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  • वृद्धा आश्रम में नेत्र और हड्डी चिकित्सा शिविर: रोटरी क्लब ऑफ गिरिडीह ग्रेटर का सराहनीय प्रयास

    गिरिडीह में चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली, जहां हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सरवन कुमार और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभात कुमार की अगुवाई में स्नेह दीप वृद्धा आश्रम में एक विशेष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।

    इस दौरान जिन बुजुर्गों को चश्मे की जरूरत थी, उन्हें निःशुल्क चश्मे और दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। वहीं, हाथ, पैर और कमर दर्द से परेशान लोगों को कैल्शियम, मल्टीविटामिन और दर्द निवारक तेल दिया गया। यह संपूर्ण पहल रोटरी क्लब ऑफ गिरिडीह ग्रेटर के सहयोग से संभव हो पाई।

    कार्यक्रम को सफल बनाने में रोटरी क्लब ऑफ गिरिडीह ग्रेटर के अध्यक्ष सीए ब्रह्मदेव प्रसाद, सचिव राजेंद्र कुमार तर्वे, सहसचिव सीए आकाश रोशन, सीए प्रवीण कुमार बरनवाल, सीए राकेश कुमार, आईपीपी सीए दीपक संथालिया, पूर्व अध्यक्ष सुजय राज गुप्ता, अनूप सरोगी, प्रोजेक्ट चेयरमैन अनिल मिश्रा समेत कई गणमान्य लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    विशेष रूप से, डीएनबी ऑर्थोपेडिक सर्जन और आर्थ्रोप्लास्टी विशेषज्ञ डॉ. सरवन कुमार और जाने-माने नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभात कुमार का विशेष योगदान रहा।

    गौरतलब है कि रोटरी क्लब ऑफ गिरिडीह ग्रेटर सामाजिक कार्यों में हमेशा बढ़-चढ़कर भाग लेता रहा है, और आगे भी ऐसे कार्यों में अपना योगदान देता रहेगा। इसी कड़ी में आज यह चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया, जिससे बुजुर्गों को निःशुल्क चिकित्सा सहायता मिल सकी।

    The News Post4U के लिए,रिपोर्ट – चंदन पांडे

  • झारखंड : 37 कैदियों की जेलों से रिहाई का फैसला, सीएम हेमंत सोरेन ने दिए पुनर्वास के निर्देश

    रिपोर्ट – परवेज़ आलम

    झारखंड की विभिन्न जेलों में उम्रकैद की सजा काट रहे 37 कैदियों को रिहा करने का बड़ा फैसला लिया गया है। यह निर्णय सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक में लिया गया। बैठक में आजीवन सजा काट रहे 103 कैदियों की रिहाई से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। हर एक कैदी की फाइल पर गहन विचार-विमर्श के बाद 37 कैदियों को रिहा किए जाने की मंजूरी दी गई।

    रिहाई का फैसला कैसे लिया गया?
    कैदियों की रिहाई का निर्णय लेते हुए न्यायालयों के आदेशों के साथ-साथ संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक, जेल अधीक्षक और प्रोबेशन पदाधिकारियों की रिपोर्ट पर गौर किया गया। सरकार का स्पष्ट मानना है कि सुधार की राह पर चल पड़े कैदियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए।

    कैदियों को मिलेगी आजीविका, जोड़े जाएंगे स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम से. 
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रिहा किए जाने वाले कैदियों के पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि की गहन जांच की जाए। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि उनके लिए आय के साधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।

    इसके लिए सभी कैदियों को स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम से जोड़े जाने की योजना है। उन्हें डेयरी फार्मिंग, मुर्गी पालन और पशुपालन जैसी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री ने कहा, “रिहा हो रहे कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है।”

    रिहा कैदियों की गतिविधियों पर होगी सख्त नजर.
    सीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि रिहा किए गए कैदियों का पूरा ट्रैक रिकॉर्ड रखा जाए। कारा महानिरीक्षक को विशेष रूप से आदेश दिया गया कि सभी कैदियों की गतिविधियों की निरंतर मॉनिटरिंग हो। पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों को भी यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि समाज में लौटने के बाद ये कैदी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल न हों।

    बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
    इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव-सह-विधि परामर्शी नलिन कुमार, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल, रांची के न्यायायुक्त दिवाकर पांडेय, झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता, कारा महानिरीक्षक सुदर्शन प्रसाद मंडल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    सरकार का यह फैसला न केवल सुधारात्मक न्याय को बढ़ावा देता है, बल्कि समाज में अपराधियों के पुनर्वास की दिशा में एक सकारात्मक कदम भी है।

