Category: Crime

  • रांची से लापता नाबालिग बहनें कर्नाटक में मिलीं, पुलिस जल्द करेगी खुलासा

    रांची: झारखंड की राजधानी से रहस्यमय तरीके से लापता हुईं दो नाबालिग बहनों को पुलिस ने कर्नाटक से बरामद कर लिया है। 11 जनवरी की शाम से गायब इन बहनों को बेंगलुरु से वापस रांची लाया जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने अभी तक अपहरण की पुष्टि नहीं की है, लेकिन उनके रांची पहुंचने के बाद सच सामने आने की उम्मीद है।

    गायब होने की कहानी:

    रांची के हिंदपीढ़ी इलाके की रहने वाली ये दोनों बहनें 11 जनवरी को आधार कार्ड ठीक करवाने के लिए निकली थीं। परिजनों के मुताबिक, दोनों मंगल टॉवर से घर लौटने के लिए ऑटो में बैठी थीं। लेकिन रास्ते में उन्हें शक हुआ कि ऑटो चालक किसी और दिशा में जा रहा है। घबराई लड़कियों ने अपने पिता को फोन किया, लेकिन ऑटो चालक ने उनका फोन छीन लिया। इसके बाद परिजनों का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया।

    स्पेशल टीम का कमाल।

    परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया। रांची प्रक्षेत्र के आईजी ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया और टेक्निकल सेल की मदद से लड़कियों की लोकेशन ट्रेस की। पुलिस को जानकारी मिली कि लड़कियां कर्नाटक में हैं। स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों बहनों को बरामद कर लिया गया। दोनों नाबालिग बहनों के गायब होने के बाद मामला राजनीतिक तूल पकड़ चुका था। विपक्षी दलों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी भी परिजनों से मिलने पहुंचे थे। पुलिस ने भरोसा दिया था कि लड़कियों को जल्द ही ढूंढ लिया जाएगा, और अब यह भरोसा सच में बदल चुका है।

    पुलिस फिलहाल यह जांच कर रही है कि मामला अपहरण का था या फिर कुछ और। दोनों बहनों की रांची वापसी के बाद घटनाक्रम की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

    झारखंड में लड़कियों  की सुरक्षा को लेकर यह घटना कई सवाल खड़े करती है। क्या यह सिर्फ एक इत्तेफाक था, या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह है? जवाबों का इंतजार सभी को है। परवेज़ आलम की रिपोर्ट ……

  • गिरिडीह :  बहुचर्चित डकैती कांड मे पुलिस को मिली सफलता,चार गिरफ्तार

    गिरिडीह जिले के बिरनी थाना क्षेत्र के बिराजपुर में सुरेश मोदी के घर हुई लगभग 20 लाख रुपये की डकैती का मामला सुलझाते हुए पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में चार शातिर डकैतों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें मोहम्मद मोहतमीम और करण दास उर्फ दास बाबू धनबाद के तोपचांची थाना के हैं, जबकि गुलजार और हातिम धनबाद जिले के कतरास थाना  के हैं। पुलिस कप्तान डॉ. बिमल कुमार ने मीडिया को बताया कि इस घटना के त्वरित खुलासे के लिए गठित SIT ने बेहतरीन काम किया है।

    बरामदगी और पुलिस की सक्रियता
    गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने घटना में उपयोग की गई 2 मोटरसाइकिलें, 5 मोबाइल फोन, 1 चाकू और 55,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। वहीं, इस कांड में शामिल अन्य अपराधियों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। एसडीपीओ धनंजय राम के नेतृत्व में गठित SIT ने घटना के खुलासे के लिए तकनीकी और मानवीय साक्ष्य का सहारा लिया।

