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  • गिरिडीह नगर निगम चुनाव: वार्डवार आरक्षण सूची जारी, सियासी सरगर्मी तेज

    चन्दन पांडे.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह:  नगर निगम चुनाव की सरगर्मियां अब जमीन पर उतरने लगी हैं। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी ने झारखण्ड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली के तहत गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों के लिए आरक्षित व अनारक्षित वार्डों की सूची जारी कर दी है। इसके साथ ही आगामी नगर निकाय चुनावों की तैयारियों को औपचारिक रूप से रफ्तार मिल गई है।

    जारी अधिसूचना के अनुसार नगर निगम के कई वार्डों को अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा महिला आरक्षण की श्रेणी में रखा गया है, जबकि शेष वार्ड सामान्य यानी अनारक्षित घोषित किए गए हैं। यह आरक्षण जनसंख्या के अनुपात और राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तय किया गया है।

    आरक्षण सूची के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। संभावित प्रत्याशी अपने-अपने वार्ड की स्थिति को लेकर माथापच्ची में जुट गए हैं, वहीं राजनीतिक दल भी नए समीकरणों और रणनीतियों पर मंथन करने लगे हैं। कई दावेदारों की उम्मीदें जहां मजबूत हुई हैं, वहीं कुछ को नए सिरे से अपनी राजनीतिक राह तलाशनी पड़ सकती है।

    नगर निगम क्षेत्र के किस वार्ड को किस वर्ग के लिए आरक्षित या अनारक्षित किया गया है, इसकी विस्तृत जानकारी जिला प्रशासन एवं नगर निगम कार्यालय के साथ-साथ आधिकारिक सूचना पट्ट पर उपलब्ध कराई गई है। अब निगाहें चुनाव कार्यक्रम की घोषणा पर टिकी हैं, जिसके साथ ही गिरिडीह की सियासत और ज्यादा गर्म होने वाली है।

  • व्यापारियों का आक्रोश फूटा, मुख्यमंत्री का किया पुतला दहन

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह: मुसाबनी की सभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा व्यापारियों के खिलाफ दिए गए अपमानजनक बयान के विरोध में मंगलवार को गिरिडीह के टावर चौक पर व्यापारिक समुदाय ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नाराज व्यापारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दर्ज कराई और मांग की – मुख्यमंत्री अपने बयान पर तुरंत सार्वजनिक माफी मांगें।

    इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए। व्यापारिक प्रतिनिधियों में शुभम केशरी, श्रेयांश सिन्हा, रामपुनीत सिंह, संदीप डंगाइच, मुकेश जालान, दिनेश यादव, नवीन सिन्हा, हरमिंदर सिंह बग्गा और शाहिल शर्मा प्रमुख रूप से मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया बयान — “व्यापारी पहले पैर पकड़ते हैं और बाद में गला पकड़ते हैं” — न केवल असंवेदनशील और आपत्तिजनक है, बल्कि पूरे व्यापारी वर्ग के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है।

    वक्ताओं ने कहा कि झारखंड के व्यापारी सदैव राज्य की आर्थिक रीढ़ रहे हैं। चाहे कोरोना जैसी आपदा रही हो या मंदी के कठिन दौर, व्यापारियों ने सरकार और समाज दोनों के साथ मिलकर राहत कार्यों में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया यह बयान न केवल अनुचित है, बल्कि सत्ता के अहंकार को दर्शाता है।

    व्यापारिक समुदाय ने एकजुट होकर चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री शीघ्र ही अपने बयान पर व्यापारी समाज से सार्वजनिक माफी नहीं मांगते, तो राज्यभर में व्यापारी संगठन व्यापक आंदोलन छेड़ देंगे।

    प्रदर्शन के दौरान उपस्थित व्यापारियों ने कहा कि झारखंड के विकास में व्यापारिक वर्ग का योगदान किसी से कम नहीं है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जनता और व्यापारियों के सम्मान की रक्षा की जाए, न कि अपमानजनक शब्दों से उनके मनोबल को ठेस पहुंचाई जाए।

