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  • B.Ed प्रवेश परीक्षा 20 अप्रैल को, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू, जानें आवेदन करने का तरीका

    JCECEB: बीएड, एमएड और बीपीएड प्रवेश परीक्षा 20 अप्रैल को

    झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (JCECEB) द्वारा बीएड, एमएड और बीपीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए परीक्षा 20 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। सत्र 2025-2027 में नामांकन के इच्छुक अभ्यर्थी 15 फरवरी से 15 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    आवेदन प्रक्रिया:

    • अभ्यर्थियों को पंजीकरण के दौरान आवश्यक जानकारी भरनी होगी।
    • रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर और बाएं हाथ के अंगूठे का निशान अपलोड करना अनिवार्य होगा।
    • सभी आवश्यक प्रमाण पत्र पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करने होंगे।
    • परीक्षा ऑफलाइन मोड (ओएमआर शीट) पर रांची, धनबाद, जमशेदपुर, बोकारो, दुमका, पलामू और हजारीबाग के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।
  • फर्जी वेबसाइट के जरिए साइबर ठगों ने 1523 पदों पर निकाली फर्जी वैकेंसी, साइबर थाना में शिकायत दर्ज

    झारखंड में फर्जी वेबसाइट के जरिए 1523 पदों पर भर्ती का झांसा, 

    झारखंड में साइबर अपराधियों ने फर्जी वेबसाइट बनाकर 1523 पदों पर भर्ती का फर्जी विज्ञापन जारी किया है। जैसे ही यह मामला सामने आया, राज्य स्तरीय कृषि प्रबंधन, प्रसार सह प्रशिक्षण संस्थान (समेति), झारखंड के निदेशक विकास कुमार ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई और कॉपीराइट उल्लंघन की रिपोर्ट भी दी है।

    फर्जी वेबसाइट www.jharkhandagri.com पर नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन एंड टेक्नोलॉजी, झारखंड के नाम पर ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर (BTM), असिस्टेंट टेक्नोलॉजी मैनेजर (ATM), और असिस्टेंट क्लर्क पदों पर भर्ती की सूचना दी गई है। जबकि समेति की आधिकारिक वेबसाइट www.sameti.org है, जहां से ही सभी सरकारी सूचनाएं जारी की जाती हैं।

    फर्जी और असली वेबसाइट के डिजाइन में मामूली अंतर हैं, जिससे लोग आसानी से धोखे में आ सकते हैं। असली वेबसाइट पर केवल झारखंड सरकार का लोगो दाईं ओर होता है, जबकि फर्जी वेबसाइट पर बाईं ओर झारखंड सरकार का लोगो और दाईं ओर अशोक स्तंभ भी दिया गया है। इसके अलावा, फर्जी वेबसाइट पर भर्ती से संबंधित स्क्रॉलिंग नोटिस और ऑनलाइन आवेदन लिंक दिया गया है, जिस पर क्लिक करने पर रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलता है और आवेदन शुल्क भी मांगा जाता है।

    शुल्क की दरें इस प्रकार रखी गई हैं:
    🔹 जनरल और ईडब्ल्यूएस – ₹300
    🔹 ओबीसी और ईबीसी – ₹250
    🔹 एससी और एसटी – ₹100

    फर्जी वेबसाइट के विज्ञापन में कई स्पेलिंग मिस्टेक और गलत जानकारियां हैं, जिससे इसका फर्जीवाड़ा उजागर होता है। समेति ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और अखबारों में प्रकाशित सूचना पर ही भरोसा करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और सतर्क रहें।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का रांची दौरा: बीआईटी मेसरा के प्लैटिनम जुबली समारोह में होंगी मुख्य अतिथि

    रांची: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज से रांची के दो दिवसीय दौरे पर आ रही हैं। अपने प्रवास के दौरान, वे 15 फरवरी को मेसरा स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी) के प्लैटिनम जुबली समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी।

    राष्ट्रपति के आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    समारोह में राष्ट्रपति के साथ संस्थान के पूर्व छात्र, शिक्षा जगत की प्रतिष्ठित हस्तियां और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। उनकी यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। राष्ट्रपति शुक्रवार को विशेष विमान से रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचेंगी और वहां से सीधे राजभवन जाएंगी, जहां वे रातभर ठहरेंगी।

