Author: The News Post4u

  • खेल महोत्सव युवाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम- अन्नपूर्णा देवी

    सांसद खेल महोत्सव–2025 का समापन

    परवेज़ आलम. द न्यूज़ पोस्ट4यू

    गिरिडीह: कोडरमा लोकसभा क्षेत्र में आयोजित सांसद खेल महोत्सव–2025 का समापन आज खेल, संस्कृति और युवा ऊर्जा के अद्भुत संगम के साथ संपन्न हुआ। +2 उच्च विद्यालय, पलौंजिया (बिरनी) का मैदान तालियों की गूंज, खिलाड़ियों के उत्साह और विजेताओं की मुस्कान से सराबोर नजर आया। समापन सह पुरस्कार वितरण समारोह पूरी तरह उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया।

    कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत छऊ नृत्य ने समूचे माहौल को झारखंड की सांस्कृतिक चेतना से भर दिया। वीरता, अनुशासन और परंपरा की त्रिवेणी बने इस नृत्य ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    इस महोत्सव ने संख्या ही नहीं, संभावनाओं का भी रिकॉर्ड बनाया। सांसद खेल महोत्सव–2025 के अंतर्गत कुल 8603 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 6285 खिलाड़ियों ने मैदान में उतरकर अपने हुनर का प्रदर्शन किया।
    महोत्सव में 13 खेल विधाओं का आयोजन किया गया, जिनमें साइक्लोथॉन, एथलेटिक्स, शॉट पुट, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, जैवलिन थ्रो, शतरंज, टेबल टेनिस, कबड्डी, खो-खो, फुटबॉल और पारंपरिक खेल लगोरी (सेवन स्टोन्स) शामिल रहे।

    प्रतियोगिताओं के समापन पर 363 विजेता और 363 उपविजेता खिलाड़ियों को मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह क्षण न केवल पुरस्कार का था, बल्कि आत्मविश्वास, परिश्रम और सपनों की पहचान का भी था।

    समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, संघर्ष और नेतृत्व की सीख देता है। ऐसे आयोजन युवाओं को नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखकर राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि झारखंड की धरती खेल प्रतिभाओं से समृद्ध है और सही मंच मिलने पर यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक सकते हैं।

    सांसद सह केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि खेल महोत्सव युवाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। खेल न केवल शरीर को मजबूत बनाता है, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच को भी विकसित करता है। उन्होंने विशेष रूप से बालिकाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन “फिट युवा – विकसित भारत” के संकल्प को मजबूती प्रदान करते हैं।

    वहीं सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव ने हजारों युवाओं को एक साझा मंच दिया है, जहां खेल के माध्यम से भाईचारा, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ है। उन्होंने भविष्य में और भी व्यापक स्तर पर ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर जोर दिया।

    कार्यक्रम में सांसद काली चरण सिंह, विधायक जनार्दन पासवान, उज्ज्वल दास, प्रदीप प्रसाद, प्रदेश उपाध्यक्ष विकास प्रीतम, जिला अध्यक्ष अनूप जोशी एवं महादेव दुबे, जिला प्रभारी रोहित लाल सिंह, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक उपाध्यक्ष, विनय शर्मा, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष दिनेश यादव, मुख्य समन्वयक मुकेश जालान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, संगठन पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

    खिलाड़ियों और विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इतने बड़े मंच पर खेलना, हजारों खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा करना और सम्मान प्राप्त करना उनके लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। कई खिलाड़ियों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया।

  • महिला राष्ट्रीय ताइक्वांडो में गिरिडीह की बेटियों का परचम, 7 पदकों से बढ़ाया झारखंड का मान

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: “जब हौसले बुलंद हों, तो मंच चाहे राष्ट्रीय हो या अंतरराष्ट्रीय—जीत कदम चूमती है।”
    कुछ ऐसा ही कर दिखाया है गिरिडीह की बेटियों ने, जिन्होंने प्रथम महिला राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर जिले ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड को गौरवान्वित कर दिया।

    बोकारो स्थित गुरुगोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल में 27 से 29 दिसंबर तक आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में गिरिडीह की आठ खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से सात खिलाड़ियों ने पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इन बेटियों ने कुल 7 पदक अपने नाम किए—3 स्वर्ण, 3 रजत और 1 कांस्य