    टावर चौक पर हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान “व्यापारी एकता ज़िंदाबाद”, “मुख्यमंत्री माफी मांगो” और “व्यापारियों का सम्मान करो” जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शन का माहौल शांतिपूर्ण रहा, लेकिन व्यापारियों के तेवर बेहद सख्त दिखे।

  • हत्या का आरोपी पुलिस को चकमा देकर भागा, आम लोगों की सूझबूझ से कुछ ही मिनटों में दबोचा गया

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह :  सोमवार दोपहर गिरिडीह जिला कोर्ट परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब हत्या के एक आरोपी ने पुलिस की गिरफ्त से भाग निकलने की कोशिश कर दी।
    हथकड़ी पहने हुए आरोपी को भागते देख कुछ पलों के लिए पुलिस भी सन्न रह गई, लेकिन आम लोगों की हिम्मत और फुर्ती ने एक बड़ी घटना को टाल दिया

    हत्या के मामले में पेशी के लिए लाया गया था आरोपी.

    जानकारी के अनुसार, धनवार थाना क्षेत्र के गरडीह गांव निवासी बच्चू सिंह (25 वर्ष) को पुलिस सोमवार को अदालत में पेश करने लाई थी।
    बच्चू सिंह पर हाल ही में 55 वर्षीय रवींद्र सिंह की कुल्हाड़ी से हत्या करने का आरोप है।
    पुलिस उसे पेशी के लिए कोर्ट परिसर में लेकर आई थी, तभी अचानक उसने मौका पाकर भागने की कोशिश की.

    हथकड़ी लगी होने के बावजूद चकमा देकर भागा.

    बताया गया कि जैसे ही पुलिसकर्मी उसे कोर्ट के गेट की ओर लेकर जा रहे थे,
    बच्चू सिंह अचानक झटका देकर भागने लगा। हाथों में हथकड़ी लगी होने के बावजूद उसने तेज़ी से टॉवर चौक की ओर दौड़ लगा दी।अचानक हुए इस घटनाक्रम ने पुलिसकर्मियों के होश उड़ा दिए और कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
    राहगीर और वकील कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी सड़क की ओर निकल गया।

    आम लोगों ने दिखाई बहादुरी, अम्बेडकर चौक के पास पकड़ा गया.

    लेकिन भागते आरोपी की किस्मत ज़्यादा देर साथ नहीं दे सकी। अम्बेडकर चौक के पास पंच मंदिर के समीप मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने उसे रोकने का साहस दिखाया।
    लोगों ने मिलकर आरोपी को घेर लिया और हथकड़ी में ही उसे पकड़ लिया।
    सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और बच्चू सिंह को फिर से अपनी हिरासत में ले लिया।

     

    लोगों की सतर्कता से बची बड़ी घटना.

    स्थानीय लोगों की सूझबूझ और त्वरित प्रतिक्रिया से पुलिस को बड़ी राहत मिली।
    यदि आरोपी भागने में सफल हो जाता, तो यह गिरिडीह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता था।
    घटना के बाद पूरे क्षेत्र में लोगों की बहादुरी और सजगता की सराहना की जा रही है

    पुलिस पर उठे सवाल, जांच शुरू

    घटना के बाद पुलिस विभाग भी सवालों के घेरे में आ गया है।
    कोर्ट जैसी संवेदनशील जगह पर हथकड़ी पहने आरोपी का भाग निकलना,
    सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी और लापरवाही दोनों को उजागर करता है।
    एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार,
    इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।

    गिरिडीह के नागरिकों ने दिया मिसाल.