    कैसे दिया गया घटना को अंजाम?
    घटना बीते 2/3 जनवरी की रात की है। डकैतों ने रात करीब 1 बजे सुरेश मोदी के घर पर धावा बोला। बांस की सीढ़ी का इस्तेमाल कर घर के अंदर घुसे और घर के बुजुर्ग व्यक्ति को हथियार का भय दिखाकर परिवार के अन्य सदस्यों को बंधक बना लिया। इसके बाद अलमारी से गहने और नकदी के साथ किराने की दुकान में रखे पैसे भी लूट ले गए।

    गिरफ्तार अपराधियों का इतिहास
    गिरफ्तार चारों अपराधी पहले भी कई गंभीर अपराधों में लिप्त रहे हैं।

    • मोहम्मद मोहतमीम: कतरास थाना कांड संख्या 126/2021 में संलिप्त।
    • गुलजार अंसारी: निमियाघाट, कतरास, और पुरुलिया के कई कांडों में शामिल।
    • हातिम: नरेंद्रपुर और सरिया थाना क्षेत्र में दर्ज कई मामलों का आरोपी।

    पुलिस का दावा और अगली कार्रवाई
    पूछताछ में इन अपराधियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और बताया कि कुल 13 लोगों ने मिलकर इस डकैती को अंजाम दिया। पुलिस अब फरार अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

    इस घटना का खुलासा पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ का नतीजा है, लेकिन यह गिरिडीह और आसपास के इलाकों में अपराधियों के बढ़ते हौसले पर सवाल भी खड़े करता है। पुलिस के लिए यह जरूरी है कि वे अपराधियों के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर क्षेत्र में कानून ब्यवस्था बहाल करें।

  • दो नक्सली गिरफ्तार,मुखिया पति को दिया था धमकी

    गिरिडीह :मुखिया पति और पारा शिक्षक को धमकी देने वाले दो नक्सलियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार है। गिरफ्तार दोनों नक्सली बिहार के जमुई जिले के बटिया थाना क्षेत्र का रहने वाला है। गिरिडीह के पुलिस कप्तान डॉ. बिमल कुमार ने मीडिया को बताया कि गुनियाथर के मुखिया पति और उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय हड़मातरी के पारा शिक्षक सफदर अली अहमद को नक्सलियों ने पर्चे के माध्यम से धमकी दी थी। इसके बाद फोन पर धमकाते हुए पैसे की मांग की गई। इस घटना से भयभीत होकर सफदर अली ने गुनियाथर ओपी में मामला दर्ज कराया था।

    पुलिस की कार्रवाई:
    घटना की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार ने एक विशेष टीम का गठन किया। टीम का नेतृत्व एएसपी (अभियान) सुरजीत कुमार, एसडीपीओ खोरीमहुआ राजेंद्र प्रसाद ने किया।  टीम ने झारखंड और बिहार के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर जमुई जिले के बटिया थाना क्षेत्र के लखनपुर निवासी बुधन मुर्मू (पिता: सुरेश मुर्मू) और बुढियालापर निवासी अनवर अंसारी (पिता: सिद्दिक मियां) को गिरफ्तार किया।

    एसपी डॉ बिमल ने बताया कि दोनों नक्सली पहले भी कई मामलों में वांछित थे और उन्होंने अपनी संलिप्तता भी स्वीकार की है। पुलिस ने धमकी देने में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।

  • हार्डकोर नक्सली तालो मरांडी गिरफ्तार,पुलिस की बड़ी कामयाबी

    गिरिडीह:  झारखंड और बिहार की सीमावर्ती इलाके में नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। भेलवाघाटी थाना क्षेत्र में पुलिस ने हार्डकोर नक्सली तालो मरांडी उर्फ सुनील मरांडी को गिरफ्तार कर लिया। भाकपा माओवादी का यह दुर्दांत सदस्य कई नक्सली वारदातों का मुख्य आरोपी है।

    गुप्त सूचना से मिली सफलता।

    गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार को खबर मिली कि तालो मरांडी जंगल के रास्ते अपने रिश्तेदार के घर जा रहा है। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) सुरजीत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर तालो मरांडी को गिरफ्तार कर लिया।

    तालो मरांडी पर दर्ज हैं गंभीर मामले.

