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  • शिबू सोरेन का दिल्ली में चल रहा है इलाज, झारखंडभर में नेता-कार्यकर्ताओं ने की सलामती की दुआ

    Key Points.

    • सर गंगाराम अस्पताल में चल रहा है शिबू सोरेन का इलाज
    • राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री समेत कई नेता हालचाल लेने पहुंचे
    • हल्का पैरालिसिस अटैक की पुष्टि
    • झारखंड में पार्टी कार्यकर्ताओं ने शुरू की प्रार्थनाएं
    • रघुवर दास और इरफान अंसारी ने जताई चिंता

    परवेज़ आलम. पॉलिटिकल करेसपांडेन्ट. The News Post4u

    झारखंड के वरिष्ठ नेता, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तबीयत खराब  है, दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में उनका चल रहा है इलाज । अस्पताल में उनका इलाज नेफ्रोलॉजी विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर एके भल्ला की टीम कर रही है। बताया जा रहा है कि उन्हें किडनी संबंधी समस्या है और इलाज के दौरान उन्हें हल्का पैरालिसिस अटैक भी आया है।

    मुख्यमंत्री और परिवार का दिल्ली में डेरा.

    शिबू सोरेन की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी पत्नी कल्पना सोरेन और विधायक बसंत सोरेन लगातार दिल्ली में मौजूद हैं और डॉक्टरों की देखरेख में इलाज की प्रक्रिया पर निगरानी बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री लगातार अपने पिता की सेहत की जानकारी ले रहे हैं।

    राष्ट्रपति और स्वास्थ्य मंत्री ने जाना हालचाल.

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को सर गंगाराम अस्पताल जाकर शिबू सोरेन का हालचाल जाना था वहीं, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी कांग्रेस के सह प्रभारी बेला प्रसाद के साथ दिल्ली पहुंचे। वे दोनों संथाल परगना के दौरे पर थे, लेकिन कांग्रेस के प्रभारी के. राजू के निर्देश पर वे दौरा छोड़कर तुरंत दिल्ली रवाना हो गए।

    डॉ. इरफान अंसारी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर बताया कि यह उनका नैतिक दायित्व है कि वे इस कठिन समय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के साथ रहें। उन्होंने यह भी कहा कि गुरुजी को स्वस्थ करके वापस लाना उनका संकल्प है।

    रघुवर दास ने भी जताई चिंता.

    पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी शिबू सोरेन की तबीयत को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से फोन पर बात की और गुरुजी की तबीयत की जानकारी ली। बाद में रघुवर दास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें हल्का पैरालिसिस अटैक आया है, और वे भगवान जगन्नाथ से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।

    पूरे झारखंड में दुआओं का दौर.

    झारखंड में जेएमएम के नेता और कार्यकर्ता शिबू सोरेन की सलामती के लिए विशेष प्रार्थनाएं कर रहे हैं। शुक्रवार को रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा के अवसर पर जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडेय की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं ने गुरुजी की तस्वीर के साथ पूजा-अर्चना की और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। झारखंड के हर कोने से लोग गुरुजी के स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। प्रदेश की राजनीति में उनके योगदान को देखते हुए आम जनता से लेकर बड़े नेता तक, सब उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना में लगे हैं।

     

  • दुबई में फंसे झारखंड के 15 मजदूरों ने भेजा भावुक संदेश, भारत वापसी की लगाई गुहार

    भोजन के लाले, बीमारियां बढ़ीं, ठेकेदार ने झाड़ा पल्ला, अब सरकार ही आखिरी उम्मीद

    परवेज़ आलम. By The News Post4u.

