Category: Giridih

  • लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव अपने पूरे शबाब पर

    परवेज़ आलम.

    गिरिडीह में आज  है… सुबह के ठीक सात बजते ही मतदान शुरू हुआ और उसके साथ ही सड़कों से लेकर गलियों तक एक अलग ही ऊर्जा दिखाई दी।

    नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 के तहत Giridih नगर निगम, बड़की सरैया और धनवार नगर पंचायत में सुबह-सुबह ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लग गईं। ऐसा लग रहा था मानो शहर का हर मतदाता अपने अधिकार को लेकर पूरी तरह सजग हो चुका है। युवा हों या बुजुर्ग, महिलाएं हों या पहली बार वोट डालने वाले मतदाता — हर चेहरा लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी को लेकर उत्साहित दिखा।

    VVIP ने दिया संदेश

    सुबह के वक्त ही कई VVIP और प्रमुख प्रत्याशियों ने मतदान कर आम जनता को प्रेरित किया।
    नगर विकास मंत्री Sudivya Kumar Sonu अपनी पत्नी के साथ मतदान केंद्र पहुंचे और मतदान कर लोगों से अपील की कि वे बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
    वहीं भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी डॉ. शैलेंद्र चौधरी भी अपनी पत्नी के साथ बूथ पहुंचे और मताधिकार का प्रयोग किया।
    मेयर पद की प्रत्याशी प्रमिला मेहरा ने भी सुबह-सुबह अपने निर्धारित बूथ पर मतदान कर लोकतंत्र में आस्था जताई।

    सभी नेताओं का एक ही संदेश था — “घर से निकलें, वोट करें, क्योंकि यही आपका अधिकार और आपकी ताकत है।”

    दोपहर में तनाव

    हालांकि लोकतंत्र के इस शांतिपूर्ण माहौल के बीच दोपहर तक वार्ड नंबर 27 और वार्ड 18 में प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प की खबर सामने आई। प्रशासन ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई ताकि मतदान प्रक्रिया प्रभावित न हो।

    प्रशासन पूरी तरह सतर्क

    मतदान शुरू होते ही जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त Ramnivas Yadav ने जिला कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया।
    सीसीटीवी मॉनिटरिंग, हेल्पलाइन व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की उन्होंने खुद समीक्षा की।

    डीसी ने साफ कहा —

    “पारदर्शिता और निष्पक्षता हमारी पहली प्राथमिकता है। मतदाता निर्भीक होकर मतदान करें।”

    प्रशासन की ओर से सभी मतदान केंद्रों पर दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए रैंप और विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। डीसी ने कई बूथों का दौरा कर सुरक्षा और निष्पक्षता का जायजा लिया। इस दौरान उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी तेज कुमार हांसदा, जिला नजारत उप समाहर्ता आशुतोष ठाकुर और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

    लोकतंत्र का जश्न जारी

    गिरिडीह की गलियों में आज सिर्फ एक चर्चा है — वोट की।
    लोगों का उत्साह बता रहा है कि शहर अपने भविष्य को लेकर गंभीर है। अब नजरें शाम तक के मतदान प्रतिशत और उसके बाद आने वाले नतीजों पर टिक गई हैं।

    लोकतंत्र का यह उत्सव तभी सफल होगा जब हर मतदाता अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
    तो सवाल यही है — क्या आपने वोट डाला?

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  • नगर निगम चुनाव की उल्टी गिनती शुरू,शहर की सियासत चरम पर

    परवेज़ आलम.

     The News Post4U.

    गिरिडीह नगर निगम चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। अब बस कुछ ही घंटे बचे हैं… और शहर की सियासत अपने चरम पर है। आपके शहर की सरकार कौन चलाएगा ? किसके हाथ होगी मेयर की कुर्सी? और कौन जीतेगा इस बार की “हॉट सीट”?

    चहुकोनिया मुकाबला… लेकिन असली टक्कर दो के बीच !

