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  • SIR को लेकर JMM की बैठक, एक भी मतदाता न छूटे: संजय सिंह

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने साफ संदेश दिया है कि जिले का एक भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से बाहर नहीं रहना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को सर्किट हाउस में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

    सर्किट हाउस, गिरिडीह में आयोजित इस बैठक में झामुमो जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निर्देश देते हुए कहा कि SIR अभियान को पूरी गंभीरता के साथ लिया जाए। उन्होंने कहा कि गिरिडीह जिले का एक भी मतदाता छूटना नहीं चाहिए।

    पार्टी द्वारा नियुक्त बीएलए-2 को बूथ लेवल अधिकारियों यानी बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर घर-घर जाकर मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी प्रखंड और नगर कमेटियों को जल्द से जल्द बीएलए-2 की बैठक आयोजित करने को कहा गया है।

    “विशेष गहन पुनरीक्षण में बीएलए-2 और बीएलओ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों को मिलकर घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करना होगा और सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर करना होगा।” –संजय सिंह, जिला अध्यक्ष, झामुमो

    बैठक में यह भी बताया गया कि चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों की भागीदारी बढ़ाने के लिए बीएलए को बल्क में आवेदन जमा करने की अनुमति दी है। अब बीएलए प्रतिदिन 50 आवेदन अपने बीएलओ को सौंप सकेंगे।

    जमुआ के पूर्व विधायक केदार हाजरा ने कहा कि दो महीने तक चलने वाले इस अभियान में कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय रहना होगा, ताकि कोई भी मतदाता सूची से वंचित न रहे।

    वहीं जिला उपाध्यक्ष शाहनवाज अंसारी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की मदद के लिए तैयार हैं और दस्तावेजों में मौजूद त्रुटियों को दूर कराने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा ने जानकारी दी कि आगामी 14 जून को जिले के सभी 2,586 बूथों के बीएलए-2 को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे पहले सभी प्रखंडों और नगर क्षेत्रों में बैठकें आयोजित कर अभियान को और मजबूत किया जाएगा।

    बैठक में केंद्रीय समिति सदस्य दिलीप मंडल, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष कोलेश्वर सोरेन, महानगर अध्यक्ष राकेश कुमार रॉकी सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

    कुल मिलाकर, झामुमो ने SIR अभियान को लेकर अपनी तैयारियां पूरी तरह से तेज कर दी हैं और पार्टी का लक्ष्य स्पष्ट है—गिरिडीह का कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से बाहर न रहे।

  • रंगों में न घुले अशांति के रंग,होली पर प्रशासन सख्त, 24 घंटे अलर्ट मोड में

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू

    गिरिडीह: होली… यानी रंगों का त्योहार, हंसी का त्योहार, गिले-शिकवे मिटाने का त्योहार। लेकिन इस बार प्रशासन का संदेश बिल्कुल साफ है — रंगों में मस्ती हो, मगर मर्यादा भी हो। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि होली के नाम पर किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि या कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    संवेदनशील इलाकों में खास निगरानी.

    जिले के सभी संवेदनशील और अति-संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है। वहां अतिरिक्त दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस की गश्ती टीमें लगातार सड़कों पर भ्रमणशील रहेंगी और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाएं और शांति समिति के सदस्यों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें।

    डीजे और तेज ध्वनि पर सख्ती.

    उपायुक्त रामनिवास यादव ने साफ शब्दों में कहा है कि डीजे, तेज ध्वनि विस्तारक यंत्र और अश्लील गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। निर्धारित समय सीमा के बाद लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

    इसके अलावा—

    • शराब के नशे में वाहन चलाने वालों पर कड़ी नजर
    • सड़क पर हुड़दंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई
    • जबरन रंग लगाने जैसी घटनाओं पर तुरंत हस्तक्षेप

    ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

     सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर.

    इस बार सिर्फ सड़कों पर ही नहीं, सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
    भ्रामक, अफवाह फैलाने वाले या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साइबर सेल को 24 घंटे सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। आम लोगों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम या नजदीकी थाना को दें।

    आपात सेवाएं भी अलर्ट.