    झारखंड के गिरिडीह, धनबाद और हजारीबाग जिलों से दुबई में काम की तलाश में गए 15 मजदूर इन दिनों बेहद मुश्किल हालात में जी रहे हैं। दुबई की “मसाई कांट्रैक्टिंग एलएलसी” नामक कंपनी में काम करने गए इन मजदूरों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर केंद्र और राज्य सरकार से मदद की भावुक अपील की है। मजदूरों का कहना है कि बीते तीन महीनों से उन्हें वेतन नहीं मिला है, जिस कारण भुखमरी की नौबत आ गई है।

    वीडियो में मजदूरों ने रोते हुए बताया कि अब उनके पास दो वक्त की रोटी तक का इंतजाम नहीं है। कुछ मजदूर बीमार भी हैं लेकिन उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। उन्होंने बताया कि वहां उन्हें न खाना सही मिल रहा है, न रहने की उचित व्यवस्था है। जिन उम्मीदों के साथ वे विदेश गए थे, अब वही उम्मीदें दम तोड़ रही हैं।

    ठेकेदार ने भी छोड़ा साथ.
    मजदूरों ने बताया कि वे एक ठेकेदार के भरोसे दुबई पहुंचे थे। शुरुआत में ठेकेदार ने उन्हें अच्छे वेतन और सुविधाओं का आश्वासन दिया था, लेकिन अब ठेकेदार ने भी उनसे मुंह मोड़ लिया है। कंपनी ने पिछले तीन महीने से सैलरी नहीं दी और काम के बदले बस इंतजार थमा दिया है।

    इन मजदूरों की सूची में शामिल हैं:

    • हजारीबाग जिले से: चुरामन महतो, चंद्रिका महतो, कैलाश महतो, विष्णु महतो, जगन्नाथ सिंह, लाखन सिंह, सुखदेव सिंह, अर्जुन महतो, त्रिलोकी महतो, बालेश्वर महतो
    • गिरिडीह जिले से: बैजनाथ महतो, महेंद्र महतो, सीताराम महतो, मूरत महतो
    • धनबाद जिले से: संजय कुमार महतो

    भूख से मौत की आशंका, सरकार से सीधी अपील.

    वीडियो में मजदूरों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा अनुरोध करते हुए कहा, “अब बस एक ही आस बची है—कृपया हमें जल्द से जल्द अपने देश वापस लाने का इंतजाम करें। यहां हर दिन हमारी हालत बद से बदतर होती जा रही है। अगर अब भी देरी हुई, तो कुछ मजदूर भूख से दम तोड़ देंगे।”

    नाइजर में गिरिडीह के 5 मजदूर पहले से अगवा.
    इस बीच, गिरिडीह जिले के बगोदर इलाके से अफ्रीकी देश नाइजर में पहले से ही 5 मजदूर अगवा हैं और अब दुबई में यह नया संकट सामने आया है। ऐसे में राज्य में चिंता और आक्रोश दोनों बढ़ रहे हैं।

    परिवारों की बढ़ती चिंता, प्रशासन अब तक मौन.
    इन मजदूरों के परिजन झारखंड में बेहद चिंतित हैं। रोजाना कोई न कोई रिश्तेदार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या पहल सामने नहीं आई है। यह चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।

    अब देखना यह होगा कि सरकार इन मजलूम मजदूरों की पुकार को कब तक अनसुना करती है और क्या कोई ठोस कदम जल्द उठाया जाएगा या नहीं। मजदूरों की जिंदगी अब सरकार की संवेदनशीलता पर टिकी है।

     

  • गंगाराम अस्पताल में भर्ती शिबू सोरेन का हालचाल लेने पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

    परवेज़ आलम.By The News Post4u.

    झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 81 वर्षीय सोरेन लंबे समय से किडनी संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं और इस बार उनकी हालत कुछ ज्यादा गंभीर हो गई है। फिलहाल उन्हें अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. ए.के. भल्ला की निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी स्थिति स्थिर है, लेकिन पूरी तरह से खतरे से बाहर नहीं कही जा सकती

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की मुलाकात, जताई चिंता.

