Category: Politics

  • शिल्पी नेहा तिर्की का अफसरों को निर्देश,राज्य में बन रहे 19 कोल्ड स्टोरेज का काम समय पर हो पूरा

    भवन निर्माण में गुणवत्ता पर जोर: कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की की सख्त हिदायत

    रांची: कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने विभाग से जुड़े भवनों के निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया है। नेपाल हाउस में भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मंत्री तिर्की ने राज्य में निर्माणाधीन 19 कोल्ड स्टोरेज को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का सख्त निर्देश दिया।

    बैठक में यह भी जोर दिया गया कि नए भवनों के निर्माण के साथ-साथ पहले से बने भवनों का रखरखाव भी आवश्यक है। विशेष रूप से कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग से जुड़े लैंप-पैक्स के लिए यह निर्देश और अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादों के भंडारण से संबंधित भवनों का निर्माण तय समयसीमा में पूरा होना चाहिए। उन्होंने राज्य में जर्जर लैंप-पैक्स के स्थान पर नए भवनों के निर्माण को समय की मांग बताया। बैठक में निर्माणाधीन 19 कोल्ड स्टोरेज के अलावा छोटे कोल्ड स्टोरेज की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री तिर्की ने कहा कि राज्य में पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज न होने के कारण किसानों को कृषि उत्पादों, फलों और सब्जियों के भंडारण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए, कोल्ड स्टोरेज के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    इसके अलावा, मंत्री ने इस वर्ष अनुकूल मौसम के कारण धान, मोटा अनाज और दलहन की अच्छी पैदावार होने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराने के लिए स्टोरेज की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए विभाग को आवश्यक भवनों की जरूरत होगी, जिसे भवन निर्माण विभाग को समय पर पूरा करना होगा।

    बैठक में विभागीय सचिव अबू बक्कर सिद्दीख, भवन निर्माण विभाग के सचिव अरवा राजकमल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

  • हेमंत कैबिनेट की बैठक आज, हो सकते हैं कई बड़े फैसले

    रांची 
    हेमंत सरकार की कैबिनेट बैठक आज प्रोजेक्ट भवन, धुर्वा में आयोजित की जाएगी। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) ने इसकी जानकारी दी है। जारी पत्र के अनुसार, यह बैठक बुधवार, 29 जनवरी को अपराह्न 4:00 बजे से झारखंड मंत्रालय के प्रोजेक्ट भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में संपन्न होगी।

  • झारखंड में नए सचिवालय निर्माण की प्रक्रिया हुई तेज, 35 एकड़ भूमि पर बनेगा परिसर

    झारखंड में नया सचिवालय भवन बनाने की योजना तेज़ी से आगे बढ़ रही

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर झारखंड सरकार के नए सचिवालय भवन के निर्माण की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। धुर्वा के कुटे क्षेत्र में स्थित नए विधानसभा भवन के समीप 35 एकड़ भूमि पर सचिवालय का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2022 में अधिकृत समिति द्वारा मंजूरी दी गई थी।

    पहले इस परियोजना का कार्यान्वयन जुडको (झारखंड अर्बन डेवलपमेंट कंपनी) को सौंपा गया था, लेकिन अब इसकी जिम्मेदारी भवन निर्माण विभाग को दे दी गई है। विभाग नए सचिवालय के डिजाइन को तैयार करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है।

    गौरतलब है कि झारखंड के अलग राज्य बनने के 22 वर्षों के दौरान एक स्थायी सचिवालय का निर्माण नहीं हो सका। वर्ष 2000 में एचईसी (हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) से किराए पर जगह लेकर अस्थायी सचिवालय बनाया गया था। जगह की कमी के कारण, सरकार को अलग-अलग स्थानों पर आधा दर्जन से अधिक भवनों में सचिवालय और इससे जुड़े अन्य कार्यालयों को संचालित करना पड़ा, जो अब भी जारी है।

