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  • मसला स्वर्ण व्यवसायियों की सुरक्षा का, पुलिस-व्यवसायी मिलकर बैठे

    गिरिडीह के सिरसिया स्थित सेलिब्रेशन होटल में शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें स्वर्ण व्यवसायियों की सुरक्षा और शहर में बढ़ते अपराध को नियंत्रित करने पर मंथन किया गया। यह बैठक गिरिडीह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और गिरिडीह पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई।

    पुलिस और व्यवसायियों के बीच संवाद।
    बैठक में गिरिडीह सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जीत वाहन उरांव, साइबर डीएसपी आबिद खान, मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम महतो, नगर थाना प्रभारी शैलेश कुमार और पचंबा थाना निरीक्षक मंटू कुमार जैसे प्रमुख पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। स्वर्ण व्यवसायियों ने शहर में अपराध की बढ़ती घटनाओं पर अपनी चिंता व्यक्त की और पुलिस प्रशासन को अपने सुझाव दिए।

    सीसीटीवी और सेंसर से सुरक्षा का आश्वासन।
    बैठक में पुलिस अधिकारियों ने व्यवसायियों को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा प्राथमिकता है। उन्होंने चैंबर ऑफ कॉमर्स के सहयोग से शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और स्वर्ण दुकानों में सेंसर स्थापित करने की योजना की जानकारी दी। पुलिस ने यह भी कहा कि पेट्रोलिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा ताकि अपराधियों पर नकेल कसी जा सके।

    चैंबर अध्यक्ष ने दिया भरोसा।
    चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष राहुल बर्मन ने कहा, “व्यवसायियों की सुरक्षा चैंबर की प्राथमिकता है। हम उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार चिंतन कर रहे हैं। सीसीटीवी और सेंसर के जरिए स्वर्ण व्यवसायियों की दुकानों की सुरक्षा को और बेहतर बनाया जाएगा।”

    व्यवसायियों ने दिए सुझाव।
    बैठक में स्वर्ण व्यवसायियों ने पुलिस और प्रशासन को कई सुझाव दिए, जिनमें बाजार क्षेत्र में पुलिस की सतर्कता बढ़ाने और रात के समय गश्त तेज करने की मांग प्रमुख रही।

    उपस्थिति और सहयोग का भरोसा।
    बैठक में गिरिडीह के कई प्रमुख स्वर्ण व्यवसायी जैसे सौरभ बर्मन, विनोद बर्मन, प्रमोद स्वर्णकार, बबलू बर्मन, अजय स्वर्णकार, बाबू, गाजू सोनार, सुमेर, चिंटू कुमार, सुबोध बर्मन और संजय उपस्थित थे। सभी ने इस पहल का स्वागत किया और अपनी ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

    अपराध पर लगाम की तैयारी।
    गिरिडीह में स्वर्ण व्यवसायियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह बैठक एक सकारात्मक कदम है। पुलिस प्रशासन और चैंबर ऑफ कॉमर्स का यह साझा प्रयास अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि उनकी हर गतिविधि पर अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी। वहीं, व्यवसायियों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील की गई है।

    यह बैठक केवल एक संवाद नहीं, बल्कि शहर में बढ़ते अपराधों पर रोक लगाने और व्यवसायियों के विश्वास को बहाल करने की दिशा में एक मजबूत पहल है।

  • NIA का बड़ा एक्शन: जानिए कहाँ हुई कारवाई और कौन पकड़ा गया

    बोकारो की रिपोर्ट……..

