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  • शिबू सोरेन के संस्कार भोज की तैयारियां पूरी, देशभर से लाखों लोगों और दिग्गज नेताओं की होगी मौजूदगी

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रामगढ़/नेमरा: झारखंड की राजनीति के आधारस्तंभ, आदिवासी अस्मिता के प्रतीक और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा में आज आयोजित होने वाले संस्कार भोज की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। गुरुजी की स्मृति में होने वाले इस आयोजन को ऐतिहासिक माना जा रहा है, जिसमें देशभर से चार से पाँच लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है।बाबा रामदेव, सांसद पप्पू यादव श्राद्ध भोज में शामिल होने उनके नेमरा गांव पहुंच चुके हैं।

    विशाल स्तर की तैयारियां.

    • आयोजन स्थल तक आसान पहुँच के लिए गोला चौक से नेमरा तक 25 किलोमीटर लंबी नई सड़क का निर्माण कराया गया है।
    • इस मार्ग के दोनों ओर गुरुजी के बड़े-बड़े कटआउट और पोस्टर लगाए गए हैं, जिससे पूरा इलाका श्रद्धा और सम्मान के माहौल से भर गया है।
    • सड़क किनारे 4000 स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं और बिजली बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए 200 से अधिक जनरेटर लगाए गए हैं।
    • कार्यक्रम स्थल के लिए पांच विशाल पंडाल और अस्थायी रसोईघर तैयार किए गए हैं। हर पंडाल में हजारों लोग एक साथ बैठकर भोजन कर सकेंगे।

    भोजन और व्यंजन व्यवस्था.

    श्राद्ध भोज को लेकर भोजन की भी भव्य तैयारी की गई है।

    • 300 से अधिक चूल्हों पर 12 से अधिक प्रकार के व्यंजन पकाए जाएंगे।
    • पंडालों को शिबू सोरेन की तस्वीरों से सजाया गया है, ताकि लोग भोजन के साथ-साथ गुरुजी को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।
    • प्रत्येक पंडाल में एसी और कूलर की व्यवस्था है ताकि गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिले।
    • विशेष अतिथियों का भोजन शिबू सोरेन के घर के पीछे परोसा जाएगा।

    वीआईपी और सुरक्षा व्यवस्था.

    इस बड़े आयोजन में कई राष्ट्रीय नेता, केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधि शामिल होंगे।

    • चार हेलीपैड बनाए गए हैं, जिनमें से तीन गुरुजी के घर के पास और एक लगभग तीन किलोमीटर दूर है।
    • विशेष अतिथियों और वीआईपी मेहमानों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था की गई है।
    • आम श्रद्धालुओं के लिए 300 ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है, जो पार्किंग स्थल से लोगों को पंडालों तक पहुंचाएंगे।
    • शिबू सोरेन के आवास के 300 मीटर के दायरे को प्रशासन ने बैरिकेड कर दिया है। यहां केवल वीआईपी और करीबी लोग ही प्रवेश कर सकेंगे।

    सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व.

    नेमरा को आयोजन के दौरान छावनी में तब्दील किया जाएगा।

    • सुरक्षा की जिम्मेदारी 9 आईपीएस अधिकारी 14 से 16 अगस्त तक और
    • 40 डीएसपी 12 से 17 अगस्त तक संभालेंगे।
    • पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए विशेष आदेश जारी किए हैं।

    कौन होंगे विशेष अतिथि?