    पुलिस अधीक्षक डॉ बिमल कुमार ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहार के दौरान:

    • एंबुलेंस सेवा
    • फायर ब्रिगेड
    • चिकित्सा व्यवस्था सभी अलर्ट मोड में रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

     प्रशासन की अपील.

    प्रशासन ने आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से सहयोग की अपील की है।

    संदेश बिल्कुल स्पष्ट है —
    होली रंगों की हो, रिश्तों की हो, सम्मान की हो। अगर कोई शांति भंग करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस बार गिरिडीह में होली सिर्फ रंगों की नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की भी होगी।

     

  • जाति-धर्म की राजनीति से शहर का विकास नहीं – सुदिव्य कुमार सोनू

    मंत्री का  भाजपा पर तीखा हमला, प्रमिला मेहरा के समर्थन में जुटी भीड़.

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    गिरिडीह: नगर निगम चुनाव की सरगर्मी के बीच माथाडीह फुटबॉल मैदान गुरुवार को राजनीतिक बयानबाज़ी और शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बन गया। मंच पर थे झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, और निशाने पर थी भारतीय जनता पार्टी।

    मिलन समारोह में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए मंत्री सोनू ने बिना नाम लिए भाजपा पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “बांटने और बंटवारे की राजनीति करने वाली पार्टी के लोग आज हम पर समाज को बांटने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि शुरुआत से ही उन्होंने जाति और धर्म के नाम पर समाज में विभाजन की रेखाएं खींची हैं।”

    उन्होंने आरोप लगाया कि पहले धर्म के नाम पर समाज को बांटा गया, और अब जाति के आधार पर विभाजन की राजनीति हो रही है। नगर निगम चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गरीब दलित के बजाय अमीर दलित को समर्थन देना इस बात का प्रमाण है कि राजनीति में सामाजिक न्याय नहीं, बल्कि वर्गीय समीकरण देखे जा रहे हैं।
    “अगर समाज को नहीं बांटना था, तो टिकट देने में अमीर-गरीब का पैमाना कैसे आ गया ?” – यह सवाल पूछते हुए मंत्री ने कहा कि धर्म और जाति के नाम पर देश को पहले भी नुकसान हुआ है और यह राजनीति अब अपने अंतिम चरण में है।

    उन्होंने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि वे मेयर प्रत्याशी प्रमिला मेहरा को समर्थन दें और गिरिडीह के विकास के लिए एकजुट होकर मतदान करें।

    “गिरिडीह की बेटी और बहू” – संजय सिंह.

    झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि पार्टी ने मेयर पद के लिए प्रमिला मेहरा को समर्थन दिया है क्योंकि वे गिरिडीह की बेटी और बहू हैं, और सामाजिक-राजनीतिक जीवन में उनका लंबा अनुभव रहा है।

    उन्होंने मतदाताओं को आगाह करते हुए कहा कि चुनाव मैदान में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन पर फर्जी प्रमाण पत्र का आरोप है। “ऐसे उम्मीदवारों से सावधान रहिए और सोच-समझकर अपना मत दीजिए,”

    “आपका एक वोट बदल सकता है शहर की तस्वीर” – प्रमिला मेहरा॰

    मेयर प्रत्याशी प्रमिला मेहरा ने अपने संबोधन में भावुक अपील की। उन्होंने कहा,
    “आप सभी अपने मत का प्रयोग अवश्य करें। चुनाव के दिन सोच-समझकर फैसला लें। अगर आप गिरिडीह की तस्वीर बदलना चाहते हैं, तो मुझे अपना आशीर्वाद और समर्थन दें।”

    उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि जनता का समर्थन मिला, तो शहर के बुनियादी मुद्दों—पेयजल, सफाई, सड़क और प्रकाश व्यवस्था—पर प्राथमिकता से काम किया जाएगा।

    भाजपा छोड़ झामुमो में वापसी.

