Category: Politics

  • हेमंत सोरेन सरकार का बड़ा फैसला: ‘अटल मोहल्ला क्लीनिक’ का नाम बदलकर अब होगा ‘मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक’

    21 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर, राज्य विश्वविद्यालय कानून को मिली मंजूरी, पुलिस भर्ती नियमों में भी बदलाव.

    परवेज़ आलम 

    For The News Post4u.

    रांची : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने एक अहम निर्णय लेते हुए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई ‘अटल मोहल्ला क्लीनिक’ योजना का नाम बदलने का फैसला किया है। अब ये स्वास्थ्य केंद्र ‘मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक’ के नाम से जाने जाएंगे। यह निर्णय गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।

    क्लीनिक नाम परिवर्तन का उद्देश्य.
    कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने जानकारी दी कि मंत्रिमंडल ने इस नाम परिवर्तन को औपचारिक रूप से मंजूरी दी है। गौरतलब है कि इस योजना की शुरुआत अगस्त 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुबर दास ने शहरी मलिन बस्तियों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की थी। वर्तमान में राज्य में ऐसे 140 मोहल्ला क्लीनिक कार्यरत हैं, जहां मुफ्त जांच, परामर्श और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

    राज्य विश्वविद्यालय कानून में बड़ा बदलाव.
    कैबिनेट की बैठक में ‘झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2025’ को भी मंजूरी दी गई। वंदना दादेल के अनुसार, वर्तमान में राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालय अलग-अलग अधिनियमों के अंतर्गत संचालित हो रहे हैं। अब एक समान और समेकित अधिनियम लाकर इन विश्वविद्यालयों को एक ही कानूनी ढांचे में लाया जाएगा। मेडिकल और एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी को इस दायरे से बाहर रखा गया है। साथ ही, विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों के लिए एक विशेष विश्वविद्यालय सेवा आयोग के गठन का भी प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है।

    श्रावणी मेला की तैयारियों को भी मिली स्वीकृति.
    देवघर में एक महीने तक चलने वाले प्रसिद्ध श्रावणी मेले के मद्देनजर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर 10 जुलाई से 10 अगस्त तक कुल 28 अस्थायी मेला पुलिस चौकियों और 19 ट्रैफिक नियंत्रण चौकियों की स्थापना को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।

    पुलिस भर्ती विज्ञापन रद्द, नए नियम लागू.
    संयुक्त भर्ती नियमावली 2025 के क्रियान्वयन के बाद पूर्व में प्रकाशित पुलिस भर्ती विज्ञापनों को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, पहले आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को नई भर्तियों में आवेदन शुल्क से छूट मिलेगी। इसके अतिरिक्त, सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में भी रियायत देने का फैसला किया गया है।

    उर्दू शिक्षकों की बहाली को मिली हरी झंडी.
    राज्य के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में उर्दू विषय के लिए सहायक अध्यापक की नियुक्ति को लेकर 4,339 पदों के सृजन का प्रस्ताव भी पारित किया गया। यह निर्णय राज्य में अल्पसंख्यक भाषा शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    मंत्रिमंडल की इस बैठक में कुल 21 निर्णय लिए गए, जो प्रशासनिक सुधार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं। इन फैसलों से राज्य में सुशासन और सार्वजनिक सेवा प्रणाली को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

     

  • जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई शुरू

     उपराष्ट्रपति के लिए  राम नाथ ठाकुर रेस में सबसे आगे.

    For The News Post4u.

    नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट केके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, जिनकी जांच के लिए संवैधानिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

    इंडियन एक्सप्रेस  की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। सूत्रों के अनुसार, संसद भवन में पहले ओम बिरला और हरिवंश ने आपसी बातचीत की, जिसके बाद अमित शाह उनसे मिले। यह बैठक इस पूरे मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को दर्शाती है।

    अब आगे क्या प्रक्रिया होगी?

    संविधान के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष एक वैधानिक समिति का गठन करेंगे, जो जस्टिस वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करेगी। यह समिति तीन सदस्यों की होगी, जिसमें होंगे:

    • सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ न्यायाधीश
    • किसी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
    • एक प्रख्यात न्यायविद या कानून विशेषज्ञ

    इस समिति को तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपनी होगी।

    जस्टिस वर्मा ने की जांच रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती.

