Blog

  • झारखंड में ईडी के खिलाफ उबाल, झामुमो ने जलाया पुतला, मनाया काला दिवस

    गिरिडीह : 31 जनवरी—झारखंड के इतिहास का वह दिन, जिसे झामुमो कार्यकर्ता “काला दिवस” के रूप में याद कर रहे हैं। ठीक एक साल पहले, 31 जनवरी को झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने केंद्र सरकार के इशारे पर गिरफ्तार किया था। इस घटना के विरोध में झामुमो की जिला इकाई ने आज पूरे जोश और आक्रोश के साथ जुलूस निकाला और ईडी का पुतला दहन किया।

    “लोकतंत्र की हत्या का काला अध्याय”.

    झामुमो कार्यकर्ताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार ने लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को ताक पर रखकर संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया। यह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं थी, बल्कि एक जनप्रतिनिधि और झारखंड की अस्मिता पर सीधा हमला था।

    ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर अनगिनत आरोप लगाए, लेकिन हाईकोर्ट में वे सारे आरोप रेत के महल की तरह ढह गए। अदालत में ईडी अपने ही लगाए आरोपों को साबित नहीं कर पाई और माननीय मुख्यमंत्री को नियमित जमानत देकर रिहा किया गया।

    “सुप्रीम कोर्ट की फटकार और झारखंडी जनता का जवाब”.

    झारखंडी जनता ने ईडी और केंद्र सरकार की साजिश को नाकाम कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल ही में ईडी को फटकार लगाते हुए कहा कि “आप सिर्फ गिरफ्तार ही नहीं कर रहे, बल्कि मानवाधिकारों का उल्लंघन भी कर रहे हैं।”

    झामुमो नेताओं का कहना था कि “केंद्र सरकार का असली मकसद सत्ता की भूख को पूरा करना था। लेकिन झारखंड की जनता ने इसका जवाब दिया। भारी बहुमत से झामुमो सरकार को फिर सत्ता में बिठाकर बता दिया कि साजिशों से जनता को नहीं हराया जा सकता।”

    ईडी का पुतला दहन, सैकड़ों कार्यकर्ता हुए शामिल.

    इस विरोध प्रदर्शन में झामुमो जिला संयोजक समिति के अजित कुमार पप्पू, दिलीप मंडल, कौलेश्वर सोरेन, राकेश कुमार रॉकी, प्रमिला मेहरा , अभय सिंह, संजय वर्मा, सुमन सिंहा,कृष्ण मुरारी शर्मा, अकिल सोनू, प्रधान मुर्मू, दिलीप रजक, तेजलाल मंडल, राकेश रंजन,अनवर अंसारी, नौशाद अहमद चं।द ,लेखों मंडल,देव चरण दास, जाकिर हुसैन ,अशोक राम, निरंजन राय, मो नूर, नूरुल होदा, सुशांत सिंहा, योगेंद्र सिंह,मो इमरान, बृजमोहन तुरी, शेखर यादव, शमीम गद्दी, प्रमोद कांधवे, मेहताब मिर्जा, अभिषेक शर्मा, सचिन शर्मा, ताज हसन, विवेक राम, मो सलीम, अनुभव सिंह, मो नसीम, अनूप सिंह रूपेश रजक,सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। उन्होंने ईडी और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला दहन कर अपना रोष प्रकट किया।

    “झारखंडी जनता ने बता दिया—हम झुकने वाले नहीं!”.

    कार्यक्रम में शामिल झामुमो नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ ईडी का विरोध नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—“झारखंड को दबाने की कोशिश करने वाले खुद मिट जाएंगे, लेकिन हमारी आवाज कभी नहीं दबेगी!” “हम झारखंडी हैं, हम लड़ेंगे और जीतेंगे!”