    सभा के दौरान एक और राजनीतिक संदेश गया, जब नागेश्वर दास ने भाजपा छोड़कर अपने समर्थकों के साथ पुनः झामुमो का दामन थाम लिया। पार्टी नेताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। नागेश्वर दास ने मंच से प्रमिला मेहरा को  समर्थन की घोषणा की।

    सभा को झामुमो जिला उपाध्यक्ष अजीत कुमार पप्पू, शाहनवाज अंसारी, सुनील यादव, जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा, जिला सह सचिव दिलीप रजक सहित कई नेताओं ने भी संबोधित किया।

    कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष राकी सिंह, विकास सिन्हा, रामजी यादव, सुनील पासवान, मंगल सिंह, प्रवीण राय, महबूब आलम तुफान, मो. इम्तियाज, अजीत कुमार सिन्हा, राकेश कुमार सिंह, मोनू सिंह, मेहताब मिर्जा, विशाल मंडल, सुनील दास, रामचंद्र दास, कमल दास, सुखदेव दास, चंचला देवी, हरि मरांडी, अमजद अंसारी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।

    राजनीतिक तापमान चढ़ा.

    माथाडीह का यह मिलन समारोह साफ संकेत दे गया कि नगर निगम चुनाव अब केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं है। जाति, धर्म और सामाजिक समीकरणों की बहस के बीच चुनावी लड़ाई और तीखी होती जा रही है।

    अब देखना यह है कि जनता विकास के वादों को प्राथमिकता देती है या राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की इस आंधी में कोई नया समीकरण उभरता है।

  • गिरिडीह : महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने की पहल, ‘नारी अदालत’ को और सशक्त बनाने की तैयारी

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : महिलाओं से जुड़े मामलों के त्वरित और न्यायपूर्ण समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने ठोस पहल शुरू कर दी है। उपायुक्त रामनिवास यादव ने अपने कार्यालय कक्ष में ‘नारी अदालत’ से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की, जिसमें इसकी कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

    बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि महिलाओं को घरेलू और सामाजिक विवादों में शीघ्र, पारदर्शी और संवेदनशील न्याय मिल सके। पिछले माह प्राप्त मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिन प्रकरणों का निष्पादन हो चुका है, उनकी जानकारी साझा की गई, वहीं लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने पर बल दिया गया।

    उपायुक्त ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाएं अक्सर छोटे-छोटे लेकिन गंभीर प्रभाव वाले मामलों—जैसे उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, संपत्ति विवाद, पारिवारिक कलह या अधिकारों की कटौती—का सामना करती हैं। ऐसे मामलों में उन्हें त्वरित और सुलभ वैकल्पिक शिकायत निवारण तंत्र उपलब्ध कराना ही ‘नारी अदालत’ की मूल भावना है।

    उन्होंने निर्देश दिया कि हर शिकायत का पंजीकरण पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाए, दोनों पक्षों को सुनकर निष्पक्ष निर्णय लिया जाए और पीड़ित महिला की गरिमा एवं सुरक्षा सर्वोपरि रखी जाए।

    बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ग्राम स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस मंच की जानकारी प्राप्त कर सकें और आवश्यकता पड़ने पर इसका लाभ उठा सकें। प्रशासन का मानना है कि जागरूकता ही सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है।

    उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि ‘नारी अदालत’ केवल एक मंच नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा का माध्यम है। इसे और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि प्रत्येक पीड़ित महिला को समय पर न्याय मिल सके और समाज में सकारात्मक संदेश जाए।

    बैठक में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी गिरिडीह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • बाहा पर्व 2026: सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्त करने की मुहिम, ‘हर दुकान दस्तक अभियान’ की शुरुआत

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : बाहा पर्व के अवसर पर आस्था और पर्यावरण संरक्षण का अद्भुत संगम देखने को मिला। जैव विविधता से भरपूर और धार्मिक आस्था के केंद्र  मारांग बुरु/पारसनाथ पहाड़ को सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनाने के संकल्प के साथ “हर दुकान दस्तक अभियान” की औपचारिक शुरुआत की गई।

    उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत यूनिसेफ के सहयोग से मधुबन पंचायत क्षेत्र में किया गया।

    मारांग बुरु/पारसनाथ पहाड़ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र जैव विविधता का खजाना भी है। लेकिन पर्व के दौरान बढ़ती भीड़ और अस्थायी दुकानों के कारण प्लास्टिक प्रदूषण का खतरा भी बढ़ जाता है। प्रशासन ने इसी चुनौती को अवसर में बदलते हुए दुकानदारों तक सीधे पहुंचने की रणनीति अपनाई।

    दुकान-दुकान दस्तक, प्लास्टिक पर सख्ती.

    पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की जल सहियाओं और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की आजीविका समूह की दीदियों ने दुकान-दुकान जाकर सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग बंद करने की अपील की। इसके स्थान पर कपड़े के थैले, जूट बैग और सखुआ पत्ते से बने दोना-पत्तल अपनाने का आग्रह किया गया।

    होटल संचालकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखने की समझाइश दी गई, ताकि मधुबन क्षेत्र में कचरे का ढेर न लगे और वायु, जल तथा मिट्टी प्रदूषण की समस्या से बचा जा सके।

    ‘बोतल बैंक’ बनेगा नया मॉडल.

    अभियान के तहत मारांग बुरु परिसर में “बोतल बैंक” स्थापित किया जा रहा है। यहां पर्यटक प्लास्टिक की बोतलें और अन्य कचरा इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित संरक्षित बैंक में जमा करेंगे। एकत्रित प्लास्टिक को मधुबन में प्रस्तावित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट में भेजकर रिसाइक्लिंग की जाएगी।

    अभियान का उद्देश्य केवल प्लास्टिक पर रोक लगाना नहीं, बल्कि कार्बन उत्सर्जन कम करना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और पर्यटकों को जूट बैग जैसे टिकाऊ विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है।

    कार्यक्रम में यूनिसेफ प्रतिनिधि, जेएसएलपीएस के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, मधुबन के मुखिया एवं अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे इस पहल में सक्रिय भागीदारी निभाएं और मारांग बुरु/पारसनाथ पहाड़ की पवित्रता के साथ-साथ उसकी प्राकृतिक धरोहर को भी सुरक्षित रखने में सहयोग करें।

    आस्था का यह पर्व अब पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देगा—ताकि प्रकृति और परंपरा दोनों साथ-साथ आगे बढ़ें।

  • प्रमिला मेहरा का जनसंपर्क तेज, बोलीं— “बेटी को मौका दीजिए, शहर को नई दिशा मिलेगी”

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: नगर निगम चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, सियासी सरगर्मी भी तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में महापौर प्रत्याशी प्रमिला मेहरा ने शहर के विभिन्न मोहल्लों में जोरदार जनसंपर्क अभियान चलाया। घर-घर पहुंचकर उन्होंने लोगों से आशीर्वाद मांगा और भावनात्मक अपील करते हुए कहा, “आपकी बेटी, आपकी बहन चुनाव मैदान में है। अगर आप मुझे मेयर बनाते हैं तो गिरिडीह का समुचित और संतुलित विकास सुनिश्चित करूंगी।”

    जनसंपर्क के दौरान प्रमिला मेहरा ने स्थानीय समस्याओं—जल संकट, सफाई व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं—को प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि वह शहरी क्षेत्र की परेशानियों से भली-भांति परिचित हैं और मेयर बनने के बाद निश्चित समय सीमा में समाधान सुनिश्चित करेंगी।

    महाशिवरात्रि के अवसर पर उन्होंने विभिन्न मंदिरों में महादेव की पूजा-अर्चना कर शहर की सुख-समृद्धि की कामना भी की।

    रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग होगा प्राथमिक एजेंडा.

    प्रमिला मेहरा ने अपने विज़न को स्पष्ट करते हुए कहा कि गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि लगातार गिरते भूजल स्तर को रोका जा सके। उनका दावा है कि इससे आने वाले वर्षों में शहर को पानी की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।

    उन्होंने “हर घर नल जल” की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी वादा किया और कहा कि जल संकट का स्थायी समाधान उनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।

    समर्थकों का दिखा उत्साह.