    इससे पहले, जुडको ने रांची स्मार्ट सिटी क्षेत्र में स्थित कन्वेंशन सेंटर की नौ एकड़ भूमि पर सचिवालय के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करवाई थी। नई दिल्ली की मेसर्स सीपी कुकरेजा आर्किटेक्ट द्वारा तैयार डिजाइन के अनुसार, इस परियोजना पर लगभग 900 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था। सचिवालय का निर्माण करीब एक लाख वर्गफीट क्षेत्र में किया जाना था। हालांकि, बाद में कन्वेंशन सेंटर को सचिवालय के लिए छोटा और अनुपयुक्त मानते हुए निर्माण स्थल को बदलने का निर्णय लिया गया।

  • गरीबों के लिए बोलने वालों को जेल में डालने की राजनीति अब नहीं चलेगी-कल्पना

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………
    झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की प्रखर नेता और गांडेय की विधायक वसीएम हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने शनिवार को कोवाड़ में आयोजित एक भावुक संवाद कार्यक्रम के दौरान जनता को गहराई से छूने वाला भाषण दिया। उन्होंने 31 जनवरी 2024 की  तारीख का जिक्र करते हुए कहा कि यह दिन झारखंड की राजनीति के लिए अहम साबित हुआ था। ईडी द्वारा हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी की याद दिलाते हुए उन्होंने जनता की दुआओं और समर्थन को हेमंत जी की रिहाई और उनके संघर्षों की वजह बताया।

    कल्पना सोरेन ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “आपने उस ताकत को सबक सिखाया, जो गरीबों की आवाज दबाने की कोशिश करती है। गरीबों के लिए बोलने वालों को जेल में डालने की राजनीति अब नहीं चलेगी। जनता ने दिखा दिया है कि उनका फैसला सबसे बड़ा है।”

    कार्यक्रम में कल्पना सोरेन ने झारखंड आंदोलन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संघर्षों को याद करते हुए कहा, “हेमंत सोरेन ने गरीबी, भूख और तड़प देखी है। उन्होंने झारखंड के हर व्यक्ति के लिए लड़ाई लड़ी है। लेकिन यह लड़ाई वह अकेले नहीं जीत सकते। उन्हें आपके साथ की जरूरत है।” उन्होंने जनता से अपील की कि वे झारखंड मुक्ति मोर्चा और हेमंत सोरेन को और मजबूती दें।

    सरकार की उपलब्धियां और भावनात्मक अपील

    विधायक कल्पना सोरेन ने झारखंड सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए बताया कि कैसे पेंशन बढ़ाने, बिजली बिल माफ करने और अन्य योजनाओं ने जनता को राहत पहुंचाई है। उन्होंने झारखंड आंदोलन से जुड़ी भावनाओं को छूते हुए कहा कि दिशोम गुरु का सपना है कि झारखंड न सिर्फ देश का अव्वल राज्य बने, बल्कि झामुमो का प्रभाव दूसरे राज्यों तक भी पहुंचे। कल्पना सोरेन के यहाँ  पहुँचने पर उनपर फूलों की वर्षा की गयी ।।

    मंत्री ने किया विकास योजनाओं की समीक्षा।

    कार्यक्रम से पहले झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक कल्पना सोरेन, उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा और एसपी डॉ. बिमल कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जल संकट, नल-जल योजनाओं, सोलर आधारित पानी टंकियों और शौचालय निर्माण जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। मंत्री ने योजनाओं के समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

    जनता से जुड़ाव और अपील।

    अपने भाषण के अंत में कल्पना सोरेन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को “रीढ़ की हड्डी” बताते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया और कहा, “आप इलाके की समस्याओं से मुझे अवगत कराते रहें। मैं हर संभव प्रयास करूंगी कि उन समस्याओं का समाधान हो।”

    झामुमो के इस कार्यक्रम ने एक बार फिर जनता को झारखंड के इतिहास, संघर्ष और विकास से जोड़ने का प्रयास किया। यह साफ है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा राज्य के हर व्यक्ति को साथ लेकर आगे बढ़ने की राह पर चल रही है। कल्पना सोरेन का यह भावुक और प्रेरणादायक संबोधन न सिर्फ राजनीतिक बल्कि सामाजिक संदेश भी देता है।इस कार्यक्रम बैरिस्टर फरदीन अहमद सहित पार्टी के सैकड़ो कार्यकर्ता और नेता उपस्थित थे ।

  • मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना: गिरिडीह से पसनौर तक शुरू हुआ निशुल्क बस सेवा  

    ग्रामीण परिवहन को मिलेगी नई रफ्तार

    गिरिडीह : झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने शनिवार को गिरिडीह बस स्टैंड से पसनौर तक निशुल्क बस सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत यह सेवा शुरू की गई है। फीता काटकर मंत्री ने बस को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर गिरिडीह डीटीओ शैलेश प्रियदर्शी और बाबा सम्राट ट्रेवल्स के मालिक राजू खान भी मौजूद थे।

    ग्रामीण परिवहन में आएगा बदलाव.
    मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर परिवहन सुविधा देना है। इस योजना के तहत बसों को सब्सिडी दी जाएगी, जिससे किराए में भारी कमी आएगी। योजना के पहले चरण में 250 से अधिक बसें ग्रामीण इलाकों से शहरों तक चलेंगी। इनमें झारखंड आंदोलनकारी, छात्र-छात्राएं, बुजुर्ग, विधवा, दिव्यांग और एचआईवी संक्रमित लोगों के लिए यात्रा निशुल्क होगी।

    बस संचालकों के लिए राहतभरी पहल.
    योजना के तहत सरकार बसों के परिचालन में आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए रोड टैक्स में 100 प्रतिशत छूट दे रही है। इसके अलावा प्रति किलोमीटर 10 रुपए की सब्सिडी दी जाएगी, जिससे किराए में लगभग आधी कटौती होगी।

    गांव-शहर की दूरी होगी कम.
    इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों या जिला मुख्यालय तक पहुंचना अब और भी आसान हो जाएगा। आवागमन की सुविधा बढ़ने से न केवल ग्रामीणों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी। यह कदम गांव और शहर के बीच की दूरी कम करते हुए एक मजबूत कनेक्टिविटी का आधार बनेगा।

    मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना झारखंड सरकार की एक क्रांतिकारी पहल साबित हो सकती है, जो विकास की राह में गांवों को भी शहरों के साथ जोड़ने का काम करेगी।

     

  • झारखंड की सियासत में गरमाहट: मरांडी ने पूजा सिंघल प्रकरण पर सरकार को घेरा

     

    झारखंड की राजनीति में इन दिनों आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार को आईएएस पूजा सिंघल प्रकरण पर आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

    बाबूलाल मरांडी ने लिखा, “झारखंड में एक अजीबोगरीब खेल चल रहा है। यहां प्रशासनिक व्यवस्था ‘रिवॉर्ड और पनिशमेंट’ की अनोखी नीति पर काम कर रही है। भ्रष्ट अधिकारियों को इनाम दिए जा रहे हैं और ईमानदार अधिकारियों को दंडित किया जा रहा है।”

    जमानत पर बाहर अधिकारी को विभाग की जिम्मेदारी?
    मरांडी का आरोप है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आई आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को राज्य के एक प्रमुख विभाग की जिम्मेदारी देने की तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा, “यह निर्णय न केवल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि राज्य में ईमानदारी और पारदर्शिता का क्या महत्व रह गया है।”

    सियासत में उबाल|
    बाबूलाल मरांडी के इस बयान के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल मच गई है। उनके आरोपों ने राज्य सरकार के प्रशासनिक फैसलों पर नई बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर भाजपा इसे राज्य सरकार की नाकामी बता रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार समर्थकों का कहना है कि यह सिर्फ सियासी हमला है।

    जनता के मन में सवाल|
    इस प्रकरण ने जनता के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे अधिकारियों को जिम्मेदारी देना सही है? क्या इससे ईमानदार अधिकारियों का मनोबल गिरता नहीं?