    गिरफ्तार नक्सली तालो मरांडी बिहार के जमुई जिले के चकाई थाना क्षेत्र के नेहालडीह गांव का रहने वाला है। गिरिडीह एसपी ने बताया कि वह 2020 में भेलवाघाटी थाना क्षेत्र में हुई नक्सली घटनाओं का मुख्य आरोपी है। गुनियाँथर पंचायत में जमीन के अंदर छिपाकर रखे विस्फोटक सामग्री की बरामदगी और निर्माणाधीन पुल के ठेकेदार से लेवी वसूली की घटनाओं में तालो का नाम प्रमुखता से सामने आया था। तालो के खिलाफ झारखंड और बिहार में कुल चार मामले दर्ज हैं। इनमें से एक मामला विस्फोटक बरामदगी का है, जिसमें भेलवाघाटी थाना कांड संख्या 07/20 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके अलावा, 2020 में ठेकेदार और सुरक्षा गार्ड से मारपीट व धमकी के मामले में भी वह वांछित था।

    पुलिस टीम की भूमिका।

    इस कार्रवाई में अपर पुलिस अधीक्षक सुरजीत कुमार, एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद, और भेलवाघाटी थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। एसएसबी की 35 बी टीम के सहयोग से इस अभियान को अंजाम दिया गया।

    तालो मरांडी के खिलाफ पुराने केस।

    तालो के खिलाफ दर्ज अन्य मामलों में चकाई थाना क्षेत्र के दो प्रमुख कांड शामिल हैं। इनमें 2018 का मामला (कांड संख्या 91/18) और 2019 का मामला (कांड संख्या 11/19) प्रमुख हैं, जिनमें हत्या, विस्फोटक पदार्थ और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किए गए थे।

    पुलिस की कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ बड़ा संदेश।

    गिरिडीह पुलिस की यह कामयाबी नक्सलवाद के खिलाफ जारी मुहिम में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह गिरफ्तारी न केवल सीमावर्ती इलाकों में नक्सल गतिविधियों पर लगाम लगाएगी, बल्कि स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा भी बढ़ाएगी।

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट..

  • NIA का बड़ा एक्शन: जानिए कहाँ हुई कारवाई और कौन पकड़ा गया

    बोकारो की रिपोर्ट……..

    झारखंड के उग्रवाद प्रभावित इलाके में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA ) ने नक्सली नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को एनआईए ने बोकारो जिले के गोविंदपुर से बच्चा सिंह उर्फ बच्चा बाबू सिंह को गिरफ्तार किया। बच्चा सिंह पर प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी [ MCC ]के लिए काम करने और उसकी विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप है।

    नक्सलियों के लिए करता था आर्थिक मदद का प्रबंध।
    एनआईए की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि बच्चा सिंह न केवल नक्सलियों की गतिविधियों का समर्थन करता था, बल्कि उनके लिए धन संग्रह में भी अहम भूमिका निभाता था। झारखंड समेत कई अन्य इलाकों में माओवादी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए वह सक्रिय था।

    एनआईए की आठ टीमें, सटीक छापेमारी
    शनिवार सुबह एनआईए की आठ टीमें बोकारो पहुंचीं। पुलिस के सहयोग से गोमिया, चतरोचट्टी और गोविंदपुर जैसे क्षेत्रों में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया। बोकारो के एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि एनआईए की टीम ने उग्रवादियों के सहयोगियों और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों पर शिकंजा कसा है।

    सुदूर गांवों में नक्सलियों के मददगारों पर कार्रवाई।
    एनआईए की टीम ने चतरोचट्टी के चुट्टे और लोधी गांव, साथ ही गोमिया थाना क्षेत्र के धमधरवा जैसे दुर्गम गांवों में छापेमारी की। इन इलाकों को नक्सली गतिविधियों के गढ़ के रूप में जाना जाता है। बच्चा सिंह की गिरफ्तारी ने इन क्षेत्रों में नक्सलियों के मददगारों और अवैध गतिविधियों में लिप्त अन्य लोगों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।

