अब तक 11 गिरफ्तारियां.
State Bureau, The News Post4u.
रांची: झारखंड में बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच कर रही एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी गिरफ्तारी की है। बुधवार को ACB ने छत्तीसगढ़ की प्लेसमेंट एजेंसी ‘सुमित फैसिलिटीज’ के निदेशक अमित प्रभाकर सलौंकी को हिरासत में लिया। यह इस मामले में ग्यारहवीं गिरफ्तारी है। सलौंकी पर खुदरा शराब दुकानों के लिए मैनपावर आपूर्ति के नाम पर ठेका हासिल कर करोड़ों रुपये के गबन का आरोप है।
छत्तीसगढ़ कनेक्शन और ‘सिंडिकेट‘.
गिरफ्तार सलौंकी, छत्तीसगढ़ के विवादित शराब कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया का करीबी बताया जा रहा है, जिसे ACB पहले ही जेल भेज चुकी है। ACB के सूत्रों के अनुसार, सलौंकी की गिरफ्तारी सिंघानिया से हुई पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है। सलौंकी का नाम शराब घोटाले में ऐसे समय आया जब जांच एजेंसी राज्य में शराब नीति लागू किए जाने के बाद हुए घोटालों की परत-दर-परत जांच कर रही है।
नीति लागू होते ही सक्रिय हुआ नेटवर्क.
जानकारी के मुताबिक, मई 2022 में झारखंड में नई उत्पाद नीति लागू होने के बाद सुमित फैसिलिटीज समेत चार मैनपावर एजेंसियों ने खुदरा शराब दुकानों में स्टाफ उपलब्ध कराने का ठेका लिया। इस पूरी योजना को सीएसएमसीएल के तत्कालीन एमडी अरुण पति त्रिपाठी और उत्पाद विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव विनय कुमार चौबे के संरक्षण में संचालित किया गया।
₹450 करोड़ के गबन का आरोप.
इन चार एजेंसियों—सुमित फैसिलिटीज, एटूजेड इंफ्रा सर्विसेज, इगल हंटर सॉल्यूशंस और प्राइम वन वर्क फोर्स प्राइवेट लिमिटेड—ने करीब आठ महीनों तक झारखंड में काम किया। इसके बाद इन्हें भारी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में हटा दिया गया और ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। उत्पाद विभाग ने इन कंपनियों पर करीब ₹450 करोड़ के गबन का आरोप लगाया है और मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।अभी तक गिरफ्तार हुए 10 अन्य आरोपी
इस घोटाले में अब तक जिन प्रमुख लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें शामिल हैं—
विनय कुमार चौबे – निलंबित IAS, पूर्व प्रधान सचिव, उत्पाद विभाग,गजेंद्र सिंह – तत्कालीन संयुक्त आयुक्त उत्पाद (वर्तमान में जमानत पर),सुधीर कुमार दास – पूर्व महाप्रबंधक (वित्त),सुधीर कुमार – पूर्व अभियान प्रमुख,अमित प्रकाश – पूर्व आयुक्त, उत्पाद,नीरज कुमार सिंह – प्लेसमेंट एजेंसी मार्शन के प्रतिनिधि,सिद्धार्थ सिंघानिया – छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी,विधु गुप्ता – नकली होलोग्राम मामले में फंसे प्रिज्म होलोग्राफी कंपनी से,अतुल कुमार सिंह – श्री ओम साईं बेवरेजेज व मुकेश मनचंदा – कारोबारी, इनमें से 9 आरोपी फिलहाल रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि एक आरोपी गजेंद्र सिंह जमानत पर बाहर हैं।
ADVT.
जांच जारी, और भी गिरफ्तारियां संभव.
ACB की जांच में यह सामने आ रहा है कि कैसे छत्तीसगढ़ से झारखंड में एक संगठित नेटवर्क के जरिए शराब कारोबार को नियंत्रित किया गया। इस नेटवर्क में नौकरशाहों से लेकर निजी कंपनियों और राजनीतिक संपर्कों तक की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। अब सलौंकी की गिरफ्तारी के बाद यह तय माना जा रहा है कि जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।