    कोच आकाश कुमार स्वर्णकार के कुशल मार्गदर्शन में झारखंड टीम का प्रतिनिधित्व कर रहीं खिलाड़ियों ने हर मुकाबले में जुझारूपन, तकनीक और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया।
    द बैलेंस पाथ एकेडमी” की ज्योति राज, तथा के टाइगर ताइक्वांडो एकेडमी” की सोनाक्षी कुमारी और आयशा विंत अफजल ने दमदार खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक जीतकर गिरिडीह को गौरव से भर दिया।

    वहीं साक्षी कुमारी, अंजुम आरा और शिवानी कुमारी ने रजत पदक, जबकि तनीषा आर्य ने कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

    इस शानदार उपलब्धि पर गिरिडीह जिला ताइक्वांडो संघ के महासचिव अमित स्वर्णकार ने खिलाड़ियों की जमकर सराहना करते हुए कहा कि

    “इन बेटियों ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। यह सफलता कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है।”

    खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक जीत पर विधायक मथुरा प्रसाद महतो, पूर्व विधायक निर्भय कुमार शाहबादी सहित ताइक्वांडो संघ के पदाधिकारियों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    निस्संदेह, गिरिडीह की ये बेटियाँ आज प्रदेश की शान बन चुकी हैं और आने वाले समय में राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जिले का नाम रोशन करने की पूरी क्षमता रखती हैं।

     

  • महेशलुंडी में CCL का निःशुल्क चिकित्सा शिविर, 200 से अधिक ग्रामीणों को मिला स्वास्थ्य लाभ

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : ग्रामीणों के स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में गिरिडीह सेंट्रल कॉल फील्ड लिमिटेड (CCL), द्वारा ग्राम पंचायत महेशलुंडी स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय परिसर में प्राकृतिक और सामुदायिक संसाधन सर्वधन योजना (NCRAP) के अंतर्गत एक निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।

    शिविर का शुभारंभ मुखिया शिवनाथ साव, सीसीएल गिरिडीह महाप्रबंधक की पत्नी हीना राठौर, मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. परिमल सिन्हा एवं सम्मी कपूर द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।

    इस स्वास्थ्य शिविर में स्त्री रोग, दंत रोग, सामान्य चिकित्सा एवं होम्योपैथिक विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मौजूद रही। पंचायत के करीब 200 ग्रामीणों ने शिविर का लाभ उठाया, जहां मरीजों की जांच के बाद आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही ग्रामीणों को फर्स्ट एड बॉक्स का भी वितरण किया गया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुखिया शिवनाथ साव ने कहा कि

    “समाज में अनेक ऐसे जरूरतमंद लोग हैं, जो मजबूरीवश छोटी बीमारियों का इलाज नहीं करा पाते और यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर रूप ले लेती है। ऐसे शिविर असहाय और ग्रामीण तबके के लिए जीवनदायी साबित होते हैं।”

    उन्होंने यह भी कहा कि महेशलुंडी पंचायत, गिरिडीह सीसीएल का पोषक क्षेत्र है। वर्षों से यहां कोयले का उत्पादन हो रहा है, लेकिन पूर्व में स्थानीय लोगों को उनके हक और अधिकार नहीं मिल पा रहे थे। हालांकि अब यह स्पष्ट दिख रहा है कि सीसीएल अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति पहले से कहीं अधिक सजग हुई है, जिसका परिणाम है कि CSR और NCRAP योजनाओं के तहत जनहित कार्यों को निरंतर बढ़ावा मिल रहा है। इसके लिए उन्होंने सीसीएल प्रबंधन एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

    वहीं, सीसीएल के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. परिमल सिन्हा ने कहा कि

    “मुखिया शिवनाथ साव के निरंतर प्रयासों के कारण महेशलुंडी में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार संभव हो सका है। सीसीएल केवल कोयला उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व का भी पूरी निष्ठा से निर्वहन कर रही है। आने वाले समय में इस क्षेत्र में और भी जनकल्याणकारी कार्य देखने को मिलेंगे।”