    संस्कार भोज में कई बड़े नेताओं की उपस्थिति लगभग तय है।

    • केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
    • योगगुरु बाबा रामदेव
    • तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी
    • वरिष्ठ नेता आर.के. आनंद
    • रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ
    • उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय कुमार गोंड
    • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता
    • पश्चिम बंगाल और पंजाब के मुख्यमंत्री अथवा उनके प्रतिनिधि

    इसके अलावा देशभर से तमाम दिग्गज नेताओं, मंत्रियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।

  • मंत्री रामदास सोरेन के निधन पर झारखंड सरकार ने घोषित किया राजकीय शोक

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता रामदास सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए 16 अगस्त, शुक्रवार को पूरे राज्य में राजकीय शोक की घोषणा की है। सरकार के आदेश के मुताबिक इस दिन पूरे राज्यभर के सभी सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और उन सभी भवनों पर, जहां नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, तिरंगा अधमस्तूल (आधे झुके) रहेगा।

    इसके अलावा, शोक की अवधि में कोई भी सरकारी उत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम या औपचारिक आयोजन नहीं किए जाएंगे। यह निर्णय राज्य सरकार ने मंत्री रामदास सोरेन के योगदान और उनके सम्मान में लिया है।

    गौरतलब है कि 15 अगस्त की देर रात रामदास सोरेन का दिल्ली के इंद्रप्रस्थ स्थित अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। वे पिछले दो हफ्तों से गंभीर रूप से बीमार थे।

    • 2 अगस्त की सुबह करीब 4:30 बजे वे जमशेदपुर के घोड़ाबांधा स्थित अपने आवास के बाथरूम में गिर पड़े।
    • तत्काल उन्हें टाटा मोटर्स अस्पताल ले जाया गया, जहां सीटी स्कैन में ब्रेन स्ट्रोक की पुष्टि हुई।
    • हालत नाजुक देख उन्हें उसी दिन एयरलिफ्ट कर दिल्ली अपोलो अस्पताल ले जाया गया।

    दिल्ली पहुंचने के बाद से ही उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया। उनकी स्थिति को देखते हुए दिल्ली के डॉक्टरों के साथ-साथ मुंबई और चेन्नई से भी विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई थी। इतना ही नहीं, अमेरिका के चिकित्सकों से भी लगातार सलाह ली जा रही थी।

    इसके बावजूद डॉक्टर उनकी स्थिति को स्थिर नहीं कर पाए। गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए डॉक्टर सर्जरी का निर्णय भी नहीं ले पाए। अंततः 15 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

    राजनीतिक और सामाजिक जीवन.

    रामदास सोरेन झारखंड सरकार में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और निबंधन विभाग के मंत्री थे। वे झारखंड की राजनीति में एक सक्रिय और महत्वपूर्ण चेहरा माने जाते थे। उनकी सादगी और कार्यशैली के कारण वे कार्यकर्ताओं और जनता के बीच विशेष पहचान रखते थे।

    उनके निधन से न केवल झारखंड मुक्ति मोर्चा, बल्कि पूरे राज्य की राजनीति को गहरी क्षति पहुंची है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित राज्य के तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है ।

  • अगले दस सालों में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा बेहद मजबूत होगी –पीएम मोदी

    रांची में परंपरा टूटी—राज्यपाल ने किया ध्वजारोहण.

    गिरिडीह में भी जोश और गर्व के साथ उत्सव. मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया.

     परवेज़ आलम.

    For The News Post4u.

    गिरिडीह / रांची / नई दिल्ली – 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में देशभक्ति का माहौल गूंज उठा। दिल्ली के लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए न केवल स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को याद किया, बल्कि देश के सामने खड़ी एक गंभीर चुनौती की ओर भी ध्यान आकर्षित किया—घुसपैठ और इसके कारण बदलती डेमोग्राफी। इस मौके पर उन्होंने ‘हाई पावर डेमोग्राफी मिशन‘ की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने करीब 103 मिनट के लंबे भाषण में कई ऐलान किए. उन्होंने इस संबोधन में सुदर्शन चक्र को लॉन्च करने की बात कही. पीएम मोदी ने कहा कि यह देश का महत्वाकांक्षी सुदर्शन चक्र मिशन है, जिसका उद्देश्य अगले दस सालों में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है. उन्होंने आत्मनिर्भरता पर भी काफी जोर दिया.