    कागज़ पर मुकाबला चार कोनों का दिख रहा है… लेकिन ज़मीन पर असली लड़ाई सिमटती दिख रही है दो चेहरों के बीच— भाजपा समर्थित उम्मीदवार डॉ शैलेन्द्र चौधरीऔर जेएमएम समर्थित प्रत्याशी प्रमिला मेहरा। लेकिन कहानी इतनी सीधी भी नहीं है…

    भाजपा के दो बागी चेहरे—नागेश्वर दास और प्रकाश दास—अब जेएमएम के पाले में जा चुके हैं। और भाजपा के ही बागी कामेश्वर पासवान… पार्टी के लिए गले की हड्डी बने हुए हैं। यानी…
    मुकाबला सिर्फ विरोधियों से नहीं, अपनों से भी है!

     कुल 16 उम्मीदवार मैदान में.

    मेयर पद के लिए 16 उम्मीदवार मैदान में हैं। तीन बड़े राजनीतिक समर्थन साफ दिख रहे हैं—

    • प्रमिला मेहरा को झामुमो का समर्थन
    • डॉ शैलेन्द्र चौधरी को भाजपा का समर्थन
    • समीर राज चौधरी को कांग्रेस का समर्थन

    पिछले चुनाव में समीर राज चौधरी 20,595 वोट लाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। इस बार सवाल ये है—क्या वे उस वोट बैंक को फिर से समेट पाएंगे?

    बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर.

    यह चुनाव सिर्फ स्थानीय नहीं है… यह प्रतिष्ठा की लड़ाई भी है। झारखंड सरकार में मंत्री और नगर विकास विभाग संभाल रहे सुदीव्य कुमार सोनू—गिरिडीह उनके ही क्षेत्र में आता है। उनकी साख भी इस चुनाव से जुड़ी है।

    दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी— साथ ही भाजपा के कई दिग्गज नेता—यहां आकर मोर्चा संभाल चुके हैं। यह लड़ाई मेयर की कुर्सी से आगे बढ़कर राजनीतिक संदेश की लड़ाई बन चुकी है।

    आंकड़ों की बात करें तो…

    गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र 36 वार्डों में बंटा है। कुल 137 बूथ हैं।
    कुल मतदाता—1 लाख 50 हजार 992. महिला मतदाता—75,725
    पुरुष मतदाता—75,266 और एक किन्नर मतदाता भी इस लोकतंत्र का हिस्सा है। अब सवाल—किसका गणित बैठेगा?

    गैर-दलीय चुनाव… लेकिन पूरी तरह दलीय रणनीति.

    कागज़ पर यह “गैर-दलीय” चुनाव है। लेकिन ज़मीन पर? पूरी तरह दलीय! राज्य के 48 शहरी निकायों में यही तस्वीर है। 23 फरवरी को मतदान होगा… और चार दिन बाद तस्वीर साफ हो जाएगी।

    सत्तारूढ़ गठबंधन के दो चेहरे—
    झारखंड मुक्ति मोर्चा और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस— यहां आमने-सामने हैं और तीसरे कोने पर मजबूती से खड़ी है भारतीय जनता पार्टी। यानी सीधी त्रिकोणीय जंग.

    सवाल आपके लिए…

    क्या वोट विकास पर पड़ेगा? या जातीय समीकरण पर? क्या मुस्लिम वोट निर्णायक होंगे?
    क्या हिंदू वोट गोलबंद होंगे ? क्या बागी उम्मीदवार खेल बिगाड़ देंगे? और सबसे बड़ा सवाल—
    क्या यह चुनाव 2029 की बड़ी राजनीतिक लड़ाइयों का ट्रेलर है?

    आख़िर में .

