Tag: jharkhand news

  • High Alert: गुइलेन-बैरे सिंड्रोम: रोकथाम और इलाज पर मुख्यमंत्री ने की समीक्षा बैठक।

    गुइलेन-बैरे सिंड्रोम: रोकथाम और इलाज पर मुख्यमंत्री ने की समीक्षा बैठक।

    रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) की रोकथाम और मरीजों के इलाज की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों की शीघ्र पहचान कर उनके इलाज के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े थे।

    स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को इस बीमारी के लक्षण, दुष्प्रभाव और बचाव के उपायों की जानकारी दी। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, रिम्स निदेशक प्रो. (डॉ.) राज कुमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक अबू इमरान सहित सभी जिलों के उपायुक्त और सिविल सर्जन वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

    जनजागरूकता अभियान को दें गति।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता को इस बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी देना बेहद आवश्यक है।

    संक्रमण के प्रमुख कारण और बचाव।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गुइलेन-बैरे सिंड्रोम दूषित पानी और कच्चे भोजन के सेवन से फैलता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस बीमारी को लेकर जनता में किसी भी प्रकार की भ्रांति न फैलने दी जाए और सही जानकारी प्रसारित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बीमारी कोरोना संक्रमण की तरह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन राज्यों या शहरों में इस बीमारी के अधिक मामले सामने आ रहे हैं, वहां से झारखंड आने वाले व्यक्तियों की जांच सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, रांची में एक नि:शुल्क जांच केंद्र स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

    अस्पतालों में इलाज की पूरी तैयारी।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी अस्पतालों में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम से निपटने के लिए बेड, दवाएं और मेडिकल ऑक्सीजन सहित अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई संदिग्ध मामला सामने आता है, तो उसे तुरंत रिम्स रेफर किया जाए। इसके लिए ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भी अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मरीजों को समय पर उचित चिकित्सा सहायता मिल सके।

    रिम्स हाई अलर्ट पर।

    रिम्स के निदेशक प्रो. (डॉ.) राज कुमार ने समीक्षा बैठक के दौरान सभी जिलों के सिविल सर्जनों को गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के मरीजों की पहचान और उनके समुचित इलाज के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के इलाज के लिए रिम्स पूरी तरह से तैयार है और सभी संदिग्ध मामलों को तुरंत रिम्स रेफर किया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस बीमारी से जुड़ी सभी खबरों, गतिविधियों और अपडेट पर नजर रखी जाए, ताकि संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी मरीज को इलाज में कोई कठिनाई न हो।

    गुइलेन-बैरे सिंड्रोम से निपटने के लिए राज्य सरकार ने सक्रिय पहल शुरू कर दी है। सरकार न केवल मरीजों के इलाज की व्यवस्था को मजबूत कर रही है, बल्कि आम जनता को जागरूक करने के लिए भी विभिन्न कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि इस बीमारी से बचाव के लिए सतर्कता और सही जानकारी ही सबसे बड़ा हथियार है।

  • बाबूलाल मरांडी ने CMको लिखा पत्र, आदिवासी समाज पर दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच की मांग

     

    रांची – भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र सौंपते हुए गिरिडीह जिले के मधुबन थाना क्षेत्र में आदिवासी समाज के खिलाफ दर्ज एक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में “मरांग बुरू सांवता सुसार बैसी” संस्था के प्रतिनिधियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का हवाला दिया।

    पत्र में पारसनाथ शिखर क्षेत्र में स्थित आदिवासी समाज के पारंपरिक पूजा स्थल “मरांगबुरू जुग-जाहेरथान” की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है। बाबूलाल मरांडी ने उल्लेख किया कि पारसनाथ पहाड़ पर सदियों से आदिवासी समाज अपनी धार्मिक परंपराओं, सोहराय और अन्य अनुष्ठानों का पालन करता आ रहा है। विशेष रूप से “जुग जाहेर थान” और “दिशोम मांझीथान” जैसे स्थल उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जहां पारंपरिक बलि प्रथा के तहत पूजा की जाती है।