    इस घटना ने यह साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में गिरिडीह के लोग
    कानून-व्यवस्था की रक्षा के लिए आगे आने से नहीं हिचकते।
    जहां एक ओर पुलिस की चूक सामने आई,वहीं आम नागरिकों की सूझबूझ और साहस ने न केवल आरोपी को भागने से रोका, बल्कि एक संभावित बड़ी घटना को भी टाल दिया।

     

  • पुलिस की बड़ी सफलता:सीएससी सेंटर डकैती कांड का खुलासा, दो गिरफ्तार

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : भरकट्टा ओपी क्षेत्र के ग्राम चिताखारो में 8 अक्टूबर की रात हुई सीएससी सेंटर डकैती कांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में गिरिडीह पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चार अन्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

    विशेष टीम का गठन और पुलिस की रणनीति.

    घटना के बाद गिरिडीह पुलिस अधीक्षक डॉक्टर बिमल कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बगोदर-सरिया SDPO के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया। टीम ने लगातार क्षेत्र में छापेमारी अभियान चलाया, संदिग्धों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसी क्रम में गुप्त सूचना के आधार पर 16 अक्टूबर को गांडेय थाना की पुलिस के सहयोग से ग्राम डहुआटांड में छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तार अपराधियों की पहचान और खुलासे.

    पकड़े गए अपराधियों की पहचान कारू कुमार वर्मा और रितेश यादव के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों ने न केवल अपनी संलिप्तता स्वीकार की, बल्कि अपने अन्य साथियों के नाम भी उजागर किए। उनके बयान के अनुसार, मोहित मंडल और छोटू मंडल भी इस डकैती में शामिल थे।

    घटना की पूरी साजिश.

    अभियुक्तों ने खुलासा किया कि घटना से एक दिन पहले, यानी 7 अक्टूबर की शाम, तीन अपराधी अपाचे बाइक से चिताखारो पहुंचे थे और सीएससी सेंटर की बारीकी से रैकी (निरीक्षण) की थी। उन्हें जानकारी मिली थी कि सेंटर संचालक के पास करीब 10 लाख रुपये नकद रखे हुए हैं। इसके बाद, 8 अक्टूबर की रात छह अपराधी दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर सेंटर पहुंचे, पीछे की कुंडी तोड़ी और घर में घुस गए।

    डकैती की वारदात और बरामदगी.

    पिस्टल के बल पर अपराधियों ने सीएससी संचालक के परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की। वे घर से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, दो कैमरे, नगदी और कीमती आभूषण लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान सभी चोरी किए गए सामानों को बरामद कर लिया है।

    अभी भी फरार चार आरोपी.

    फिलहाल, चार आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। गिरिडीह पुलिस अधीक्षक डॉक्टर बिमल कुमार ने कहा है कि जल्द ही सभी अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा और अपराध के इस नेटवर्क का पूरी तरह सफाया किया जाएगा।

     

  • डीजीपी ने ली ऑनलाइन बैठक-दीपावली-छठ पर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर हुई अहम चर्चा

    चैंबर ऑफ कॉमर्स के अनुरोध पर हुई बैठक.

    परवेज़ आलम.द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    रांची/गिरिडीह : फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, रांची के आग्रह पर सोमवार को झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने राज्य के सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों एवं चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों के साथ एक ऑनलाइन बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी दीपावली और छठ पूजा के दौरान राज्यभर में कानून व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।

    बैठक में गिरिडीह जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी की। प्रतिनिधियों ने पिछले डेढ़-दो वर्षों में जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए बेहतर कार्यों के लिए डीजीपी का आभार ब्यक्त किया । । साथ ही एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया कि  गिरिडीह में करीब सात वर्ष पूर्व ट्रैफिक थाना स्थापित होने के बावजूद आज तक प्रशिक्षित ट्रैफिक पुलिस बल की नियमित नियुक्ति नहीं की गई है, जिसके चलते ट्रैफिक व्यवस्था अभी भी असंगठित और कमजोर बनी हुई है।