    सभी प्रत्याशी एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। जनसंपर्क, बैठकें, रणनीति, समीकरण… सब अपने चरम पर हैं । लेकिन अंत में फैसला आपके हाथ में है । 23 फरवरी को आप तय करेंगे—
    गिरिडीह की कमान किसे सौंपी जाए। चुनाव भले “गैर-दलीय” हो… लेकिन सियासत पूरी तरह “दलीय” हो चुकी है।

  • लोकतंत्र का महापर्व: कड़ी सुरक्षा और पुख्ता इंतज़ाम के बीच मतदान कर्मी हुए रवाना

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    गिरिडीह, 22 फरवरी :नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए  गिरिडीह जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ मैदान में दिखा। सुबह होते ही डिस्पैच सेंटर परिसर लोकतंत्र के महापर्व की तैयारियों का साक्षी बन गया। मतदान कर्मियों की चहल-पहल, आवश्यक सामग्रियों की जांच और अधिकारियों की सतर्क निगाहें—हर दृश्य यह बता रहा था कि इस बार प्रशासन कोई चूक नहीं चाहता।

    जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त (नगरपालिका) रामनिवास यादव स्वयं डिस्पैच सेंटर पहुंचे और पूरी व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े हर पहलू—सामग्री वितरण, सुरक्षा, वाहन प्रबंधन और संचार व्यवस्था—की विस्तार से समीक्षा की।

    सुबह से ही निर्धारित काउंटरों पर मतदान दलों को मतपत्र, मतपेटी, मतदाता पंजी, सील, प्रपत्र और अन्य आवश्यक सामग्री क्रमबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई गई। हर दल को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सामग्री प्राप्त करने के बाद उसकी सावधानीपूर्वक जांच करें और किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर तुरंत संबंधित कोषांग को सूचित करें।

    उपायुक्त ने सख्त शब्दों में कहा कि निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा—“स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

    मतदान दलों को समय पर उनके मतदान केंद्रों तक पहुंचाने के लिए वाहन व्यवस्था की समुचित तैयारी की गई है। सुरक्षा बलों की तैनाती और नियंत्रण कक्ष की सक्रियता पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। निरीक्षण के दौरान सामग्री कोषांग, वाहन कोषांग और कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया।

    प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर पेयजल, शौचालय और विद्युत जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

    मतदान कर्मियों का उत्साहवर्धन करते हुए उपायुक्त ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सफलता में उनकी भूमिका सबसे अहम है। “निष्पक्षता, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि हर मतदाता निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके,” उन्होंने कहा।

    पूरे आयोजन के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था अनुशासित और सुव्यवस्थित दिखाई दी। तय समयानुसार सभी मतदान दल अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए।

    गिरिडीह में अब इंतजार है उस क्षण का, जब मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र की इस प्रक्रिया को नई दिशा देंगे। लोकतंत्र का यह उत्सव अब अपने निर्णायक पड़ाव की ओर बढ़ चुका है।

  • जाति-धर्म की राजनीति से शहर का विकास नहीं – सुदिव्य कुमार सोनू

    मंत्री का  भाजपा पर तीखा हमला, प्रमिला मेहरा के समर्थन में जुटी भीड़.

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    गिरिडीह: नगर निगम चुनाव की सरगर्मी के बीच माथाडीह फुटबॉल मैदान गुरुवार को राजनीतिक बयानबाज़ी और शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बन गया। मंच पर थे झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, और निशाने पर थी भारतीय जनता पार्टी।

    मिलन समारोह में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए मंत्री सोनू ने बिना नाम लिए भाजपा पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, बांटने और बंटवारे की राजनीति करने वाली पार्टी के लोग आज हम पर समाज को बांटने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि शुरुआत से ही उन्होंने जाति और धर्म के नाम पर समाज में विभाजन की रेखाएं खींची हैं।”