    इस बीच, जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने खिलाफ की गई इन-हाउस जांच रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

    अगर दोषी पाए गए तो क्या होगा?

    यदि समिति जस्टिस वर्मा को दोषी पाती है, तो उसकी रिपोर्ट संसद में पेश की जाएगी। इसके बाद:

    • लोकसभा और राज्यसभा में इस रिपोर्ट पर बहस होगी।
    • फिर दोनों सदनों में मतदान कराया जाएगा।
    • जज को हटाने के लिए दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पास करना जरूरी होगा।

    धनखड़ के इस्तीफे का कारण अभी भी रहस्य.

    इस बीच, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं, नए उपराष्ट्रपति के लिए नामों की चर्चा शुरू हो गई है। समाजवादी विचारक कर्पूरी ठाकुर के बेटे राम नाथ ठाकुर को सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

    इन घटनाओं की कड़ी—एक उच्च संवैधानिक पद से इस्तीफा, न्यायपालिका में महाभियोग की प्रक्रिया और संभावित राजनीतिक फेरबदल—देश की संवैधानिक व्यवस्था के लिए एक अहम मोड़ की ओर संकेत कर रही है।

     

  • झारखंड के पांच राजनीतिक दलों का नहीं मिला सुराग, चुनाव आयोग की निगरानी तेज़

    The News Post4u.

    रांची: झारखंड में चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में दर्ज सात पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों में से पांच दलों का कोई ठोस पता या गतिविधि नहीं मिल पाने के कारण उनके पंजीकरण पर तलवार लटक गई है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देश पर राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने ऐसे दलों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो लंबे समय से निष्क्रिय हैं या जिनका कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।

     

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    सुनवाई के लिए बुलाए गए थे 7 दल

    चुनाव आयोग ने इन सात दलों को 22 जुलाई 2025 को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया था, ताकि वे अपने अस्तित्व और सक्रियता को लेकर स्थिति स्पष्ट कर सकें। सुनवाई के दौरान केवल दो दल—रांची की जनसाधारण पार्टी और झारखंड विकास दल—के प्रतिनिधि उपस्थित हुए। दोनों दलों ने आयोग को शपथ पत्र और लिखित जवाब सौंपते हुए कहा कि वे सक्रिय हैं और आगामी चुनावों में भाग लेने की तैयारी कर रहे हैं।

    इन दलों ने नहीं दिया कोई जवाब

    हालांकि शेष पांच दल—भारत विकास मोर्चा, भारतीय जनमुक्ति पार्टी, मानव मुक्ति मोर्चा, नवजवान संघर्ष मोर्चा और राष्ट्रीय मजदूर किसान प्रजातांत्रिक पार्टी—न तो निर्धारित तिथि पर सुनवाई में पहुंचे, न ही उन्होंने कोई लिखित जवाब आयोग को भेजा। आयोग ने इन्हें पहले पंजीकृत पते पर नोटिस भेजा था और उसके बाद समाचार पत्रों व सोशल मीडिया के माध्यम से भी आम सूचना जारी की गई थी, फिर भी इनसे कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

    पंजीकरण रद्द करने की प्रक्रिया की तैयारी

    इन दलों को 15 जुलाई तक शपथ पत्र और जवाब जमा करने का अंतिम मौका दिया गया था, जिसके बाद 22 जुलाई को व्यक्तिगत सुनवाई की गई। अब आयोग के पास यह विकल्प खुला है कि गैर-हाजिर दलों के खिलाफ पंजीकरण रद्द करने की अनुशंसा की जाए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि जो दल समय पर जवाब नहीं देंगे, उन्हें निर्वाचन आयोग की पंजीकृत सूची से हटाने की सिफारिश की जाएगी।

    पारदर्शिता सुनिश्चित करने की पहल

    इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य चुनावी पारदर्शिता और मतदाता सूचना की शुद्धता बनाए रखना है। निर्वाचन आयोग चाहता है कि केवल वही राजनीतिक दल सूची में बने रहें, जो सक्रिय हैं और जिनका पता-संपर्क स्पष्ट रूप से उपलब्ध हो। निष्क्रिय और संदिग्ध दलों को हटाकर चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।

  • झारखंड पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार-सुदिव्य कुमार

    केंद्रीय पर्यटन मंत्री से मुलाकात में लिए गए कई अहम फैसले.

    परवेज़ आलम.

    For The News Post4U.