  • High Alert: गुइलेन-बैरे सिंड्रोम: रोकथाम और इलाज पर मुख्यमंत्री ने की समीक्षा बैठक।

    गुइलेन-बैरे सिंड्रोम: रोकथाम और इलाज पर मुख्यमंत्री ने की समीक्षा बैठक।

    रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) की रोकथाम और मरीजों के इलाज की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों की शीघ्र पहचान कर उनके इलाज के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े थे।

    स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को इस बीमारी के लक्षण, दुष्प्रभाव और बचाव के उपायों की जानकारी दी। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, रिम्स निदेशक प्रो. (डॉ.) राज कुमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक अबू इमरान सहित सभी जिलों के उपायुक्त और सिविल सर्जन वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

    जनजागरूकता अभियान को दें गति।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता को इस बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी देना बेहद आवश्यक है।

    संक्रमण के प्रमुख कारण और बचाव।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गुइलेन-बैरे सिंड्रोम दूषित पानी और कच्चे भोजन के सेवन से फैलता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस बीमारी को लेकर जनता में किसी भी प्रकार की भ्रांति न फैलने दी जाए और सही जानकारी प्रसारित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बीमारी कोरोना संक्रमण की तरह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन राज्यों या शहरों में इस बीमारी के अधिक मामले सामने आ रहे हैं, वहां से झारखंड आने वाले व्यक्तियों की जांच सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, रांची में एक नि:शुल्क जांच केंद्र स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

    अस्पतालों में इलाज की पूरी तैयारी।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी अस्पतालों में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम से निपटने के लिए बेड, दवाएं और मेडिकल ऑक्सीजन सहित अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई संदिग्ध मामला सामने आता है, तो उसे तुरंत रिम्स रेफर किया जाए। इसके लिए ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भी अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मरीजों को समय पर उचित चिकित्सा सहायता मिल सके।

    रिम्स हाई अलर्ट पर।

    रिम्स के निदेशक प्रो. (डॉ.) राज कुमार ने समीक्षा बैठक के दौरान सभी जिलों के सिविल सर्जनों को गुइलेन-बैरे सिंड्रोम के मरीजों की पहचान और उनके समुचित इलाज के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के इलाज के लिए रिम्स पूरी तरह से तैयार है और सभी संदिग्ध मामलों को तुरंत रिम्स रेफर किया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस बीमारी से जुड़ी सभी खबरों, गतिविधियों और अपडेट पर नजर रखी जाए, ताकि संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी मरीज को इलाज में कोई कठिनाई न हो।

    गुइलेन-बैरे सिंड्रोम से निपटने के लिए राज्य सरकार ने सक्रिय पहल शुरू कर दी है। सरकार न केवल मरीजों के इलाज की व्यवस्था को मजबूत कर रही है, बल्कि आम जनता को जागरूक करने के लिए भी विभिन्न कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि इस बीमारी से बचाव के लिए सतर्कता और सही जानकारी ही सबसे बड़ा हथियार है।

  • 24 घंटे में विजय यादव की जघन्य हत्याकांड का खुलासा,चार गिरफ्तार

    गिरिडीह पुलिस की हो रही है सराहना

    परवेज़ आलम की खास रिपोर्ट……

    गिरिडीह। पुलिस ने सिर्फ 24 घंटे में विजय यादव की जघन्य हत्याकांड का खुलासा कर दिया।  गिरिडीह पुलिस और सिमुलतला पुलिस ने न शिर्फ हत्याकांड का खुलासा किया बल्कि  चार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार  ने  शुक्रवार को पूरे ह्त्या कांड और अभियुक्तों की गिफ़्तरी की जानकारी मीडिया  को दी ।  पुलिस के अनुसार, हत्या की वजह पुरानी रंजिश थी।

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार अभियुक्त—बाबू चंद यादव, पवन यादव, अरुण कुमार शर्मा और मनोज यादव ने मिलकर इस नृशंस हत्या को अंजाम दिया। पहले विजय को जबरन शराब पिलाई गई, फिर बोलेरो गाड़ी में ठूंसकर बिहार ले जाया गया। रास्ते में गमछे से गला घोंटकर उसकी सांसें रोक दी गईं और तलवार से हमला कर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को सिमुलतला के घने जंगल में फेंक दिया गया, ताकि किसी को शक न हो।

    सड़क पर उतरे लोग, पुलिस पर दबाव, 24 घंटे में खुलासा।

    विजय यादव के लापता होने की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई थी । जब परिजनों को शक हुआ कि विजय का अपहरण कर हत्या कर दी गई है, तो बुधवार को जिला परिषद सदस्य राजकुमार राउत और मुखिया हासिम अंसारी के नेतृत्व में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। उन्होंने गावां-गिरिडीह मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की।

    एसपी के आदेश पर बनी टीम, खोजी कुत्तों और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की मदद से खुलासा