    उन्होंने आरोप लगाया कि पहले धर्म के नाम पर समाज को बांटा गया, और अब जाति के आधार पर विभाजन की राजनीति हो रही है। नगर निगम चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गरीब दलित के बजाय अमीर दलित को समर्थन देना इस बात का प्रमाण है कि राजनीति में सामाजिक न्याय नहीं, बल्कि वर्गीय समीकरण देखे जा रहे हैं।
    “अगर समाज को नहीं बांटना था, तो टिकट देने में अमीर-गरीब का पैमाना कैसे आ गया ?” – यह सवाल पूछते हुए मंत्री ने कहा कि धर्म और जाति के नाम पर देश को पहले भी नुकसान हुआ है और यह राजनीति अब अपने अंतिम चरण में है।

    उन्होंने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि वे मेयर प्रत्याशी प्रमिला मेहरा को समर्थन दें और गिरिडीह के विकास के लिए एकजुट होकर मतदान करें।

    गिरिडीह की बेटी और बहू” – संजय सिंह.

    झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि पार्टी ने मेयर पद के लिए प्रमिला मेहरा को समर्थन दिया है क्योंकि वे गिरिडीह की बेटी और बहू हैं, और सामाजिक-राजनीतिक जीवन में उनका लंबा अनुभव रहा है।

    उन्होंने मतदाताओं को आगाह करते हुए कहा कि चुनाव मैदान में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन पर फर्जी प्रमाण पत्र का आरोप है। “ऐसे उम्मीदवारों से सावधान रहिए और सोच-समझकर अपना मत दीजिए,”

    आपका एक वोट बदल सकता है शहर की तस्वीर” – प्रमिला मेहरा॰

    मेयर प्रत्याशी प्रमिला मेहरा ने अपने संबोधन में भावुक अपील की। उन्होंने कहा,
    आप सभी अपने मत का प्रयोग अवश्य करें। चुनाव के दिन सोच-समझकर फैसला लें। अगर आप गिरिडीह की तस्वीर बदलना चाहते हैं, तो मुझे अपना आशीर्वाद और समर्थन दें।”

    उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि जनता का समर्थन मिला, तो शहर के बुनियादी मुद्दों—पेयजल, सफाई, सड़क और प्रकाश व्यवस्था—पर प्राथमिकता से काम किया जाएगा।

    भाजपा छोड़ झामुमो में वापसी.

    सभा के दौरान एक और राजनीतिक संदेश गया, जब नागेश्वर दास ने भाजपा छोड़कर अपने समर्थकों के साथ पुनः झामुमो का दामन थाम लिया। पार्टी नेताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। नागेश्वर दास ने मंच से प्रमिला मेहरा को  समर्थन की घोषणा की।

    सभा को झामुमो जिला उपाध्यक्ष अजीत कुमार पप्पू, शाहनवाज अंसारी, सुनील यादव, जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा, जिला सह सचिव दिलीप रजक सहित कई नेताओं ने भी संबोधित किया।

    कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष राकी सिंह, विकास सिन्हा, रामजी यादव, सुनील पासवान, मंगल सिंह, प्रवीण राय, महबूब आलम तुफान, मो. इम्तियाज, अजीत कुमार सिन्हा, राकेश कुमार सिंह, मोनू सिंह, मेहताब मिर्जा, विशाल मंडल, सुनील दास, रामचंद्र दास, कमल दास, सुखदेव दास, चंचला देवी, हरि मरांडी, अमजद अंसारी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।

    राजनीतिक तापमान चढ़ा.

    माथाडीह का यह मिलन समारोह साफ संकेत दे गया कि नगर निगम चुनाव अब केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं है। जाति, धर्म और सामाजिक समीकरणों की बहस के बीच चुनावी लड़ाई और तीखी होती जा रही है।

    अब देखना यह है कि जनता विकास के वादों को प्राथमिकता देती है या राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की इस आंधी में कोई नया समीकरण उभरता है।

  • “हर घर तक पहुंचेगा पानी” — शैलेन्द्र चौधरी ने पेयजल संकट को बनाया चुनाव का मुख्य मुद्दा

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: नगर निगम क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी के बीच मेयर प्रत्याशी डॉ. शैलेन्द्र चौधरी का जनसंपर्क अभियान अब सीधे जनता की सबसे बड़ी जरूरत—पानी—पर केंद्रित हो गया है।