    झारखंड के उग्रवाद प्रभावित इलाके में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA ) ने नक्सली नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को एनआईए ने बोकारो जिले के गोविंदपुर से बच्चा सिंह उर्फ बच्चा बाबू सिंह को गिरफ्तार किया। बच्चा सिंह पर प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी [ MCC ]के लिए काम करने और उसकी विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप है।

    नक्सलियों के लिए करता था आर्थिक मदद का प्रबंध।
    एनआईए की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि बच्चा सिंह न केवल नक्सलियों की गतिविधियों का समर्थन करता था, बल्कि उनके लिए धन संग्रह में भी अहम भूमिका निभाता था। झारखंड समेत कई अन्य इलाकों में माओवादी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए वह सक्रिय था।

    एनआईए की आठ टीमें, सटीक छापेमारी
    शनिवार सुबह एनआईए की आठ टीमें बोकारो पहुंचीं। पुलिस के सहयोग से गोमिया, चतरोचट्टी और गोविंदपुर जैसे क्षेत्रों में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया। बोकारो के एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि एनआईए की टीम ने उग्रवादियों के सहयोगियों और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों पर शिकंजा कसा है।

    सुदूर गांवों में नक्सलियों के मददगारों पर कार्रवाई।
    एनआईए की टीम ने चतरोचट्टी के चुट्टे और लोधी गांव, साथ ही गोमिया थाना क्षेत्र के धमधरवा जैसे दुर्गम गांवों में छापेमारी की। इन इलाकों को नक्सली गतिविधियों के गढ़ के रूप में जाना जाता है। बच्चा सिंह की गिरफ्तारी ने इन क्षेत्रों में नक्सलियों के मददगारों और अवैध गतिविधियों में लिप्त अन्य लोगों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।

    भाकपा माओवादी पर बड़ी चोट।
    बच्चा सिंह की गिरफ्तारी को भाकपा माओवादी के नेटवर्क पर एक बड़ी चोट माना जा रहा है। एनआईए के सूत्रों के अनुसार, यह गिरफ्तारी संगठन के शीर्ष नेताओं तक पहुंचने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    स्थानीय प्रशासन का सहयोग और रणनीति।
    एनआईए की इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस का पूरा सहयोग रहा। यह छापेमारी इस बात का संकेत है कि केंद्र और राज्य सरकार नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

    एनआईए का एक्शन, माओवादी नेटवर्क की कमजोर कड़ी उजागर।
    यह कार्रवाई न केवल नक्सलियों के खिलाफ एक सख्त संदेश है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे एनआईए उग्रवाद प्रभावित इलाकों में माओवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है। बच्चा सिंह की गिरफ्तारी से उग्रवादियों के बीच खलबली मच गई है, और सुरक्षा एजेंसियां अब उनके नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने के लिए और अधिक तत्पर हो गई हैं।

     

     

     

     

  • देश-विदेश से जुटे हजारों किन्नर,खास मन्नत से प्रेरित है आयोजन

    धनबाद से खास रिपोर्ट……..

    धनबाद में अखिल भारतीय किन्नर समाज का महाधिवेशन पूरे वैभव और उल्लास के साथ चल रहा है। इस महाधिवेशन के दूसरे दिन एक अनोखी और परंपरागत रस्म निभाई गई—खिचड़ी तौलने की। पीले वस्त्रों में सजी-धजी किन्नरों की टोली ने पांच प्रकार के अनाज से खिचड़ी तौलकर रेशमा मां को समर्पित किया। रस्म के दौरान खुशी के इजहार में रुपयों की बौछार भी की गई, जिसने माहौल को और भी जीवंत कर दिया।

    शुभ शुरुआत और भव्य स्वागत।
    कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश अध्यक्ष छमछम देवी के आगमन पर भव्य स्वागत के साथ हुआ। विशेष रूप से सजाए गए मंडप में किन्नरों ने अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत किया। किन्नरों के लिए यह रस्म शादी-ब्याह के उत्सव जितनी पवित्र और शुभ मानी जाती है।

    देश-विदेश से जुटे हजारों किन्नर।
    झारखंड में पहली बार हो रहे इस अधिवेशन में देश-विदेश से करीब 5000 किन्नर धनबाद पहुंचे हैं। सिलीगुड़ी से आई अलाविया नायक ने कहा, “यह सम्मेलन हमारे समाज के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।” गोरखपुर की प्रिया, नेपाल की टीना राय, बोकारो की बबीता नायक सहित कई राज्यों और देशों से आई किन्नर समाज की प्रमुख हस्तियां इस कार्यक्रम का हिस्सा बनीं।