    चैंबर प्रतिनिधियों ने डीजीपी को यह भी जानकारी दी कि गिरिडीह के अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सदस्यों के आवासों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो अपराध नियंत्रण में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने वर्ष 2016 में चैंबर के सहयोग से शहर में लगाए गए 24 सीसीटीवी कैमरों की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। बताया गया कि इन कैमरों में से कितने कार्यरत हैं और कितने बंद हैं, इसकी सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस पर चैंबर ने पुलिस अधीक्षक गिरिडीह से अनुरोध किया कि सूची उपलब्ध कराई जाए ताकि निष्क्रिय कैमरों की मरम्मत कर उन्हें पुनः सक्रिय किया जा सके।

    बैठक के दौरान डीजीपी ने चैंबर के प्रयासों की सराहना की और सुझाव दिया कि यदि चैंबर की ओर से शहर के प्रमुख चौक-चौराहों एवं प्रवेश द्वारों पर इंटरनेट युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, तो यह पुलिस प्रशासन के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने यह भी अपील की कि अधिक से अधिक वाहन मालिक अपने वाहनों में Dash Cam (डैश कैमरा) लगाने का प्रयास करें, जिससे किसी भी आपराधिक घटना की जांच में त्वरित सहायता मिल सके।

    इस ऑनलाइन बैठक में गिरिडीह जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष निर्मल झुनझुनवाला, उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह  और महासचिव प्रमोद कुमार उपस्थित रहे।
    बैठक को राज्यस्तरीय पुलिस-व्यापारिक समन्वय का एक सकारात्मक और उपयोगी कदम माना जा रहा है, जिससे आगामी त्योहारी सीजन में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में ठोस परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

     

  • लायंस क्लब” और “महिला चौपाल” ने मिलकर आयोजित की मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष कार्यशाला

    — ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के गुरुओं ने सिखाई मन की शांति और संतुलन की कला,

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : आज के भागदौड़ भरे जीवन में जहां तनाव और चिंता आम हो गई है, वहीं लायंस क्लब गिरिडीह और महिला चौपाल ने मिलकर समाज को एक नई दिशा देने की पहल की। दोनों संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में “मानसिक स्वास्थ्य एवं आंतरिक संतुलन” विषय पर आर्ट ऑफ लिविंग की एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।

    इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लोगों को मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए सकारात्मक सोच और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

    कार्यक्रम के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग के अनुभवी प्रशिक्षक श्मुकेश मालव, श्रीमती संतोष मालव, खुशबू, भूषण राय सहित अन्य विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को प्राणायाम, ध्यान (Meditation) और सकारात्मक सोच (Positive Thinking) जैसे व्यावहारिक अभ्यास सिखाए।
    इन अभ्यासों के माध्यम से उपस्थित लोगों ने सीखा कि कैसे सरल तरीकों से मन को शांत रखकर जीवन की जटिल परिस्थितियों से सहजता से निपटा जा सकता है।

    प्रतिभागियों ने बताया कि इस सत्र ने उन्हें भीतर से एक नई ऊर्जा और आत्मसंतुलन का अनुभव कराया।
    महिला चौपाल की सदस्या शालिनी बैसखियार ने कहा —

    “स्वस्थ मन ही स्वस्थ समाज की नींव है। ऐसी कार्यशालाएँ हमें खुद को समझने, तनावमुक्त रहने और जीवन को बेहतर ढंग से जीने की प्रेरणा देती हैं।”

    लायंस क्लब की पदाधिकारी अनिता गुप्ता और नीलम भदानी ने बताया कि इस तरह के सत्र आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज के हर वर्ग में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके।

    कार्यक्रम का संचालन महिला चौपाल की सदस्यों ने किया।
    अंत में सभी प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापन के साथ सत्र का समापन हुआ।

    इस अवसर पर सोना प्रकाश, मीना गुप्ता, प्रीति, सुषमा, अरुणा, मीना देवी, सीमा लाल, तान्या, रूबी, आरती, रश्मि भदानी, निशा सहित कई सदस्य उपस्थित रहीं।
    कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि — “यदि मन शांत है, तो जीवन स्वतः सुंदर हो जाता है।”

     

  • भाकपा (माओवादी) को गिरिडीह में बड़ा झटका

     

    एरिया कमेटी सदस्य शिवलाल हेम्ब्रम और पत्नी सरिता हांसदा ने किया आत्मसमर्पण

    परवेज़ आलम.

