयजल योजना पर भी काम जल्द-मंत्री

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क

    गिरिडीह : नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने शनिवार को नगर निगम क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 14 योजनाओं का शिलान्यास किया।

    इस मौके पर मंत्री ने सबसे पहले स्टेशन रोड स्थित वीर कुंवर सिंह चौक पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद नगर निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सभी योजनाओं की आधारशिला रखी।

    कार्यक्रम में उपनगर आयुक्त प्रशांत कुमार लायक, झामुमो नेता अजीत कुमार पप्पू, राकेश रंजन, रॉकी सिंह, सईद अख्तर, सैफ अली गुड्डु सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

    दुर्गा पूजा से पहले मिलेगी राहत.

    सभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का क्रियान्वयन शहरी परिवहन और नागरिक सुविधा मद की राशि से किया जा रहा है। आगामी दुर्गा पूजा के दौरान शहरवासियों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए ही प्राथमिकता के आधार पर इन योजनाओं का चयन किया गया है।

    पेयजल संकट के समाधान की दिशा में पहल.

    मंत्री सुदिव्य कुमार ने गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में पुराने शहरी पेयजलापूर्ति योजना को वर्तमान परिस्थितियों के लिए अपर्याप्त बताते हुए कहा कि बढ़ती आबादी के हिसाब से अब नई योजना की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि कई वार्डों में अभी भी नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है, जिसके कारण नागरिक परेशान हैं।

    उन्होंने आश्वासन दिया कि गिरिडीह शहर को एक नई पेयजल आपूर्ति योजना की सौगात जल्द मिलेगी। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने पर विचार चल रहा है।

    मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि बुनियादी नागरिक सुविधाओं को मजबूत किया जाए और हर घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

     

  • अगले दस सालों में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा बेहद मजबूत होगी –पीएम मोदी

    रांची में परंपरा टूटी—राज्यपाल ने किया ध्वजारोहण.

    गिरिडीह में भी जोश और गर्व के साथ उत्सव. मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया.

     परवेज़ आलम.

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    गिरिडीह / रांची / नई दिल्ली – 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में देशभक्ति का माहौल गूंज उठा। दिल्ली के लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए न केवल स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को याद किया, बल्कि देश के सामने खड़ी एक गंभीर चुनौती की ओर भी ध्यान आकर्षित किया—घुसपैठ और इसके कारण बदलती डेमोग्राफी। इस मौके पर उन्होंने हाई पावर डेमोग्राफी मिशन की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने करीब 103 मिनट के लंबे भाषण में कई ऐलान किए. उन्होंने इस संबोधन में सुदर्शन चक्र को लॉन्च करने की बात कही. पीएम मोदी ने कहा कि यह देश का महत्वाकांक्षी सुदर्शन चक्र मिशन है, जिसका उद्देश्य अगले दस सालों में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है. उन्होंने आत्मनिर्भरता पर भी काफी जोर दिया.

    घुसपैठ और डेमोग्राफी बदलाव पर पीएम मोदी का संदेश

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा—

    “मैं आज देशवासियों को एक गंभीर साजिश से आगाह करना चाहता हूं। सुनियोजित तरीके से देश की डेमोग्राफी बदली जा रही है। ये घुसपैठिए हमारे नौजवानों की रोजी-रोटी छीन रहे हैं, हमारी बहन-बेटियों को निशाना बना रहे हैं, और भोले-भाले आदिवासियों को भ्रमित कर उनकी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। यह देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।”

    उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह का डेमोग्राफिक बदलाव राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है और सामाजिक तनाव को जन्म देता है।
    प्रधानमंत्री ने भावुक अपील करते हुए कहा कि यह स्वतंत्र भारत के लिए किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकता।

    “हमारे पूर्वजों ने त्याग और बलिदान से यह आजादी हासिल की है। उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम अपने देश को घुसपैठियों के हवाले न होने दें।”

    इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि हाई पावर डेमोग्राफी मिशन’ तय समय सीमा में इस संकट से निपटने के लिए रणनीतिक और सख्त कदम उठाएगा।

    नक्सलवाद पर प्रहार: 125 से घटकर 20 जिले.