    हालात की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल  कुमार ने तुरंत खोरीमहुआ एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया । छापेमारी, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और खोजी कुत्तों की मदद से पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके बाद चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।

    हत्या में प्रयुक्त हथियार, बोलेरो और मोबाइल फोन जब्त।

    गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई तलवार, गमछा, बोलेरो गाड़ी और 6 मोबाइल फोन जब्त किए। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

    “विजय मुखर था, इसलिए मार दिया गया” – गांव वालों का बयान

    गांव के लोगों का कहना है कि “विजय गलत के खिलाफ हमेशा आवाज उठाता था। वह निडर था, लेकिन शायद यही उसकी सबसे बड़ी गलती बन गई।”

    पुरानी दुश्मनी का बदला: एसडीपीओ का बयान।

    खोरीमहुआ एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि विजय यादव और आरोपियों के बीच पुरानी दुश्मनी थी। इसी के चलते उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।

    गिरिडीह पुलिस की तत्परता से 24 घंटे में केस सुलझा

    गिरिडीह पुलिस ने सिर्फ 24 घंटे में इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा कर दिया, जिससे इलाके में पुलिस की तत्परता की सराहना की जा रही है। हालांकि, इस निर्मम हत्या ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या सच बोलना अब जानलेवा हो गया है?

     

  • बाबूलाल मरांडी ने CMको लिखा पत्र, आदिवासी समाज पर दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच की मांग

     

    रांची – भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र सौंपते हुए गिरिडीह जिले के मधुबन थाना क्षेत्र में आदिवासी समाज के खिलाफ दर्ज एक मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में “मरांग बुरू सांवता सुसार बैसी” संस्था के प्रतिनिधियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन का हवाला दिया।

    पत्र में पारसनाथ शिखर क्षेत्र में स्थित आदिवासी समाज के पारंपरिक पूजा स्थल “मरांगबुरू जुग-जाहेरथान” की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है। बाबूलाल मरांडी ने उल्लेख किया कि पारसनाथ पहाड़ पर सदियों से आदिवासी समाज अपनी धार्मिक परंपराओं, सोहराय और अन्य अनुष्ठानों का पालन करता आ रहा है। विशेष रूप से “जुग जाहेर थान” और “दिशोम मांझीथान” जैसे स्थल उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, जहां पारंपरिक बलि प्रथा के तहत पूजा की जाती है।

    पत्र में यह भी बताया गया है कि 19 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी पत्नी और समर्थकों के साथ पारसनाथ शिखर क्षेत्र में पूजा-अर्चना की थी। इस दौरान कुछ समर्थकों द्वारा बकरों की बलि दी गई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद पांच निर्दोष आदिवासी नागरिकों—बुधन हेम्ब्रोम, साहेबराम मुर्मू, फागू मरांडी, सिकंदर हेम्ब्रोम और अर्जुन हेम्ब्रोम—को आरोपी बना दिया गया। पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्थानीय पुलिस ने जानबूझकर आदिवासी समुदाय के लोगों को निशाना बनाया, जबकि असली दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

    बाबूलाल मरांडी ने पत्र में इस बात पर भी प्रकाश डाला कि पारसनाथ शिखर क्षेत्र में जैन समाज और आदिवासी समाज के बीच पूजा स्थलों और सांस्कृतिक मुद्दों को लेकर विवाद बढ़ रहा है, जिससे इलाके में तनाव बना हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने, निर्दोष आदिवासियों को न्याय दिलाने और दोनों समुदायों के बीच विवाद का स्थायी समाधान निकालने की अपील की।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे इस पवित्र शिखर क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सार्थक पहल करें, जिससे देश-विदेश से आने वाले जैन तीर्थयात्रियों और आदिवासी धर्मावलंबियों को एक सुखद और शांतिपूर्ण अनुभव मिल सके।

  • श्री कबीर ज्ञान मंदिर में सद्गुरु विवेक साहब निर्वाण महोत्सव का शुभारंभ, श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब

    चंदन पांडे की रिपोर्ट…………

    गिरिडीह : श्रद्धा, समर्पण और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरे माहौल में श्री कबीर ज्ञान मंदिर में सद्गुरु विवेक साहब निर्वाण महोत्सव का दो दिवसीय आयोजन बड़े श्रद्धा भाव से आरंभ हुआ। संत कबीर साहब द्वारा रचित साखीग्रंथ के अखंड पाठ के साथ इस महोत्सव की शुरुआत हुई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।