    इस कार्यक्रम को सफल बनाने में बासुदेव दास, जगदीश दास, सागर कुमार, जगत पासवान, अनूप कुमार, सुरेश मोहाली सहित अन्य स्थानीय सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
    कार्यक्रम में अर्पिता महिला मंडल गिरिडीह महिला समिति की महिलाओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

    शिविर में डॉ. आसिफ रजा, डॉ. प्रियंका चौहान, डॉ. ए.के. अंसारी, डॉ. अमन वर्मा, डॉ. ए.पी. सिंह, डॉ. मनीष कांत, डॉ. राकेश रंजन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • झारखंड की अबुआ सरकार से घबराई हुई है भाजपा- राजद

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह :  राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश प्रवक्ता कैलाश यादव  ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधते हुए झारखंड की राजनीति और विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया। वे सोमवार को  गिरिडीह मे मीडिया कर्मियों से मुखातिब थे ।

    प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद बाबूलाल मरांडी के मुख्यमंत्री बनने से लेकर कई वर्षों तक भाजपा ने राज्य में सरकार चलाई, लेकिन इस दौरान राज्य की खनिज संपदा, जल, जंगल और जमीन को बेचने का काम भाजपा सरकारों ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने झारखंड के संसाधनों को कॉरपोरेट हितों के हवाले कर दिया।

    कैलाश यादव ने कहा कि आज झारखंड देश का वह राज्य है, जहां सबसे अधिक नियुक्ति पत्र युवाओं को सौंपे गए हैंमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार लगातार युवाओं को रोजगार देने का काम कर रही है, लेकिन भाजपा इस सकारात्मक कार्य से परेशान है और इसी कारण अनर्गल बयानबाजी कर रही है।

    झारखंड में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने स्पष्ट कहा कि

    “झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल की सरकार पूरी मजबूती के साथ चल रही है। भाजपा साजिश के तहत इस सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।”

    उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में अबुआ सरकार झारखंड के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। वर्षों से लंबित पेसा कानून को लागू कर सरकार ने एक नया इतिहास रचा है, जिससे आदिवासी और ग्रामीण समाज को अधिकार मिले हैं।

    कैलाश यादव ने कहा कि आने वाले नगर निकाय चुनावों में राष्ट्रीय जनता दल पूरी मजबूती और रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी और जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेगी।

  • मानदेय और भ्रष्टाचार के खिलाफ जलसहियाओं का हुंकार

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह :  जिले में झारखंड राज्य महिला जलसहिया कर्मचारी संघ जिला शाखा की एक महत्वपूर्ण बैठक किरण पब्लिक स्कूल के प्रांगण में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष दिव्या देवी ने की, जिसमें जिले भर से  जलसहिया प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर हिस्सा लिया।

    बैठक को जिला मंत्री सरिता देवी, प्रदेश अध्यक्ष सितारा परवीन तथा राष्ट्रीय संगठन सचिव सह प्रदेश मुख्य संरक्षक अशोक कुमार सिंह ने संबोधित किया। वक्ताओं के भाषणों के दौरान पूरे सभागार में सरकार और विभाग के खिलाफ आक्रोश साफ झलकता रहा।

    बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा यह उठा कि आवंटन मिलने के बावजूद जलसहियाओं को मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। जलसहियाओं ने एक स्वर में आरोप लगाया कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की योजनाओं में उन्हें अंधेरे में रखकर 40 प्रतिशत तक कमीशनखोरी चल रही है
    इतना ही नहीं, कई पुरानी योजनाओं में रंग-रोगन दिखाकर दोबारा राशि निकाले जाने का भी गंभीर आरोप लगाया गया। कई जलसहियाओं ने योजनाओं के नाम संगठन के समक्ष रखे और मांग की कि यदि निष्पक्ष जांच हो, तो सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी।

    जलसहियाओं ने सरकार से सवाल किया कि दिन-रात मेहनत कर विभाग की योजनाओं को धरातल पर उतारने वाली महिलाएं मात्र ₹2000 मासिक मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं, वह भी समय पर नहीं मिलता। यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि श्रम का अपमान भी है।

    सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संगठन सचिव अशोक कुमार सिंह ने कहा—