    घुसपैठ और डेमोग्राफी बदलाव पर पीएम मोदी का संदेश

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा—

    “मैं आज देशवासियों को एक गंभीर साजिश से आगाह करना चाहता हूं। सुनियोजित तरीके से देश की डेमोग्राफी बदली जा रही है। ये घुसपैठिए हमारे नौजवानों की रोजी-रोटी छीन रहे हैं, हमारी बहन-बेटियों को निशाना बना रहे हैं, और भोले-भाले आदिवासियों को भ्रमित कर उनकी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। यह देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।”

    उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह का डेमोग्राफिक बदलाव राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है और सामाजिक तनाव को जन्म देता है।
    प्रधानमंत्री ने भावुक अपील करते हुए कहा कि यह स्वतंत्र भारत के लिए किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकता।

    “हमारे पूर्वजों ने त्याग और बलिदान से यह आजादी हासिल की है। उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम अपने देश को घुसपैठियों के हवाले न होने दें।”

    इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि ‘हाई पावर डेमोग्राफी मिशन’ तय समय सीमा में इस संकट से निपटने के लिए रणनीतिक और सख्त कदम उठाएगा।

    नक्सलवाद पर प्रहार: 125 से घटकर 20 जिले.

    प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा—

    “एक समय था जब 125 जिलों में नक्सलवाद अपनी जड़ें जमा चुका था, खासकर हमारे आदिवासी क्षेत्रों में। आज वह संख्या घटकर केवल 20 जिलों तक रह गई है। हमने उन जनजातीय समाजों को माओवाद के चंगुल से निकालकर विकास की राह पर अग्रसर किया है।”

    उन्होंने बस्तर का उदाहरण देते हुए कहा कि जो इलाका कभी बारूद और गोलियों की आवाज से गूंजता था, आज वहां के युवा खेलों में हिस्सा लेकर ओलंपिक के सपने देख रहे हैं।
    रेड कॉरिडोर से ग्रीन कॉरिडोर बनने तक की इस यात्रा को उन्होंने विकास, संविधान और कानून की जीत बताया।

    रांची में परंपरा टूटी—राज्यपाल ने किया ध्वजारोहण.

    राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में 79वें स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण का ऐतिहासिक पल देखने को मिला। इस बार यह सम्मान राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को मिला।
    आमतौर पर यहां ध्वजारोहण मुख्यमंत्री करते आए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पिता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म में व्यस्त होने के कारण शामिल नहीं हो सके।

    ध्वजारोहण के तुरंत बाद राष्ट्रगान की धुन से पूरा मैदान देशभक्ति के रंग में रंग गया। राज्यपाल ने अपने संबोधन में शहीदों को नमन किया और शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की।

    गिरिडीह में भी जोश और गर्व के साथ तिरंगे का उत्सव.

    गिरिडीह के ऐतिहासिक झंडा मैदान में राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड का निरीक्षण किया।
    इस मौके पर डीसी रमनिवास यादव, एसपी डॉ. बिमल कुमार, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

    अपने संबोधन में मंत्री ने कहा—“यह दिन केवल गर्व का क्षण नहीं, बल्कि उन ज्ञात और अज्ञात शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है, जिन्होंने अपने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से हमें यह स्वतंत्रता दिलाई। उनका बलिदान हमें राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।”

    उन्होंने जिले और राज्य में चल रही विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए सभी को देश की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए कार्य करने की शपथ दिलाई। साथ ही शिबू सोरेन को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

     

  • मोरहाबादी मैदान में 15 अगस्त के लिए तैयारियां पूरी, राज्यपाल करेंगे झंडोत्तोलन

    The News Post4u.

    रांची : झारखंड में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य राजकीय समारोह राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित होगा। 15 अगस्त की सुबह 9 बजे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार झंडोत्तोलन करेंगे और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत होगी। प्रशासन और पुलिस ने इस ऐतिहासिक अवसर के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।

    परेड में होगी खास झलक.