  • पश्चिमी विक्षोभ के असर से बदलेगा झारखंड का मौसम, अगले 5 दिनों तक बारिश की संभावना

    झारखंड में मौसम बदलाव के संकेत, अगले पांच दिन बारिश और बिजली गिरने की संभावना

    पश्चिमी विक्षोभ के पूर्व की ओर बढ़ने के कारण झारखंड में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक राज्य में गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की जा सकती है, जिससे गर्मी का अहसास होगा।

    मौसम विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि 19 फरवरी से झारखंड के कई हिस्सों में बारिश और बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है। मंगलवार से राज्य के अधिकांश इलाकों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, जबकि अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।

    सोमवार को जारी मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, बीते 24 घंटों में राज्यभर में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। हालांकि, चतरा में यह 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा में न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजधानी रांची में यह 15.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक है।

    रांची मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी अभिषेक आनंद ने बताया कि मंगलवार से झारखंड के कुछ हिस्सों में आंशिक बादल छाने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव और निचले स्तरों पर उत्तर-दक्षिणी गर्त बनने के कारण 19 और 20 फरवरी को हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। वहीं, बिजली गिरने और छिटपुट बारिश की गतिविधियां 23 फरवरी तक जारी रहने की संभावना है।

  • आदिवासी बच्चों के लिए केंद्र सरकार शुरू करेगी 44 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, बाबूलाल मरांडी ने दी जानकारी

    झारखंड में आदिवासी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की बड़ी पहल

    केंद्र सरकार ने झारखंड में आदिवासी बच्चों की शिक्षा और सशक्तिकरण को मजबूत करने के उद्देश्य से एक अहम कदम उठाया है। राज्य में एक साथ 44 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) शुरू किए जा रहे हैं। इस बारे में जानकारी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए साझा की।

    उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों की स्थापना से आदिवासी छात्रों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षित वातावरण से युक्त ये विद्यालय छात्रों के समग्र विकास में सहायक साबित होंगे।

    मरांडी ने आगे कहा कि यह पहल आदिवासी समुदाय को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के जरिए सरकार न केवल आदिवासी बच्चों को उज्ज्वल भविष्य देने का प्रयास कर रही है, बल्कि निःशुल्क और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराकर उनके समग्र उत्थान में भी योगदान दे रही है।

  • पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने जमशेदपुर में स्काई डाइविंग फेस्टिवल 2025 का फ्लैग ऑफ कर किया शुभारंभ

    जमशेदपुर में स्काई डाइविंग फेस्टिवल 2025 का भव्य आगाज

    झारखंड पर्यटन विभाग के तत्वावधान में जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट पर स्काई डाइविंग फेस्टिवल 2025 का शानदार शुभारंभ हुआ। कला, संस्कृति, पर्यटन, खेलकूद एवं युवा मामले विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार ने फ्लैग ऑफ कर इस रोमांचक आयोजन की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार पर्यटन और साहसिक खेलों के क्षेत्र में नए अवसर विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    झारखंड में पर्यटन की असीम संभावनाएं

    मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि झारखंड सिर्फ खनिज संपदा से समृद्ध नहीं है, बल्कि इसकी प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता, ऐतिहासिक विरासत और धार्मिक स्थलों में भी अनगिनत संभावनाएं हैं। सरकार डीजीसीए के सुरक्षा मानकों और दिशानिर्देशों के अनुसार स्काई डाइविंग जैसी साहसिक गतिविधियों का आयोजन कर रही है। राज्य में धार्मिक, प्राकृतिक और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नए पर्यटन स्थलों की पहचान की जा रही है।

    पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, युवाओं को रोजगार

    उन्होंने आगे बताया कि किरीबुरू में माइनिंग टूरिज्म, स्काई डाइविंग, मोटर/पैराग्लाइडिंग, रॉक क्लाइंबिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने की योजना है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और झारखंड को पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान मिलेगी। नई पर्यटन नीति के तहत निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे राज्य का राजस्व भी बढ़ेगा।

    ऑनलाइन बुकिंग से जुड़ सकते हैं प्रतिभागी

    पर्यटन सचिव मनोज कुमार ने बताया कि यह फेस्टिवल 16 से 23 फरवरी 2025 तक चलेगा, जिसमें इच्छुक प्रतिभागी ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से शामिल हो सकते हैं। जमशेदपुर के उपायुक्त अनन्य मित्तल ने इस आयोजन को जिले के लिए गौरव का विषय बताया और कहा कि लोगों में इसे लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।