    “जलसहिया ग्रामीण महिला है, जो मात्र ₹2000 मासिक मानदेय पर कार्यरत है और सरकार इस ओर आंख मूंदे बैठी है। यह कैसी विडंबना है कि बिना काम किए ‘मैया सम्मान योजना’ में ₹2500 दिए जा रहे हैं, जबकि काम करने वाली महिलाओं को उससे कम मानदेय मिलता है।”

    राज्यभर में लगभग 30 हजार जलसहिया बहनें कार्यरत हैं, जिन्हें कम से कम न्यूनतम मजदूरी के आधार पर मानदेय दिया जाना चाहिए।

    प्रदेश अध्यक्ष सितारा परवीन ने चेतावनी दी कि—

    “यदि बकाया मानदेय और विभागीय गड़बड़ियों को जल्द नहीं सुधारा गया, तो राज्यव्यापी आंदोलन हमारी मजबूरी होगी। जरूरत पड़ी तो उग्र आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे।”

    वहीं जिला मंत्री सरिता देवी ने कहा कि अधिकार आंदोलन से ही मिलते हैं और जलसहियाएं अपने हक के लिए संघर्ष जारी रखेंगी।

    बैठक में सूरज मुनि किसकु, जमीला बेगम, सुमति मरांडी, हेमंती देवी, सुनीता देवी, सीता देवी, नीतू देवी, सोनी हेंब्रम, पिंकी देवी, मीना देवी, गीता देवी, ललिता देवी, किरण देवी, प्रमिला देवी, निशा देवी, शबनम परवीन, शकुनवा देवी सहित कई जलसहियाओं ने अपने विचार रखे और समस्याओं को खुलकर सामने रखा।

    बैठक के दौरान गिरिडीह और पीरटांड़ क्षेत्र की जलसहियाओं के बीच 400 कंबलों का वितरण भी किया गया, जिससे आयोजन में सामाजिक सरोकार की झलक भी देखने को मिली।

  • मर्सी हॉस्पिटल का निःशुल्क जांच शिविर, 150 से अधिक ग्रामीणों को मिला लाभ

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह :  जिले के सुगासार गांव में मर्सी हॉस्पिटल, गिरिडीह द्वारा सामाजिक परिवर्तन संस्थान के सहयोग से एक  निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस जनहितकारी पहल में 150 से अधिक मरीजों की निःशुल्क जांच, चिकित्सकीय परामर्श और दवाइयों का वितरण किया गया, जिससे ग्रामीणों के चेहरे पर राहत और संतोष साफ नजर आया।

    शिविर में मर्सी हॉस्पिटल के अनुभवी चिकित्सक डॉ. पी. एच. मिश्रा एवं डॉ. प्रियंका ने मरीजों की गहन जांच की। सामान्य बीमारियों से लेकर अन्य स्वास्थ्य समस्याओं तक का समुचित परीक्षण किया गया। जरूरतमंद मरीजों को मौके पर ही आवश्यक दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। इतना ही नहीं, फॉलोअप के लिए आने वाले मरीजों को जांच व इलाज में 20 प्रतिशत की विशेष छूट देने की घोषणा भी की गई।

    ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। ग्रामीणों ने इस पहल को अत्यंत सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे शिविर उनके लिए वरदान साबित होते हैं, जहां उन्हें शहर गए बिना विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं मिल जाती हैं।

    इस अवसर पर सामाजिक परिवर्तन संस्थान की नियोती एवं संस्था के सचिव  उमेश तिवारी ने कहा कि

    “ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मर्सी हॉस्पिटल का यह प्रयास बेहद महत्वपूर्ण है। भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे।”

    कार्यक्रम में गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL) के महाप्रबंधक  अनिल कुमार की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को और भी गरिमा प्रदान की।

    मर्सी हॉस्पिटल के सीईओ डॉ. पी. एच. मिश्रा ने कहा—

    “हमारा उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। जनसेवा में लगी संस्थाओं के साथ मिलकर मर्सी हॉस्पिटल आगे भी ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित करता रहेगा।”