    तिरंगा चौक, वृंदावन अपार्टमेंट, महावीर गली, धोबिया गली, दर्जी मोहल्ला, टुंडी रोड सहित कई इलाकों में घर-घर पहुंचकर उन्होंने लोगों से संवाद किया। दरवाजे खुले, समस्याएं सामने आईं और बातचीत में एक मुद्दा सबसे ऊपर रहा—पेयजल संकट

    नीचे की मंजिल तक नहीं पहुंचता पानी”

    स्थानीय लोगों ने बताया कि कई मोहल्लों में हालात इतने खराब हैं कि नीचे की मंजिलों तक भी पानी नहीं पहुंच पाता। कहीं प्रेशर इतना कम है कि मोटर के बिना काम नहीं चलता।
    इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ रहा है—पानी भरने के लिए अतिरिक्त मेहनत, रोज की जद्दोजहद और अनिश्चितता।

    ठोस समाधान का वादा.

    डॉ. शैलेन्द्र चौधरी ने भरोसा दिलाया कि मेयर बनने के बाद इन इलाकों में जलापूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा।

    • नई ओवरहेड पानी टंकी का निर्माण
    • पुरानी पाइपलाइन की जांच और मरम्मत
    • जरूरत पड़ने पर नई पाइपलाइन बिछाने की योजना
    • हर घर तक पर्याप्त दबाव के साथ जलापूर्ति सुनिश्चित करना

    उन्होंने स्पष्ट कहा, पानी सुविधा नहीं, बुनियादी अधिकार है। इसके लिए लोगों को संघर्ष नहीं करना चाहिए।”

    दो समय नियमित जलापूर्ति का आश्वासन.

    चुनावी घोषणा में एक और बड़ा वादा किया गया—नगर निगम क्षेत्र में प्रतिदिन दो बार नियमित जलापूर्ति, सुबह और शाम। ताकि नागरिकों को पानी के लिए भागदौड़ न करनी पड़े और दैनिक जरूरतें सुचारु रूप से पूरी हो सकें।

    विकास और जवाबदेही की बात.

    जनसंपर्क के दौरान लोगों का समर्थन उत्साहजनक दिखा। डॉ. चौधरी ने कहा कि जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता चाहती है।
    उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे नगर के सर्वांगीण विकास के इस संकल्प में सहभागी बनें और एक संवेदनशील, कर्मठ एवं जवाबदेह नेतृत्व को समर्थन दें।

    चुनाव की इस तपिश में पानी का मुद्दा अब केंद्र में है। सवाल यह है—क्या इस बार नगर की प्यास सच में बुझेगी?

     

  • “हर वार्ड में लाइब्रेरी, हर गली में सीसीटीवी” — प्रमिला मेहरा का जनसंपर्क अभियान तेज

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: नगर निगम क्षेत्र में चुनावी हलचल तेज है। महापौर प्रत्याशी प्रमिला मेहरा इन दिनों वार्ड-वार्ड, गली-गली घूमकर लोगों से आशीर्वाद मांग रही हैं। उनके जनसंपर्क अभियान में स्थानीय मुद्दों की साफ झलक दिख रही है—पढ़ाई, सुरक्षा और खेलकूद को लेकर बड़े वादे किए जा रहे हैं।

    जनसंपर्क के दौरान प्रमिला मेहरा ने कहा, अगर जनता का आशीर्वाद मिला तो हर वार्ड में विद्यार्थियों के लिए लाइब्रेरी खोली जाएगी। आज बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर-दूर तक निजी लाइब्रेरी जाना पड़ता है। खासकर बेटियों को इससे ज्यादा परेशानी होती है। मैं मेयर बनी तो यह सुविधा उनके अपने वार्ड में ही उपलब्ध कराऊंगी।”

    उन्होंने शिक्षा को नगर विकास की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि एक सशक्त शहर की नींव पढ़े-लिखे युवाओं से ही मजबूत होती है।

    सुरक्षा पर फोकस.

