द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह: झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट मंगलवार को विधानसभा में पेश किया । कुल 1, 58, 560 करोड़ के बजट में महिलाओं की बल्ले-बल्ले है। इसमें गिरिडीह को भी कई सौगातें मिली है।
JMM ज़िला उपाध्यक्ष अजीत कुमार पप्पू ने कहा कि गिरिडीह सदर अस्पताल को पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। गिरिडीह में 50 हजार लीटर क्षमता वाला एक नया डेयरी प्लांट की स्थापना की जाएगी। वहीं बेंगाबाद के कर्णपुरा में आउटडोर स्टेडियम बनेगा। उन्होंने कहा कि गिरिडीह सदर अस्पताल मेडिकल कॉलेज बनेगा तो इससे गरीबों को काफी लाभ मिलेगा। अबुआ सरकार गरीबों के लिए काम कर रही है। 
वहीं भाजपा नेता सुरेश साव ने बजट पर सवाल उठाते हुये कहा कि सरकार ने युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन बजट में नई नौकरियों की ठोस व्यवस्था नहीं है। किसानों की आय बढ़ाने की बात कही गई, पर कृषि क्षेत्र के लिए ठोस संरचनात्मक सुधार का अभाव है। महिलाओं के नाम पर योजनाओं की घोषणा तो है, लेकिन उनके स्थायी आर्थिक सशक्तिकरण का कोई स्पष्ट मॉडल नहीं है। झारखंड की जनता को आंकड़ों का जाल नहीं, बल्कि रोजगार, उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य में वास्तविक परिवर्तन चाहिए। यह बजट इन बुनियादी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता। भाजपा नेता सुरेश साव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेरने वाला व्यापारियों, कारोबारियों और दुकानदारों पर मंदी की मार और गहरा गयी है।
गिरिडीह सदर अस्पताल मेडिकल कॉलेज के रूप में होगा विकसित – संजय सिंह
झारखंड सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट मे गिरिडीह को भी कई सौगातें मिली है। जेएमएम जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि गिरिडीह सदर अस्पताल को पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। गिरिडीह में 50 हजार लीटर क्षमता वाला एक नया डेयरी प्लांट की स्थापना की जाएगी। वहीं बेंगाबाद के कर्णपुरा में आउटडोर स्टेडियम बनेगा। उन्होंने कहा कि गिरिडीह सदर अस्पताल मेडिकल कॉलेज बनेगा तो इससे गरीबों को काफी लाभ मिलेगा। अबुआ सरकार गरीबों के लिए काम कर रही है।
झामुमो के जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा ने अबुआ बजट को महिलाओं के लिए विकासोन्मुखी बजट बताया। उन्होंने कहा कि अबुआ बजट में सरकार ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं लेकर आई है। मंईयां योजना के लिए 14000 करोड़ रू का प्रावधान किया गया है। महिला किसानों के लिए महिला किसान खुशहाली योजना लाई गई है। वहीं झारखंड में 5 बालिका आवासीय विद्यालय बनेंगे। इन योजनाओं से महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा
लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार राज ने झारखंड सरकार द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत किया गया बजट पूरी तरह निराशाजनक, जनविरोधी और विकास विरोधी प्रतीत होता है। राज्य की जनता को इस बजट से बड़ी उम्मीदें थीं कि महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत समस्याओं का ठोस समाधान सामने आएगा, लेकिन दुर्भाग्यवश यह बजट केवल हवा-हवाई घोषणाओं और आंकड़ों का खेल बनकर रह गया है।
जमुआ से भाजपा विधायक मंजु कुमारी ने कहा है कि झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत इस बजट में न तो युवाओं के रोजगार के लिए कोई ठोस योजना दिखाई देती है और न ही किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कोई प्रभावी पहल नजर आती है। राज्य के लाखों युवा रोजगार की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन बजट में उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत नहीं किया गया है। किसान, जो राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, उनके लिए भी यह बजट उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। खेती-किसानी की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों को राहत देने के लिए ठोस प्रावधानों का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा के लिए भी केवल औपचारिक घोषणाएं की गई हैं, जबकि जमीनी स्तर पर प्रभावी योजनाओं की आवश्यकता है। छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर देने के लिए भी कोई नई और ठोस पहल नहीं दिखाई देती। यह बजट स्पष्ट रूप से सरकार की दिशाहीन सोच और योजनाओं के अभाव को दर्शाता है।