    प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा—

    “एक समय था जब 125 जिलों में नक्सलवाद अपनी जड़ें जमा चुका था, खासकर हमारे आदिवासी क्षेत्रों में। आज वह संख्या घटकर केवल 20 जिलों तक रह गई है। हमने उन जनजातीय समाजों को माओवाद के चंगुल से निकालकर विकास की राह पर अग्रसर किया है।”

    उन्होंने बस्तर का उदाहरण देते हुए कहा कि जो इलाका कभी बारूद और गोलियों की आवाज से गूंजता था, आज वहां के युवा खेलों में हिस्सा लेकर ओलंपिक के सपने देख रहे हैं।
    रेड कॉरिडोर से ग्रीन कॉरिडोर बनने तक की इस यात्रा को उन्होंने विकास, संविधान और कानून की जीत बताया।

    रांची में परंपरा टूटी—राज्यपाल ने किया ध्वजारोहण.

    राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में 79वें स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण का ऐतिहासिक पल देखने को मिला। इस बार यह सम्मान राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को मिला।
    आमतौर पर यहां ध्वजारोहण मुख्यमंत्री करते आए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पिता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म में व्यस्त होने के कारण शामिल नहीं हो सके।

    ध्वजारोहण के तुरंत बाद राष्ट्रगान की धुन से पूरा मैदान देशभक्ति के रंग में रंग गया। राज्यपाल ने अपने संबोधन में शहीदों को नमन किया और शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की।

    गिरिडीह में भी जोश और गर्व के साथ तिरंगे का उत्सव.

    गिरिडीह के ऐतिहासिक झंडा मैदान में राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड का निरीक्षण किया।
    इस मौके पर डीसी रमनिवास यादव, एसपी डॉ. बिमल कुमार, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

    अपने संबोधन में मंत्री ने कहा—“यह दिन केवल गर्व का क्षण नहीं, बल्कि उन ज्ञात और अज्ञात शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है, जिन्होंने अपने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से हमें यह स्वतंत्रता दिलाई। उनका बलिदान हमें राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।”

    उन्होंने जिले और राज्य में चल रही विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए सभी को देश की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए कार्य करने की शपथ दिलाई। साथ ही शिबू सोरेन को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

     

  • गिरिडीह हिंसा : विधानसभा में भाजपा का हंगामा,मंत्री सुदिव्य कुमार ने सरकार की तरफ से संभाला मोर्चा

    परवेज़ आलम
    झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 12वें दिन गिरिडीह में होली के दौरान हुई हिंसा का मामला गरमा गया। इस मुद्दे पर विपक्षी दल भाजपा ने जमकर हंगामा किया और सरकार पर निष्पक्ष कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस घटना पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। भाजपा विधायकों की मांग और हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दुबारा सदन शुरू हुआ तो मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखते हुये कहा कि प्रशासन ने इस पूरे मामले में संयम से काम लिया और स्थिति को बिगड़ने से रोका। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए इस मामले को एकतरफा तरीके से पेश कर रही है।

    नेता प्रतिपक्ष ने पुलिस की भूमिका पर सवाल
    बाबूलाल मरांडी ने विधानसभा में गिरिडीह हिंसा का मामला उठाया और कहा कि धनवार थाना क्षेत्र के घोड़थंभा में होली खेलने वाली युवाओं की टोली को पुलिस ने जबरन रोका। इसके बाद एक समुदाय के लोगों ने पेट्रोल बम, बोतलों और पत्थरों से हमला कर दिया। इस हिंसा में कई दुकानों और गाड़ियों में आग लगा दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस दौरान मूकदर्शक बनी रही और बाद में कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों से 40-40 लोगों को नामजद कर 11-11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। मरांडी ने इस कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण करार देते हुए कानून-व्यवस्था पर विशेष चर्चा की मांग की।

    सत्तापक्ष का जवाब और विपक्ष का विरोध
    संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने विपक्ष की मांग को खारिज करते हुए कहा कि गिरिडीह हिंसा पर चर्चा गृह विभाग की अनुदान मांगों के दौरान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में राजनीति करना उचित नहीं है और सभी को संवेदनशीलता के साथ इस विषय पर चर्चा करनी चाहिए।
    कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि जहां एक ओर इस हिंसा की निंदा होनी चाहिए, वहीं उन क्षेत्रों की सराहना भी की जानी चाहिए जहां हिंदू-मुस्लिम समुदायों ने मिलकर सौहार्दपूर्ण तरीके से होली मनाई। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे लोगों को विधानसभा से बधाई संदेश भेजा जाए, ताकि समाज में भाईचारे का संदेश जाए।

