–हेमंत सरकार की बड़ी पहल.
By: परवेज़ आलम.
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रांची, 19 जुलाई 2025:
झारखंड सरकार ने राज्य के तीन प्रमुख शहरों – रांची, जमशेदपुर और धनबाद – में मेट्रो रेल परियोजना शुरू करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा दिया है, जिससे झारखंड को आधुनिक और टिकाऊ शहरी परिवहन व्यवस्था मिल सके।
पूर्वी क्षेत्रीय परिषद में रखा गया था एजेंडा.
10 जुलाई को रांची में आयोजित 27वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में इस मेट्रो रेल परियोजना का औपचारिक प्रस्ताव रखा। इसके बाद राज्य के नगर विकास विभाग ने प्रस्ताव को केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मंत्रालय के सचिव को भेज दिया है।
तीन शहरों में मेट्रो से होगी शुरुआत.
फिलहाल परियोजना का दायरा रांची, जमशेदपुर और धनबाद तक सीमित है, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दीर्घकालिक योजना है कि झारखंड के सभी पांच प्रमंडलीय शहरों तक मेट्रो सेवा का विस्तार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि , “यह मेट्रो रेल परियोजना झारखंड की नई विकास गाथा की नींव रखेगी और राज्य को आधुनिक परिवहन व्यवस्था से जोड़ेगी।”
पूर्ववर्ती सरकारों की आलोचना.
JMM प्रवक्ता ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि “झारखंड में पहले कभी ऐसी विकास परियोजनाओं को लेकर केंद्र के पास गंभीरता से प्रस्ताव नहीं भेजे जाते थे। देश के दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों की तरह झारखंड को भी अब आधारभूत संरचना में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।”
हेमंत सरकार ने पहली बार इस दिशा में ठोस पहल करते हुए मेट्रो जैसी परियोजना की विस्तृत योजना बनाई और केंद्र को सौंपा है।
क्या है प्रस्ताव में खास?
नगर विकास विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में केंद्र से तीन प्रमुख मांगें की गई हैं:
- मेट्रो परियोजना की फिजिबिलिटी स्टडी (संभवता अध्ययन)
- सर्वेक्षण और तकनीकी मूल्यांकन
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए सहयोग
इसका उद्देश्य है कि केंद्र सरकार शीघ्र अनुमोदन दे ताकि इन शहरों में मेट्रो परियोजना की औपचारिक शुरुआत की जा सके।
झारखंड के लिए मेट्रो क्यों है जरूरी?
रांची, जमशेदपुर और धनबाद जैसे शहरों में बढ़ती जनसंख्या और ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए मेट्रो सेवा न केवल परिवहन व्यवस्था को सुगम बनाएगी, बल्कि यह शहरी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर, आर्थिक गतिविधियों में तेजी और पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी।
हेमंत सरकार का यह कदम झारखंड को 21वीं सदी की बुनियादी संरचना से जोड़ने की दिशा में एक दूरदर्शी प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।