    इस अवसर पर पर्यटन निदेशक अंजली यादव, वरीय पुलिस अधीक्षक कौशल किशोर, एडीएम अनिकेत सचान, अनुमंडल पदाधिकारी शताब्दी मजूमदार, सिटी एसपी कुमार शिवशीष समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।

  • उर्दू किसी एक धर्म की भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का प्रतीक है – अंजुमन उर्दू सम्मेलन में बोले मंत्री इरफान अंसारी

    झारखंड में अंजुमन तरक्की उर्दू हिन्द का पहला राज्य सम्मेलन संपन्न

    रांची के पुरानी विधानसभा भवन में अंजुमन तरक्की उर्दू हिन्द, झारखंड का पहला राज्य सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन के पहले सत्र की अध्यक्षता राष्ट्रीय सचिव अतहर फारूकी ने की, जिसमें सम्मेलन के संयोजक एम. जेड. खान ने संयोजक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में अंजुमन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला गया।

    उर्दू के सम्मान और विकास पर जोर

    सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि, झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि उर्दू किसी विशेष धर्म से जुड़ी नहीं है, बल्कि यह एक भारतीय भाषा और संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने उर्दू को उसका उचित सम्मान न मिलने पर चिंता जताई और कहा कि इस भाषा से प्रेम करने वालों की संख्या कम नहीं है। उन्होंने उर्दू शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

    इस सत्र में जालिब वतनी की पुस्तक “उड़ान” का विमोचन किया गया। इस अवसर पर सुशील साहिल (गोड्डा), मुफ्ती सईद आलम (गिरिडीह), हसन निज़ामी (धनबाद), जफरुल्लाह सादिक (हजारीबाग), जमशेद कमर (रांची) आदि ने अपने विचार साझा किए। भारतीय संविधान की प्रस्तावना को उर्दू भाषा में डॉ. मोहम्मद रेहाना अली ने प्रस्तुत किया।

    सम्मेलन में उर्दू के प्रचार-प्रसार पर विचार-विमर्श

    सभा को संबोधित करते हुए सुभाषिनी अली ने कहा कि उर्दू को उसकी सही पहचान तक पहुंचाने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उर्दू को केवल मुसलमानों की भाषा समझना एक बड़ी गलतफहमी है। इस भाषा की उन्नति के लिए इसे आर्थिक व्यवस्था से जोड़ने और अधिक जनप्रिय बनाने के प्रयास करने होंगे। साथ ही, उन्होंने उर्दू साहित्य के अन्य भाषाओं में अनुवाद की जरूरत पर भी जोर दिया।

    दूसरे सत्र की अध्यक्षता डॉ. यासीन अंसारी ने की, जबकि संचालन एम. जेड. खान ने किया। इस सत्र में सांसद महुआ माजी ने कहा कि हिंदी और उर्दू का संबंध “मां और मौसी” की तरह है। इस सम्मेलन में झारखंड के 22 जिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    उर्दू के विकास को लेकर पारित प्रस्ताव

    इस सत्र में उर्दू भाषा के संवर्धन से जुड़े 13 प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

    • साहित्य एवं उर्दू अकादमी का गठन
    • उर्दू सेल और उर्दू निदेशालय की स्थापना
    • उर्दू शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति

    साहित्यकारों की भागीदारी

    सम्मेलन में उर्दू और हिंदी के कई प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख नाम थे – वीना श्रीवास्तव, अपराजिता, एम. एल. सिंह, के. के. सिंह, सुशील साहिल, रेहाना, नजमा नाहिद, आलम आरा, फरहत जहां, शाजिया शबनम, डॉ. अंजार, मो. शकील, शोएब, कनक चौधरी आदि।

    यह सम्मेलन झारखंड में उर्दू भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। वक्ताओं ने उर्दू को नई पीढ़ी तक पहुंचाने, इसे शिक्षा प्रणाली में मजबूत करने और सामाजिक-आर्थिक विकास से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन के दौरान उर्दू भाषा को अधिक मान्यता दिलाने के लिए विभिन्न सुझाव और संकल्प पारित किए गए।

    उल्लेखनीय है कि अंजुमन तरक्की उर्दू हिन्द की स्थापना 1882 में हुई थी, और इससे महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, मौलाना अबुल कलाम आजाद, शिबली नोमानी जैसी महान विभूतियों का संबंध रहा है।