  • डॉ. सरफराज अहमद ने पीटीएम में कहा—शिक्षा ही समाज की प्रगति की आधारशिला

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : जे.सी. बोस विद्यालय और गिरिडीह प्लस टू उच्च विद्यालय में अभिभावक–शिक्षक बैठक (Parent–Teacher Meeting) का भव्य, अनुशासित और अत्यंत सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि शिक्षा, संवाद और सामाजिक जिम्मेदारी का सशक्त मंच बनकर उभरा। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, व्यवहार, उपस्थिति और सर्वांगीण विकास को लेकर अभिभावकों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करना था। विभिन्न कक्षाओं के अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज़ अहमद रहे। उनके साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी मोहम्मद वसीम अहमद भी उपस्थित थे । विद्यालय के प्राचार्य मुन्ना प्रसाद कुशवाहा ने  कार्यक्रम का संचालन किया गया।

    मुख्य अतिथि डॉ. सरफराज़ अहमद ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति की आधारशिला होती है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अभिभावक और शिक्षक मिलकर ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और राष्ट्रनिर्माण की भावना विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया तथा लक्ष्य निर्धारण, नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी।

    प्राचार्य मुन्ना प्रसाद कुशवाहा ने स्वागत वक्तव्य में अभिभावकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के चरित्र निर्माण, जीवन कौशल और व्यक्तित्व विकास के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि नियमित पीटीएम विद्यालय और अभिभावकों के बीच मजबूत सेतु का कार्य करती है, जिससे विद्यार्थियों की प्रगति को सही दिशा मिलती है।

    बैठक के दौरान विषयवार शिक्षकों ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन, परीक्षा परिणाम, कक्षा सहभागिता, गृहकार्य, परियोजना कार्य और उपस्थिति की विस्तृत जानकारी अभिभावकों के साथ साझा की। कमजोर विद्यार्थियों के लिए सुधारात्मक कक्षाओं, अतिरिक्त मार्गदर्शन और व्यक्तिगत ध्यान की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

    अभिभावकों को विद्यालय में संचालित सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी गई। अभिभावकों ने विद्यालय के अनुशासित वातावरण, शिक्षकों की मेहनत और बच्चों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण की सराहना करते हुए उपयोगी सुझाव भी प्रस्तुत किए।

    कार्यक्रम के विशेष क्षण में J.C.E.R.T. द्वारा आयोजित प्री-बोर्ड एवं S.A-1 परीक्षा के टॉपर्स, सीसीए में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं तथा उत्कृष्ट उपस्थिति के लिए विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। वहीं, विद्यालय में विशेष योगदान देने वाले शिक्षकों को प्रमाण पत्र एवं अंगवस्त्र देकर मुख्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। विद्यालय के साथ नियमित समन्वय बनाए रखने वाले अभिभावकों तथा SMC अध्यक्ष एवं सदस्यों को भी अंगवस्त्र एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

    कार्यक्रम का सफल संचालन छात्रा प्रगति कुमारी एवं महक परवीन ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा, जिसकी उपस्थित अभिभावकों और छात्राओं ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

    इधर, गिरिडीह प्लस टू उच्च विद्यालय में भी अभिभावक–शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। यहां भी मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद तथा डीईओ वसीम अहमद उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों का स्वागत प्राचार्य दयानंद कुमार ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों की सहभागिता रही।

    इस अवसर पर सांसद और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अभिभावकों को विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन, परीक्षा परिणाम और शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील भी की गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र–छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

    डॉ. सरफराज अहमद ने कहा कि झारखंड सरकार के निर्देशानुसार जनप्रतिनिधि विद्यालयों का दौरा कर शिक्षा की गुणवत्ता, संसाधन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में उठाए जा रहे कदमों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में शिक्षा स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है, जो सभी के लिए गर्व की बात है।

    इस मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, विद्यालय प्राचार्य, शिक्षकगण एवं कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के खिलाफ कांग्रेस का आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन , भाजपा कार्यालय का घेराव

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : केंद्र सरकार पर ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाते हुए सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने गिरिडीह जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों पुरुष और महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय का घेराव कर केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष सतीश केडिया ने किया।

    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक द्वेष की भावना से प्रेरित होकर जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने और दबाने के लिए कर रही है। कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां थीं और “तानाशाही नहीं चलेगी”, “ईडी-सीबीआई का दुरुपयोग बंद करो” जैसे नारे लगातार गूंजते रहे।

    सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सतीश केडिया ने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र की आवाज को कुचलने का प्रयास कर रही है।
    उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को झूठे मामलों में फंसाकर परेशान किया जा रहा है, जो पूरी तरह राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है।