    रांची /नई दिल्ली, 22 जुलाई
    झारखंड में पर्यटन विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से आज नई दिल्ली में झारखंड पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई । यह शिष्टाचार भेंट झारखंड को एक उभरते हुए पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस पहल मानी जा रही है।

    बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने राज्य में पर्यटन के सर्वांगीण विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया और केंद्र सरकार से सक्रिय सहयोग का आश्वासन प्राप्त हुआ।

    बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय.

    अशोक होटल के हस्तांतरण पर सहमति.
    रांची स्थित अशोक होटल को झारखंड सरकार को सौंपने के संबंध में सैद्धांतिक सहमति बनी है। इससे होटल क्षेत्र में राज्य सरकार की सक्रियता बढ़ेगी और स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को बल मिलेगा।

    इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा.
    स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत छनडील, नेतरहाट और तेनुघाट में इको-टूरिज्म परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जो पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन को प्रोत्साहित करेंगी।

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    पर्यटन संस्थान की स्थापना.
    राज्य में IITTM मॉडल पर आधारित एक उच्च स्तरीय पर्यटन संस्थान स्थापित किया जाएगा, जो पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा।

    राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मेलों का आयोजन.
    झारखंड में पर्यटन को वैश्विक मंच देने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों का संयुक्त आयोजन किया जाएगा, जिससे राज्य की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधताओं को व्यापक पहचान मिलेगी।

    विरासत स्थलों का संरक्षण.
    राज्य के पुरातात्विक और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। यह पहल न केवल सांस्कृतिक विरासत को संजोएगी, बल्कि इन्हें आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित करेगी।

    पर्यटन के नए युग की शुरुआत.

    बैठक के बाद यह स्पष्ट हुआ कि झारखंड को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के लिए राज्य और केंद्र मिलकर ठोस प्रयास करेंगे। पर्यटन से जुड़े ये सभी प्रोजेक्ट्स न केवल झारखंड की आर्थिक संरचना को मजबूत करेंगे, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि करेंगे।

  • वायरल वीडियो पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की सफाई: “बेटे कृष को राजनीतिक साजिश के तहत घसीटा जा रहा है”

    By: परवेज़ आलम.

    For The News Post4u.

    रांची, 19 जुलाई 2025
    झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के बेटे कृष अंसारी इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को लेकर सुर्खियों में हैं। वीडियो में कृष अंसारी राजधानी रांची के प्रमुख अस्पतालों – रिम्स (RIMS) और पारस हॉस्पिटल में मरीजों से बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि कृष अस्पतालों का “निरीक्षण” कर रहे थे, जिससे सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    क्या है वायरल वीडियो का मामला?

    वायरल हो रहे इस वीडियो में कृष अंसारी कुछ युवकों के साथ अस्पतालों में मरीजों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में उनके साथ मौजूद युवक कहते सुने जा सकते हैं – “ये मंत्री जी के बेटे हैं, अपनी समस्याएं बताइए।” इसके बाद से ही कृष पर “नेतागिरी” और “बिना अधिकार निरीक्षण” के आरोप लगने लगे।

    हालांकि, वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि किसी न्यूज माध्यम द्वारा नहीं की गई है, लेकिन मामला तूल पकड़ता देख अब स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने खुद X (पूर्व ट्विटर) पर बयान जारी कर साफ-साफ जवाब दिया है।

    मंत्री इरफान अंसारी की प्रतिक्रिया: “तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है”

    अपने आधिकारिक पोस्ट में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा:

    “सच्चाई को समझें। मेरे बेटे कृष को बेवजह और दुर्भावनापूर्ण तरीके से एक झूठे विवाद में घसीटा जा रहा है। कुछ मीडिया संस्थानों और राजनीतिक स्वार्थी तत्वों द्वारा इस विषय को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।”

    मंत्री ने स्पष्ट किया कि कृष किसी सरकारी निरीक्षण या राजनीतिक उद्देश्य से अस्पताल नहीं गया था। उन्होंने बताया कि कृष रिम्स में अपने शिक्षक आदित्य कुमार झा के बीमार पिता का हालचाल लेने गया था।

    “मानवीय आधार पर की गई मदद को राजनीति का रंग दिया जा रहा”