    झंडोत्तोलन के बाद परेड का आयोजन होगा, जिसमें जवानों की टुकड़ियां कदमताल करते हुए सलामी देंगी।

    • 14 बटालियन इस बार परेड में शामिल होंगी।
    • खास बात यह है कि बिहार पुलिस की एक टुकड़ी भी झारखंड पुलिस के साथ परेड में हिस्सा लेगी।
    • एनसीसी कैडेट्स और रांची पुलिस की महिला जवान भी अपनी ताकत और अनुशासन का प्रदर्शन करेंगी।
    • परेड की कमान इस बार भी महिला पुलिस अधिकारी के हाथ में होगी – सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्रुति इसका नेतृत्व करेंगी।

    फुल ड्रेस रिहर्सल और सुरक्षा इंतज़ाम.

    आज मोरहाबादी मैदान में फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित हुआ, जिसमें जवानों ने परेड के सभी चरणों का अभ्यास किया। रांची के उपायुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दिए।
    मुख्य बिंदु:

    • पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
    • समारोह स्थल पर प्रवेश से पहले सघन जांच की जाएगी ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति आपत्तिजनक सामग्री के साथ अंदर न जा सके।
    • सड़कों पर गड्ढों को तुरंत भरने, होटलों में चेकिंग अभियान चलाने और सभी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी हुए हैं।

    ट्रैफिक प्लान में बदलाव.

    स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है:

    • 15 अगस्त की सुबह 6 बजे से बड़े वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
    • मोरहाबादी मैदान में भीड़ नियंत्रित करने के लिए 16 ड्रॉप गेट बनाए गए हैं।
    • आम नागरिकों के वाहनों का प्रवेश टीआरआई और दुर्गा मंदिर के पास से होगा।

    मौसम विभाग का अलर्ट;.

    मौसम एक बार फिर चुनौती बन सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची ने 14 से 17 अगस्त के बीच बारिश की संभावना जताई है।

    • कई जिलों में गरज-चमक के साथ 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
    • इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
    • बारिश के कारण 15 अगस्त के समारोह पर असर पड़ने की आशंका है, हालांकि प्रशासन ने इसके लिए वैकल्पिक इंतजाम करने की बात कही है।

    राजधानी रांची का मोरहाबादी मैदान कल  देशभक्ति के रंग में रंग जाएगा, जहां झंडोत्तोलन, परेड और सलामी के साथ स्वतंत्रता दिवस का भव्य आयोजन होगा। सुरक्षा, ट्रैफिक और मौसम—तीनों ही मोर्चों पर प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है, ताकि यह दिन शांति और गौरव के साथ मनाया जा सके।

  • सूर्या हांसदा मामले पर बाबूलाल मरांडी का हेमंत सरकार पर तीखा हमला

    यह एनकाउंटर नहीं, मर्डर है,सीबीआई जांच की मांग.

    The News Post4u.

    रांची : झारखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। गोड्डा में आदिवासी नेता सूर्या हांसदा की मौत के मामले ने विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का बड़ा मौका दे दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने गुरुवार को रांची में प्रेस वार्ता कर सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।

    “अपराधियों को संरक्षण, निर्दोषों पर अत्याचार” – मरांडी.

    मरांडी ने कहा कि मौजूदा सरकार में कुछ पुलिसकर्मी अपराधियों को शरण और संरक्षण दे रहे हैं, जबकि निर्दोषों को झूठे मामलों में फंसाकर प्रताड़ित किया जा रहा है।
    उन्होंने आरोप लगाया –

    “चाहे किसी आदिवासी नेता को अपराधी साबित करना हो, या शक के आधार पर आवाज दबाने के लिए एनकाउंटर करना हो… झारखंड पुलिस के भीतर के कुछ अपराधी मानसिकता वाले लोग इन कामों को अंजाम दे रहे हैं। माफियाओं को खुली छूट दी जा रही है, और जमीन कब्जाने जैसे मामलों में भी इनकी भूमिका संदिग्ध है।”

    विपक्ष और सत्ता दोनों पर खतरा.

    नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि इस स्थिति से केवल आम जनता ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता एवं उनके सहयोगी भी सुरक्षित नहीं हैं।
    मरांडी के शब्दों में –

    “संघर्ष करते-करते रास्ता भटकने वालों को देश की न्याय व्यवस्था ने हमेशा मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया है, लेकिन आज एक आवाज को हमेशा के लिए खामोश कर दिया गया।”

    “यह एनकाउंटर नहीं, मर्डर है”

    मरांडी ने सूर्या हांसदा की मौत को सीधा-सीधा हत्या करार दिया।

    “यह एनकाउंटर नहीं, मर्डर है। वह भी अपराधियों द्वारा नहीं, बल्कि वर्दी में छिपे कुछ कायर और बुजदिलों द्वारा किया गया। उन्हें डर था कि आदिवासियों की आवाज उनके कानों का पर्दा न हिला दे, डर था कि आदिवासी अपने हक और अधिकार के लिए न खड़े हो जाएं।”

    उन्होंने कहा कि झूठे केस, फर्जी मुकदमे और लगातार मानसिक दबाव बनाना – यही आज के समय में विरोध की आवाज को दबाने का सरकारी तरीका बन गया है।

    परिजनों की सीबीआई जांच की मांग.

    मरांडी ने बताया कि सूर्या हांसदा की पत्नी और मां लगातार पुलिस पर जानबूझकर हत्या करने का आरोप लगा रही हैं। उनकी एक ही मांग है – इस पूरे मामले की सीबीआई जांच हो।

    “अगर मुख्यमंत्री को सीबीआई से डर लगता है तो हाईकोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में जांच कराई जाए। इस घटना को जनता पचा नहीं पा रही, और पुलिस की भूमिका गंभीर संदेह के घेरे में है।”

    राजनीतिक माहौल में बढ़ी गरमी.

    सूर्या हांसदा की मौत पर भाजपा का यह हमला झारखंड की सियासत में नई बहस छेड़ सकता है। एक तरफ सरकार और पुलिस पर आरोपों की बौछार हो रही है, तो दूसरी ओर आदिवासी समुदाय के भीतर भी इस घटना को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।

  • एक आईपीएस अधिकारी समेत 17 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को राष्ट्रपति पदकों

    The News Post4u.

    झारखंड पुलिस के लिए इस स्वतंत्रता दिवस पर गर्व का अवसर आने वाला है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को आदेश जारी करते हुए राज्य के एक आईपीएस अधिकारी समेत 17 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को विभिन्न श्रेणियों में वीरता, राष्ट्रपति और सराहनीय सेवा पदकों से सम्मानित करने की घोषणा की है।

    इस सूची में शामिल अधिकारी और जवानों को 15 अगस्त के दिन औपचारिक रूप से सम्मान प्रदान किया जाएगा। सम्मानित किए जाने वालों में पांच पुलिस अधिकारी और कर्मी को वीरता पदक, एक को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक, जबकि 11 को सराहनीय सेवा पदक मिलेगा।

    वीरता पदक प्राप्त करने वाले

    इन पदकों को उन पुलिस कर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान असाधारण साहस और बहादुरी का प्रदर्शन किया। झारखंड से इस सम्मान के लिए चुने गए नाम हैं:

    • सब-इंस्पेक्टर विनय कुमार
    • हेड कॉन्टेबल प्रमोद राय
    • कांस्टेबल वेद प्रकाश महतो
    • कांस्टेबल रामचंद्र महतो
    • कांस्टेबल कृष्णा मुर्मू