    केडिया ने कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई हुई है। इसी डर के कारण वह केंद्रीय एजेंसियों के जरिए नेताओं को फंसाने का काम कर रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस पार्टी इस तानाशाही रवैये के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
    यदि जांच एजेंसियों का दुरुपयोग बंद नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

    प्रदर्शन में शामिल महिला कार्यकर्ताओं ने भी भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया और जांच एजेंसियों की निष्पक्षता बनाए रखने की मांग की। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

    इधर, टावर चौक पर भी जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदले जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष कार्यकर्ता “गांधी का नाम मिटाना बंद करो”, “गोडसेवाद मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए टावर चौक पहुंचे।

    टावर चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सतीश केडिया ने कहा कि पहले गांधी जी की हत्या की गई और अब उनकी विचारधारा को मिटाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि गोडसेवादी सोच यह भ्रम पाल रही है कि योजनाओं का नाम बदलकर गांधी के नाम को मिटाया जा सकता है, लेकिन यह उनकी सबसे बड़ी भूल है।

    केडिया ने कहा कि महात्मा गांधी आज पूरी दुनिया के आदर्श हैं। सौ से अधिक देशों में उनकी प्रतिमाएं स्थापित हैं और दुनिया भर से भारत आने वाले राष्ट्राध्यक्ष सबसे पहले गांधी जी को नमन करते हैं। ऐसे में गांधी के नाम पर चल रही योजना का नाम बदलना गांधी के देश में अत्यंत घृणित और अपमानजनक प्रयास है, जिसे कांग्रेस पार्टी और देश कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।

    उन्होंने मनरेगा में प्रस्तावित बदलावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि 40 प्रतिशत राज्य और 60 प्रतिशत केंद्र के योगदान वाला मॉडल गरीब राज्यों को और गरीब करने की साजिश है, ताकि राज्य इस योजना को सही ढंग से चला न सकें और बड़े उद्योगपतियों को सस्ते मजदूर उपलब्ध कराए जा सकें।
    उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी मजदूरों के हक की इस लड़ाई में मजबूती से खड़ी है।

    इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से अशोक विश्वकर्मा, दिनेश विश्वकर्मा, मनोज राय, अभिनंदन प्रताप सिंह, निजामुद्दीन अंसारी, मोहम्मद निजामुद्दीन, धनंजय गोस्वामी, नागेश्वर मंडल, इतवारी वर्मा, गायत्री देवी, लक्ष्मी कुमारी, अशोक कुमार निराला, महेश प्रसाद, अरुण मंगल, प्रभात सिंह, मोहन साह, भोला यादव, यश सिन्हा, मोहम्मद सोहेल, सरफराज अंसारी, विनीत भास्कर, मोहम्मद आलम, अहमद राजा, नूरी जुनेद आलम, गुड्डू मलिक, जोगेश्वर महथा, पंकज सागर,

  • पूजा समितियों को सम्मान , चैंबर की पहल को मंत्री ने बताया प्रेरणादायक

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: शहर की सांस्कृतिक चेतना, अनुशासन और सामाजिक सहभागिता को सम्मान देने के उद्देश्य से कोयलांचल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, गिरिडीह की ओर से आज भव्य पूजा समिति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। होटल इव्य्यान पैलेस में आयोजित इस समारोह में नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू  मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर दुर्गा पूजा की 48 और छठ पूजा की 28 समितियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    अलग-अलग श्रेणियों में विशेष सम्मान.

    बेहतर आयोजन और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने वाली समितियों को विशेष श्रेणियों में सम्मान दिया गया—

    • बेहतर साज-सज्जा: विश्वनाथ मंदिर पूजा समिति
    • बेहतर विधि-व्यवस्था: पचंबा पूजा समिति
    • बेहतर साफ-सफाई: फोरेस्ट कॉलोनी पूजा समिति
    • श्रेष्ठ पंडाल: पपरवाटांड़ पूजा समिति
    • भव्य मेला आयोजन: सिहोडीह पूजा समिति

    वहीं माता की विदाई को परंपरा और गरिमा के साथ संपन्न कराने के लिए बड़की माता, छोटकी माता, विश्वनाथ मंदिर, पचंबा, बनियाडीह और सेंट्रलपीठ पूजा समितियों को भी विशेष सम्मान दिया गया।

    नगर निगम और विसर्जन समिति को भी सराहना.