    डॉ. इरफान अंसारी ने आगे बताया कि पिछली रात कुछ आदिवासी परिवार उनके सरकारी आवास पर मदद के लिए पहुंचे थे, जो रिम्स में इलाज के लिए परेशान थे। उनके आग्रह पर कृष मानवीय भाव से उनकी मदद के लिए अस्पताल गया, ताकि वे आवश्यक चिकित्सा सहायता प्राप्त कर सकें।

    उन्होंने यह भी जोड़ा कि संयोग से रिम्स में भर्ती एक वरिष्ठ पत्रकार के परिजन को भी चिकित्सकीय सहयोग की ज़रूरत थी, और कृष ने उन्हें भी पूरी संवेदनशीलता से सहयोग किया।

    “सेवा करना अपराध कब से हो गया?” – इरफान अंसारी

    मंत्री ने वीडियो के राजनीतिकरण पर गहरी नाराज़गी जताते हुए कहा:

    “आज जिस तरह से एक सामान्य मानवीय कर्तव्य को तोड़-मरोड़ कर राजनीति का रंग चढ़ाया जा रहा है, वह दुखद और चिंताजनक है। कृष एक होनहार छात्र है, जो छुट्टियों में रांची आया है। वह पूर्व सांसद फुरकान अंसारी का पोता है, जिन्होंने झारखंड के अलग राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। क्या ऐसे परिवार में सेवा की भावना होना कोई अपराध है?”

    विपक्ष ने उठाए सवाल, मंत्री ने ठहराया ‘राजनीतिक साजिश’

    इस पूरे विवाद को लेकर विपक्ष के कुछ नेताओं ने सरकार पर प्रशासनिक नियमों के उल्लंघन और राजनीतिक परिवारवाद का आरोप लगाया है। वहीं, इरफान अंसारी ने इसे साफ तौर पर एक राजनीतिक साजिश और चरित्र हनन का प्रयास बताया है।

    वायरल वीडियो के बहाने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के परिवार को लेकर उठे विवाद ने झारखंड की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। जहां एक ओर मंत्री इसे सेवा भावना बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ वर्ग इसे शक्ति का दुरुपयोग कहा जा रहा है ।

    अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला राजनीतिक बहस तक सीमित रहता है या प्रशासनिक जाँच का विषय बनता है।

  • रांची, जमशेदपुर और धनबाद में मेट्रो रेल परियोजना के लिए केंद्र को भेजा गया प्रस्ताव

    –हेमंत सरकार की बड़ी पहल.

    By: परवेज़ आलम.

    For The News Post4u.

    रांची, 19 जुलाई 2025:
    झारखंड सरकार ने राज्य के तीन प्रमुख शहरों – रांची, जमशेदपुर और धनबाद – में मेट्रो रेल परियोजना शुरू करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा दिया है, जिससे झारखंड को आधुनिक और टिकाऊ शहरी परिवहन व्यवस्था मिल सके।

    पूर्वी क्षेत्रीय परिषद में रखा गया था एजेंडा.

    10 जुलाई को रांची में आयोजित 27वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में इस मेट्रो रेल परियोजना का औपचारिक प्रस्ताव रखा। इसके बाद राज्य के  नगर विकास विभाग ने प्रस्ताव को केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मंत्रालय के सचिव को भेज दिया है।

    तीन शहरों में मेट्रो से होगी शुरुआत.

    फिलहाल परियोजना का दायरा रांची, जमशेदपुर और धनबाद तक सीमित है, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दीर्घकालिक योजना है कि झारखंड के सभी पांच प्रमंडलीय शहरों तक मेट्रो सेवा का विस्तार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि , “यह मेट्रो रेल परियोजना झारखंड की नई विकास गाथा की नींव रखेगी और राज्य को आधुनिक परिवहन व्यवस्था से जोड़ेगी।”

     पूर्ववर्ती सरकारों की आलोचना.

    JMM  प्रवक्ता  ने  पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि “झारखंड में पहले कभी ऐसी विकास परियोजनाओं को लेकर केंद्र के पास गंभीरता से प्रस्ताव नहीं भेजे जाते थे। देश के दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों की तरह झारखंड को भी अब आधारभूत संरचना में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।”

    हेमंत सरकार ने पहली बार इस दिशा में ठोस पहल करते हुए मेट्रो जैसी परियोजना की विस्तृत योजना बनाई और केंद्र को सौंपा है।

    क्या है प्रस्ताव में खास?