    The News Post4u.

    गिरिडीह: झारखंड में नक्सल मोर्चे पर पुलिस को मिली एक बड़ी सफलता! भाकपा (माओवादी) संगठन के एरिया कमेटी सदस्य शिवलाल हेम्ब्रम उर्फ शिवा और उनकी पत्नी दस्ता सदस्य सरिता हांसदा उर्फ उर्मिला ने बुधवार को गिरिडीह पुलिस के समक्ष स्वेच्छा से आत्मसमर्पण कर दिया।

    दोनों ने झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति “नई दिशा – एक नई पहल” से प्रभावित होकर हथियार डालने का फैसला किया।
    आत्मसमर्पण का यह क्षण गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, उपायुक्त  रामनिवास यादव, अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) सुरजीत सिंह, पुलिस उपमहानिरीक्षक, सीआरपीएफ 154 बटालियन कमांडेंट अमित सिंह, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डुमरी और अन्य पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में दर्ज हुआ।

    कौन हैं शिवलाल और सरिता.

    शिवलाल हेम्ब्रम निवासी टेसाफुली, थाना मधुबन — संगठन में एरिया कमेटी सदस्य के रूप में सक्रिय थे।
    वहीं उनकी पत्नी सरिता हांसदा (उम्र 19 वर्ष), निवासी चतरो, थाना खुखरा — दस्ते की सक्रिय सदस्य थीं।

    पुलिस के अनुसार, शिवलाल वर्ष 2017 में नक्सली संगठन से जुड़ा था। शुरुआत में उसने संतरी और रसोइए का काम किया, लेकिन जल्द ही वह माओवादी कमांडर करम दा उर्फ विवेक का अंगरक्षक बन गया।
    वर्ष 2022 में उसे एरिया कमेटी सदस्य के पद पर पदोन्नत किया गया।
    संगठन में रहते हुए शिवलाल ने हथियार और विस्फोटक छिपाने, ग्रामीणों से लेवी वसूली और पुलिस बलों पर हमलों जैसी कई नक्सली कार्रवाइयों में हिस्सा लिया। आत्मसमर्पण के बाद दोनों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत लाभ दिया जाएगा।

    सरिता हांसदा को 2020 में ‘जया दी’ द्वारा संगठन में शामिल किया गया था।
    दोनों ने वर्ष 2024 में विवाह किया, लेकिन बीते महीनों में संगठन के शीर्ष कमांडरों द्वारा लगातार शोषण और ग्रामीणों पर अत्याचार से दोनों का मोहभंग हो गया। सरिता हांसदा के विरुद्ध भी कई नक्सली मामलों में प्राथमिकी दर्ज है।

    मुख्यधारा की ओर वापसी.

    गिरिडीह पुलिस ने बताया कि संगठन के प्रति मोहभंग और लगातार पुलिस दबाव के चलते दोनों ने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया।
    पुलिस लगातार उनके परिजनों के संपर्क में थी और उन्हें समझा-बुझाकर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित कर रही थी।

    अब आत्मसमर्पण के बाद दोनों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सभी लाभ दिए जाएंगे।
    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शिवलाल के खिलाफ कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं — जिनमें हत्या, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, यूएपीए और आर्म्स एक्ट की धाराएं शामिल हैं।
    सरिता के विरुद्ध भी कई नक्सली मामलों में प्राथमिकी दर्ज है।

    पुलस अधीक्षक का बयान.

    पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने कहा —

    “शिवलाल और सरिता का आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका है। इससे न सिर्फ संगठन कमजोर होगा, बल्कि अन्य उग्रवादियों को भी मुख्यधारा में लौटने की प्रेरणा मिलेगी।”

    उन्होंने इस आत्मसमर्पण को गिरिडीह पुलिस के लिए नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया।

    अब नई दिशा में नया जीवन.

    दोनों नक्सली दंपती ने यह साफ कहा —

    “अब हथियार नहीं, हम समाज और परिवार के साथ नई जिंदगी शुरू करेंगे।”

    झारखंड सरकार की पहल “नई दिशा – एक नई पहल” एक बार फिर कारगर साबित हुई है —
    जहाँ कभी गोलियों की आवाज़ गूंजती थी, अब वहाँ मुख्यधारा में लौटने की उम्मीदें पनप रही हैं।

     

  • गांधी आगमन शताब्दी समारोह में उपायुक्त ने दी अहिंसा और पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह : जमुआ प्रखंड के खरगडीहा में सोमवार को  गांधी आगमन शताब्दी समारोह की शुरुवात एक प्रेरणादायी माहौल में हुआ ।
    इस अवसर पर डीसी रामनिवास यादव ने लंगटा बाबा समाधि स्थल  पर चादरपोशी कर समाज में एकता और शांति का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने बेसिक स्कूल खरगडीहा में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर बापू को  नमन किया।

    इसके बाद डीसी रामनिवास यादव  गांधी पदयात्रा में भी कदम से कदम मिलाकर हिस्सा लिया। पदयात्रा के दौरान उन्होंने पौधारोपण कर लोगों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा —

    “महात्मा गांधी सत्य और अहिंसा के प्रतीक हैं। उनका जीवन केवल स्वतंत्रता संग्राम तक सीमित नहीं, बल्कि आज की युवा पीढ़ी के लिए भी दिशा और प्रेरणा है। हमें उनके सिद्धांतों को आत्मसात कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए।”

    उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषण और पर्यावरण क्षरण आज की सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं। हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।

    कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ — “हम गांधी के रास्ते पर चलेंगे, और प्रकृति की रक्षा करेंगे।”

  • एक कदम स्वस्थ जीवन की ओर” — गिरिडीह में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच का वॉकथॉन सफलतापूर्वक संपन्न

    द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.

    गिरिडीह में रविवार की सुबह कुछ खास रही — जब शहर की सड़कों पर स्वास्थ्य और उत्साह का संगम दिखाई दिया। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच द्वारा आयोजित वॉकथॉन कार्यक्रम आज बड़े ही उत्साह और जोश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और “स्वस्थ समाज, सशक्त समाज” का संदेश देते हुए कदम से कदम मिलाया। लोगों के चेहरे पर ऊर्जा, जोश और सामाजिक एकता की झलक देखने लायक थी।

    इस वॉकथॉन को सफल बनाने में “मॉर्निंग क्लब”  की भूमिका अहम रही, वहीं कार्यक्रम संयोजक अभिषेक छापरिया की मेहनत और समर्पण सराहनीय रही। उनके अथक प्रयास और टीम भावना के बिना यह आयोजन संभव नहीं होता।

    मौके पर गिरिडीह शाखा के अध्यक्ष सौरभ जलान, सचिव शशांक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष सूरज टिबरवाल, उपाध्यक्ष निखिल झुनझुनवाला, पूर्व प्रांतीय उपाध्यक्ष नीलकमल भारतीय, कार्यक्रम संयोजक अभिषेक छापड़िया, रवि गाड़िया, रवि केडिया, अंकित सरावगी, राकेश मोदी, मुकेश जालान, सुबोध मोदी, विकास शर्मा, गौरव केडिया, अमर अग्रवाल, आशीष जलान, अमित तुलस्यान, अंजनी अग्रवाल, विकास बसईवाला, राजेश जैन सहित मंच की पूरी टीम मौजूद रही।

    सभी ने इस आयोजन को सामाजिक जागरूकता और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल बताया। मंच की पूरी टीम और मॉर्निंग क्लब को इस शानदार आयोजन के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी गईं।

    आइए, हम सब मिलकर ऐसे कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक संदेश फैलाएँ — क्योंकि “एक कदम स्वस्थ जीवन की ओर, आपका साथ ही हमारी ताकत है!”