    शहर में बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था के लिए नगर निगम, तथा प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन में सहयोग के लिए मानसरोवर तालाब विसर्जन समिति को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

    मंत्री का संदेश.

    अपने संबोधन में नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि

    “इस तरह के सम्मान समारोह पूजा समितियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देते हैं और आयोजन को और बेहतर बनाने की प्रेरणा देते हैं।”

    उन्होंने इस पहल को सराहनीय बताते हुए इसे हर वर्ष आयोजित करने की भी अपील की।

    प्रायोजक, निर्णायक और आयोजकों का सम्मान.

    इस अवसर पर मंत्री के हाथों प्रायोजक दिवेन तिवारी, निर्णायक मंडल में शामिल पत्रकाररों को भी सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम में चैंबर के अध्यक्ष राहुल वर्मन, सचिव गोपाल भदानी, कोषाध्यक्ष डॉ. सुमन, संरक्षक संजय सिंह, उपाध्यक्ष राजेश गुप्ता समेत अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
    कार्यक्रम का संचालन संयोजक अरविंद कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष राहुल वर्मन ने किया।

    बड़ी संख्या में समितियों की सहभागिता.

    समारोह में कार्यकारी सदस्य राहुल कुमार, सुजीत कपीशवे, सौरव महासेठ, ऋषि सलूजा, संजय कुमार, विकास गुप्ता, धर्म प्रकाश, मसरूर सिद्दीकी, रवि राज, अरुण साह, कृष्णा साहू, सहित सैकड़ों पूजा समिति प्रतिनिधि मौजूद रहे।

     

  • क्रिसमस की खुशियों से सराबोर गिरिडीह, बाजारों में रौनक, गिरजाघर रोशनी से जगमगाए

    परवेज़ आलम.

    गिरिडीह : क्रिसमस की दस्तक के साथ ही गिरिडीह के ईसाई धर्मावलंबियों में उत्साह और उमंग चरम पर है। पर्व में अभी तीन दिन शेष हैं, लेकिन शहर के बाजारों में अभी से क्रिसमस की रौनक देखते ही बन रही है। गिरजाघरों में रोशनी और सजावट इस बात की गवाही दे रही हैं कि क्रिसमस सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि खुशियों का उत्सव है।

    बाजारों में कदम रखते ही सांता क्लॉज की टोपी, रंग-बिरंगी लाइटें, सजावटी सितारे और क्रिसमस ट्री लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। दुकानों में क्रिसमस से जुड़ी हर सामग्री उपलब्ध है और लोग इस पर्व को खास बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

    क्रिसमस कार्ड भी लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। पारंपरिक संदेशों से लेकर आधुनिक डिज़ाइन वाले कार्ड बाजार में खूब बिक रहे हैं। लोग अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और प्रियजनों को शुभकामनाएं भेजने के लिए उत्साहपूर्वक कार्ड खरीद रहे हैं। वहीं बच्चों के लिए तो बाजार किसी जन्नत से कम नहीं है—खिलौने, मास्क, आकर्षक ड्रेस, सांता सूट और खास गिफ्ट पैक बच्चों को अपनी ओर खींच रहे हैं। माता-पिता भी बच्चों की खुशी के लिए जमकर खरीदारी कर रहे हैं।

    व्यापारियों के अनुसार, इस बार क्रिसमस को लेकर बाजार में खासा उत्साह है। दुकानदारों का कहना है कि बीते कुछ दिनों में बिक्री में तेजी आई है और जैसे-जैसे क्रिसमस नजदीक आ रहा है , रौनक और बढ़ने की उम्मीद है।

    उधर, गिरिडीह के गिरजाघरों को भी बेहद खूबसूरती से सजाया गया है। रंगीन लाइटों और आकर्षक सजावट से सजे चर्च दूर से ही लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। प्रार्थना सभाओं और विशेष कार्यक्रमों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। हर ओर क्रिसमस का उल्लास और उत्साह साफ झलक रहा है। लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं दे रहे हैं और त्योहार की खुशियों को मिल-बांट रहे हैं।