  • देवघर AIIMS के नर्सिंग अधिकारी से Telegram पर लिंक भेजकर 10 लाख रुपये की ठगी

    झारखंड में साइबर ठगी का कहर जारी, एम्स देवघर के नर्सिंग अधिकारी बने शिकार

    झारखंड में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा घटना में, एम्स देवघर के एक नर्सिंग अधिकारी साइबर अपराधियों के जाल में फंस गए और 10.82 लाख रुपये की ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने उन्हें Telegram लिंक भेजकर अपने जाल में फंसाया और धीरे-धीरे बड़ी रकम ऐंठ ली।

    Telegram लिंक से हुई ठगी

    मामला 8 फरवरी का है, जब एम्स देवघर में कार्यरत नर्सिंग अधिकारी दिनेश चौधरी को एक Telegram लिंक भेजा गया। यह लिंक “Amazon Working Benefit Group” से जुड़ा था, जिससे जुड़ने के बाद उन्हें ऑनलाइन टास्क करने के लिए प्रेरित किया गया। शुरुआत में उन्हें अमेज़न कार्ट में कपड़े और खिलौने जोड़ने का काम सौंपा गया और इसके बदले 150 रुपये दिए गए।

    ठगी का तरीका

    धीरे-धीरे ठगों ने नर्सिंग अधिकारी से अधिक टास्क पूरा करने के लिए पैसे जमा करने के लिए कहा। इस दौरान, उन्होंने पांच बार में 28,500 रुपये जमा करवाए। इसके बाद, क्रेडिट स्कोर सुधारने के नाम पर 2 लाख रुपये और फिर क्रिप्टो करेंसी फंड ट्रांसफर व सरकारी टैक्स के नाम पर 1,55,856 रुपये ऐंठ लिए।

    इतना ही नहीं, ठगों ने झांसा दिया कि उनकी कमाई का रिटर्न 6,23,427 रुपये हो चुका है, लेकिन वह उनके खाते में नहीं आए। इसके बाद वीआईपी चैनल अकाउंट खोलने के बहाने 80,000 रुपये और सिक्योरिटी चार्ज के नाम पर 25,000 रुपये की मांग की गई। इस तरह, कुल मिलाकर नर्सिंग अधिकारी से 10.82 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।

    साइबर थाना में दर्ज हुई शिकायत

    ठगी का अहसास होने पर दिनेश चौधरी ने तुरंत साइबर थाना में शिकायत दर्ज करवाई और एनसीआरपी (National Cyber Crime Reporting Portal) पर भी मामला रिपोर्ट किया। फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है और साइबर ठगों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

    सावधानी बरतें, साइबर ठगों से बचें!
    ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए, लोगों को अनजान Telegram लिंक, व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य ऑनलाइन जॉब ऑफर्स से सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी संदिग्ध लिंक या स्कीम में बिना जांच-पड़ताल के शामिल न हों और किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे न भेजें।

  • VBU में 44 लाख के घोटाले का खुलासा, अधिकारियों ने 8 लाख के काजू उड़ाए

    विनोबा भावे विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितता का खुलासा, लाखों रुपये निजी खर्च में उड़ाए

    झारखंड के हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) में वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। राज्य के वित्त विभाग द्वारा की गई जांच में यह पता चला कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने छात्रहित के लिए निर्धारित लाखों रुपये अपनी विलासिता पर खर्च कर दिए।

    कैसे हुआ खुलासा?

    जांच रिपोर्ट के अनुसार, विवि अधिकारियों ने 8 लाख रुपये काजू और किसमिस पर खर्च कर दिए, जबकि इस मद में वार्षिक खर्च की सीमा मात्र 15 हजार रुपये थी। इसके अलावा, 2 लाख रुपये चाय, पानी और नाश्ते पर भी खर्च किए गए।

    छात्रों की शिकायत से शुरू हुई जांच

    यह वित्तीय गड़बड़ी जून 2020 से मई 2023 के बीच की बताई जा रही है, जब डॉ. मुकुल नारायण देव विश्वविद्यालय के कुलपति थे। उनके कार्यकाल के दौरान कार्यालय, VC आवास और उनके निजी वाहन पर जरूरत से ज्यादा खर्च किए गए। छात्रों ने इस संबंध में राजभवन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद वित्त विभाग को जांच के आदेश दिए गए।

    जांच रिपोर्ट में और क्या सामने आया?