    नगर विकास विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में केंद्र से तीन प्रमुख मांगें की गई हैं:

    1. मेट्रो परियोजना की फिजिबिलिटी स्टडी (संभवता अध्ययन)
    2. सर्वेक्षण और तकनीकी मूल्यांकन
    3. विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए सहयोग

    इसका उद्देश्य है कि केंद्र सरकार शीघ्र अनुमोदन दे ताकि इन शहरों में मेट्रो परियोजना की औपचारिक शुरुआत की जा सके।

    झारखंड के लिए मेट्रो क्यों है जरूरी?

    रांची, जमशेदपुर और धनबाद जैसे शहरों में बढ़ती जनसंख्या और ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए मेट्रो सेवा न केवल परिवहन व्यवस्था को सुगम बनाएगी, बल्कि यह शहरी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर, आर्थिक गतिविधियों में तेजी और पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी।

    हेमंत सरकार का यह कदम झारखंड को 21वीं सदी की बुनियादी संरचना से जोड़ने की दिशा में एक दूरदर्शी प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

  • तरुण गुप्ता की भाजपा में वापसी: संथाल में संगठन को मजबूती देने का संकल्प

    By The News Post4u.

    गिरिडीह, झारखंड: जामताड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ चुके एवं वर्तमान में बीस सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के उपाध्यक्ष तरुण गुप्ता ने गुरुवार को एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। उन्होंने अपने कई समर्थकों के साथ गिरिडीह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

    बरगंडा में हुआ सदस्यता समारोह.

    यह कार्यक्रम गिरिडीह के बरगंडा पावर हाउस स्थित बाबूलाल मरांडी के आवास पर संपन्न हुआ। मौके पर जामताड़ा जिला भाजपा अध्यक्ष सुमित शरण समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। पार्टी में पुनः शामिल होते हुए तरुण गुप्ता ने स्पष्ट किया कि वे भाजपा की नीतियों और सिद्धांतों से प्रभावित होकर ही फिर से पार्टी में लौटे हैं।

    मरांडी बोले – तरुण की वापसी से पार्टी को मिलेगा नया जोश.

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस मौके पर कहा –

    “तरुण गुप्ता जैसे कर्मठ, जुझारू और सामाजिक सरोकारों से जुड़े नेता की वापसी न केवल जामताड़ा बल्कि पूरे संथाल परगना और झारखंड में संगठन को नई ऊर्जा देगी। वे हमेशा से गरीबों, वंचितों और ज़रूरतमंदों की आवाज़ बनते रहे हैं।”

    मरांडी ने यह भी विश्वास जताया कि आने वाले समय में तरुण गुप्ता पार्टी की मजबूती में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

    तरुण गुप्ता का संकल्प – संथाल को बनाएंगे भाजपा का गढ़.

    पार्टी में शामिल होने के बाद तरुण गुप्ता ने कहा:

    “मैं भाजपा की विचारधारा, राष्ट्रवाद और विकास के प्रति प्रतिबद्धता से प्रेरित होकर पार्टी में लौटा हूं। अब मेरा लक्ष्य जामताड़ा ही नहीं, बल्कि पूरे संथाल परगना क्षेत्र में पार्टी को नई मजबूती देना है।”

    उन्होंने यह भी कहा कि वे ज़मीनी स्तर पर जनता से जुड़कर संगठन को मजबूत करेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को निर्णायक सफलता दिलाने के लिए काम करेंगे।

    पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह, वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी.

    इस मौके पर कई भाजपा नेता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से बिनय सिंह ,महादेव दुबे, अशोक उपाध्याय, महेंद्र वर्मा, सुभाष सिन्हा, नवीन सिन्हा, मनोज संघई, रंजीत रॉय और कुमार गौरव शामिल थे। सभी नेताओं ने एक स्वर में तरुण गुप्ता का स्वागत करते हुए उन्हें पूर्ण समर्थन का भरोसा दिलाया।

    राजनीतिक मायने.

    तरुण गुप्ता की भाजपा में वापसी को संथाल क्षेत्र में पार्टी के विस्तार की रणनीति के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। जामताड़ा जैसे क्षेत्र जहां भाजपा अब तक अपेक्षाकृत कमजोर रही है, वहां उनके जैसे लोकप्रिय चेहरे की सक्रियता पार्टी को बड़ा राजनीतिक फायदा दिला सकती है।

     

  • कल्पना सोरेन का गांडेय दौरा: महिलाओं को आत्मनिर्भरता की सौगात, विकास योजनाओं की झलक

    बिनोद कुमार.