  • गांधी शताब्दी समारोह की गूंज, बच्चों की प्रतिभा और गांधी के विचारों का संगम

    परवेज़ आलम.

    द न्यूज़ पोस्ट4यू.

    गिरिडीह : रविवार का दिन गिरिडीह के लिए इतिहास और प्रेरणा दोनों का संगम लेकर आया। गांधी आगमन शताब्दी समारोह आयोजन समिति की ओर से सर जे.सी. बोस मुख्यमंत्री बालिका उत्कृष्ट विद्यालय का प्रांगण तालियों और जयघोष से गूंज उठा, जब शहर के 25 से अधिक सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों के बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं।

    कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंच पर मौजूद थीं रामकृष्ण महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मधुश्री सान्याल, जेएनवी के पूर्व प्राचार्य के. ठाकुर, विद्यालय के प्रधानाचार्य मुन्ना कुशवाहा, आयोजन समिति के संयोजक कृष्णकांत ,सह संयोजक कृष्ण मुरारी शर्मा व  प्रभाकर कुमार । निर्णायक मंडल में ललित नारायण कुशवाहा, सुचित्रा बोस, राखी झुनझुनवाला और रेणु कुमारी जैसी शिक्षाविद शामिल रहीं।

    डॉ. सान्याल ने अपने संबोधन में कहा —

    “महात्मा गांधी का गिरिडीह आगमन हमारे लिए गौरव का विषय है। यह शताब्दी समारोह केवल एक स्मरण नहीं, बल्कि गांधी के विचारों, दर्शन और उनके मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर है।”

    कार्यक्रम के संयोजक सोमनाथ केशरी ने जानकारी दी कि समारोह के तहत कुल 6 प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं — भाषण, लेख, कोलाज, चित्रकला, कविता पाठ और रंगोली।
    भाषण प्रतियोगिता में 50 से अधिक बच्चों ने “गांधी के सपनों का भारत” और “वर्तमान समय में गांधी के विचारों की प्रासंगिकता” पर प्रभावशाली विचार रखे।

    कविता पाठ में बच्चों ने अपनी भावनाओं से गांधी के प्रति सम्मान प्रकट किया, वहीं चित्रकला में “गांधी और चरखा” विषय पर बनी कलाकृतियों ने सबका मन मोह लिया। रंगोली प्रतियोगिता में रंगों से सजी गांधी की छवि ने विद्यालय को सच्चे अर्थों में रंगमय बना दिया।

    आयोजन समिति ने बताया कि इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को आगामी 7 अक्टूबर को टाउन हॉल में सम्मानित किया जाएगा, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

    गौरतलब है कि 6 और 7 अक्टूबर 1925 को महात्मा गांधी के गिरिडीह और खरगडीहा आगमन के 100 वर्ष पूरे होने पर जिला प्रशासन एवं आयोजन समिति मिलकर भव्य आयोजन कर रही है। इसमें विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओं, खेलकूद कार्यक्रमों के साथ-साथ खरगडीहा से गिरिडीह तक पदयात्रा का भी आयोजन होगा।

    इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सरिता कुमारी, रवि स्वर्णकार, नीरीति केसरी, मनीषा कुमारी, अभिनीत कुमार, पूजा शर्मा, शामली मैडम, श्वेता खंडेलवाल, राजेंद्र बरनवाल, रामजी यादव, दीपाली, अनिता और नैना का विशेष योगदान रहा।