    रातभर राजभवन में ठहरेंगी राष्ट्रपति

    राजभवन में कुछ आधिकारिक कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद, राष्ट्रपति यहीं विश्राम करेंगी। झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की है। इसके अलावा, 14 और 15 फरवरी को रांची में ट्रैफिक व्यवस्था में भी विशेष बदलाव किए गए हैं।

    कड़ी सुरक्षा व्यवस्था: 10 आईपीएस अधिकारी और 1,000 पुलिसकर्मी तैनात

    आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति की सुरक्षा तीन स्तरों में होगी, जिसके तहत 10 आईपीएस अधिकारी और 1,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने से पहले संबंधित मार्गों पर एक घंटे के लिए यातायात रोक दिया जाएगा।

    यातायात में बदलाव और भारी वाहनों की नो-एंट्री

    रांची में 14 फरवरी को सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक बड़े मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी, जबकि दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक छोटे मालवाहक वाहनों के भी प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।

    15 फरवरी को भी सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक सभी प्रकार के भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक रहेगी। पलामू, गढ़वा, लातेहार और गुमला रूट से आने वाले वाहन रिंग रोड के माध्यम से अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।

    एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए विशेष निर्देश

    रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। जिन यात्रियों की फ्लाइट 14 फरवरी को शाम 4 बजे से 5:30 बजे के बीच है, उन्हें सलाह दी गई है कि वे दोपहर 3:30 बजे तक एयरपोर्ट पहुंचने का प्रयास करें।

    राष्ट्रपति के दौरे को लेकर रांची में प्रशासनिक तैयारियां चरम पर हैं, जिससे समारोह और सुरक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।

  • गिरिडीह में ट्रेन पर पथराव, जानिए क्या है मामला।

    गिरिडीह (झारखंड): गोड्डा से दिल्ली जाने वाली ट्रेन पर जमुआ स्टेशन पर पत्थरबाजी की घटना हुई। बताया जा रहा है कि ट्रेन में जगह नहीं मिलने और दरवाजे न खुलने से नाराज यात्रियों और भीड़ ने पथराव कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ लोग ट्रैक पर भी आ गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

    ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में हंगामा

    यह साप्ताहिक ट्रेन गोड्डा से रवाना होकर गिरिडीह होते हुए दिल्ली जाती है। बुधवार दोपहर जब यह ट्रेन जमुआ स्टेशन पहुंची, तो पहले से वहां मौजूद हजारों लोग इसमें चढ़ने के लिए दौड़ पड़े। ट्रेन में पहले से भारी भीड़ थी, जिससे कई डिब्बों के दरवाजे नहीं खुल सके और यात्री चढ़ नहीं पाए। इससे गुस्साई भीड़ ट्रैक पर उतर आई, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। हालात बिगड़ते देख आरपीएफ ने तुरंत गिरिडीह एसपी को सूचना दी।

    दरवाजे खुलते ही यात्रियों ने सीटों पर जमाया कब्जा

    गिरिडीह एसपी के निर्देश पर जमुआ थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में ट्रेन को स्टेशन से रवाना करने की प्रक्रिया शुरू हुई। जैसे ही बोगियों के दरवाजे खुले, सैकड़ों यात्रियों ने सीटों पर कब्जा जमा लिया।

    प्रयागराज महाकुंभ जाने वालों की थी भारी भीड़

    इस भीड़ में प्रयागराज महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल थे। इसके अलावा, दिल्ली और अन्य शहरों के लिए यात्रा करने वाले आरक्षित टिकटधारी यात्री भी थे। गिरिडीह एसपी ने बताया कि मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया, यात्रियों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया और ट्रेन के सभी दरवाजे खुलवाए गए। साथ ही, जिले के अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

  • पेंशनधारियों के लिए खुशखबरी, अब एक साथ मिलेगा तीन महीने की पेंशन

    झारखंड के 11.80 लाख पेंशनधारियों को तीन माह की पेंशन एक साथ मिलेगी

    झारखंड के 11,80,191 पेंशनधारियों को इस माह तीन महीने की पेंशन एक साथ मिलने जा रही है। इससे पहले उन्हें सितंबर तक की पेंशन प्राप्त हो चुकी थी, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित पेंशन योजनाओं में देरी के कारण अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर की पेंशन लंबित थी। यह देरी केंद्र सरकार से निधि जारी न होने के कारण हुई थी। अब केंद्र सरकार ने अपने हिस्से की राशि उपलब्ध करा दी है, जिससे पेंशन वितरण संभव हो सका है।