    मटकुरिया से शक्ति मंदिर तक शोभायात्रा।
    अधिवेशन के उत्साह को और भी बढ़ाने के लिए 7 जनवरी को मटकुरिया से शक्ति मंदिर तक एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान किन्नर समाज माता रानी के दरबार में 21 किलो का घंटा चढ़ाएगा और यजमानों के परिवारों की खुशहाली के लिए प्रार्थना करेगा।

    खास मन्नत से प्रेरित आयोजन।
    कोरोना महामारी के कठिन दौर में किन्नर समाज ने मन्नत मांगी थी कि यदि देश इस त्रासदी से उबरता है, तो वे भव्य आयोजन करेंगे। यह अधिवेशन उसी मन्नत को पूरा करने का प्रतीक है। पूजा-पाठ और विशेष चर्चा के साथ इस आयोजन का उद्देश्य किन्नर समाज के यजमानों और उनके परिवारों को आशीर्वाद देना है।

    धनबाद की मेहमाननवाजी का जश्न।
    विशाल पंडाल और भव्य सजावट ने इस आयोजन को खास बना दिया है। धनबाद शहर और यहां के लोगों की तारीफ करते हुए किन्नरों ने कहा कि इस शहर ने उन्हें अपनाया है। कार्यक्रम स्थल पर ठहरने और खाने-पीने की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे हर प्रतिभागी को घर जैसा महसूस हो।

    खुशियों का उत्सव, संस्कृति का सम्मान।
    धनबाद में पहली बार हो रहे इस विशाल अधिवेशन ने किन्नर समाज की परंपराओं और संस्कृति को एक नया आयाम दिया है। यह आयोजन केवल रस्मों का उत्सव नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, समर्पण और सहिष्णुता का संदेश भी है।

     

  • 2025 : नई उम्मीदों का झारखंड, मिलेगी विकास की बड़ी सौगात

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………..

    झारखंड की ज़मीन पर विकास का नया सूरज उगने वाला है। नए साल में इस राज्य को न सिर्फ रोज़गार की नई रोशनी मिलेगी, बल्कि बुनियादी ढांचे से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य तक का कायाकल्प होने जा रहा है।

    1 लाख से ज्यादा नौकरियां, झारखंड के युवाओं के लिए सुनहरा मौका!
    सरकार ने ठान लिया है—2025 वो साल होगा जब झारखंड के हर घर में रोज़गार का सपना सच होगा। एक लाख से ज़्यादा सरकारी पदों पर नियुक्तियां होंगी। शिक्षकों के 60,000 पद, प्रधानाध्यापकों के 15,000, पुलिस में 10,000 और भाषा शिक्षकों के 10,000 पद भरे जाएंगे। तैयारी ज़ोरों पर है।

    शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़ा बदलाव—कोडरमा में मेडिकल कॉलेज, ICT लैब्स का जाल!
    कोडरमा और रांची में नए मेडिकल कॉलेज बनने जा रहे हैं। रांची में 1,000 बिस्तरों का अस्पताल बनेगा, जो RIMS का बोझ हल्का करेगा। साथ ही, 1,317 स्कूलों में ICT लैब्स तैयार हो रही हैं, ताकि झारखंड के बच्चों को डिजिटल युग से जोड़ा जा सके।

    दामोदर साफ़ होगा, किसानों को सिंचाई का तोहफा
    518 करोड़ की लागत से दामोदर नदी को प्रदूषण मुक्त किया जाएगा। वहीं, रानेश्वर-मसलिया सिंचाई परियोजना से 55,000 एकड़ जमीन को पानी मिलेगा। झारखंड के किसानों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं।

    पर्यटन में भी धमाल—धुर्वा और गेतलसूद डैम में वाटर स्पोर्ट्स
    2025 में एडवेंचर वाटर स्पोर्ट्स शुरू होने वाला है। पर्यटन विभाग ने इसकी तैयारियां तेज़ कर दी हैं।

    झारखंड मेफ्लाईओवर का जाल !
    रातू रोड और सिरमटोली में बन रहे फ्लाईओवर शहर को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाएंगे। सिरमटोली एलिवेटेड कॉरिडोर तो फरवरी में ही तैयार हो जाएगा।