    Edited By : परवेज़ आलम.

    For The News Poat4u.

    गिरिडीह, झारखंड:  गांडेय विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार का दिन विकास, महिला सशक्तिकरण और प्रेरणा से भरा रहा, जब क्षेत्रीय विधायक और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की धर्मपत्नी कल्पना सोरेन ने एक दिवसीय दौरे के दौरान कई योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। उन्होंने गांव-गांव जाकर न केवल विकास कार्यों का जायजा लिया, बल्कि युवाओं और महिलाओं से संवाद कर उन्हें आत्मनिर्भरता और शिक्षा के लिए प्रेरित किया।

    महिलाओं के हाथों में आर्थिक मजबूती की बागडोर.

    दौरे की शुरुआत कर्णपुरा पंचायत में सखी मंडल  की दीदियों द्वारा संचालित आटा उत्पादन केंद्र के निरीक्षण से हुई। कल्पना सोरेन ने झारखंड सरकार की “अबुआ सरकार” की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और आज वे अपने पैरों पर खड़ी होकर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं।

    इस दौरान चपुआडीह पंचायत भवन  में जेएसएलपीएस के तहत गठित सखी मंडलों के बीच 2 लाख 63 हजार रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। इसके अलावा जेएलपीएस  द्वारा निर्मित आटा मील और वन विभाग द्वारा बनाए गए रेस्ट हाउस का भी उद्घाटन किया गया।

    24.90 करोड़ की लागत से बनेगा महिला इंटर कॉलेज, स्टेडियम की भी सौगात.

    गांडेय विधानसभा के अंतर्गत बेंगाबाद प्रखंड के महुआर गांव  में कल्पना सोरेन ने 24.90 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले महिला इंटर कॉलेज  की आधारशिला रखी। वहीं कर्णपुरा पंचायत  में 6 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मिनी स्टेडियम का शिलान्यास भी किया गया।

    ग्रामीणों के बीच 10 लाख रुपये  की परिसंपत्ति का वितरण कर कल्पना सोरेन ने यह भी संदेश दिया कि झारखंड सरकार गांवों के विकास और महिलाओं की आर्थिक मजबूती को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

    बेंगाबाद +2 स्कूल में छात्रों से संवाद: शिक्षा ही असली ताकत.

    दौरे का एक अहम पड़ाव रहा बेंगाबाद +2 उच्च विद्यालय, जहां कल्पना सोरेन ने विद्यार्थियों के साथ संवाद कर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। एक मोटिवेशनल सत्र  के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की असली कुंजी हैं।

    “जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। पढ़ाई के प्रति ईमानदारी और निरंतर प्रयास ही आपको आगे ले जा सकते हैं,” – कल्पना सोरेन ने विद्यार्थियों से कहा।

    छात्रों ने भी खुलकर सवाल पूछे और कल्पना सोरेन ने सहजता से हर सवाल का उत्तर देकर उनका आत्मबल बढ़ाया। यह सत्र छात्रों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ।

    अधिकारियों के साथ समन्वय और योजनाओं की समीक्षा.

    गिरिडीह पहुंचने के बाद कल्पना सोरेन ने सबसे पहले परिषदन भवन  में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर ज़रूरतमंद तक समयबद्ध रूप से पहुँचे।

    उपस्थित रहे कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि.

    इस मौके पर उपायुक्त राम निवास यादव, एसपी डॉ. विमल कुमार, डीडीसी स्मृता कुमारी, डीएसई वसीम अहमद, झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह, प्रणव वर्मा  समेत कई वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षकगण और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    जनता से जुड़ाव और सकारात्मक माहौल.

    कल्पना सोरेन का यह दौरा केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह लोगों के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव और भरोसे का प्रतीक भी बना। चाहे सखी मंडल की दीदियों से बातचीत हो, बच्चों को प्रेरणा देना हो या अधिकारियों से योजनाओं की समीक्षा – हर पहलु में कल्पना सोरेन का जमीनी जुड़ाव झलका।

    गांडेय में यह दौरा महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण विकास के लिए एक सार्थक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना और अब आने वाले समय में इसके प्रभाव भी ज़मीन पर नज़र आएंगे।

  • झारखंड कांग्रेस को राहुल गांधी की सख्त हिदायत, जनहित पर मुखर रहें

    –कार्यकर्ताओं का सम्मान करें, गठबंधन में सामंजस्य बनाए रखें

    परवेज आलम

    For The News Post4u.