    भाजपा का हंगामा, कार्यवाही बाधित
    भाजपा विधायकों ने तुरंत चर्चा की मांग को लेकर सदन में हंगामा जारी रखा और वेल में आकर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। हंगामे के कारण प्रश्नकाल की कार्यवाही बाधित हो गई और विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
    मंत्री इरफान अंसारी का भाजपा पर हमला
    गिरिडीह हिंसा पर जारी सियासी घमासान विधानसभा परिसर के बाहर भी जारी रहा। मंत्री इरफान अंसारी ने भाजपा नेताओं पर आरोप लगाया कि वे इस घटना का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास गिरिडीह जाकर माहौल भड़काने का काम कर रहे हैं, जो उचित नहीं है।
    मंत्री अंसारी ने चेतावनी दी कि भाजपा नेताओं को झारखंड का माहौल बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा और राज्य सरकार कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने भाजपा नेताओं के दबाव में आकर मुकदमा दर्ज किया है और वे इस मामले को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने उठाएंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी लोग दोषी हैं उन पर कार्रवाई होगी, भाईचारगी किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं दी जाएगी. गिरिडीह में माहौल बदल रहा है लगातार पुलिस प्रशासन के द्वारा नजर रखी जा रही है. दोनों पक्षों के लोग शांति चाहते हैं इसीलिए किसी को भी माहौल बिगड़ता की इजाजत नहीं दी जाएगी.

    सरकार और प्रशासन का पक्ष
    मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि प्रशासन ने इस पूरे मामले में संयम से काम लिया और स्थिति को बिगड़ने से रोका। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए इस मामले को एकतरफा तरीके से पेश कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि होली जुलूस में ऐसे कौन लोग शामिल थे जो पुलिस से हाथापाई कर रहे थे? उन्होंने प्रशासन की भूमिका को संतुलित बताते हुए कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

    राजनीतिक उथल-पुथल जारी
    गिरिडीह हिंसा का मामला अब झारखंड की राजनीति में गर्माया हुआ है। एक तरफ भाजपा इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर हमलावर है, तो दूसरी ओर सरकार विपक्ष पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगा रही है। गिरिडीह में स्थिति सामान्य करने के लिए प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है, लेकिन इस घटना से उपजा राजनीतिक विवाद फिलहाल थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

  • पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने जमशेदपुर में स्काई डाइविंग फेस्टिवल 2025 का फ्लैग ऑफ कर किया शुभारंभ

    जमशेदपुर में स्काई डाइविंग फेस्टिवल 2025 का भव्य आगाज

    झारखंड पर्यटन विभाग के तत्वावधान में जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट पर स्काई डाइविंग फेस्टिवल 2025 का शानदार शुभारंभ हुआ। कला, संस्कृति, पर्यटन, खेलकूद एवं युवा मामले विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार ने फ्लैग ऑफ कर इस रोमांचक आयोजन की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार पर्यटन और साहसिक खेलों के क्षेत्र में नए अवसर विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    झारखंड में पर्यटन की असीम संभावनाएं

    मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि झारखंड सिर्फ खनिज संपदा से समृद्ध नहीं है, बल्कि इसकी प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता, ऐतिहासिक विरासत और धार्मिक स्थलों में भी अनगिनत संभावनाएं हैं। सरकार डीजीसीए के सुरक्षा मानकों और दिशानिर्देशों के अनुसार स्काई डाइविंग जैसी साहसिक गतिविधियों का आयोजन कर रही है। राज्य में धार्मिक, प्राकृतिक और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नए पर्यटन स्थलों की पहचान की जा रही है।

    पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, युवाओं को रोजगार

    उन्होंने आगे बताया कि किरीबुरू में माइनिंग टूरिज्म, स्काई डाइविंग, मोटर/पैराग्लाइडिंग, रॉक क्लाइंबिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने की योजना है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और झारखंड को पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान मिलेगी। नई पर्यटन नीति के तहत निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे राज्य का राजस्व भी बढ़ेगा।

    ऑनलाइन बुकिंग से जुड़ सकते हैं प्रतिभागी

    पर्यटन सचिव मनोज कुमार ने बताया कि यह फेस्टिवल 16 से 23 फरवरी 2025 तक चलेगा, जिसमें इच्छुक प्रतिभागी ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से शामिल हो सकते हैं। जमशेदपुर के उपायुक्त अनन्य मित्तल ने इस आयोजन को जिले के लिए गौरव का विषय बताया और कहा कि लोगों में इसे लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।

    इस अवसर पर पर्यटन निदेशक अंजली यादव, वरीय पुलिस अधीक्षक कौशल किशोर, एडीएम अनिकेत सचान, अनुमंडल पदाधिकारी शताब्दी मजूमदार, सिटी एसपी कुमार शिवशीष समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।

  • झारखंड में जल्द शुरू होगा ट्राइबल और माइनिंग टूरिज्म

    झारखंड में जल्द शुरू होगा ट्राइबल टूरिज्म, माइनिंग टूरिज्म को भी मिलेगा बढ़ावा

    झारखंड में जल्द ही ‘ट्राइबल टूरिज्म’ की शुरुआत की जाएगी। राज्य के नगर विकास, पर्यटन और उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि इस पहल का पहला केंद्र तमाड़ के अड़की से उलिहातू तक विकसित होगा। यहां पर्यटक भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति, उनके रहन-सहन और पारंपरिक खानपान का अनुभव भी कर सकेंगे।

    खनन पर्यटन पर भी रहेगा फोकस

    मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में ‘माइनिंग टूरिज्म’ शुरू करने की योजना है। इसके तहत सीसीएल और बीसीसीएल की कोयला खदानों को पर्यटकों के लिए खोला जाएगा, जहां वे ‘ओपन कास्ट माइंस’ का दौरा कर सकेंगे। इसके साथ ही धार्मिक और दर्शनीय स्थलों को जोड़ते हुए एक विशेष पर्यटन सर्किट तैयार किया जाएगा। हर 25 किलोमीटर पर एक विश्राम केंद्र बनाया जाएगा, जहां यात्रियों के लिए खान-पान और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन स्थलों का प्रबंधन स्थानीय ग्राम और वन समितियों को सौंपा जाएगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय लोग पर्यटन से जुड़ सकेंगे।

    प्रमुख पर्यटन स्थलों का होगा विकास

    राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। नेतरहाट के कोयल व्यू प्वाइंट पर ग्लास टावर और अन्य लोकप्रिय स्थलों जैसे दशम फॉल, जोन्हा फॉल, मैगनोलिया प्वाइंट और पतरातू वैली में ग्लास ब्रिज बनाए जाएंगे। इसके अलावा मसानजोर, गेतलसूद, पतरातु, चांडिल, तेनुघट और तिलैया डैम में पर्यटकों के लिए सुविधाएं बेहतर की जाएंगी। ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा। पलामू किले के जीर्णोद्धार के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को पत्र लिखा जाएगा, जबकि हजारीबाग के मेगालिथ स्थल का भी विकास किया जाएगा।

    स्पेन से सीखने जाएगी झारखंड की टीम

    झारखंड के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई देने के लिए मंत्री सुदिव्य कुमार और उनकी टीम स्पेन के मैड्रिड में 22-26 जनवरी तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय पर्यटन ट्रेड फेयर (FITUR) में भाग ले रही है। इस टीम में पर्यटन सचिव मनोज कुमार, निदेशक अंजिल यादव और उपनिदेशक राजीव कुमार सिंह शामिल हैं। मंत्री 24-25 जनवरी को वापस लौटेंगे, जबकि अन्य अधिकारी 28 जनवरी को झारखंड आएंगे।

    झारखंड में ये नई पर्यटन योजनाएं राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर भी प्रदान करेंगी।

  • झारखंड में अब पर्यटकों के लिए रोमांचक अनुभव का नया विकल्प जहां वे ग्लास ब्रिज पर स्काई वॉक का लुत्फ उठा सकेंगे।