    जनसंपर्क अभियान में इरशाद अहमद वारिस , नऔषद अहमद चांद ,राकेश कुमार राकी, अभय सिंह, सुमेर वर्मा, रौनक मिश्रा, अभय कुमार, सन्नी सिंह, विवेक सिन्हा, नंदकिशोर सिंह, बासुदेव यादव, मो. इम्तियाज, उमेश यादव, अंजली सोरेन, नंदू सिंह, गीता शर्मा, प्रमिला कुमारी, सुशील शर्मा, शाहनवाज अंसारी, मो. तुफान, सोनू एजाज, अल्कामा, मो. वसीम राजा, मो. पप्पू सहित दर्जनों समर्थक मौजूद रहे।

    चुनावी मौसम में अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता “बेटी” की इस अपील को कितना समर्थन देती है और शहर की सरकार की सत्ता की चाबी किसके हाथों में जाती है।

  • बीमा कानून संशोधन के खिलाफ कर्मचारी संघ मुखर

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

     गिरिडीह : 71वें जीवन बीमा व्यवसाय राष्ट्रीयकरण दिवस के मौके पर 19 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ, गिरिडीह शाखा इकाई की ओर से शाखा परिसर में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बीमा क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कर्मचारी नेता मौजूद रहे।

    प्रेस वार्ता में अध्यक्ष संजय शर्मा, सचिव धर्म प्रकाश, संयुक्त सचिव अनुराग मुर्मू, राजेश कुमार उपाध्याय, विजय कुमार, उपाध्यक्ष कुमकुम बाला वर्मा और उमानाथ झा उपस्थित थे।

    प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मंडलीय संयुक्त सचिव सह शाखा सचिव धर्म प्रकाश ने जीवन बीमा के राष्ट्रीयकरण के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 19 जनवरी 1956 को तत्कालीन केंद्र सरकार ने एक अध्यादेश के माध्यम से जीवन बीमा व्यवसाय का राष्ट्रीयकरण किया था। इसके बाद 1 सितंबर 1956 को 245 से अधिक देसी-विदेशी निजी बीमा कंपनियों का अधिग्रहण कर भारतीय जीवन बीमा निगम—एलआईसी की स्थापना की गई।

    उन्होंने बताया कि एलआईसी की स्थापना का मूल उद्देश्य था—
    “जनता का पैसा, जनता के लिए” और आम नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना। महज 5 करोड़ रुपये की पूंजी से शुरू हुई एलआईसी ने अपने उद्देश्यों को पूरी मजबूती से निभाया है।

    धर्म प्रकाश ने आंकड़ों के जरिए एलआईसी की भूमिका को सामने रखा। उन्होंने बताया कि

    • 31 मार्च 2025 तक, एलआईसी ने देश के आधारभूत संरचना विकास में 54 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।

    • एलआईसी की कुल परिसंपत्तियां 56 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी हैं।

    • हर वर्ष एलआईसी आयकर, जीएसटी सहित विभिन्न माध्यमों से 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का योगदान भारतीय राजकोष में दे रही है।

    • पिछले वित्तीय वर्ष में एलआईसी ने 230 लाख बीमा दावों का भुगतान किया।

    • एलआईसी का शुद्ध लाभ 48,151 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18.38 प्रतिशत अधिक है।

    उन्होंने यह भी बताया कि 20 जनवरी 2025 को एलआईसी ने एक ही दिन में 5,88,160 बीमा पॉलिसियां बेचकर ग्रीनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया। आज एलआईसी दुनिया का तीसरा सबसे शक्तिशाली ब्रांड बन चुका है और

    • प्रीमियम में 57 प्रतिशत,

    • तथा पॉलिसियों की संख्या में 63 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ बीमा बाजार में अग्रणी बना हुआ है।

    हालांकि, प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर गहरी चिंता भी जताई गई। धर्म प्रकाश ने कहा कि केंद्र सरकार ने “सबका बीमा, सबकी सुरक्षा” के नाम पर बीमा कानून संशोधन बिल 2025 पारित किया है, जिसके तहत बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दी गई है। साथ ही कंपोजिट और कैपटिव इंश्योरेंस जैसी नई अवधारणाएं लाई जा रही हैं।

    उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के ये फैसले जीवन बीमा के राष्ट्रीयकरण के मूल उद्देश्य को कमजोर करेंगे और देश का बीमा क्षेत्र 1956 से पहले वाली निजी मुनाफाखोरी की स्थिति की ओर लौट सकता है।

    अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ ने बताया कि हाल ही में भुवनेश्वर में संपन्न 27वें राष्ट्रीय अधिवेशन में यह सर्वसम्मति से तय किया गया है कि केंद्र सरकार के इन फैसलों के खिलाफ जोरदार और लोकतांत्रिक संघर्ष किया जाएगा, ताकि एलआईसी की सार्वजनिक और जनकल्याणकारी भूमिका को सुरक्षित रखा जा सके।

  • जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष का आह्वान, फॉरवर्ड ब्लॉक का सम्मेलन संपन्न

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ किसी तरह का समझौता नहीं, बल्कि संगठित संघर्ष ही शहीद कॉमरेड महेंद्र सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि हो सकती है। यह बात पूर्व जिला परिषद सदस्य एवं ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के गिरिडीह जिला संयोजक राजेश यादव ने कही। वे रविवार को फॉरवर्ड ब्लॉक के बेंगाबाद प्रखंड के पहले सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

    राजेश यादव ने कहा कि आज आम जनता केंद्र और झारखंड सरकार की नीतियों से बुरी तरह प्रभावित है। महंगाई, बेरोज़गारी, किसानों की बदहाली, मज़दूरों के अधिकारों पर हमले और सामाजिक असमानता लगातार बढ़ रही है। ऐसे हालात में कॉमरेड महेंद्र सिंह जैसे जनसंघर्ष के प्रतीकों के जीवन से सीख लेते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के समाजवादी भारत के सपने को साकार करने के लिए संघर्ष को तेज करना समय की मांग है।

    उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी को 78 वर्ष और झारखंड राज्य के गठन को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन जनता की स्थिति आज भी चिंताजनक बनी हुई है। विकास के दावे ज़मीनी हकीकत से कोसों दूर हैं। इसलिए सिदो-कानो, बिरसा मुंडा, नेताजी सुभाष बोस, भगत सिंह, डॉ. भीमराव अंबेडकर, शिबू सोरेन और कॉमरेड महेंद्र सिंह जैसे संघर्षशील नायकों की विचारधारा से प्रेरणा लेना अब अपरिहार्य हो गया है।

    सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के प्रदेश महासचिव अरुण कुमार मंडल उपस्थित थे। उन्होंने बेंगाबाद प्रखंड सम्मेलन की सफलता पर कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में पार्टी जनहित के मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष तेज करेगी।

    कार्यक्रम के दौरान शहादत दिवस के अवसर पर कॉमरेड महेंद्र सिंह सहित फॉरवर्ड ब्लॉक के जन आंदोलनों में शहीद सभी साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत हुई, जिसमें बेंगाबाद प्रखंड, गिरिडीह जिला, झारखंड राज्य और देश की मौजूदा राजनीतिक-सामाजिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    सम्मेलन में 17 सूत्री मांग पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें किसानों, मज़दूरों, बेरोज़गार युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दे शामिल थे। इन मांगों को लेकर आंदोलन छेड़ने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

    सम्मेलन के दौरान संगठनात्मक विस्तार करते हुए फॉरवर्ड ब्लॉक की 21 सदस्यीय बेंगाबाद प्रखंड (लोकल) कमेटी का गठन किया गया। इसके बाद कमेटी ने 7 सदस्यीय पदाधिकारी मंडल का चुनाव किया।
    जिसमें शिवनंदन यादव को अध्यक्ष, रामलाल मंडल को उपाध्यक्ष, शंभू ठाकुर को महासचिव तथा फोदार सिंह, सुखदेव गोस्वामी, शंकर यादव और शंभू तुरी को सचिव चुना गया।

    सम्मेलन के समापन के बाद नवगठित कमेटी के नेतृत्व में सम्मेलन स्थल से प्रखंड मुख्यालय तक जन अधिकार मार्च निकाला गया। मार्च के उपरांत 17 सूत्री मांग पत्र प्रखंड एवं अंचल अधिकारी के माध्यम से उपायुक्त गिरिडीह को सौंपा गया। प्रशासन से समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई, साथ ही चेतावनी दी गई कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

     