    पत्र में यह भी बताया गया है कि 19 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी पत्नी और समर्थकों के साथ पारसनाथ शिखर क्षेत्र में पूजा-अर्चना की थी। इस दौरान कुछ समर्थकों द्वारा बकरों की बलि दी गई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद पांच निर्दोष आदिवासी नागरिकों—बुधन हेम्ब्रोम, साहेबराम मुर्मू, फागू मरांडी, सिकंदर हेम्ब्रोम और अर्जुन हेम्ब्रोम—को आरोपी बना दिया गया। पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्थानीय पुलिस ने जानबूझकर आदिवासी समुदाय के लोगों को निशाना बनाया, जबकि असली दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

    बाबूलाल मरांडी ने पत्र में इस बात पर भी प्रकाश डाला कि पारसनाथ शिखर क्षेत्र में जैन समाज और आदिवासी समाज के बीच पूजा स्थलों और सांस्कृतिक मुद्दों को लेकर विवाद बढ़ रहा है, जिससे इलाके में तनाव बना हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने, निर्दोष आदिवासियों को न्याय दिलाने और दोनों समुदायों के बीच विवाद का स्थायी समाधान निकालने की अपील की।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे इस पवित्र शिखर क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सार्थक पहल करें, जिससे देश-विदेश से आने वाले जैन तीर्थयात्रियों और आदिवासी धर्मावलंबियों को एक सुखद और शांतिपूर्ण अनुभव मिल सके।

  • अबुआ आवास योजना के लाभार्थियों के लिए नया मोबाइल ऐप लॉन्च, जानें इसकी खासियतें

    राज्य सरकार ने अबुआ आवास योजना के लाभार्थियों की सुविधा के लिए एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप ग्रामीण विकास विभाग द्वारा विकसित किया गया है और गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इस ऐप की मदद से लाभार्थी अपने घर के निर्माण की प्रगति को जियो टैग कर सकेंगे। साथ ही, योजना के तहत मिलने वाली किस्तों का भुगतान भी ऐप के माध्यम से समय पर किया जाएगा। पंचायत सेवक जियो टैग की जानकारी को स्थल पर जाकर सत्यापित करेंगे। यह ऐप अबुआ आवास योजना के आधिकारिक पोर्टल से भी डाउनलोड किया जा सकता है। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, जिससे वे अपना खुद का घर बना सकें।

  • हाईकोर्ट का सरकार को आदेश, रांची नगर निगम में शीघ्र नियुक्त हो लॉ अफसर

    झारखंड हाईकोर्ट ने रांची नगर निगम में रिक्त पदों को शीघ्र भरने का निर्देश दिया।

    रांची नगर निगम में लॉ अफसर सहित सभी रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरने के निर्देश झारखंड हाईकोर्ट ने दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने गुरुवार को इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। अगली सुनवाई 6 मार्च को निर्धारित की गई है।

    नक्शा पास करने की प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की नाराजगी।

    हाईकोर्ट ने नक्शा पास करने की प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जताई। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तीसरे चरण में दस्तावेजों की जांच का अधिकार अपर प्रशासक को देने पर आपत्ति जताई थी। कोर्ट ने सवाल किया कि जब यह कार्य लॉ अफसर का है, तो अपर प्रशासक इसे क्यों कर रहे हैं।

    गुरुवार को नगर निगम की ओर से अदालत को बताया गया कि नक्शा पास करने के लिए नया सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, जिसमें तीसरे चरण में लॉ अफसर को ही दस्तावेजों की जांच करनी होगी। हालांकि, निगम में लॉ अफसर न होने के कारण यह जिम्मेदारी दिसंबर से अपर प्रशासक को सौंपी गई है, क्योंकि उनके पास राजस्व से संबंधित अनुभव है।

    हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द लॉ अफसर की नियुक्ति की जाए, ताकि नक्शा पास करने की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से संचालित हो सके।

  • रोटरी क्लब  द्वारा सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान का आयोजन

     

    गिरिडीह, 30 जनवरी 2025 – रोटरी क्लब गिरिडीह कपल ने नवजीवन नर्सिंग होम के सहयोग से निर्मला गर्ल्स हाई स्कूल, महेशमुंडा में सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान का आयोजन किया। इस अभियान के तहत 312 छात्राओं को निःशुल्क टीका लगाया गया। क्लब ने इस पहल को अन्य स्कूलों में भी विस्तार देने की योजना बनाई है, जिससे अधिक से अधिक छात्राओं को इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सके।

    इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का संचालन रोटरी क्लब के अध्यक्ष रोटेरियन सिद्धार्थ गौरिसरिया, सचिव रोटेरियन सिद्धार्थ जैन, तथा परियोजना की चेयरपर्सन रोटेरियन स्वाती बगाड़िया के नेतृत्व में किया गया। इसके अलावा, रोटेरियन आशिका जैन, रोटेरियन रश्मि सलूजा, रोटेरियन तरनजीत सलूजा, रोटेरियन अविषेक बगाड़िया, रोटेरियन समीर सरोगी, रोटेरियन जोराबर सिंह सलूजा, रोटेरियन रमणप्रीत सलूजा, रोटेरियन नम्रता सरोगी, रोटेरियन शालू जैन, रोटेरियन विकास जैन, रोटेरियन गुरविंदर सिंह सलूजा, रोटेरियन शीतल गौरिसरिया और रोटेरियन दिव्या अग्रवाल ने भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी

    रोटरी क्लब गिरिडीह कपल की इस पहल को समुदाय में व्यापक सराहना मिली है, और आने वाले समय में इसे और अधिक विद्यालयों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

     

  • सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्णय: केवल JTET उत्तीर्ण उम्मीदवार ही बन सकेंगे सहायक शिक्षक

    सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: सहायक शिक्षक भर्ती में केवल JTET पास अभ्यर्थियों को मिलेगा मौका

    सुप्रीम कोर्ट ने सहायक शिक्षक नियुक्ति को लेकर अहम फैसला सुनाया है। गुरुवार को अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि भर्ती प्रक्रिया में केवल JTET उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं, जबकि CTET पास उम्मीदवारों को इसमें अवसर नहीं मिलेगा। इस फैसले से JTET पास उम्मीदवारों को राहत मिली है, जबकि CTET अभ्यर्थियों के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हुआ है।

    झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को दी गई थी चुनौती

    दरअसल, झारखंड हाईकोर्ट ने अपने फैसले में CTET पास अभ्यर्थियों को भी सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश दिया था। इस निर्णय को चुनौती देते हुए JTET अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब घोषित कर दिया गया है।

    सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के अनुसार, अब झारखंड में सहायक शिक्षक की भर्ती प्रक्रिया में केवल JTET पास अभ्यर्थी ही शामिल हो सकेंगे। इस केस में अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकर नारायणन और अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पैरवी की, जबकि मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति जेके महेश्वरी और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की खंडपीठ ने की।

  • झारखंड में सादा पान मसाला पर लगेगा प्रतिबंध, स्वास्थ्य मंत्री ने की सख्त घोषणा

    रांची: झारखंड में अब सादा पान मसाला की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगेगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के राज्यस्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम में यह बड़ा ऐलान किया। उन्होंने साफ कहा कि गुटखा के नाम पर बिक रहे सादा पान मसाला पर पूरी तरह से रोक लगाई जाएगी और नशीली दवाओं की बढ़ती बिक्री पर भी सख्त कार्रवाई होगी।

    ‘सादा पान मसाला के नाम पर हो रही है गुटखा की बिक्री’

    मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि झारखंड में गुटखा और तंबाकू उत्पादों के सेवन से युवा शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर हो रहे हैं। उन्होंने कहा—
    “हमारी सरकार किसी भी सूरत में यह बर्दाश्त नहीं करेगी कि राज्य का युवा नशे की गिरफ्त में जाए।”

    उन्होंने अधिकारियों को दवा दुकानों की तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि कई मेडिकल स्टोर्स में नशीले सिरप और स्टेरॉयड खुलेआम बेचे जा रहे हैं, जिससे युवा पीढ़ी गलत रास्ते पर जा रही है।

    सिविल सर्जनों और ड्रग इंस्पेक्टरों को सख्त चेतावनी!

    स्वास्थ्य मंत्री ने सभी सिविल सर्जनों और ड्रग इंस्पेक्टरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा—
    “अगर आपके इलाके में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की बिक्री पाई गई, तो सिर्फ दुकानदार नहीं, बल्कि आप भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे!”

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि किसी मेडिकल स्टोर में प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पाई जाती है, तो तत्काल दुकान को सील कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

    ‘स्वस्थ झारखंड, नशामुक्त झारखंड’ का लक्ष्य.