    RANCHI : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी को झारखंड में नई दिशा देने के मकसद से नई  दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक की , जिसमें झारखंड के सभी कांग्रेस विधायक और सभी  मंत्री  शामिल हुये ।  इस बैठक को कांग्रेस की राज्य इकाई में संगठनात्मक मजबूती और गठबंधन सरकार में प्रभावशाली भूमिका सुनिश्चित करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।

    जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता, भाजपा को मौका न देने की सलाह.

    बैठक की शुरुआत में राहुल गांधी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि झारखंड के कांग्रेसी नेता जनता से जुड़े मुद्दों पर आक्रामक और सक्रिय रुख अपनाएं। उन्होंने कहा कि पेसा कानून, ओबीसी आरक्षण और सरना धर्म कोड जैसे संवेदनशील मसलों पर कांग्रेस को स्पष्ट और मज़बूत रुख दिखाना होगा, ताकि भाजपा को जनता के बीच जगह बनाने का कोई मौका न मिले।

    उन्होंने यह भी चेताया कि अगर कांग्रेस जनहित से जुड़ी आवाजें नहीं उठाएगी, तो भाजपा इन मुद्दों को हथियाने की कोशिश करेगी, जो पार्टी की राजनीतिक स्थिति को कमजोर कर सकता है।

    विधायकों को विधानसभा में सक्रियता और जनता से जुड़ाव का निर्देश.

    राहुल ने साफ शब्दों में कहा कि विधायक पहले जनता के प्रतिनिधि हैं, फिर मंत्री। इसलिए उन्हें अपनी विधानसभा में सक्रिय रहकर लोगों की समस्याओं को सीधे सुनना और समाधान के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विधायकों को निर्देश दिया कि वे विधानसभा में मजबूती से अपनी बात रखें और सरकार की योजनाओं को सही तरीके से जनता तक पहुंचाएं।

    गठबंधन धर्म का पालन और झामुमो के साथ समन्वय पर जोर.

    बैठक में राहुल गांधी ने खास तौर पर गठबंधन सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने की बात कही। उन्होंने नेताओं से कहा कि कांग्रेस को गठबंधन धर्म का सम्मान करते हुए झामुमो के साथ किसी भी प्रकार की टकराव या टकराहट से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे जनता के बीच संयुक्त सरकार की सकारात्मक छवि बनती है।

    संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं की भूमिका को बताया केंद्रीय बिंदु.

    राहुल गांधी ने इस बात पर भी जोर दिया कि पार्टी के स्थानीय संगठनों को सक्रिय और सशक्त किया जाए। उन्होंने मंत्रियों और विधायकों को निर्देश दिया कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं का सम्मान करें, नियमित संवाद रखें और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता दें।

    उन्होंने कहा, “कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ होते हैं। यदि कार्यकर्ता उत्साहित और संलग्न रहेंगे तो चुनावी सफलता भी सुनिश्चित होगी।” उन्होंने आगामी निकाय चुनावों की तैयारी में कार्यकर्ताओं की भूमिका को केंद्रीय बताया।

    भाजपा की आलोचना और कांग्रेस की वैकल्पिक भूमिका पर बल.

    राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा आमजन से जुड़े मुद्दों को दबाने का प्रयास करती है, लेकिन कांग्रेस को चाहिए कि वह इन मुद्दों को मजबूती से उठाकर जनता के बीच खुद को उनका सच्चा प्रतिनिधि साबित करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को झारखंड में एक प्रभावशाली और जनहितैषी की भूमिका निभानी होगी, भले ही वह सत्ता का हिस्सा हो।

    प्रदेश अध्यक्ष से असंतोष पर राहुल की समझदारी भरी सलाह.

    बैठक के दौरान कुछ विधायकों ने झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ अपनी असहमति भी जाहिर की, जिस पर राहुल गांधी ने नेताओं से सुलह और सामंजस्य की नीति अपनाने को कहा। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत मतभेद संगठन की एकता को प्रभावित न करें।

    रणनीतिक संदेश और भविष्य की तैयारी.