    वित्त विभाग के अंकेक्षण निदेशालय की रिपोर्ट में पाया गया कि अधिकारियों ने फर्नीचर, रंग-रोगन और ईंधन की खरीदारी के नाम पर भी लाखों रुपये की गड़बड़ी की। इसके अलावा, सामान और उपकरणों की खरीद दिखाकर भी राशि का दुरुपयोग किया गया।

    कार्रवाई के निर्देश

    निदेशालय ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव को आदेश दिया है कि एक माह के भीतर गबन की गई राशि की वसूली की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

  • QR Code से ठगी का नया मामला: युवती बनी शिकार, मॉल संचालक की सूझबूझ ने बचाया

    ऑनलाइन धोखाधड़ी के लगातार नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं, जहां ठग घर बैठे लोगों को काम दिलाने का झांसा देकर उनके पैसे हड़प रहे हैं। शनिवार को रांची के रातू स्थित एक मॉल में ऐसा ही मामला सामने आया, जब एक युवती इस जाल में फंसकर ठगी का शिकार हो गई।

    क्यूआर कोड स्कैन कर ठगी की कोशिश

    युवती मॉल पहुंची और संचालक से एक क्यूआर कोड स्कैन कर उसमें पैसे डालने का अनुरोध किया। संचालक ने पैसे ट्रांसफर कर दिए, लेकिन दूसरी ओर मौजूद व्यक्ति ने दावा किया कि रकम गलत नंबर पर चली गई है और पैसे वापस पाने के लिए दोबारा भुगतान करना होगा। युवती के आग्रह पर संचालक ने फिर से पैसे भेजे, लेकिन राशि नहीं मिली।

    मॉल संचालक की सतर्कता से बचाव

    जब मॉल संचालक ने युवती से अपने ₹7,200 लौटाने को कहा, तो उसने ठगी करने वाले व्यक्ति से बात करने के लिए कहा। कॉल पर मौजूद शख्स ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए वर्दी में वीडियो कॉल की और संचालक को धमकाया कि ज्यादा सवाल पूछने पर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, संचालक घबराने के बजाय सतर्कता बरतते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी और पीसीआर बुला लिया।

    युवती की पहचान और ठगी के सुराग

    युवती के भाई के अनुसार, वह कुछ दिनों से घर से लापता थी और मार्च में उसकी शादी होने वाली थी। युवती की मांग में सिंदूर था, लेकिन जिस व्यक्ति को उसने अपना चाचा बताया, उसका नाम क्यूआर कोड स्कैन करने पर मुस्लिम पहचान से जुड़ा मिला, जबकि युवती हिंदू थी।

    रातू थाना प्रभारी राम नारायण सिंह ने कहा कि ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अनजान क्यूआर कोड को स्कैन करने या अज्ञात व्यक्ति को ऑनलाइन भुगतान करने से बचें।

  • झारखंड कांग्रेस को मिला नया प्रभारी, के. राजू को सौंपी गई कमान

    झारखंड कांग्रेस को नया प्रभारी, के. राजू को मिली जिम्मेदारी

    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने झारखंड समेत कई राज्यों में पार्टी प्रभारियों में बदलाव किया है। इस बदलाव के तहत के. राजू को झारखंड कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस निर्णय की जानकारी प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने दी।

    राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं के. राजू

    के. राजू वर्तमान में कांग्रेस के SC-ST-OBC-माइनोरिटी विभाग के नेशनल कोऑर्डिनेटर हैं। वे तेलंगाना के हैदराबाद से ताल्लुक रखते हैं और पूर्व आईएएस अधिकारी भी रह चुके हैं। उन्हें राहुल गांधी के करीबी नेताओं में गिना जाता है। सतीश पॉल मुंजनी के अनुसार, के. राजू एक अनुभवी और कुशल संगठनकर्ता हैं, जिनके नेतृत्व में झारखंड कांग्रेस को और मजबूती मिलेगी।

    एक साल में दूसरी बार बदला गया प्रभारी

    गौरतलब है कि झारखंड कांग्रेस में एक साल के भीतर दूसरी बार प्रभारी बदला गया है। दिसंबर 2023 में गुलाम अहमद मीर को प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया था, जो इससे पहले अविनाश पांडेय के पास थी। गुलाम अहमद मीर को पश्चिम बंगाल का भी प्रभार दिया गया था। उनके कार्यकाल में कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में अपनी सीटों की संख्या एक से बढ़ाकर दो कर ली, जबकि विधानसभा चुनाव में 2019 जैसा प्रदर्शन दोहराते हुए 16 सीटें जीतीं।