    नए बंगले, स्मार्ट मीटर और पेंशनरों को इलाज की सुविधा
    मंत्रियों और विधायकों को स्मार्ट सिटी में नए बंगले मिलेंगे। पेंशनर्स और उनके परिजनों को असीमित इलाज की सुविधा दी जाएगी।

    बोकारो में नई उड़ान, स्टील प्लांट का विस्तार!
    बोकारो हवाई अड्डे से 2025 में उड़ान शुरू होने की संभावना है। इसके अलावा, 15,000 करोड़ के निवेश से स्टील प्लांट का विस्तार होगा, जिससे उत्पादन क्षमता 7.15 MTPA तक बढ़ जाएगी।

    साहेबगंज का मल्टी-मॉडल टर्मिनल—सपना पूरा होने को तैयार!
    साहेबगंज में गंगा किनारे बना मल्टी-मॉडल टर्मिनल अब सिर्फ महीनों की दूरी पर है। 6,500 करोड़ की इस परियोजना से झारखंड और बिहार में औद्योगिक विकास का नया इतिहास लिखा जाएगा। यहां से 30 लाख टन माल ढुलाई होगी और भारत-नेपाल व्यापार को रफ्तार मिलेगी।

    आख़िरी बात!
    झारखंड 2025 में विकास का वो चेहरा दिखाएगा, जिसकी तस्वीर आज तक धुंधली थी। यह नया झारखंड होगा—रोज़गार से लबरेज़, शिक्षा से रोशन, और बुनियादी ढांचे से मजबूत। विकास का सफर बस शुरू होने को  है!

  • सावित्रीबाई फुले जयंती: महिलाओं के अधिकारों की प्रेरणा का महोत्सव

    GIRIDIH : आज हम बात करेंगे एक ऐसी महान विभूति की, जिसने न सिर्फ महिलाओं की शिक्षा की अलख जगाई, बल्कि समाज की कुरीतियों के खिलाफ आवाज भी बुलंद की। जी हां, हम बात कर रहे हैं  सावित्रीबाई फुले की, जिनकी जयंती गिरिडीह के अंबेडकर भवन में आस्था दलित महिला संघ के बैनर तले धूमधाम से मनाई गई।

    कार्यक्रम की खासियत।

    मंच पर मौजूद थीं प्रमुख अतिथि मधु श्रीसन्याल, प्राचार्या आरके महिला कॉलेज; विशिष्ट अतिथि डीडीसी स्मृता कुमारी और पूर्व प्रोफेसर पुष्पा सिन्हा। मंच का संचालन किया प्रमिला मेहरा ने, और वहां मौजूद हर शख्स सावित्रीबाई के योगदान को याद कर गर्व से भर उठा।

    मधुश्री सन्याल ने कहा, “जब महिलाओं को पढ़ाई-लिखाई तो दूर, किसी भी अधिकार का हक नहीं था, उस दौर में सावित्रीबाई फुले ने बालिका शिक्षा और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।” उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं का शिक्षित होना समाज के बदलाव की पहली शर्त है।

    पूर्व प्रोफेसर पुष्पा सिन्हा ने बताया कि सावित्रीबाई फुले सिर्फ नारी शिक्षा की प्रेरक नहीं थीं, बल्कि उन्होंने विधवाओं के लिए आश्रम खोलकर समाज की सोच बदलने का काम किया। उनके योगदान से हमें यह सीखने की जरूरत है कि शिक्षा और अधिकार कैसे समाज को नई दिशा दे सकते हैं।

    डीडीसी स्मृता कुमारी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा, “आज हमारे पास हर तरह की सुविधाएं हैं, पढ़ने-लिखने का अधिकार है। ऐसे में हमें अपनी बेटियों को शिक्षित करने और समाज को जागरूक करने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।”

    कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब।

    कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। चाहे वो अफसाना प्रवीण हों, ज्योति सोरेन, माला देवी, या गीता देवी, सभी ने सावित्रीबाई फुले के योगदान को सराहा।

