द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह में माहुरी वैश्य मंडल के सत्र 2026-28 के लिए चल रही सांगठनिक चुनाव प्रक्रिया बुधवार शाम 5 बजे प्रधान कार्यालय में एक अहम मोड़ पर पहुंची। समाज हित को सर्वोपरि मानते हुए 01 मार्च 2026 को प्रस्तावित मतदान को आधिकारिक रूप से स्थगित कर दिया गया।
समाज पहले, पद बाद में.
चुनावी सरगर्मी के बीच मनीष कुमार और सुदीप गुप्ता ने बड़ा निर्णय लेते हुए अपना नाम वापस ले लिया। दोनों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज की एकता, अखंडता और भाईचारा किसी भी पद से बड़ा है।
उनका यह कदम केवल एक औपचारिक घोषणा नहीं, बल्कि एक संदेश था— कि समाज की मजबूती टकराव से नहीं, सहमति से बनती है। प्रधान कार्यालय में मौजूद सदस्यों ने इस फैसले का स्वागत तालियों की गड़गड़ाहट के साथ किया।
अब कौन संभालेगा कमान?
केंद्रीय अध्यक्ष की आधिकारिक घोषणा के बाद सत्र 2026-28 के लिए निम्नलिखित पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए—
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अध्यक्ष: अरुण कुमार गुप्ता
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सचिव: अजय कुमार गुप्ता
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उपाध्यक्ष: अशोक कुमार गुप्ता
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कोषाध्यक्ष: प्रभात तरवे
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संगठन मंत्री: आलोक कुमार
एक स्वर में कहा गया—
“आज प्रधान कार्यालय में सर्वसम्मति से लिया गया यह निर्णय समाज की एकजुटता का प्रतीक है। हम सभी मिलकर माहुरी वैश्य समाज के उत्थान के लिए कार्य करेंगे।”
क्यों स्थगित हुआ मतदान?
नामांकन वापसी के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर एक-एक प्रत्याशी ही शेष रह गए। ऐसे में 01 मार्च को प्रस्तावित मतदान की आवश्यकता स्वतः समाप्त हो गई। लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर दी गई।
वरिष्ठों की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह.
इस मौके पर माहुरी वैश्य महामंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश राम सेठ, सचिव उमा शंकर चरण पहाड़ी, संगठन मंत्री प्रदीप कुमार, धर्म संचार मंत्री कंचन देवी सह मंदिर प्रभार मनीष गुप्ता समेत कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
उनकी उपस्थिति ने इस निर्णय को और भी मजबूत संदेश दिया— कि समाज जब एकजुट होता है, तो चुनाव प्रतिस्पर्धा नहीं, सहयोग का माध्यम बन जाता है।