    राष्ट्रपति पदक (विशिष्ट सेवा) प्राप्त करने वाले

    • हवलदार कैलाश कुमार श्रेष्ठा — जिन्होंने अपने लंबे कार्यकाल में उत्कृष्ट कार्य और अनुकरणीय सेवा से विभाग का मान बढ़ाया।

    सराहनीय सेवा पदक प्राप्त करने वाले

    ये पदक उन पुलिसकर्मियों को दिए जाते हैं जिन्होंने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में अनुशासन, समर्पण और लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो। इस श्रेणी में झारखंड पुलिस के 11 अधिकारी और कर्मी शामिल हैं:

    • आईपीएस अनुरंजन किस्पोट्टा
    • डीएसपी मनोज कुमार राय
    • इंस्पेक्टर असित मोदी
    • एसआई दीपक पुंज
    • एएसआई महेंद्र महतो
    • हवलदार विजय थापा
    • कांस्टेबल विदेशी मांझी
    • कांस्टेबल अजय कुमार दुबे
    • हवलदार रंजीता कुजूर
    • कांस्टेबल पुष्पा औरैया
    • कांस्टेबल दीपक कुमार सिंह

    झारखंड पुलिस के लिए यह सम्मान न केवल राज्य की कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों का प्रमाण है, बल्कि उन जवानों के साहस और प्रतिबद्धता की भी पहचान है जो अपने कर्तव्य के प्रति हर परिस्थिति में समर्पित रहते हैं।

     

  • शिबू सोरेन के श्राद्ध में 5 लाख लोगों की मेज़बानी की तैयारी

    वीआईपी के लिए बने चार हेलीपैड, सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

    परवेज़ आलम

    For The News Post4u.

    रामगढ़, नेमरा :  झारखंड की राजनीति के पुरोधा और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक, झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक दिशोम गुरु  शिबू सोरेन के श्राद्ध भोज की तैयारियां इन दिनों पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। अनुमान है कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में करीब चार से पांच लाख लोग शामिल होंगे, जिसके लिए पांच विशाल पंडाल और अस्थायी रसोईघरों की व्यवस्था की गई है।

    वीआईपी के लिए विशेष इंतज़ाम.

    देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता, कांग्रेस अध्यक्ष, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और विशिष्ट मेहमानों को निमंत्रण भेजा गया है। वीआईपी आवागमन को ध्यान में रखते हुए चार हेलीपैड तैयार किए गए हैं — जिनमें से तीन शिबू सोरेन के घर के पास और एक लगभग तीन किलोमीटर दूर बनाया गया है। 16 अगस्त को होने वाले संस्कार भोज के दिन, विशेष अतिथियों के लिए अलग पार्किंग की सुविधा भी होगी।

    स्थानीय आमंत्रण झारखंड मुक्ति मोर्चा की जिला कमेटियों के माध्यम से भेजे जा रहे हैं। वहीं प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से शिबू सोरेन के पैतृक आवास के 300 मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग कर दी है, जहां केवल वीआईपी और करीबी लोग ही प्रवेश कर सकेंगे।

    ग्रामीणों और मेहमानों के लिए व्यवस्था.

    श्राद्ध भोज के लिए तैयार पांच पंडालों में बैठकर भोजन करने की सुविधा होगी। सभी पंडालों के पास ही बड़े-बड़े रसोई घर बनाए गए हैं। विशेष अतिथियों का भोजन शिबू सोरेन के घर के पीछे परोसा जाएगा। कार्यक्रम स्थल तक केवल वीआईपी वाहन ही पहुंचेंगे; आम लोगों के लिए 300 ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है, जो पार्किंग स्थल से लोगों को पंडाल तक लाएंगे।

    सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम.

    कार्यक्रम के दौरान नेमरा को छावनी में तब्दील कर दिया जाएगा। 9 आईपीएस अधिकारी 14 से 16 अगस्त तक और 40 डीएसपी 12 से 17 अगस्त तक सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए विशेष आदेश जारी कर दिए हैं।

    गांव में आम आदमी की तरह सीएम सोरेन.