    इस उच्चस्तरीय बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद रहे। उन्होंने झारखंड में पार्टी की वर्तमान स्थिति और गठबंधन सरकार के प्रदर्शन की समीक्षा की।

    बैठक मे  राहुल गांधी ने सभी विधायकों और मंत्रियों से कहा कि वे एकजुटता, प्रतिबद्धता और जनसेवा की भावना के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि यही समय है जब कांग्रेस को झारखंड में अपनी ताकत को फिर से स्थापित करना है ।

    राहुल गांधी की यह बैठक झारखंड कांग्रेस के लिए एक नई रणनीतिक दिशा, संगठनात्मक पुनर्गठन और गठबंधन धर्म के प्रति प्रतिबद्धता का स्पष्ट संकेत है। यह पहल आगामी चुनावों और राजनीतिक समीकरणों के मद्देनजर कांग्रेस के लिए एक फोकस्ड रोडमैप की तरह काम करेगी।

     

  • JMM का आधिकारिक ‘X’ हैंडल हुआ हैक, सीएम ने पुलिस और X कॉर्प को किया अलर्ट

     — अपडेटेड साइबर अलर्ट.

    परवेज़ आलम.

    The News Post4U के लिए रिपोर्ट.

    रांची/नई दिल्ली:  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल @JmmJharkhand हैक कर लिया गया है। उन्होंने इस साइबर हमले के लिए “असामाजिक तत्वों” को जिम्मेदार ठहराया है और इस मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड पुलिस और सोशल मीडिया कंपनी X (पूर्व में ट्विटर) से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

    दिल्ली में रहकर दी जानकारी.

    गौरतलब है कि इस वक्त मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पिता और पार्टी के संस्थापक शिबू सोरेन के इलाज के सिलसिले में दिल्ली में हैं। इसी दौरान उन्होंने अपने व्यक्तिगत ‘X’ अकाउंट से एक पोस्ट साझा कर यह गंभीर सूचना सार्वजनिक की।

    उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा —

    “झामुमो का आधिकारिक X हैंडल @JmmJharkhand असामाजिक तत्वों द्वारा हैक कर लिया गया है। झारखंड पुलिस इस पर संज्ञान ले और शीघ्र जांच कर आवश्यक कार्रवाई करे। @XCorpIndia कृपया आप भी इस पर ध्यान दें।”

    मुख्यमंत्री की इस प्रतिक्रिया के बाद झारखंड पुलिस को मामले में तकनीकी जांच शुरू करने का निर्देश भी दे दिया गया है।

    क्या पोस्ट किया है हैकरों ने?

    हैक होने के कुछ ही समय बाद JMM के आधिकारिक X हैंडल से जो पहली पोस्ट साझा की गई, उसमें एक गिलहरी जैसी फोटो के साथ एक क्रिप्टोकरेंसी भुगतान पता (crypto wallet address) और संदेश लिखा था — “LIVE ON BONK”।
    इससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि यह एक क्रिप्टो स्कैम ग्रुप का काम हो सकता है, जिसका मकसद अकाउंट हैक कर पब्लिसिटी और आर्थिक लाभ उठाना होता है।

    एलन मस्क के X पर बड़ा साइबर हमला.

    यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि झारखंड मुक्ति मोर्चा का यह हैंडल सोशल मीडिया पर खासा सक्रिय रहता है और इसके 2 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं।
    ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) अब टेस्ला और स्पेसX के मालिक एलन मस्क के अधीन है। हेमंत सोरेन ने खुद X कॉर्पोरेशन को टैग करते हुए तकनीकी हस्तक्षेप की मांग की है ताकि हैकर्स को रोका जा सके और पार्टी की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित हो।

    झारखंड की राजनीति के लिए चेतावनी.

    विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह का साइबर हमला केवल एक डिजिटल उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक दलों की साइबर सुरक्षा में भारी खामी को उजागर करता है।
    झामुमो के आधिकारिक हैंडल को हैक किया जाना न सिर्फ पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि इससे राजनीतिक सूचनाओं के दुरुपयोग की भी आशंका बढ़ जाती है।

    झारखंड पुलिस की साइबर शाखा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं X कॉर्प की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
    हेमंत सोरेन और उनकी पार्टी उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही हैंडल को सुरक्षित कर लिया जाएगा और दोषियों को चिन्हित कर कड़ी सजा दी जाएगी।