    जैसे ही शिबू सोरेन के अस्वस्थ होने की खबर सामने आई, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद सर गंगाराम अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने ‘दिशोम गुरु’ के नाम से प्रसिद्ध शिबू सोरेन से मुलाकात की और उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली। राष्ट्रपति ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और उन्हें देश की एक अमूल्य धरोहर बताया। इस दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी अस्पताल में मौजूद रहे।

    राज्यपाल संतोष गंगवार ने भी जाना हाल.

    इससे पहले झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार भी दिल्ली पहुंचे और अस्पताल जाकर शिबू सोरेन से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से इलाज की स्थिति पर बातचीत की और सोशल मीडिया पर ट्वीट कर लिखा कि दिशोम गुरु की हालत को लेकर वे चिंतित हैं और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।

    झारखंड की राजनीति के स्तंभ हैं शिबू सोरेन.

    शिबू सोरेन झारखंड की राजनीति का एक बड़ा नाम हैं। आदिवासी अधिकारों की लड़ाई से लेकर झारखंड को बिहार से अलग राज्य के रूप में स्थापित करने तक, उन्होंने हमेशा संघर्ष का रास्ता अपनाया। वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और एक बार केंद्रीय कोयला मंत्री भी बने थे। आदिवासी समाज में उन्हें सम्मान से ‘दिशोम गुरु’ यानी ‘देश का गुरु’ कहा जाता है।

    परिवार और जनता की दुआएं.

    अस्पताल में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन लगातार शिबू सोरेन की देखरेख कर रहे हैं। हेमंत सोरेन ने झारखंड की जनता से अपील की है कि वे उनके पिता के लिए दुआ करें। सोशल मीडिया से लेकर गांव-शहरों तक, लोग दिशोम गुरु की सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं।

    उम्मीद की जा रही है कि झारखंड के इस पुरोधा नेता की तबीयत जल्द सुधरे और वे एक बार फिर स्वस्थ होकर अपने राज्यवासियों के बीच लौटें।

  • गिरिडीह में आदिवासी युवती के अपहरण का मामला: आरोपी गिरफ्तार, युवती सकुशल बरामद

    By The News Post4u

    गिरिडीह जिले के भेलवाघाटी थाना क्षेत्र से एक आदिवासी युवती के अपहरण का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक ने उसे शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। इस मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि युवती को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया गया है।

    क्या है पूरा मामला ?

    गिरिडीह एसपी कार्यालय द्वारा जारी प्रेस बयान के अनुसार, 25 जून को भेलवाघाटी थाना क्षेत्र के रहने वाले सुनील हेम्ब्रोम, पिता बड़कु हेम्ब्रोम ने थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने गांव के ही लकड़मरवा निवासी जुबेर अंसारी उर्फ कारू अंसारी, पिता मुमताज अंसारी पर आरोप लगाया कि उसने उनकी बहन को शादी का झांसा देकर अपहरण कर लिया।

    शिकायत मिलने के बाद भेलवाघाटी थाना ने तत्काल थाना कांड संख्या 10/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की और उसे गिरफ्तार कर लिया। साथ ही युवती को भी सकुशल बरामद किया गया।

    पुलिस की तत्परता से मिली राहत.

    पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से परिजनों को राहत मिली है। युवती को मेडिकल जांच के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं आरोपी को गिरिडीह न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

    एसपी ने क्या कहा ?

    गिरिडीह एसपी कार्यालय के मुताबिक, महिला सुरक्षा को लेकर जिला पुलिस पूरी तरह गंभीर है और ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने चेतावनी भी दी है कि महिलाओं के साथ धोखाधड़ी या जबरदस्ती करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

    इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता को लेकर गंभीरता से सोचने की जरूरत पर बल दिया है।

     

  • गिरिडीह : दिल दहला देने वाला दोहरा हत्याकांड

    पत्नी की हत्या के बाद पति को ससुरालवालों ने पीट-पीटकर मार डाला

    By The News Post4u

    गिरिडीह जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत लुकईया गांव में बुधवार की देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पति ने पहले अपनी पत्नी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी और फिर ससुरालवालों के हाथों खुद भी मौत का शिकार हो गया। पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड की जांच शुरू कर दी है और कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।

    क्या है पूरा मामला ?