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों अपने पैतृक गांव नेमरा में हैं, जहां वे पिता के श्राद्ध कर्म में एक आम ग्रामीण की तरह हिस्सा ले रहे हैं। संथाल समाज और गांव के लोगों के साथ बैठकों में वे हर विधि-विधान की योजना पर चर्चा कर रहे हैं, साथ ही भोज के मेन्यू से लेकर मेहमानों की सेवा तक पर व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहे हैं।

    पिता की विरासत को जीते हुए हेमंत सोरेन गांव की गलियों और खेत-खलिहानों में घूमते हैं, किसानों से बात करते हैं और जल, जंगल, ज़मीन की रक्षा पर चर्चा करते हैं। उनका कहना है कि राजनीति उनके लिए सत्ता का साधन नहीं, बल्कि जनसेवा और अधिकारों की रक्षा का संकल्प है — एक सीख जो उन्हें सीधे पिता से मिली है।

    जल, जंगल और ज़मीन: पहचान और संकल्प

    सीएम ने स्पष्ट कहा कि जल, जंगल और ज़मीन झारखंड की पहचान और अस्तित्व का आधार हैं। यही कारण है कि राज्य सरकार इन संसाधनों के संरक्षण और संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। वे मानते हैं कि यह केवल पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा, समृद्ध झारखंड देने का वादा है।

    विरासत का विस्तार.

    गांव की मिट्टी, उसकी खुशबू और हरियाली की ठंडक में हेमंत सोरेन आज भी अपने पिता की परछाईं की तरह दिखते हैं। जनसेवा, सादगी और संघर्ष की वही परंपरा, जिसे दिशोम गुरु ने दशकों तक निभाया, अब मुख्यमंत्री अपने कामों के जरिये आगे बढ़ा रहे हैं।

  • अखिलेश यादव और चंद्रशेखर आज़ाद नेमरा पहुँचकर दिवंगत शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि

    The News Post4u.

    रामगढ़/नेमरा/रांची: झारखंड की राजनीति के पुरोधा, आदिवासी अस्मिता के प्रतीक दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए आज नेमरा गांव में श्रद्धालुओं और नेताओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के पैतृक आवास पर सुबह से ही लोगों का आना-जाना जारी रहा, जहां आमजन से लेकर देश के बड़े नेता तक श्रद्धा-सुमन अर्पित करने पहुंचे।

    अखिलेश यादव का भावुक पल.
    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद अखिलेश यादव मंगलवार को नेमरा पहुंचे। उन्होंने दिवंगत नेता की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन, विधायक बसंत सोरेन समेत परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की और गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं।
    मुलाकात के दौरान वे रूपी सोरेन से बातचीत करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन का जीवन संघर्ष, सेवा और जनहित के लिए समर्पण का प्रतीक रहा है, जिसे देश और झारखंड कभी नहीं भूल पाएगा।

    चंद्रशेखर आज़ाद ने भी दी श्रद्धांजलि.
    इससे पहले नगीना लोकसभा से सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद भी मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पहुंचे। उन्होंने गुरुजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की। चंद्रशेखर आज़ाद ने शोक-संतप्त परिवार को सांत्वना देते हुए इस कठिन घड़ी को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

    नेमरा में उमड़ी भीड़, गुरुजी को जननायक के रूप में किया याद.
    श्रद्धांजलि देने वालों में राजनीतिक नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, वकील, किसान, मजदूर और आम ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद थे। सभी ने गुरुजी को ‘जननायक’ के रूप में याद किया और कहा कि उनका जीवन आदिवासी, वंचित और शोषित समाज की आवाज़ बनकर बीता।
    आज उनके श्राद्ध कर्म के सातवें दिन सुबह से ही नेमरा गांव में भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। घर के आंगन से लेकर आस-पास की गलियों तक लोगों की कतारें लगी थीं।