    झारखंड में पर्यटन को मिलेगा नया आयाम, जल्द शुरू होगी ग्लास ब्रिज और स्काई वॉक की सुविधा

    झारखंड के पर्यटकों के लिए रोमांचक अनुभवों का दौर शुरू होने वाला है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्य के तीन प्रमुख पर्यटन स्थलों पर ग्लास ब्रिज और स्काई वॉक का निर्माण किया जाएगा। यह पहल बिहार के राजगीर में बने प्रसिद्ध ग्लास ब्रिज की तर्ज पर की जा रही है।

    तीन पर्यटन स्थलों पर बनेगा ग्लास ब्रिज

    ग्लास ब्रिज के निर्माण के लिए रांची जिले के दशम फॉल, हुंडरू फॉल, और नेतरहाट के मंगोलिया प्वाइंट का चयन किया गया है। पर्यटन विभाग ने इन स्थलों पर निर्माण के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली है। इसके साथ ही राजगीर में ग्लास ब्रिज का निर्माण करने वाली परामर्शी कंपनी से संपर्क स्थापित किया गया है। कंपनी को तीनों स्थलों पर ग्लास ब्रिज के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

    पर्यटकों की संख्या का आकलन और सुरक्षा पर जोर

    ग्लास ब्रिज निर्माण के दौरान संभावित पर्यटकों की संख्या का आकलन किया जाएगा। परामर्शी कंपनी को साइट की विस्तृत जानकारी जुटाने के साथ-साथ पर्यटकों की संख्या, जमीन अधिग्रहण, डिज़ाइन, सुरक्षा मानकों और रखरखाव के लिए एक मजबूत मॉडल तैयार करने को कहा गया है।

    देश में तीसरा ग्लास ब्रिज होगा झारखंड में

    वर्तमान में भारत में केवल दो ग्लास ब्रिज हैं। पहला ग्लास ब्रिज सिक्किम के पेलिंग में और दूसरा बिहार के राजगीर में है। अब झारखंड इन पर्यटन स्थलों की श्रेणी में शामिल होने जा रहा है। दुनिया का पहला ग्लास ब्रिज चीन के हेबई प्रांत में बना था, जिसने पर्यटकों के बीच इसे खासा लोकप्रिय बनाया।

    पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

    झारखंड में ग्लास ब्रिज और स्काई वॉक की योजना राज्य के पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह न केवल स्थानीय पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा बल्कि देश और विदेश से भी अधिक पर्यटकों को झारखंड की ओर खींचेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की यह पहल राज्य में पर्यटन उद्योग को नई पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

  • झारखंड की बेटी सलीमा टेटे को ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हॉकी खिलाड़ी सलीमा टेटे को हॉकी में उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए प्रतिष्ठित ‘अर्जुन पुरस्कार 2024’ से सम्मानित किया। इस पुरस्कार से कुल 32 खिलाड़ियों को नवाजा गया, जिनमें झारखंड के सिमडेगा की बेटी सलीमा टेटे का नाम भी शामिल है। सभी खिलाड़ियों को यह सम्मान 17 जनवरी 2025 को सुबह 11 बजे राष्ट्रपति भवन, दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किया गया।

    सलीमा टेटे, जो सिमडेगा जिले के बड़की छापर गांव की रहने वाली हैं, वर्तमान में भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान भी हैं। अर्जुन पुरस्कार के लिए उनके चयन के बाद झारखंड के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। हालांकि, सलीमा का सफर इतना आसान नहीं था। उन्होंने अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना किया है और कठिन परिस्थितियों से लड़कर यह मुकाम हासिल किया है।

    सलीमा टेटे झारखंड की पहली महिला हॉकी खिलाड़ी हैं, जिन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इससे पहले झारखंड के ओलंपियन दिवंगत माइकल किंडो को यह पुरस्कार मिला था। पिछले 10 वर्षों में झारखंड के तीन हॉकी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है—सिलबानुस डुंगडुंग और माइकल किंडो को मेजर ध्यानचंद अवार्ड से सम्मानित किया गया, और अब सलीमा टेटे को अर्जुन पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

    कल्पना सोरेन ने भी दिया बधाई।