The News Post4U Desk
गिरिडीह। मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने गुरुवार को गिरिडीह के उत्सव उपवन में गाण्डेय विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने की।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि गाण्डेय विधानसभा क्षेत्र में कुल 60,432 मतदाता अनमैप्ड हैं। उन्होंने पार्टी द्वारा नियुक्त बीएलए-2 (Booth Level Agent) से इन मतदाताओं की मैपिंग में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल बीएलए-2 ही नहीं, बल्कि पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को भी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में पूरी गंभीरता से जुटना होगा।

मंत्री ने कहा कि अनमैप्ड मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराने के लिए झारखंड सरकार गंभीर है। उन्होंने बताया कि जल्द ही राइट टू सर्विस एक्ट के तहत सेवा पखवाड़ा आयोजित कर शिविर लगाए जाएंगे, जहां जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली जैसे आवश्यक दस्तावेज बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मतदाता सूची में मौजूद तार्किक त्रुटियों को दूर करने में भी मदद मिलेगी।
जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि झामुमो विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर पूरी तरह गंभीर है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य से 14 जून को उत्सव उपवन, गिरिडीह में जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
जमुआ के पूर्व विधायक केदार हाजरा ने कहा कि पार्टी ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है। उन्होंने मतदाताओं से भी जागरूक रहने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी कारणवश मतदाता सूची से नाम हट जाता है तो भविष्य में उसे पुनः जोड़ने को लेकर अनिश्चितता बनी रह सकती है।
जिला उपाध्यक्ष शाहनवाज अंसारी ने कहा कि सभी अनमैप्ड मतदाताओं को हर हाल में अपना मैपिंग कार्य पूरा कराना चाहिए और इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों की तैयारी अभी से शुरू कर देनी चाहिए।
जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि झारखंड में अंतिम बार वर्ष 2003 में विशेष गहन पुनरीक्षण हुआ था। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता के माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी का नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज है, तो संबंधित मतदाता का नाम जोड़ने में सुविधा होगी। यह व्यवस्था झारखंड के बाहर देश के अन्य राज्यों में दर्ज मतदाता अभिलेखों पर भी लागू होगी।
बैठक के दौरान विभिन्न प्रखंडों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में एसआईआर से जुड़ी समस्याओं और सुझावों को भी साझा किया। इस अवसर पर विजय सिंह, हलधर राय, गोपीन मुर्मू, धूर्पदेव पंडित, बैजनाथ राणा, भैरव वर्मा, अरुण पाठक, चांदमल मरांडी, वाहिद खान, मो. सलीम, मुस्तकीम अंसारी, जाकिर अंसारी, मंजू मरांडी, आजाद अंसारी, नीलकंठ मंडल, सुरेंद्र सोरेन, प्रेमचंद मुर्मू, रवि वर्मा, शब्बीर आलम सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।