    पुरुषों ने भी इस आयोजन में अपनी सक्रिय भागीदारी दिखाई। सुखदेव दास, सुशील दास, नारायण दास, और अन्य कई ने सावित्रीबाई के संघर्ष को समाज के लिए मार्गदर्शक बताया।

    शिक्षा है सबसे बड़ा बदलाव।

    इस कार्यक्रम ने हमें यह याद दिलाया कि सावित्रीबाई फुले का सपना आज भी अधूरा है। महिलाओं को शिक्षित करना, समाज को कुरीतियों से मुक्त करना और समान अधिकार देना—यही इस महोत्सव का मुख्य संदेश था।

    सावित्रीबाई फुले की जयंती सिर्फ एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि हर दिन हमारे लिए प्रेरणा है। हमें उनसे सीखते हुए अपने समाज को बेहतर बनाने की दिशा में काम करना होगा ।

     

  • हर जान कीमती है, इसे बचाने की मुहिम पर कौन जुटा है,यहाँ जानिए

    गिरिडीह : ज़िले में सड़क सुरक्षा पर जोर देने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ  आज उपायुक्तकी अगुवाई में समाहरणालय भवन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अब ये रथ ज़िले के हर कोने में जाकर लोगों को सड़क सुरक्षा का पाठ पढ़ाएगा।

    क्या है खास इस रथ में?
    यह कोई आम रथ नहीं, यह सड़क पर चलते ‘सुरक्षा की पाठशाला’ है। इसमें ट्रैफिक नियम, हेलमेट पहनने की अनिवार्यता, सीट बेल्ट का महत्व, और नशा करके गाड़ी न चलाने जैसे संदेश हर घर और हर दिल तक पहुंचाए जाएंगे। और तो और, गुड सेमेरिटन (अच्छे समरीटन्स) की योजना का भी बड़े स्तर पर प्रचार किया जाएगा। अगर आपने सड़क हादसे में किसी की मदद की, तो प्रशासन आपको ‘नायक’ मानेगा और पूछताछ से राहत भी देगा।

    उपायुक्त ने क्या कहा?
    मीडिया से बातचीत में उपायुक्त ने साफ कहा, “हमारा लक्ष्य सिर्फ नियम बनाना नहीं, बल्कि लोगों को उनकी ज़िम्मेदारी का एहसास दिलाना है। सड़क पर हादसों को रोकने के लिए लोगों को भी अपनी सोच बदलनी होगी।”

    पुलिस अधीक्षक समेत तमाम अधिकारी मौजूद
    इस मुहिम को सफल बनाने के लिए पूरा प्रशासन एकजुट दिखा। पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, और अन्य बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद थे।

    जागरूकता से हादसे कम हो सकते हैं!
    तो गिरिडीह वालों, यह समय है अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूक होने का। हेलमेट और सीट बेल्ट सिर्फ कानून की बात नहीं, आपकी ज़िंदगी का सवाल है। और ये रथ, उम्मीद करता है कि गिरिडीह में सुरक्षा का नया अध्याय लिखेगा।

  • रिश्वतखोर सीओ गिरफ्तार, जानिए कहाँ का है मामला

     

    झारखंड में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सख्त निर्देशों के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 2025 की पहली बड़ी सफलता हासिल की। गुरुवार को एसीबी की टीम ने रांची सदर अंचल के सीओ, मुंशी राम, को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

    क्या था मामला?
    जमीन से जुड़े एक काम के लिए रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता ने एसीबी को इसकी जानकारी दी। फिर क्या था? टीम ने पूरी प्लानिंग के साथ जाल बिछाया और भ्रष्ट अधिकारी को धर दबोचा।

    पुरानी शिकायतें भी आईं सामने
    यह पहली बार नहीं है जब इस अंचल में भ्रष्टाचार की शिकायतें आई हैं। जमीन की रसीद से लेकर दाखिल-खारिज तक के मामलों में बड़े पैमाने पर घूसखोरी की खबरें आती रही हैं। अधिकारियों पर आरोप है कि बिना पैसे के कोई काम नहीं होता।

    मुख्यमंत्री की सख्त हिदायत
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहले ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था। इस गिरफ्तारी से यह संदेश साफ हो गया है कि अब लापरवाही और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।]
    “देखिए, ये मुंशी राम को लगा कि जमीन का मामला है, पैसों से दबा देंगे, लेकिन एसीबी ने ऐसा दबोचा कि अब रिश्वत का हिसाब जेल में करना पड़ेगा।”

    झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस सख्त एक्शन से जनता को न्याय की उम्मीद जगी है। क्या रिश्वतखोरी की ये गाथा यहीं खत्म होगी, या फिर कुछ और खुलासे होंगे?