    जानकारी के अनुसार, लुकईया गांव निवासी मीणा हांसदा की शादी करीब आठ साल पहले मुफस्सिल थाना क्षेत्र के ही एक गांव के रहने वाले छोटेलाल हांसदा से हुई थी। कुछ समय से मीणा अपने मायके में रह रही थी। बुधवार की रात छोटेलाल अपनी पत्नी को ससुराल से वापस ले जाने के इरादे से वहां पहुंचा था। इस दौरान पति-पत्नी के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई।

    मीणा के पिता चंदलाल मुर्मू के अनुसार, छोटेलाल जबरदस्ती पत्नी को साथ ले जाने की जिद पर अड़ा था। इस बात को लेकर दोनों में बहस हुई। तभी अचानक मीणा की चीख सुनाई दी। जब परिजन दौड़कर घर के आंगन में पहुंचे, तो देखा कि मीणा लहूलुहान हालत में पड़ी थी और पेट से खून बह रहा था। पास में ही खून से सना चाकू भी मिला।

    हत्या के बाद आक्रोशित परिजनों ने की पति की पिटाई.

    मीणा को चाकू मारने के बाद छोटेलाल वहां से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन गांववालों और परिजनों ने उसे पकड़ लिया। आक्रोशित लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। मारपीट इतनी भीषण थी कि छोटेलाल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना की पुलिस  एसडीपीओ जीतवाहन उरांव की अगुवाई में  मौके पर पहुंच गयी । पुलिस ने घटनास्थल की छानबीन की और हत्या में प्रयुक्त चाकू को बरामद कर लिया । दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

    पुलिस कर रही है मामले की पड़ताल.

    एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। मृतका मीणा के माता-पिता सहित कुछ ग्रामीणों को हिरासत मे लेकर पूछताछ की जा रही है।

    मासूम बच्ची की जिंदगी पर सवाल.

    इस दोहरे हत्याकांड के बाद सबसे बड़ी चिंता अब मृत दंपति की छह साल की मासूम बेटी को लेकर है, जो अब अनाथ हो चुकी है। फिलहाल, बच्ची की देखरेख की जिम्मेदारी उसके ननिहाल वालों ने संभाली है, लेकिन यह दर्दनाक हादसा उसके जीवन में गहरा जख्म छोड़ गया है।

    यह दोहरा हत्याकांड केवल एक पारिवारिक विवाद का नतीजा नहीं है, बल्कि यह समाज में बढ़ते गुस्से, रिश्तों में घटते धैर्य और कानून को हाथ में लेने की प्रवृत्ति की भयावह तस्वीर भी है। पुलिस अब हर एंगल से जांच कर रही है, ताकि दोषियों को कानून के कटघरे में लाया जा सके।

  • शिबू सोरेन की तबीयत में सुधार, गंगाराम अस्पताल में चल रहा है इलाज – सीएम और राज्यपाल ने अस्पताल पहुँचकर लिया हाल

    नई दिल्ली/रांची: By The News Post4u
    झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक और वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन की तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई है। वर्तमान में वे दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है। बुधवार सुबह उनकी तबीयत अचानक कुछ ज्यादा खराब हो गई थी, जिससे पार्टी में चिंता का माहौल बन गया। हालांकि, अब उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

    झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि गुरुजी (शिबू सोरेन) की तबीयत में अब सुधार हो रहा है, लेकिन पूरी तरह स्वस्थ होने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि वह खुद भी आज दिल्ली रवाना हो रहे हैं, ताकि गुरुजी से मिलकर उनका हालचाल जान सकें।