    समाधि पर चादर अर्पण, भजन-कीर्तन से गूंजा मंदिर परिसर।

    प्रातः कालीन सत्र के पश्चात श्रद्धालुओं ने सद्गुरु विवेक साहब की पावन समाधि पर चादर अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। वहीं, शाम के सत्र में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भक्ति भाव से ओत-प्रोत भावनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। साथ ही ‘जागो हिंदू जागो’ नाटक का मंचन किया गया, जिसने हिंदू संस्कृति पर आक्रमण और भारत भूमि पर मुगल आक्रांताओं की विभीषिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

    महोत्सव में विशेष आकर्षण का केंद्र रहा सद्गुरु मां का दिव्य भजन, जिसे सुनकर भक्तजन भक्ति भाव में डूब गए। इसके बाद महा आरती और भंडारे के साथ प्रथम दिवस का समापन किया गया।

    गुरु गोविंद धाम मंदिर की वर्षगांठ, 21 वर्षों का आध्यात्मिक सफर।

    इस शुभ अवसर पर बताया गया कि श्री कबीर ज्ञान मंदिर परिसर में स्थित ‘गुरु गोविंद धाम मंदिर’ का आज 21वां स्थापना दिवस भी है। मंदिर, जहां भगवान नारायण और सद्गुरु कबीर के भव्य विग्रह विराजमान हैं, इस खास मौके पर दिव्य और भव्य साज-सज्जा से जगमगा रहा है।

    सद्गुरु मां का संदेश: समाज और राष्ट्र को मजबूत करने का आह्वान

    इस दौरान सद्गुरु मां ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रम समाज में नई चेतना और जागृति लाते हैं। उन्होंने कहा, “हमारा धर्म, हमारा समाज और हमारा राष्ट्र मजबूत हो, यही संतों का संकल्प है। आज का दिन एक दिव्य दिवस है, और हम सब इसके साक्षी बन रहे हैं।”

    उन्होंने आगे कहा कि सद्गुरु विवेक साहब एक अलौकिक संत थे, और वे भक्तजन सौभाग्यशाली हैं, जिन्हें उनका सानिध्य प्राप्त हुआ।

    भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक जागरण का संगम

    संपूर्ण आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति, भक्ति संगीत, धार्मिक अनुष्ठान और आध्यात्मिक संदेशों का अद्भुत समागम देखने को मिला। आयोजन समिति ने बताया कि महोत्सव के दूसरे दिन भी कई भक्ति कार्यक्रम और प्रवचन आयोजित किए जाएंगे, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु भाग लेंगे।

    धर्म, श्रद्धा और संस्कृति की इस दिव्य यात्रा में सम्मिलित होने का सौभाग्य जिन श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ, वे स्वयं को भाग्यशाली मान रहे हैं।

  • अबुआ आवास योजना के लाभार्थियों के लिए नया मोबाइल ऐप लॉन्च, जानें इसकी खासियतें

    राज्य सरकार ने अबुआ आवास योजना के लाभार्थियों की सुविधा के लिए एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप ग्रामीण विकास विभाग द्वारा विकसित किया गया है और गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इस ऐप की मदद से लाभार्थी अपने घर के निर्माण की प्रगति को जियो टैग कर सकेंगे। साथ ही, योजना के तहत मिलने वाली किस्तों का भुगतान भी ऐप के माध्यम से समय पर किया जाएगा। पंचायत सेवक जियो टैग की जानकारी को स्थल पर जाकर सत्यापित करेंगे। यह ऐप अबुआ आवास योजना के आधिकारिक पोर्टल से भी डाउनलोड किया जा सकता है। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, जिससे वे अपना खुद का घर बना सकें।

  • स्वास्थ्य जांच एवं सीपीआर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी अहम जानकारियाँ

    चंदन पांडे की रिपोर्ट……….