    आज के कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजेश यादव, शंभू तुरी, लखन कोल, छोटेलाल यादव, मुस्लिम अंसारी, शंकर यादव, प्रदीप यादव, विजय कु रवि, फोदार सिंह, शिवनंदन यादव, महेश वर्मा, सुखदेव गोस्वामी, मुरारी यादव, राजेंद्र मंडल, रामलाल मंडल म, कुमार सिंह, महेंद्र साव, किशोर दास, शंभू ठाकुर, बड़का हेंब्रम, नकुल सिंह सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।

  • झारखंड की अबुआ सरकार से घबराई हुई है भाजपा- राजद

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह :  राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश प्रवक्ता कैलाश यादव  ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधते हुए झारखंड की राजनीति और विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया। वे सोमवार को  गिरिडीह मे मीडिया कर्मियों से मुखातिब थे ।

    प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद बाबूलाल मरांडी के मुख्यमंत्री बनने से लेकर कई वर्षों तक भाजपा ने राज्य में सरकार चलाई, लेकिन इस दौरान राज्य की खनिज संपदा, जल, जंगल और जमीन को बेचने का काम भाजपा सरकारों ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने झारखंड के संसाधनों को कॉरपोरेट हितों के हवाले कर दिया।

    कैलाश यादव ने कहा कि आज झारखंड देश का वह राज्य है, जहां सबसे अधिक नियुक्ति पत्र युवाओं को सौंपे गए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार लगातार युवाओं को रोजगार देने का काम कर रही है, लेकिन भाजपा इस सकारात्मक कार्य से परेशान है और इसी कारण अनर्गल बयानबाजी कर रही है।

    झारखंड में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने स्पष्ट कहा कि

    “झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल की सरकार पूरी मजबूती के साथ चल रही है। भाजपा साजिश के तहत इस सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।”

    उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में अबुआ सरकार झारखंड के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। वर्षों से लंबित पेसा कानून को लागू कर सरकार ने एक नया इतिहास रचा है, जिससे आदिवासी और ग्रामीण समाज को अधिकार मिले हैं।

    कैलाश यादव ने कहा कि आने वाले नगर निकाय चुनावों में राष्ट्रीय जनता दल पूरी मजबूती और रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी और जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेगी।

  • रेल सुविधाओं के विस्तार की जंग, गिरिडीह से दिल्ली तक उम्मीदों की यात्रा

    गिरिडीह : रेल सुविधाओं की कमी से जूझ रहे गिरिडीह के लिए आज एक अहम पहल की गई है। कोलकाता, पटना समेत देश के प्रमुख महानगरों से सीधी रेल सेवा की पुरज़ोर मांग को लेकर गिरिडीह जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के लिए रवाना हो गया है।

    यह प्रतिनिधिमंडल राजधानी दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री से मुलाकात करेगा। खास बात यह है कि इस मुलाकात का नेतृत्व कर रही हैं कोडरमा की सांसद व केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्अन्नपूर्णा देवी, साथ ही गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी भी इस पहल में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

    प्रतिनिधिमंडल रेल मंत्री के समक्ष गिरिडीह की जमीनी हकीकत रखेगा—
    🔹 सीमित रेल कनेक्टिविटी से व्यापार पर पड़ता असर
    🔹 यात्रियों की रोज़मर्रा की परेशानियाँ
    🔹 और कोलकाता–पटना जैसे बड़े शहरों से सीधी ट्रेनों की नितांत आवश्यकता

    गिरिडीह जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से दिल्ली गए प्रतिनिधिमंडल में
     अमरजीत सिंह सलूजा, प्रदीप अग्रवाल,  गुणवंत सिंह मोंगिया,  विकास खेतान और  मुकेश जालान शामिल हैं।

    चेंबर ऑफ कॉमर्स ने गिरिडीह की जनता की ओर से प्रतिनिधिमंडल को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई है कि यह दिल्ली दौरा गिरिडीह को बेहतर रेल सुविधाओं की सौगात दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।

    अब निगाहें दिल्ली पर टिकी हैं—
    क्या गिरिडीह की रेल की राह इस मुलाकात के बाद आसान होगी ?