    बताया गया कि शिबू सोरेन नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन अस्पताल में उनकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें भर्ती कर लिया गया।

    इधर, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार भी बुधवार को सर गंगाराम अस्पताल पहुंचे और शिबू सोरेन के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों से बात की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

    गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी दिल्ली पहुंचे थे और अस्पताल जाकर गुरुजी का हाल जाना। मुख्यमंत्री की पत्नी और शिबू सोरेन की बहू कल्पा सोरेन पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं और लगातार उनके साथ हैं।

    पार्टी सूत्रों के अनुसार, फिलहाल डॉक्टरों की एक विशेष टीम शिबू सोरेन के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। समर्थकों और झामुमो कार्यकर्ताओं में भी गुरुजी की तबीयत को लेकर चिंता है, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल किसी गंभीर खतरे से इनकार किया है।

  • राज्य में बदहाल व्यवस्था पर बीजेपी का हेमंत सरकार पर हमला, गिरिडीह सहित राज्य भर मे प्रदर्शन

    By The News Post4u.

    झारखंड की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर हल्ला बोल दिया है। गिरिडीह सहित राज्य भर के प्रखण्ड मुख्यालयों मे पार्टी ने मंगलवार को प्रदर्शन किया । पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल  मरंडी,कार्यकारी अध्यक्ष रवीन्द्र राय, विधायक मंजु देवी, सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव, ज़िला अध्यक्ष महादेव दुबे,वरिष्ठ नेता सुरेश साव, राजेश जैसवाल, बिनय सिंह व चुन्नुकांत सहित कई दर्जनो नेता और कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन मे शामिल हुये।

    पार्टी का आरोप है कि पूरे राज्य में शासन व्यवस्था चरमराई हुई है। जनता अपराध, भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था के बोझ से कराह रही है, लेकिन सरकार अपने पुराने रवैये से बाहर आने को तैयार नहीं है।

    बीजेपी का कहना है कि प्रदेश में हत्या, बलात्कार, लूटपाट, महिलाओं के खिलाफ अपराध आम हो गए हैं। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम आदमी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। पार्टी ने दावा किया कि पहले कार्यकाल में खनिज संपदाओं की लूट को जिस तरह सरकारी संरक्षण मिला, वही लूट अब और संगठित हो गई है। पंचायत से लेकर सचिवालय तक भ्रष्टाचार का तंत्र मजबूत हुआ है।

    स्वास्थ्य और शिक्षा पर गंभीर सवाल.

    भाजपा ने स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा को लेकर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। पार्टी का आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर और दवाइयों का घोर अभाव है, ऑक्सीजन और एम्बुलेंस की किल्लत से गरीब दम तोड़ रहे हैं। वहीं, स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है और आधारभूत संरचना जर्जर हो चुकी है।

    आयुष्मान भारत योजना भी लगभग ठप पड़ी है, बकाया भुगतान न मिलने के कारण कई अस्पतालों ने मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्र के छोटे अस्पतालों की स्थिति और भी दयनीय हो चुकी है।

    पेंशन, किसानों और योजनाओं में अव्यवस्था.

    बीजेपी ने आरोप लगाया कि वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाएं महीनों से बंद हैं, जिससे लाभार्थी दर-दर भटक रहे हैं। मातृत्व सम्मान राशि की राशि भी हजारों महिलाओं को नहीं मिली, और किसानों को धान की बिक्री के बाद भी भुगतान नहीं हुआ। खाद और बीज की खरीद में कालाबाजारी चरम पर है।

    भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में खानापूर्ति चल रही है, पोषण सामग्री की सप्लाई बाधित है, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य योजनाएं पूरी तरह ठप हैं।

    भ्रष्टाचार और बिचौलियों का बोलबाला.