    गिरिडीह:  सेहत और जागरूकता की दिशा में एक सराहनीय कदम बढ़ाते हुए रोटरी गिरिडीह, इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनसाइन और श्री श्याम सेवा समिति ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को स्वास्थ्य जांच एवं सीपीआर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन गिरिडीह मे किया गया। इस शिविर में जया प्रभा सुपर स्पेशलिस्ट मेदांता, पटना से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने न सिर्फ लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, बल्कि उन्हें सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) की अहमियत और सही तकनीक के बारे में भी विस्तार से बताया।

    शिविर में डॉ. किशोर झुनझुनवाला, डॉ. आशीष सप्रे, डॉ. विकास बंसल, डॉ. राहुल कुमार और डॉ. रवि कुमार ने उपस्थित लोगों का ब्लड प्रेशर, शुगर और ईसीजी जांच की, जिसमें करीब 200 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई और 70 से अधिक मरीजों का ईसीजी परीक्षण किया गया।

    सीपीआर प्रशिक्षण: जीवन बचाने की अहम तकनीक। 

    इस दौरान, मेदांता हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम ने सीपीआर प्रशिक्षण भी दिया। डॉक्टरों ने समझाया कि दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में मरीज के जीवन को कैसे बचाया जा सकता है। उन्होंने प्रैक्टिकल डेमोंस्ट्रेशन के जरिए बताया कि अगर किसी को हार्ट अटैक आए, तो उसके शुरुआती लक्षणों की पहचान कैसे करें और आपातकालीन स्थिति में किस तरह से छाती पर दबाव देकर और मुंह से सांस देकर व्यक्ति को जीवित रखा जा सकता है।

    हृदय रोग विशेषज्ञों का मानना है कि सीपीआर जैसी तकनीकों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों को होनी चाहिए, जिससे अचानक होने वाले हृदयाघात से जान बचाई जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि अटैक के बाद शुरुआती कुछ मिनट बेहद अहम होते हैं, इसलिए समय रहते डॉक्टर से संपर्क कर उचित इलाज कराना जरूरी है।

    शिविर में रही इनकी विशेष उपस्थिति। 

    इस अवसर पर इनर व्हील क्लब की पास्ट डिस्ट्रिक्ट चेयरपर्सन पूनम सहाय बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहीं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में रोटरी गिरिडीह के अध्यक्ष रवि चूड़ीवाला, सचिव मयंक राजगढ़िया, इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह सनसाइन की अध्यक्षा सोनाली तर्वे, सचिव राखी झुनझुनवाला, शिविर संयोजक अमित अग्रवाल, मनीष बर्नवाल, अभिषेक जैन, अमित गुप्ता, नरेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, प्रमोद अग्रवाल, तरणजीत सिंह, कविता राजगढ़िया, स्मृति आनंद, मोना चूड़ीवाला, सुमन गौरीसरिया, चरणजीत सिंह, नवीन सेठी, गुरप्रीत सिंह, प्रशांत बगडिया, मनीष तर्वे और नरेंद्र सिंह सहित कई अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

    इस तरह यह स्वास्थ्य शिविर गिरिडीह में जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम  है  आयोजकों का मानना है कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे आमजन को स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी जानकारियां समय पर मिल सकें।

  • हाईकोर्ट का सरकार को आदेश, रांची नगर निगम में शीघ्र नियुक्त हो लॉ अफसर

    झारखंड हाईकोर्ट ने रांची नगर निगम में रिक्त पदों को शीघ्र भरने का निर्देश दिया।

    रांची नगर निगम में लॉ अफसर सहित सभी रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरने के निर्देश झारखंड हाईकोर्ट ने दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने गुरुवार को इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। अगली सुनवाई 6 मार्च को निर्धारित की गई है।

    नक्शा पास करने की प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की नाराजगी।

    हाईकोर्ट ने नक्शा पास करने की प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जताई। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तीसरे चरण में दस्तावेजों की जांच का अधिकार अपर प्रशासक को देने पर आपत्ति जताई थी। कोर्ट ने सवाल किया कि जब यह कार्य लॉ अफसर का है, तो अपर प्रशासक इसे क्यों कर रहे हैं।

    गुरुवार को नगर निगम की ओर से अदालत को बताया गया कि नक्शा पास करने के लिए नया सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, जिसमें तीसरे चरण में लॉ अफसर को ही दस्तावेजों की जांच करनी होगी। हालांकि, निगम में लॉ अफसर न होने के कारण यह जिम्मेदारी दिसंबर से अपर प्रशासक को सौंपी गई है, क्योंकि उनके पास राजस्व से संबंधित अनुभव है।

    हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द लॉ अफसर की नियुक्ति की जाए, ताकि नक्शा पास करने की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से संचालित हो सके।