    झारखंड की सियासत में यह मुद्दा फिलहाल गर्म है और आने वाले दिनों में इसका असर राज्य की राजनीति पर साफ दिखाई देगा।

  • झारखंड: 4 जिले जहां अभी तक नहीं पहुंची है ट्रेन

    परवेज़ आलम की खास रिपोर्ट ……….

     देश जब विकास के नए आयाम छूते हुए अंतरिक्ष तक अपनी छाप छोड़ रहा है, वहीं झारखंड जैसे खनिज संपदा से भरपूर राज्य के चार जिले ऐसे भी हैं, जहां आज़ादी के 75 साल बाद भी रेलवे लाइन नहीं पहुंच सकी है। ये जिले हैं खूंटी, सिमडेगा, गुमला और चतरा। लेकिन अब इस दिशा में पहल की गई है। रेलवे ने इन जिलों को जोड़ने के लिए 120 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने की योजना बनाई है, जो रांची डिवीजन के अंतर्गत आएगी।

    रेल कनेक्टिविटी: अब खत्म होगी दूरी.

    झारखंड के इन जिलों में रेल कनेक्टिविटी का सपना आखिरकार हकीकत बनने जा रहा है। ‘देर आए, दुरुस्त आए’ वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए भारतीय रेलवे ने इन इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। इन जिलों को जोड़ने वाली परियोजनाओं के लिए प्रारंभिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पूरी कर ली गई है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) रेलवे बोर्ड को सौंप दी गई है।

    कौन-कौन से जिले होंगे शामिल?

    रांची-लोहरदगा रेल लाइन से खूंटी, गुमला और सिमडेगा को जोड़ा जाएगा। वहीं, रांची-हजारीबाग रेल लाइन से चतरा जिला जोड़ा जाएगा। रेलवे ने झारखंड रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेआरआईडीसीएल) के माध्यम से इस परियोजना का सर्वेक्षण कार्य पहले ही पूरा कर लिया है।

    कहां-कहां बिछेगी रेल लाइन?

    परियोजना के तहत लोहरदगा से गुमला 55 किलोमीटर, गुमला से सिमडेगा 43 किलोमीटर, हटिया से खूंटी 20 किलोमीटर और हजारीबाग से चतरा तक 42 किलोमीटर की रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। यानी कुल मिलाकर 120 किलोमीटर की रेल लाइन इन इलाकों में विकास की नई राह खोलेगी।

    सरकार की मंजूरी और बजट.

    अगस्त 2024 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस परियोजना को मंजूरी दी थी। लगभग 6,500 करोड़ रुपये की लागत से चार राज्यों—उड़ीसा, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल—के सात जिलों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई गई है। झारखंड के इन चार जिलों में रेल नेटवर्क बिछने से न केवल स्थानीय लोगों को फायदा होगा बल्कि राज्य के खनिज संपदा का परिवहन और तेज़ व आसान हो जाएगा।

    विकास का नया अध्याय.

    झारखंड के खूंटी, सिमडेगा, गुमला और चतरा जिलों के लिए यह परियोजना सिर्फ रेलवे कनेक्टिविटी नहीं, बल्कि विकास की नई गाथा लिखने जैसा है। ये जिले अब न सिर्फ देश के बाकी हिस्सों से जुड़ेंगे, बल्कि इन इलाकों में उद्योग, रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    अब इंतजार है उस दिन का, जब झारखंड के ये जिले रेल के सफर से जुड़कर विकास की नई दिशा में आगे बढ़ेंगे।

     

  • झारखंड हाईकोर्ट: नवंबर 2024 की वोटर लिस्ट के आधार पर होंगे नगर निकाय चुनाव

     

    झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में नगर निगम और स्थानीय शहरी निकाय चुनावों को लेकर सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण आदेश दिया है। यह याचिका निवर्तमान पार्षद रोशनी खलखो द्वारा दायर की गई थी, जिसमें चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई मुद्दे उठाए गए थे। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विनोद सिंह ने दलीलें प्रस्तुत कीं।