    भाजपा का कहना है कि राज्य में अब बिना बिचौलिए के कोई भी सरकारी कार्य संभव नहीं है। चाहे जाति प्रमाण पत्र बनवाना हो, राशन कार्ड या भूमि से संबंधित कार्य – हर जगह रिश्वत और दलाली का बोलबाला है। ग्रामीण सड़कों की हालत इतनी खराब हो गई है कि आवागमन कठिन हो गया है।

    स्थानीय नीति, भाषा और चुनावों पर भ्रम की स्थिति.

    हेमंत सरकार पर आरोप है कि वह स्थानीय नीति, नियोजन नीति और भाषा विवाद में राज्य को उलझा कर मूल समस्याओं से ध्यान भटका रही है। नगर निकाय चुनाव अब तक नहीं कराए गए हैं, जिससे शहरी क्षेत्रों में जनता का प्रतिनिधित्व शून्य हो गया है और प्रशासनिक अधिकारी मनमानी पर उतारू हैं।

    भाजपा की मांग.

    भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार के समक्ष 14 प्रमुख मांगें रखीं, जिनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था में सुधार, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी बनाना है। प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:

    • कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जाए और अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता मिले।
    • थाना प्रभारियों को उनके क्षेत्र में अपराधों के लिए जवाबदेह बनाया जाए।
    • किसानों को धान बिक्री का भुगतान शीघ्र मिले और खाद-बीज की कालाबाजारी रोकी जाए।
    • प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो।
    • पेसा अधिनियम लागू किया जाए और आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
    • पेंशन योजनाएं पुनः शुरू की जाएं (वृद्धा, विधवा, दिव्यांग)।
    • शिक्षकों व चिकित्सकों के रिक्त पद भरे जाएं और +2 विद्यालयों में भाषावार शिक्षक नियुक्त हों।
    • सरकारी अस्पतालों में आवश्यक सुविधाएं (दवा, ऑक्सीजन, एम्बुलेंस, टीका) सुनिश्चित हों।
    • ग्रामीण अस्पतालों को आयुष्मान योजना से जोड़ा जाए।
    • जर्जर सड़कों व भवनों की मरम्मत कराई जाए।
    • बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर निकाला जाए।

    भाजपा का ऐलान – “जनता के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई जारी रहेगी”

    भाजपा ने ऐलान किया है कि एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए वह राज्य में जनता की समस्याओं को लेकर सड़क से सदन तक सरकार को घेरती रहेगी। “हेमंत सरकार को चेतावनी दी जाती है कि वह अपनी कार्यसंस्कृति में सुधार लाए, जनता से किए गए वादों को निभाए और राज्य को भय और भ्रष्टाचार से मुक्त करे।”

    इस तरह, भाजपा ने हेमंत सरकार के खिलाफ आक्रोश जताते हुए राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया।

     

  • लालू यादव फिर चुने गए RJD  के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कब्जा, 13वीं बार निर्विरोध चुनाव

    परवेज़ आलम. By The News Post4u.

    राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में नेतृत्व को लेकर चल रही प्रक्रिया एक बार फिर उसी बिंदु पर पहुंची, जहां से पार्टी की पहचान शुरू होती है। पार्टी संस्थापक लालू प्रसाद यादव को लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुन लिया गया है। यह घोषणा पार्टी के निर्वाचन पदाधिकारी रामचंद्र पूर्वे ने अधिसूचना जारी कर की।

    सोमवार, 23 जून को लालू यादव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। मंगलवार, 24 जून को दोपहर 2 बजे नामांकन पत्रों की जांच की गई और दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लेने की समयसीमा तय थी। लेकिन जब किसी अन्य उम्मीदवार ने न तो नामांकन दाखिल किया और न ही लालू यादव ने अपना नाम वापस लिया, तो उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

    कब सौंपा जाएगा प्रमाण पत्र?