    प्रमिला मेहरा ने शहरी सुरक्षा को लेकर भी बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा कि हर गली, हर चौक-चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि अपराध पर नियंत्रण हो और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।

    खेल और युवाओं के लिए योजना.

    उन्होंने घोषणा की कि हर वार्ड में खेल मैदान विकसित किया जाएगा, ताकि बच्चों और युवाओं को खेलकूद की सुविधाएं मिल सकें और वे स्वस्थ जीवनशैली की ओर बढ़ें।

    वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंदों को प्राथमिकता.

    प्रमिला मेहरा ने कहा कि मेयर बनने पर वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद परिवारों के कार्यों को प्राथमिकता के साथ निश्चित समय सीमा में पूरा किया जाएगा।

    हर वार्ड में बनेगी कमेटी, लगेगा जनता दरबार.

    उन्होंने यह भी ऐलान किया कि हर वार्ड में वार्ड कमेटी का गठन कर उसे सशक्त बनाया जाएगा। योजनाओं के चयन में वार्ड कमेटी की सीधी भागीदारी होगी।
    साथ ही, जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हर महीने हर वार्ड में जनता दरबार लगाया जाएगा।

    जनसंपर्क अभियान के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। मौके पर राकेश कुमार राकी, शाहनवाज अंसारी, मो तुफान, सोनू एजाज, अल्कामा, मो वसीम राजा, डना बाबू, मो शेरू, मो नैयर, सतार अंसारी, सुशील शर्मा, मो पलटन, मो गांधी, मो चांद, मो पप्पु, गीता शर्मा, प्रमिला कुमारी सहित दर्जनों कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।

    इसके अलावा राकेश कुमार रॉकी, हरिमोहन कंधवे, प्रमोद कंधवे, विनय खेतान, बंटी केडिया, संतु कंधवे, गोपाल बगेड़िया, टिंकू सिंह, योगेन्द्र सिंह, सोनू कुमार, किशोर दास सहित कई स्थानीय लोग भी अभियान में सक्रिय दिखे।

    चुनाव की इस सरगर्मी के बीच अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इन वादों को कितना समर्थन देती है और नगर निगम की बागडोर किसके हाथों में सौंपती है।

  • गिरिडीह : महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने की पहल, ‘नारी अदालत’ को और सशक्त बनाने की तैयारी

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : महिलाओं से जुड़े मामलों के त्वरित और न्यायपूर्ण समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने ठोस पहल शुरू कर दी है। उपायुक्त रामनिवास यादव ने अपने कार्यालय कक्ष में ‘नारी अदालत’ से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें इसकी कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

    बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि महिलाओं को घरेलू और सामाजिक विवादों में शीघ्र, पारदर्शी और संवेदनशील न्याय मिल सके। पिछले माह प्राप्त मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिन प्रकरणों का निष्पादन हो चुका है, उनकी जानकारी साझा की गई, वहीं लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने पर बल दिया गया।

    उपायुक्त ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाएं अक्सर छोटे-छोटे लेकिन गंभीर प्रभाव वाले मामलों—जैसे उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, संपत्ति विवाद, पारिवारिक कलह या अधिकारों की कटौती—का सामना करती हैं। ऐसे मामलों में उन्हें त्वरित और सुलभ वैकल्पिक शिकायत निवारण तंत्र उपलब्ध कराना ही ‘नारी अदालत’ की मूल भावना है।

    उन्होंने निर्देश दिया कि हर शिकायत का पंजीकरण पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाए, दोनों पक्षों को सुनकर निष्पक्ष निर्णय लिया जाए और पीड़ित महिला की गरिमा एवं सुरक्षा सर्वोपरि रखी जाए।

    बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ग्राम स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस मंच की जानकारी प्राप्त कर सकें और आवश्यकता पड़ने पर इसका लाभ उठा सकें। प्रशासन का मानना है कि जागरूकता ही सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है।

    उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि ‘नारी अदालत’ केवल एक मंच नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा का माध्यम है। इसे और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि प्रत्येक पीड़ित महिला को समय पर न्याय मिल सके और समाज में सकारात्मक संदेश जाए।

    बैठक में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी गिरिडीह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • बाहा पर्व 2026: सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्त करने की मुहिम, ‘हर दुकान दस्तक अभियान’ की शुरुआत

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : बाहा पर्व के अवसर पर आस्था और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत संगम देखने को मिला। जैव विविधता से भरपूर और धार्मिक आस्था के केंद्र  मारांग बुरु/पारसनाथ पहाड़ को सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनाने के संकल्प के साथ “हर दुकान दस्तक अभियान” की औपचारिक शुरुआत की गई।

    उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत यूनिसेफ के सहयोग से मधुबन पंचायत क्षेत्र में किया गया।

    मारांग बुरु/पारसनाथ पहाड़ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र जैव विविधता का खजाना भी है। लेकिन पर्व के दौरान बढ़ती भीड़ और अस्थायी दुकानों के कारण प्लास्टिक प्रदूषण का खतरा भी बढ़ जाता है। प्रशासन ने इसी चुनौती को अवसर में बदलते हुए दुकानदारों तक सीधे पहुंचने की रणनीति अपनाई।

    दुकान-दुकान दस्तक, प्लास्टिक पर सख्ती.

    पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की जल सहियाओं और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की आजीविका समूह की दीदियों ने दुकान-दुकान जाकर सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग बंद करने की अपील की। इसके स्थान पर कपड़े के थैले, जूट बैग और सखुआ पत्ते से बने दोना-पत्तल अपनाने का आग्रह किया गया।

    होटल संचालकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखने की समझाइश दी गई, ताकि मधुबन क्षेत्र में कचरे का ढेर न लगे और वायु, जल तथा मिट्टी प्रदूषण की समस्या से बचा जा सके।

    बोतल बैंक’ बनेगा नया मॉडल.

    अभियान के तहत मारांग बुरु परिसर में “बोतल बैंक” स्थापित किया जा रहा है। यहां पर्यटक प्लास्टिक की बोतलें और अन्य कचरा इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित संरक्षित बैंक में जमा करेंगे। एकत्रित प्लास्टिक को मधुबन में प्रस्तावित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट में भेजकर रिसाइक्लिंग की जाएगी।

    अभियान का उद्देश्य केवल प्लास्टिक पर रोक लगाना नहीं, बल्कि कार्बन उत्सर्जन कम करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और पर्यटकों को जूट बैग जैसे टिकाऊ विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है।

    कार्यक्रम में यूनिसेफ प्रतिनिधि, जेएसएलपीएस के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, मधुबन के मुखिया एवं अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे इस पहल में सक्रिय भागीदारी निभाएं और मारांग बुरु/पारसनाथ पहाड़ की पवित्रता के साथ-साथ उसकी प्राकृतिक धरोहर को भी सुरक्षित रखने में सहयोग करें।

    आस्था का यह पर्व अब पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगा—ताकि प्रकृति और परंपरा दोनों साथ-साथ आगे बढ़ें।

  • गिरिडीह : नगर निकाय चुनाव 2026  की तैयारी तेज, मतगणना कर्मियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : नगर निकाय चुनाव 2026को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। स्थानीय हनी हॉली ट्रिनिटी पब्लिक स्कूल, गिरिडीह में मतगणना कार्य में प्रतिनियुक्त मतगणना सहायकों एवं मतगणना पर्यवेक्षकों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    यह सिर्फ एक औपचारिक प्रशिक्षण नहीं था, बल्कि लोकतंत्र के सबसे अहम चरण—मतगणना—को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कुल 255 कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। इन सभी को राज्य निर्वाचन आयोग, राँची द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों, कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की विस्तार से जानकारी दी गई।

