सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल में आपदा प्रबंधन के तहत फायर मॉक ड्रिल आयोजित, छात्रों ने सीखा आग से निपटने का तरीका

By : बिनोद कुमार

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गिरिडीह : सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल में एक फायर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों और स्टाफ को आग लगने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना था। यह कार्यक्रम विद्यालय के वार्षिक आपदा प्रबंधन अभ्यास का हिस्सा था।

कार्यक्रम में अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई। फायर ऑफिसर रंजीत कुमार पांडेय और अग्निशमन पदाधिकारी शशिभूषण सिंह के नेतृत्व में दमकलकर्मियों की टीम ने छात्रों और शिक्षकों को आग बुझाने की तकनीक, आग लगने के कारण और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि सही तकनीक और संयम का पालन किया जाए, तो किसी भी अग्निकांड पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

मॉक ड्रिल के दौरान छात्रों को आग बुझाने वाले उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही एलपीजी सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में क्या करें, इसके बारे में एक लाइव डेमो के माध्यम से विस्तार से समझाया गया। अग्निशमन दल ने यह भी बताया कि ऐसी स्थिति में घबराने की बजाय सीढ़ियों का उपयोग करना चाहिए, लिफ्ट से बचना चाहिए और तुरंत 101 या 112 नंबर पर कॉल कर सूचना देनी चाहिए।

स्कूल की प्राचार्या ममता शर्मा ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के अभ्यास छात्रों और कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति में न सिर्फ आत्मरक्षा बल्कि दूसरों की भी रक्षा करने योग्य बनाते हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के प्रति सजग रहना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

फायर ब्रिगेड की टीम ने शॉर्ट सर्किट, गैस लीक और अन्य संभावित कारणों से होने वाली आग के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे सामान्य और स्थानीय रूप से उपलब्ध वस्तुओं की मदद से आग पर प्रारंभिक नियंत्रण पाया जा सकता है।

विद्यालय के प्रबंध निदेशक जोरावर सलूजा ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी अग्निशमन अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का व्यावहारिक प्रशिक्षण न केवल बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करता है, बल्कि भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में उनसे सजग और जिम्मेदार नागरिक बनने की उम्मीद की जा सकती है।

फायर मॉक ड्रिल में स्कूल के सभी शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी उत्साहपूर्वक शामिल हुए और अग्नि सुरक्षा के दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करते हुए मॉक ड्रिल में भाग लिया।

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