    निर्वाचन पदाधिकारी रामचंद्र पूर्वे ने बताया कि लालू यादव को निर्वाचन का आधिकारिक प्रमाण पत्र 5 जुलाई 2025 को आयोजित होने वाली पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में सौंपा जाएगा। इसी बैठक में उनका आधिकारिक रूप से कार्यभार भी घोषित किया जाएगा।

    इसका राजनीतिक महत्व क्या है?

    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, लालू प्रसाद यादव का एक बार फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना यह दर्शाता है कि पार्टी अब भी पूरी तरह उनके नेतृत्व में विश्वास रखती है। हालांकि लालू यादव सक्रिय राजनीति से स्वास्थ्य कारणों से थोड़ा पीछे रहे हैं, फिर भी उनका करिश्माई प्रभाव, संगठन पर पकड़ और सामाजिक न्याय की राजनीति में उनकी गूंज अब भी बनी हुई है।

     RJD के अंदरूनी समीकरण.

    राजद में लंबे समय से यह अटकलें थीं कि अब पार्टी की कमान तेजस्वी यादव को सौंप दी जाएगी, लेकिन इस बार फिर से लालू यादव की ताजपोशी यह संकेत देती है कि वह अभी भी पार्टी का चेहरा बने रहेंगे और संगठन को अपनी निगरानी में आगे बढ़ाएंगे। संभवतः पार्टी की रणनीति यह है कि वरिष्ठता का नेतृत्व और युवाओं का संचालन साथ-साथ चले।
    लालू प्रसाद यादव का निर्विरोध निर्वाचन न केवल राजद की एकजुटता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि पार्टी अभी भी अपने संस्थापक के अनुभव और रणनीतिक कौशल पर भरोसा करती है। आने वाले समय में राजद किस तरह से अपनी राजनीति को आगे बढ़ाएगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।

  • हाड़ी जाति विकास मंच ने डीसी को सौंपा ज्ञापन, सात सूत्री मांगों पर त्वरित कार्रवाई की मांग

    गिरिडीह: झारखंड के हाडी जाति विकास मंच ने एक बार फिर राज्य सरकार से अपनी लंबित मांगों पर त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है। मंच की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को संबोधित ज्ञापन में सात सूत्रीय मांगों को दोहराते हुए कहा गया है कि वर्षों से सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन से जूझ रहे हाडी समुदाय को अभी तक न्याय नहीं मिला है।

    यह ज्ञापन डीसी गिरिडीह  के माध्यम से दिनांक 24 जून 2025 को सौंपा गया, जिसमें मंच की तरफ से पहले 25 जनवरी 2025 को प्रस्तुत की गई मांगों को एक बार फिर से याद दिलाया गया है। ज्ञापन में मंच ने उल्लेख किया है कि हाडी  जाति आज भी मुख्यधारा से वंचित है और उन्हें विकास योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

    इनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

    1. राज्य के विभिन्न जिलों में निवासरत हाडी जाति के लोगों को स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र (स्थानीय नीति 1932) के आधार पर निर्गत किया जाए।
    2. राज्य के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति भूमिहीन हाडी जाति परिवारों को पांच डिसमिल भूमि मुफ्त में उपलब्ध कराई जाए।
    3. हाडी जाति को अनुसूचित जनजाति (ST) की सूची में शामिल किया जाए।
      ज्ञापन में कहा गया है कि हाडी जाति की पहचान, परंपरा और रहन-सहन जनजातीय समाज से पूरी तरह मेल खाती है, फिर भी आज तक इस समुदाय को संवैधानिक दर्जा नहीं मिल पाया है। हाडी जाति विकास मंच का यह ज्ञापन सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है। मंच का कहना है कि कई बार सरकार से मांग करने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे समुदाय में निराशा है। ज्ञापन के अंत में मंच ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वह स्वयं इन मांगों पर गौर करें और उचित निर्देश संबंधित विभागों को दें ताकि हाड़ू जाति को उसका हक और सम्मान मिल सके।

    यह ज्ञापन गिरिडीह के हाडी जाति प्रतिनिधियों द्वारा सौंपा गया, जिसमें हस्ताक्षरकर्ता के रूप में राजेश कुमार हाड़ी (अध्यक्ष हाड़ी जाति विकास मंच) का नाम उल्लिखित है।
    राज्य सरकार यदि हाडी जाति की मांगों को गंभीरता से लेती है, तो यह समुदाय के सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा।

  • बिहार में लगेगा न्यूक्लियर पावर प्लांट, ऊर्जा मंत्रियों के पांचवें क्षेत्रीय सम्मेलन  मे शामिल हुये मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू

    परवेज़ आलम. By The News Post4u.