    विशेषज्ञ मास्टर ट्रेनरों ने मतगणना हॉल के प्रोटोकॉल, सुरक्षा मानकों और प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया। प्रपत्र-19 (भाग-1) का डेमों प्रस्तुत कर यह बताया गया कि मतगणना के दौरान दस्तावेजों का संधारण किस प्रकार किया जाएगा। प्रशिक्षण कक्ष में फ्लैक्स और नमूना मतपत्रों के माध्यम से वैध और अवैध मतपत्रों की पहचान की बारीकियों पर विशेष जोर दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या विवाद की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

    प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व प्रशिक्षण कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी-सह-जिला शिक्षा अधीक्षक श्री मुकुल राज ने किया। वहीं सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री श्रीकांत विस्पुते ने प्रशिक्षण सत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए।

    प्रशिक्षण कोषांग के संचालन में विजयेन्द्र सेठ, राम सिंह और आलोक कुमार ने सक्रिय सहयोग दिया। मास्टर ट्रेनरों की टीम में रामदेव वर्मा, प्रणय मिश्रा, मनोज तिवारी और फैजुल हक सहित अन्य प्रशिक्षकों ने अहम भूमिका निभाई। प्रशिक्षण केंद्र के प्रभारी के रूप में अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) श्री प्रकाश कुमार उपस्थित रहे।

    जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश है—मतगणना की प्रक्रिया न केवल तेज होगी, बल्कि पूरी तरह पारदर्शी और नियमसम्मत भी। क्योंकि लोकतंत्र की असली कसौटी मतदान नहीं, बल्कि निष्पक्ष मतगणना होती है।

  • “मेरा वोट – मेरा अधिकार”: 19 फरवरी को गिरिडीह की सड़कों पर गूंजेगा लोकतंत्र का स्वर

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: लोकतंत्र केवल चुनाव नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों की भागीदारी से मजबूत होता है। इसी सोच के साथ 19 फरवरी 2026 को गिरिडीह में एक भव्य मतदाता जागरूकता रैली (पैदल मार्च) का आयोजन किया जा रहा है। विषय है—मेरा वोट – मेरा अधिकार, सशक्त लोकतंत्र की पहचान”

    यह पहल सिविल सोसायटी, गिरिडीह द्वारा की जा रही है, जिसका उद्देश्य है मतदाताओं को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना और शत-प्रतिशत मतदान के लिए प्रेरित करना।

    युवाओं पर विशेष फोकस.

    रैली का केंद्र बिंदु होंगे युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाता। आयोजकों का मानना है कि यदि युवा जागरूक होंगे, तो लोकतंत्र और भी मजबूत होगा। कार्यक्रम के माध्यम से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, निष्पक्ष और निर्भीक मतदान करने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश दिया जाएगा।

    नारे, पोस्टर और जन-जागरण.

    रैली में सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, युवा प्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य शामिल होंगे। जागरूकता नारों और आकर्षक पोस्टरों के जरिए मताधिकार के महत्व को रेखांकित किया जाएगा। संदेश साफ होगा—वोट सिर्फ अधिकार नहीं, जिम्मेदारी भी है।

    यहां से शुरू होगा मार्च.

    यह पैदल मार्च मारुति टावर, तिरंगा चौक स्थित सिविल सोसायटी, गिरिडीह के कार्यालय से प्रारंभ होकर अंबेडकर चौक पर समाप्त होगा। इस दौरान शहर की सड़कों पर लोकतंत्र के समर्थन में गूंजते नारों से माहौल लोकतांत्रिक उत्साह से भर उठेगा।

    नागरिकों से अपील.

    “सिविल सोसायटी, गिरिडीह” ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस जन-जागरूकता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

    19 फरवरी को गिरिडीह की सड़कों पर सिर्फ एक रैली नहीं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी का संकल्प दिखाई देगा।