    राज्य में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाओं के तहत हर माह 1000 रुपये की राशि दी जाती है। इसमें केंद्र सरकार द्वारा आवंटित धनराशि के अलावा बाकी राशि राज्य सरकार प्रदान करती है। पेंशन की निकासी तभी होती है जब दोनों सरकारों का योगदान उपलब्ध होता है।

    समाज कल्याण विभाग के अनुसार, जल्द ही पेंशन वितरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर की पेंशन लाभुकों को प्रदान की जा सके। गौरतलब है कि राज्य सरकार को जून तक केंद्र सरकार से पेंशन राशि प्राप्त हुई थी, लेकिन वित्तीय वर्ष 2024-25 के नौ महीने बीतने के बावजूद छह महीने की राशि नहीं मिली थी।

    झारखंड में कुल 9,02,998 वृद्ध, 2,51,780 विधवा और 25,413 दिव्यांग लाभुक पेंशन प्राप्त करते हैं। इसमें 60 वर्ष से अधिक उम्र के बीपीएल वृद्धों को 1000 रुपये और 80 वर्ष से अधिक उम्र वालों को 1500 रुपये (केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त योगदान) दिया जाता है। विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को भी 1000 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं।

    पलामू जिले में सबसे अधिक 88,577 पेंशनधारी हैं, जिनमें 76,108 वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी हैं। रांची, गढ़वा, धनबाद, गोड्डा, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, हजारीबाग और दुमका समेत अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में लाभुक हैं, जिन्हें जल्द ही उनकी लंबित पेंशन राशि प्राप्त होगी।

  • झारखंड बजट सत्र पर चर्चा के लिए 21 फरवरी को स्पीकर की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक

    झारखंड विधानसभा सचिवालय ने शुरू की बजट सत्र की तैयारियां।

    झारखंड विधानसभा सचिवालय ने आगामी बजट सत्र की तैयारियों को तेज कर दिया है। सत्र के सुचारू संचालन और जनहित से जुड़े अधिकतम मुद्दों पर चर्चा सुनिश्चित करने के लिए 21 फरवरी को विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित विभिन्न दलों के नेता शामिल होंगे। बैठक में सत्र संचालन सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

    वहीं, भाजपा ने अब तक अपने विधायक दल के नेता का चयन नहीं किया है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इसी दिन राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा और अन्य प्रमुख विषयों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है। विधानसभा सचिवालय ने विभिन्न विभागों से समय पर विधेयकों और प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि सदन की कार्यवाही के दौरान किसी तरह की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो।

    संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि स्पीकर के साथ अबुआ बजट और अन्य महत्वपूर्ण विषयों को लेकर चर्चा हुई है। बजट तैयारियों का कार्य अंतिम चरण में है, जिसके लिए कई दौर की बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इसमें विशेषज्ञों के साथ-साथ आम जनता से भी सुझाव लिए गए हैं। आगामी बजट राज्य के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित होगा, जिसमें सभी वर्गों का ध्यान रखा जाएगा। झारखंड का यह बजट सत्र राज्य की प्रगति और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करेगा।

  • Giridih: पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मासिक अपराध सेमिनार आयोजित

    गिरिडीह:

    12 फरवरी 2025 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित सभागार में मासिक अपराध सेमिनार  का आयोजन किया गया। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक गिरिडीह ने लंबित मामलों की समीक्षा की और उनके त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए।

    इसके साथ ही, अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित एंटी-क्राइम चेकिंग के निर्देश दिए गए। महिला अपराधों की जांच को प्रभावी बनाने के लिए अनुसंधानकर्ताओं को बीएनएसएस के प्रावधानों के तहत प्रशिक्षण देने की बात कही गई।

    लंबित वारंट और कुर्की मामलों के शीघ्र निष्पादन पर जोर दिया गया। साथ ही, E-Sakshya ऐप में सात साल या उससे अधिक सजा वाले मामलों की घटनास्थल और गवाह के बयान को 24 घंटे के भीतर अपलोड करने का निर्देश दिया गया।

    सीएमपीएस के अंतर्गत गवाहों को निर्धारित तिथि पर न्यायालय में उपस्थित होकर गवाही देने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, IGOT Karmayogi ऐप के उपयोग की जानकारी साझा की गई।

    डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने के लिए गांवों में जागरूकता अभियान चलाने और नाटकीय प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया।

    अंत में, आगामी शब-ए-बारात पर्व के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