     

  • झारखंड पुलिस का नया प्लान:‘फ्रेंड्स एंड एनिमी’ लिस्ट”

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………………

     झारखंड पुलिस अब पुरानी फिल्मी स्टाइल में आ गई है! याद है वो डायलॉग? “दोस्ती बड़ी चीज़ है, दुश्मन को माफ़ करना उससे भी बड़ी चीज़ है”। लेकिन यहां मामला उल्टा है। झारखंड पुलिस अब दोस्तों और दुश्मनों की पूरी लिस्ट तैयार करने में जुट गई है।

    दोस्त और दुश्मन का हिसाब किताब

    राज्य के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने इस नए प्लान की शुरुआत की है। सभी जिलों के एसपी, डीआईजी, और आईजी को आदेश दिया गया है कि हर थाने में दो लिस्ट बनाई जाए।

    • लिस्ट 1: “नो योर फ्रेंड्स” – मतलब, जो लोग पुलिस का साथ देते हैं, उनकी लिस्ट।
    • लिस्ट 2: “नो योर एनिमी” – यानी, उग्रवादी, अपराधी, और वो लोग जो इनका समर्थन करते हैं।

    इन दोनों लिस्टों का दस्तावेजीकरण डीएसपी और एसपी स्तर पर होगा।

    कैसे बनेगी ये लिस्ट?

    पुलिस थानों में दो श्रेणियों की लिस्ट तैयार होगी :

    1. दोस्तों की लिस्ट में वे लोग होंगे जो पुलिस का समर्थन करते हैं।
    2. दुश्मनों की लिस्ट में उग्रवादी, अपराधी, उनके ओवरग्राउंड वर्कर, और उनके मददगार।

    अब होगा क्या?
    जब ये लिस्ट बन जाएगी, तो पुलिस अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी करेगी।

    क्या है प्लान के पीछे का मकसद?

    झारखंड में उग्रवाद और अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस का ये नया कदम लिया गया है। दोस्तों की पहचान से पुलिस को सहयोग मिलेगा, और दुश्मनों की लिस्ट से पुलिस को सीधे ऐक्शन लेने का मौका।

    लोगों का क्या कहना है?

    कुछ लोग कह रहे हैं कि पुलिस अपने दोस्तों की मदद से अपराध पर रोक लगाएगी।

    वहीं, आलोचकों का कहना है कि पुलिस की दोस्ती और दुश्मनी की परिभाषा क्या होगी, ये तो वक्त ही बताएगा।

    अब देखना ये है कि ये “फ्रेंड्स एंड एनिमी लिस्ट” झारखंड पुलिस को अपराध रोकने में कितना मदद करती है। तब तक, गली में सावधान रहिए… क्या पता आप दोस्त की लिस्ट में हों या दुश्मन की!

     

     

  • “सर्दी का झारखंडी कहर: गिरिडीह समेत पूरा प्रदेश ठिठुर रहा, जानिए आगे क्या होगा”

    झारखंड में इस बार ठंड ने रजाई और अलाव की डिमांड बढ़ा दी है। गिरिडीह समेत प्रदेश के ज्यादातर जिलों में ठिठुरन बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में तापमान दो से तीन डिग्री तक गिर गया। गुमला तो ठंड के मामले में सबको पछाड़ते हुए 6.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। और गिरिडीह ? यहां भी 8 डिग्री का कांटा थर-थर कांप रहा है।

