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गिरिडीह : आज का दिन भर शहर गिरिडीह पूरी तरह देशभक्ति के रंग में रंगा रहा, जब शहर में एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा झंडा मैदान से जोरदार उत्साह के साथ प्रारंभ हुई और मकतपुर, कालीबाड़ी चौक होते हुए शहर के प्रमुख केंद्र बड़ा चौक पर जाकर संपन्न हुई।
सुबह से ही झंडा मैदान पर लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्कूल-कॉलेजों के छात्र-छात्राओं, महिला समूहों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने हाथों में तिरंगा थामकर इस यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शहर की गलियों और मुख्य सड़कों पर तिरंगे की शान लहराती रही, जबकि वातावरण “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “जय हिंद” के गगनभेदी नारों से गूंजता रहा।
यात्रा के दौरान जगह-जगह पर लोगों ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और देशभक्ति के गीतों पर माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया। मकतपुर और कालीबाड़ी चौक पर स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर तिरंगा यात्रा का अभिनंदन किया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को गति देना और जन-जन में राष्ट्रीय गर्व व एकता की भावना को सशक्त बनाना था। आयोजकों ने कहा कि तिरंगा न सिर्फ हमारे देश का प्रतीक है, बल्कि यह हमारे स्वतंत्रता संग्राम, त्याग और बलिदान की गाथा को भी संजोए हुए है। उन्होंने अपील की कि आने वाले स्वतंत्रता दिवस पर हर घर, हर गली और हर मोहल्ला तिरंगे की शान से जगमगाए।
यात्रा झंडा मैदान से टावर चौक जिला परिषद मकतपुर कालीबाड़ी मुस्लिम बाजार होते हुए बड़ा चौक पर समाप्त हुई l तिरंगा यात्रा का नेतृत्व बेजेपी जिला अध्यक्ष महादेव दुबे कर रहे थे। उनके साथ जमुआ की विधायक मंजू देवी, पूर्व विधायक लक्ष्मण स्वर्णकार, प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य सुरेश साव, सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, मनोज साव, जिला महामंत्री संदीप डांगेच, महेंद्र वर्मा, श्याम कुमार, नवीन सिन्हा, संगीता सेठ, उषा कुमारी, हरविंदर सिंह बग्गा, अरविंद बर्नवाल, अजय सिंह, राजेश गुप्ता, प्रदीप राय, अमर सिन्हा, राजेश जायसवाल, सुभाष सिंह, रंजन सिन्हा, दीपक भारती, अजीत राणा, वीरेंद्र वर्मा, मनोज पांडे, संतोष पांडे, शालिनी बैसाखीयार समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।
यात्रा के समापन पर सभी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नागरिकों ने एक स्वर में यह संदेश दिया कि राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और देश की एकता सर्वोपरि है। इस अद्वितीय और ऐतिहासिक आयोजन ने गिरिडीह के हर नागरिक के दिल में देशभक्ति की लौ को और प्रज्वलित कर दिया, और पूरा शहर राष्ट्रीय गौरव की भावना से सराबोर हो गया।







