जाति-धर्म की राजनीति से शहर का विकास नहीं – सुदिव्य कुमार सोनू

मंत्री का  भाजपा पर तीखा हमला, प्रमिला मेहरा के समर्थन में जुटी भीड़.

परवेज़ आलम.

द न्यूज़ पोस्ट4यू.

गिरिडीह: नगर निगम चुनाव की सरगर्मी के बीच माथाडीह फुटबॉल मैदान गुरुवार को राजनीतिक बयानबाज़ी और शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बन गया। मंच पर थे झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, और निशाने पर थी भारतीय जनता पार्टी।

मिलन समारोह में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए मंत्री सोनू ने बिना नाम लिए भाजपा पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “बांटने और बंटवारे की राजनीति करने वाली पार्टी के लोग आज हम पर समाज को बांटने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि शुरुआत से ही उन्होंने जाति और धर्म के नाम पर समाज में विभाजन की रेखाएं खींची हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि पहले धर्म के नाम पर समाज को बांटा गया, और अब जाति के आधार पर विभाजन की राजनीति हो रही है। नगर निगम चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गरीब दलित के बजाय अमीर दलित को समर्थन देना इस बात का प्रमाण है कि राजनीति में सामाजिक न्याय नहीं, बल्कि वर्गीय समीकरण देखे जा रहे हैं।
“अगर समाज को नहीं बांटना था, तो टिकट देने में अमीर-गरीब का पैमाना कैसे आ गया ?” – यह सवाल पूछते हुए मंत्री ने कहा कि धर्म और जाति के नाम पर देश को पहले भी नुकसान हुआ है और यह राजनीति अब अपने अंतिम चरण में है।

उन्होंने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि वे मेयर प्रत्याशी प्रमिला मेहरा को समर्थन दें और गिरिडीह के विकास के लिए एकजुट होकर मतदान करें।

“गिरिडीह की बेटी और बहू” – संजय सिंह.

झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि पार्टी ने मेयर पद के लिए प्रमिला मेहरा को समर्थन दिया है क्योंकि वे गिरिडीह की बेटी और बहू हैं, और सामाजिक-राजनीतिक जीवन में उनका लंबा अनुभव रहा है।

उन्होंने मतदाताओं को आगाह करते हुए कहा कि चुनाव मैदान में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन पर फर्जी प्रमाण पत्र का आरोप है। “ऐसे उम्मीदवारों से सावधान रहिए और सोच-समझकर अपना मत दीजिए,”

“आपका एक वोट बदल सकता है शहर की तस्वीर” – प्रमिला मेहरा॰

मेयर प्रत्याशी प्रमिला मेहरा ने अपने संबोधन में भावुक अपील की। उन्होंने कहा,
“आप सभी अपने मत का प्रयोग अवश्य करें। चुनाव के दिन सोच-समझकर फैसला लें। अगर आप गिरिडीह की तस्वीर बदलना चाहते हैं, तो मुझे अपना आशीर्वाद और समर्थन दें।”

उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि जनता का समर्थन मिला, तो शहर के बुनियादी मुद्दों—पेयजल, सफाई, सड़क और प्रकाश व्यवस्था—पर प्राथमिकता से काम किया जाएगा।

भाजपा छोड़ झामुमो में वापसी.

सभा के दौरान एक और राजनीतिक संदेश गया, जब नागेश्वर दास ने भाजपा छोड़कर अपने समर्थकों के साथ पुनः झामुमो का दामन थाम लिया। पार्टी नेताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। नागेश्वर दास ने मंच से प्रमिला मेहरा को  समर्थन की घोषणा की।

सभा को झामुमो जिला उपाध्यक्ष अजीत कुमार पप्पू, शाहनवाज अंसारी, सुनील यादव, जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा, जिला सह सचिव दिलीप रजक सहित कई नेताओं ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष राकी सिंह, विकास सिन्हा, रामजी यादव, सुनील पासवान, मंगल सिंह, प्रवीण राय, महबूब आलम तुफान, मो. इम्तियाज, अजीत कुमार सिन्हा, राकेश कुमार सिंह, मोनू सिंह, मेहताब मिर्जा, विशाल मंडल, सुनील दास, रामचंद्र दास, कमल दास, सुखदेव दास, चंचला देवी, हरि मरांडी, अमजद अंसारी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।

राजनीतिक तापमान चढ़ा.

माथाडीह का यह मिलन समारोह साफ संकेत दे गया कि नगर निगम चुनाव अब केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं है। जाति, धर्म और सामाजिक समीकरणों की बहस के बीच चुनावी लड़ाई और तीखी होती जा रही है।

अब देखना यह है कि जनता विकास के वादों को प्राथमिकता देती है या राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की इस आंधी में कोई नया समीकरण उभरता है।

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