  • HEC पर गंभीर संकट: केंद्र सरकार ने सहायता देने से किया इनकार,29 महीने से कर्मचारियों नहीं मिला वेतन

    केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल रांची स्थित हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) के पुनरुद्धार को लेकर कोई योजना नहीं बनाई गई है। यह जानकारी केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सांसद राजेश रंजन के एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।

    स्वयं संसाधन जुटाकर वेतन देना होगा

    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एचईसी कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत एक स्वतंत्र कानूनी इकाई है। इसलिए कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए इसे अपने स्वयं के संसाधनों की व्यवस्था करनी होगी।

    2024-25 में अब तक 4.5 महीने का वेतन दिया गया

    एचडी कुमारस्वामी के अनुसार, लगातार हो रहे घाटे के कारण एचईसी गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। इसका असर कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर पड़ा है, जो अनियमित हो चुका है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक कर्मचारियों को मात्र साढ़े चार महीने का वेतन दिया गया है।

    25 से 29 महीने का वेतन बकाया

    केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार किया कि एचईसी के कर्मचारियों और अधिकारियों का 25 महीने का वेतन बकाया है, जबकि सुपरवाइजरों के लिए यह अवधि 29 महीने की है। सांसद पप्पू यादव ने लोकसभा में एचईसी कर्मियों के तीन साल से लंबित वेतन भुगतान के लिए ठोस कार्रवाई की मांग रखी थी।

    बकाया वेतन के लिए कर्मचारियों का आंदोलन जारी

    एचईसी के सैकड़ों कर्मचारी वेतन भुगतान की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। वेतन न मिलने के कारण अधिकारी और कर्मचारी कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

  • रांची में आवास बोर्ड के खाली फ्लैट के आवंटन के लिए लॉटरी, सोमवार से शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन

    रांची में आवास बोर्ड के खाली फ्लैटों के आवंटन के लिए लॉटरी प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रेशन की शुरुआत सोमवार से हो गई है। आवास बोर्ड के चेयरमैन संजय लाल पासवान ने जानकारी दी कि यह प्रक्रिया 10 मार्च तक जारी रहेगी।

    उन्होंने बताया कि रांची के बाद हजारीबाग और फिर जमशेदपुर में भी लॉटरी के लिए रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। जमशेदपुर में एक, दो और तीन बेडरूम के कुल 241 पुराने फ्लैट उपलब्ध हैं, जिनमें एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी और इडब्ल्यूएस श्रेणी के फ्लैट शामिल हैं। इच्छुक आवेदक इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।

    सोमवार को वे आदित्यपुर स्थित आवास बोर्ड कार्यालय में कार्यपालक अभियंता, कनीय अभियंता और अन्य कर्मचारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जमशेदपुर में बोर्ड की खाली पड़ी जमीन पर नए प्रोजेक्ट लाने की योजना पर काम हो रहा है, जिसके लिए कार्यपालक अभियंता से प्रस्ताव मांगा गया है।

  • सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में केवल JTET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का परिणाम जारी होगा, JSSC ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को स्वीकारा

    जेएसएससी परीक्षा: केवल J-TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का परिणाम होगा जारी

    झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक विद्यालयों में सहायक आचार्य पदों की प्रतियोगिता परीक्षा में केवल झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (J-TET) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित किया जाएगा। इस परीक्षा में शामिल केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) और अन्य राज्यों की शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास अभ्यर्थियों का परिणाम जारी नहीं किया जाएगा।

    राज्य सरकार और जेएसएससी ने सुप्रीम कोर्ट के 30 जनवरी के आदेश को लागू करने का निर्णय लिया है। इस आदेश में झारखंड प्रारंभिक शिक्षक प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 में केवल J-TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को पात्र माना गया है, जबकि CTET और अन्य राज्यों के TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को अयोग्य करार दिया गया है।

    गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट के आदेश और राज्य सरकार द्वारा नियुक्ति नियमों में संशोधन के बाद CTET और अन्य राज्यों के TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 30 जनवरी को परिमल कुमार एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य मामले में हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें इन अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई थी।

    जेएसएससी ने मंगलवार को एक आधिकारिक सूचना जारी कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी दी और इसकी प्रति अपनी वेबसाइट पर अपलोड की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि झारखंड प्रारंभिक शिक्षक प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार संचालित होगी। उल्लेखनीय है कि J-TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद यह फैसला आया।