    सर्द हवा, घना कुहासा और ठिठुरते झारखंडी। 

    मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर और पश्चिम से आने वाली सर्द हवाओं ने माहौल और ठंडा कर दिया है। सुबह-सुबह कोल्हान में घना कुहासा छाया रहा, और दृश्यता सिर्फ 1000 मीटर की रह गई। जमशेदपुर का हाल भी कुछ खास नहीं। यहां का न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस रहा। चाईबासा का तापमान दिन में 25.4 डिग्री रहा, जो झारखंड में सबसे ज्यादा है। लेकिन फिर भी ये सामान्य से नीचे है।

    अगले तीन दिन का हाल। 

    रांची मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने साफ कहा है, “ठंड अभी कम होने वाली नहीं। अगले तीन दिन और ठिठुरने के लिए तैयार रहिए।”  गिरिडीह का न्यूनतम पारा 8-9 डिग्री के आसपास रहेगा। मतलब, रजाई छोड़ने की गलती मत करना।

    झारखंड की कनकनी और आपकी तैयारी।

    चाहे आप गुमला में हो या गिरिडीह  में, ठंड ने सबको अपनी चपेट में ले लिया है। सुबह-सुबह स्कूल जाना हो या ऑफिस, गुनगुनी चाय और स्वेटर साथ रखना ज़रूरी है।

    अब देखते हैं, तीन दिन बाद ये ठंड थोड़ी नरम पड़ती है या नहीं। तब तक, अलाव जलाइए, गर्म कपड़े पहनिए और ठंड का आनंद लीजिए। क्योंकि झारखंड की सर्दी यूं ही नहीं आती, पूरे स्वैग के साथ आती है!

  • मंईयां सम्मान योजना :1400 करोड़ रुपये की राशि 6 जनवरी को 56 लाख महिलाओं के खाते मे

    झारखंड में इस बार की सर्दी कुछ खास होने वाली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फिर से साबित कर दिया कि महिलाओं का सम्मान उनकी सरकार की प्राथमिकता है। मंईयां सम्मान योजना की नई किस्त 6 जनवरी को जारी होने जा रही है, और पूरे राज्य की 56 लाख महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाने का वादा किया गया है। ये सिर्फ 2500 रुपये की बात नहीं है। ये बात है भरोसे की, जो हेमंत सोरेन ने झारखंड की महिलाओं के साथ बांधा है। कार्यक्रम नामकुम के खोजा टोली मैदान में होगा, और इसे लेकर तैयारियां ज़ोरों पर हैं। करीब तीन लाख महिलाएं इस समारोह में हिस्सा लेने पहुंचेंगी। भव्य कार्यक्रम, भरी दोपहरी, और 1400 करोड़ रुपये की सीधी मदद।

    28 दिसंबर को क्यों टला कार्यक्रम?

    पहले ये समारोह 28 दिसंबर को होना था। लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के बाद, सरकार ने राजकीय शोक में इसे आगे बढ़ा दिया। लेकिन  इंतजार अब खत्म होने वाला है।

    कैसे होगी शुरुआत?

    26-27 दिसंबर को टेस्ट के तौर पर कुछ महिलाओं के खातों में ये राशि ट्रांसफर हुई थी। अब पूरी 56 लाख महिलाओं के खाते में सीधे 2500 रुपये पहुंचेंगे। विधानसभा चुनाव से पहले ये योजना सिर्फ 1000 रुपये की थी, लेकिन वादा किया गया था कि दोबारा सत्ता में लौटने पर इसे बढ़ाकर 2500 रुपये किया जाएगा। और देखिए, वादा पूरा हो रहा है।

    राजनीति या हकीकत?

    हेमंत सोरेन की ये योजना महज़ वादों तक सीमित नहीं है। महिलाओं के समर्थन ने ही उनकी सरकार को दोबारा सत्ता में लाने में अहम भूमिका निभाई। अब वो उन्हीं महिलाओं का आभार जता रहे हैं।

    झारखंड की महिलाओं को क्या कहना है?

    “हमारे लिए ये सिर्फ पैसे नहीं, ये सम्मान है। सरकार हमारे लिए सोचती है।”
    ये सिर्फ योजना नहीं, महिलाओं के आत्मसम्मान का त्योहार है।