    स्टेट इलेक्शन कमीशन के वकील ने अदालत को जानकारी दी कि उन्हें अब तक अपडेटेड वोटर लिस्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे चुनाव की तैयारियों में बाधा आ सकती है। इस पर केंद्रीय चुनाव आयोग के वकील ने अदालत को बताया कि नवंबर 2024 में चुनाव आयोग द्वारा झारखंड सहित अन्य राज्यों में अपडेटेड वोटर लिस्ट के आधार पर चुनाव कराए गए थे। उन्होंने सुझाव दिया कि उसी वोटर लिस्ट का उपयोग नगर निगम चुनावों के लिए भी किया जा सकता है।

    अदालत ने केंद्रीय चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह इस मामले से संबंधित सभी तथ्य शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत करे। आयोग के वकील ने बताया कि शपथ पत्र तैयार है और जल्द ही दाखिल किया जाएगा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 फरवरी को निर्धारित की गई है।

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधायकों के लिए निर्माणाधीन आवास का किया निरीक्षण

    मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया निर्माणाधीन विधायक आवासीय परिसर, दिए महत्वपूर्ण निर्देश

    रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज राजधानी के जगन्नाथपुर स्थित निर्माणाधीन विधायक आवासीय परिसर का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आवास, हेल्थ सेंटर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, चिल्ड्रन पार्क, प्ले ग्राउंड, बिजली, पानी, सड़क, वाहन पार्किंग, और सीवरेज-ड्रेनेज सिस्टम समेत अन्य कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि इसे जल्द पूरा कर विधायकों को आवास अलॉट किए जा सकें।

    मुख्यमंत्री के साथ मौजूद कंस्ट्रक्शन कंपनी ने बताया कि निर्माण कार्य जून माह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    विधायकों को मिलेगा सुविधाजनक और व्यवस्थित आवास

    मुख्यमंत्री ने परिसर में बड़े पैमाने पर पौधारोपण करने का निर्देश देते हुए कहा कि विधायकों के लिए अभी आवासीय व्यवस्था अलग-अलग क्षेत्रों में बिखरी हुई है। विधायक आवासीय परिसर के बन जाने से सभी विधायकों को एक जगह, सुविधाजनक और व्यवस्थित आवासीय व्यवस्था उपलब्ध होगी।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, भवन निर्माण विभाग के सचिव अरवा राजकमल और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

  • गणतंत्र दिवस 2025: आपके जिले में झंडोत्तोलन कौन करेगा,यहाँ जानिए  

      गणतंत्र दिवस 2025 के खास मौके पर झारखंड में पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ तिरंगा फहराया जाएगा। इस अवसर पर राज्य के मंत्रीगण विभिन्न जिलों के मुख्यालयों में झंडोत्तोलन करेंगे। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने झंडोत्तोलन कार्यक्रम की सूची जारी कर दी है।

    कौन कहां फहराएगा तिरंगा?

    • राधाकृष्ण किशोर: पलामू (डाल्टनगंज)
    • सुदिव्य कुमार: गिरिडीह
    • दीपक बिरुवा: पश्चिमी सिंहभूम
    • चमरा लिंडा: गुमला
    • संजय प्रसाद यादव: पाकुड़
    • रामदास सोरेन: पूर्वी सिंहभूम
    • इरफ़ान अंसारी: जामताड़ा
    • हाफिजुल हसन: देवघर
    • श्रीमती दीपिका पांडे सिंह: गोड्डा
    • योगेंद्र प्रसाद: बोकारो
    • श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की: लोहरदगा

    धूमधाम से मनाया जाएगा पर्व।
    राज्य सरकार के निर्देशानुसार, जिला मुख्यालयों में झंडोत्तोलन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर स्कूली बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत और झांकियां भी प्रस्तुत की जाएंगी।

    गणतंत्र दिवस का संदेश।
    झारखंड के मुख्यमंत्री ने नागरिकों से गणतंत्र दिवस पर अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया है। पूरे राज्य में शांति और भाईचारे के साथ इस राष्ट्रीय पर्व को मनाने की तैयारियां जोरों पर हैं।