झारखंड: कैबिनेट बैठक में 9 अहम फैसलों पर लगी मुहर

रांची:  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें 9 प्रमुख एजेंडों पर मंजूरी दी गई। इन फैसलों में राज्य के बजट सत्र की तारीख से लेकर शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।

24 फरवरी से शुरू होगा बजट सत्र।

कैबिनेट ने 24 फरवरी से 27 मार्च तक बजट सत्र के आयोजन के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस सत्र में राज्य का बजट पेश किया जाएगा और विभिन्न विभागीय मुद्दों पर चर्चा होगी। राज्य के आर्थिक विकास और नीतिगत फैसलों पर यह सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हर प्रखंड में होंगे शिक्षा प्रसार पदाधिकारी।

झारखंड के 265 प्रखंडों में शिक्षा प्रसार पदाधिकारी नियुक्त करने का फैसला लिया गया है। इससे राज्य के दूर-दराज के इलाकों में शिक्षा की पहुंच मजबूत होगी। झारखंड शिक्षा अवर सेवा के तहत इन पदों की संख्या बढ़ाई जाएगी। यह निर्णय शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है।

डीजी और आईजी चयन के लिए नई नियमावली।

पुलिस महानिदेशक (डीजी) और महानिरीक्षक (आईजी) के चयन के लिए कैबिनेट ने नई नियुक्ति नियमावली को मंजूरी दी। अब इन पदों पर नियुक्ति राज्य में गठित एक समिति के माध्यम से होगी। इस समिति में दो सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और एक सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक शामिल होंगे। पहले यह चयन केंद्र के माध्यम से होता था।

देवघर एम्स के संचालन के लिए एमओयू।

देवघर में एम्स के संचालन को लेकर झारखंड सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच एमओयू के प्रारूप को मंजूरी दी गई। यह फैसला राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई ऊंचाई देगा।

झारखंड परिचारिका नियमावली 2025 को स्वीकृति।

कैबिनेट ने झारखंड परिचारिका गैर-शैक्षणिक संवर्ग (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं अन्य सेवाशर्त) नियमावली, 2025 के गठन को स्वीकृति दी। यह नियमावली स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद करेगी।

प्री-बजट कार्यशाला के लिए नॉलेज पार्टनर चयनित।

प्री-बजट कार्यशाला के आयोजन के लिए वित्त नियम को शिथिल करते हुए संत जेवियर कॉलेज की सहायक प्रोफेसर डॉ. सीमा अखौरी और उनकी टीम को नॉलेज पार्टनर के रूप में चयनित किया गया है।

ऊर्जा विकास निगम में संशोधन।

झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड और इसकी अनुषंगी कंपनियों में प्रबंध निदेशक और निदेशक पदों की नियुक्ति के लिए प्रावधानों में आंशिक संशोधन के प्रस्ताव पर भी घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

कैबिनेट के फैसले झारखंड के लिए बड़ी उपलब्धि।

कैबिनेट के ये फैसले राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधार के लिए मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। बजट सत्र की तैयारियों के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए ये सुधार झारखंड की विकास यात्रा को गति देंगे।

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