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार पूरे राज्य में इस अभियान को लागू करेगी और किसी भी हालत में गुटखा, नशीले पदार्थों और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को नशे से बचाने के लिए और भी सख्त कदम उठाने जा रही है ताकि स्वस्थ झारखंड, नशामुक्त झारखंड का सपना साकार हो सके।

    ‘मैं खुद डॉक्टर हूं, सही-गलत अच्छी तरह जानता हूं’

    बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने साफ कहा—
    “मैं खुद डॉक्टर हूं, सही-गलत अच्छी तरह जानता हूं। मेरी जिम्मेदारी है कि झारखंड में ऐसे अवैध कार्यों को जड़ से खत्म करूं।”

    उन्होंने सभी जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि वे अपने जिलों में मेडिकल स्टोर्स की जांच कर नशीली दवाओं की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाएं।

    अब देखना यह होगा कि क्या यह फैसला केवल घोषणा बनकर रह जाएगा, या झारखंड में सच में नशे के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे?

  • शिल्पी नेहा तिर्की का अफसरों को निर्देश,राज्य में बन रहे 19 कोल्ड स्टोरेज का काम समय पर हो पूरा

    भवन निर्माण में गुणवत्ता पर जोर: कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की की सख्त हिदायत

    रांची: कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने विभाग से जुड़े भवनों के निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया है। नेपाल हाउस में भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मंत्री तिर्की ने राज्य में निर्माणाधीन 19 कोल्ड स्टोरेज को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का सख्त निर्देश दिया।

    बैठक में यह भी जोर दिया गया कि नए भवनों के निर्माण के साथ-साथ पहले से बने भवनों का रखरखाव भी आवश्यक है। विशेष रूप से कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग से जुड़े लैंप-पैक्स के लिए यह निर्देश और अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादों के भंडारण से संबंधित भवनों का निर्माण तय समयसीमा में पूरा होना चाहिए। उन्होंने राज्य में जर्जर लैंप-पैक्स के स्थान पर नए भवनों के निर्माण को समय की मांग बताया। बैठक में निर्माणाधीन 19 कोल्ड स्टोरेज के अलावा छोटे कोल्ड स्टोरेज की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री तिर्की ने कहा कि राज्य में पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज न होने के कारण किसानों को कृषि उत्पादों, फलों और सब्जियों के भंडारण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए, कोल्ड स्टोरेज के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    इसके अलावा, मंत्री ने इस वर्ष अनुकूल मौसम के कारण धान, मोटा अनाज और दलहन की अच्छी पैदावार होने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराने के लिए स्टोरेज की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए विभाग को आवश्यक भवनों की जरूरत होगी, जिसे भवन निर्माण विभाग को समय पर पूरा करना होगा।

    बैठक में विभागीय सचिव अबू बक्कर सिद्दीख, भवन निर्माण विभाग के सचिव अरवा राजकमल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

  • JBVNL ने उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर लगाने की अपील की, समस्या होने पर इस टोल-फ्री नंबर पर करें कॉल

    JBVNL की उपभोक्ताओं से स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की अपील

    रांची: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने बिजली उपभोक्ताओं से स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगवाने का आग्रह किया है। निगम ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर इंस्टॉल कराना है, वे अपने क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर सकते हैं।

    मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर करें अपडेट

    JBVNL ने उपभोक्ताओं से यह भी अपील की है कि जिनके बिजली कनेक्शन से उनका मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, वे इसे अपडेट कराएं। उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर या क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से अपना मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं। नंबर अपडेट होने के बाद बिजली बिल व्हाट्सएप पर भेजा जाएगा, साथ ही उपभोक्ता व्हाट्सएप के जरिए भी अपना बिजली बिल डाउनलोड कर सकेंगे।

  • कैबिनेट का निर्णय: CNT एक्ट के उल्लंघन पर विशेष भूमि पदाधिकारी मातियस टोप्पो बर्खास्त

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें से एक प्रस्ताव झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और तत्कालीन विशेष भूमि पदाधिकारी, रांची, मतियस विजय टोप्पो की सेवाओं से बर्खास्तगी से जुड़ा था। उन पर आरोप है कि उन्होंने छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट की धारा 71 ए का उल्लंघन करते हुए 1969 से पहले की भूमि को बिना जांच के नियमित कर दिया, साथ ही 30 वर्ष के टाइम बॉन्ड नियम की अनदेखी की। वर्तमान में मातियस टोप्पो हजारीबाग में डीआरडीए निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।