  • रोटरी क्लब  द्वारा सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान का आयोजन

     

    गिरिडीह, 30 जनवरी 2025 – रोटरी क्लब गिरिडीह कपल ने नवजीवन नर्सिंग होम के सहयोग से निर्मला गर्ल्स हाई स्कूल, महेशमुंडा में सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान का आयोजन किया। इस अभियान के तहत 312 छात्राओं को निःशुल्क टीका लगाया गया। क्लब ने इस पहल को अन्य स्कूलों में भी विस्तार देने की योजना बनाई है, जिससे अधिक से अधिक छात्राओं को इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सके।

    इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का संचालन रोटरी क्लब के अध्यक्ष रोटेरियन सिद्धार्थ गौरिसरिया, सचिव रोटेरियन सिद्धार्थ जैन, तथा परियोजना की चेयरपर्सन रोटेरियन स्वाती बगाड़िया के नेतृत्व में किया गया। इसके अलावा, रोटेरियन आशिका जैन, रोटेरियन रश्मि सलूजा, रोटेरियन तरनजीत सलूजा, रोटेरियन अविषेक बगाड़िया, रोटेरियन समीर सरोगी, रोटेरियन जोराबर सिंह सलूजा, रोटेरियन रमणप्रीत सलूजा, रोटेरियन नम्रता सरोगी, रोटेरियन शालू जैन, रोटेरियन विकास जैन, रोटेरियन गुरविंदर सिंह सलूजा, रोटेरियन शीतल गौरिसरिया और रोटेरियन दिव्या अग्रवाल ने भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी

    रोटरी क्लब गिरिडीह कपल की इस पहल को समुदाय में व्यापक सराहना मिली है, और आने वाले समय में इसे और अधिक विद्यालयों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

     

  • रोजगार मेला 2025′ का भव्य आयोजन, युवाओं को रोजगार का सुनहरा अवसर

    मनमोहन की रिपोर्ट ………….

    गिरिडीह के झंडा मैदान में श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, झारखंड, रांची के तत्वावधान में ‘दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला-2025′ का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी, उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, अपर समाहर्ता विजय सिंह बिरुआ, अनुमंडल पदाधिकारी श्रीकांत यशवंत विस्पुटे और जिला नियोजन पदाधिकारी मो. इमरान फारूकी ने दीप प्रज्वलित कर मेले का शुभारंभ किया।

    इस रोजगार मेले में बड़ी संख्या में शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों ने भाग लिया। कुल 27 प्रतिष्ठानों और कंपनियों ने इसमें शिरकत की, जिनमें FACTORYKAAM (New Delhi), 2 COMS CONSULTING PVT LTD (Kolkata), MRF LTD (Telangana), COBRA LINE SECURITY & SERVICES PVT LTD (Giridih) शामिल थीं। इस मेले में कुल 145 अभ्यर्थियों का अंतिम रूप से चयन किया गया, जिनमें से 10 युवाओं को मौके पर ही विशिष्ट अतिथियों द्वारा ऑफर लेटर सौंपे गए। वहीं, अन्य 379 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया, जिन्हें आगे की प्रक्रिया के बाद चयनित किया जाएगा।

    युवाओं के भविष्य को संवारने की पहल.

    उप विकास आयुक्त  स्मृता कुमारी ने रोजगार मेले की सफलता पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि गिरिडीह के युवाओं को बेहतर से बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से ऐसे आयोजनों की निरंतरता बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी कंपनियों को जिले में आमंत्रित कर यहां के प्रतिभाशाली युवाओं को रोजगार दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे न केवल युवाओं का भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

    उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जो अभ्यर्थी इस बार चयनित नहीं हो सके, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। जिला प्रशासन लगातार ऐसे रोजगार मेलों का आयोजन करेगा, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को सुनहरे भविष्य की राह मिले।

    इस अवसर पर जिला नियोजन पदाधिकारी मो. इमरान फारूकी के नेतृत्व में रोजगार मेला का सफल आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी बेरोजगार युवाओं के लिए इस तरह के मेले आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।

    “दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला-2025″ ने न केवल सैकड़ों युवाओं को रोजगार दिलाने की दिशा में एक अहम कदम है , बल्कि जिले में रोजगार सृजन के नए द्वार भी खोले।