    देश के ऊर्जा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम की घोषणा मंगलवार को पटना में हुई, जब केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बिहार में न्यूक्लियर पावर प्लांट (परमाणु बिजली घर) स्थापित करने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी। यह घोषणा पूर्वी भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ऊर्जा मंत्रियों के पांचवें क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान हुई। इस  सम्मेलन में बिहार, झारखण्ड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल एवं अंडमान-निकोबार के ऊर्जा मंत्री उपस्थित रहे। बिहार से इसका प्रतिनिधित्व ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने किया जबकि झारखंड से  नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू इसमे शामिल हुये ।

    मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सम्मेलन के बाद फोन पर The News Post4u को बताया कि  बैठक में राज्यों में संचालित विद्युत परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन, वितरण नेटवर्क को मजबूत करने तथा सेवा प्रदायगी में दक्षता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, निर्बाध और समान रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी गहन चर्चा हुई।
    देश के ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाने के लिए यह सामूहिक प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

    बिहार को मिलेगा ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बूस्ट.

    सम्मेलन के दौरान बिहार सरकार की ओर से राज्य में परमाणु ऊर्जा आधारित पावर प्लांट की मांग रखी गई थी। इस पर केंद्रीय मंत्री खट्टर ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि केंद्र सरकार हर आवश्यक तकनीकी और वित्तीय सहायता देने को तैयार है।

    साथ ही बिहार में अगले 6 महीनों के भीतर अतिरिक्त 500 मेगावाट बिजली की आपूर्ति करने का भी प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है, जिससे राज्य की औद्योगिक और ग्रामीण जरूरतों को मजबूत आधार मिलेगा।

     केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा?

    बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि:

    • ऊर्जा क्षेत्र में थर्मल, सोलर, विंड और स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम हो रहा है।
    • 2035 तक का राष्ट्रीय ऊर्जा विजन तैयार किया गया है, जिसमें हर राज्य में एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना है।
    • बिहार में अब तक 80 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिसे उन्होंने “रिकॉर्ड” बताया।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि “बिहार को कभी पिछड़ा समझा जाता था, लेकिन अब वह बिजली क्षेत्र में कई राज्यों से आगे निकल गया है।”

    बिजली स्टोरेज की भी मांग॰

    सम्मेलन के दौरान बिहार सरकार ने राज्य में 1000 मेगावाट की बिजली स्टोरेज क्षमता विकसित करने की मांग भी रखी। इस पर भी केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया कि जरूरत के मुताबिक हरसंभव मदद दी जाएगी।

    भारत अब बिजली निर्यातक देश.

    मंत्री खट्टर ने कहा कि कभी “पावर डिफिसिट” (बिजली की कमी वाला) देश माने जाने वाला भारत, आज भूटान, म्यांमार, बांग्लादेश और नेपाल को बिजली निर्यात कर रहा है। देश के भीतर जरूरत के हिसाब से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

    इस सम्मेलन से स्पष्ट है कि बिहार अब पारंपरिक बिजली आपूर्ति से आगे बढ़कर विकसित ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर और वैकल्पिक स्रोतों की ओर बढ़ रहा है। न्यूक्लियर पावर प्लांट की स्थापना राज्य के लिए आर्थिक और औद्योगिक विकास का एक नया अध्याय खोल सकती है।