    स्वतंत्रता दिवस समारोह में बदलाव.
    इसी बीच, रांची से यह खबर आई कि 15 अगस्त को मोरहाबादी मैदान में ध्वजारोहण मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की जगह राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार करेंगे। परंपरा के अनुसार, हर साल स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री रांची में और राज्यपाल दुमका में ध्वजारोहण करते हैं। लेकिन इस बार मुख्यमंत्री के पारिवारिक शोक के कारण यह बदलाव किया गया है।
    राजभवन से जारी सूचना में बताया गया कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर राज्यपाल ने स्वीकृति दे दी है। साथ ही, इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में राजभवन में होने वाला पारंपरिक ‘एट होम’ कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया है, जो कि गुरुजी के सम्मान में लिया गया निर्णय है।

    गुरुजी की विरासत अमर रहेगी.
    नेमरा में मौजूद लोगों का कहना था कि शिबू सोरेन न सिर्फ एक नेता थे, बल्कि संघर्ष, सादगी और सेवा की मिसाल थे। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

  • गिरिडीह: ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत की

    The News Post4u.

    गिरिडीह: आज़ादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर में चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत मंगलवार को भाजपा झारखंड प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश साव ने गिरिडीह के शास्त्री नगर स्थित अपने आवास पर तिरंगा फहराकर अभियान का शुभारंभ किया।

    इस मौके पर श्री साव ने कहा कि तिरंगा हमारी शान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। उन्होंने गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र के सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने-अपने घरों पर तिरंगा अवश्य लगाएं। यह पहल न केवल राष्ट्र की एकजुटता को दर्शाती है, बल्कि एक सशक्त भारत की पहचान भी है।

    उन्होंने कहा, “हमारा राष्ट्रीय ध्वज केवल स्वतंत्रता का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमारी एकता, अखंडता और सांस्कृतिक धरोहर की अमर पहचान है। इस गौरवपूर्ण अभियान में शामिल होकर अपने घर, कार्यालय और दुकानों पर तिरंगा फहराएं, और राष्ट्र के प्रति सम्मान को दृढ़ संकल्प के साथ व्यक्त करें।”

    श्री साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए इस अभियान को भारत की विविधताओं में निहित सुंदरता, अनेकता में एकता और 140 करोड़ देशवासियों की अटूट देशभक्ति का अद्भुत प्रतीक बताया।

  • झारखंड वैश्य संघर्ष मोर्चा ने दिवंगत शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि

     

    गिरिडीह: झारखंड वैश्य संघर्ष मोर्चा, गिरिडीह ने पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के सम्मान में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष उमाचरण प्रसाद साहू ने की, जबकि संचालन धर्म प्रकाश ने संभाला। सभा में गिरिडीह जिला तैलिक साहू सभा के अध्यक्ष बालगोविंद साहू, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज गिरिडीह के अध्यक्ष राहुल बर्मन, रेडक्रॉस के चेयरमैन अरविंद कुमार , समाज के उपाध्यक्ष संजय कुमार साहू और हरगौरी साहू, झारखंड स्टेट बार एसोसिएशन के सदस्य परमेश्वर मंडल, महेंद्र मंडल, दशरथ प्रसाद और अन्य अधिवक्ता गण उपस्थित थे।

    वक्ताओं ने अपने संबोधन में गुरुजी के सामाजिक, राजनीतिक और आंदोलनकारी योगदान को विस्तार से याद किया। वक्ताओं ने कहा कि शिबू सोरेन हमेशा आदिवासी, वंचित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे और झारखंड के निर्माण में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

    सभा के दौरान 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

    इस अवसर पर सत्य प्रकाश साहा, प्रदीप कुमार साव, राहुल कुमार, सुबोध गुप्ता, सीताराम साहू, चंद्रकांत मंडल, चनो मंडल, प्रमोद अग्रवाल, रवि साव सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।