    भाकपा माओवादी पर बड़ी चोट।
    बच्चा सिंह की गिरफ्तारी को भाकपा माओवादी के नेटवर्क पर एक बड़ी चोट माना जा रहा है। एनआईए के सूत्रों के अनुसार, यह गिरफ्तारी संगठन के शीर्ष नेताओं तक पहुंचने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    स्थानीय प्रशासन का सहयोग और रणनीति।
    एनआईए की इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस का पूरा सहयोग रहा। यह छापेमारी इस बात का संकेत है कि केंद्र और राज्य सरकार नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

    एनआईए का एक्शन, माओवादी नेटवर्क की कमजोर कड़ी उजागर।
    यह कार्रवाई न केवल नक्सलियों के खिलाफ एक सख्त संदेश है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे एनआईए उग्रवाद प्रभावित इलाकों में माओवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है। बच्चा सिंह की गिरफ्तारी से उग्रवादियों के बीच खलबली मच गई है, और सुरक्षा एजेंसियां अब उनके नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने के लिए और अधिक तत्पर हो गई हैं।

     

     

     

     

  • रिश्वतखोर सीओ गिरफ्तार, जानिए कहाँ का है मामला

     

    झारखंड में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सख्त निर्देशों के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 2025 की पहली बड़ी सफलता हासिल की। गुरुवार को एसीबी की टीम ने रांची सदर अंचल के सीओ, मुंशी राम, को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

    क्या था मामला?
    जमीन से जुड़े एक काम के लिए रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता ने एसीबी को इसकी जानकारी दी। फिर क्या था? टीम ने पूरी प्लानिंग के साथ जाल बिछाया और भ्रष्ट अधिकारी को धर दबोचा।

    पुरानी शिकायतें भी आईं सामने
    यह पहली बार नहीं है जब इस अंचल में भ्रष्टाचार की शिकायतें आई हैं। जमीन की रसीद से लेकर दाखिल-खारिज तक के मामलों में बड़े पैमाने पर घूसखोरी की खबरें आती रही हैं। अधिकारियों पर आरोप है कि बिना पैसे के कोई काम नहीं होता।

    मुख्यमंत्री की सख्त हिदायत
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहले ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था। इस गिरफ्तारी से यह संदेश साफ हो गया है कि अब लापरवाही और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।]
    “देखिए, ये मुंशी राम को लगा कि जमीन का मामला है, पैसों से दबा देंगे, लेकिन एसीबी ने ऐसा दबोचा कि अब रिश्वत का हिसाब जेल में करना पड़ेगा।”

    झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस सख्त एक्शन से जनता को न्याय की उम्मीद जगी है। क्या रिश्वतखोरी की ये गाथा यहीं खत्म होगी, या फिर कुछ और खुलासे होंगे?

     

  • गिरिडीह : हाई लेवल प्लानिंग से जेवर दुकान मे लाखों की चोरी

    गिरिडीह : हीरोडीह थाना क्षेत्र के कोदम्बरी इलाके में सोमवार रात चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। चोरों ने आरएस ज्वेलर्स और वंदना ज्वेलर्स का शटर तोड़कर लाखों का माल और नकदी उड़ा ली। 6 लाख के गहने और 85 हज़ार रुपये नकद लेकर चोरों ने आरएस ज्वेलर्स को तो साफ कर दिया, लेकिन जब वंदना ज्वेलर्स पहुंचे, तो उनका खेल और बड़ा हो गया—20-30 लाख के गहने और सामान पर हाथ साफ कर दिया।
    कैसे हुई चोरी?
    सोमवार शाम दुकानें बंद कर दुकानदार घर चले गए। मंगलवार सुबह जब दुकान पर पहुंचे, तो उनके होश उड़ गए। शटर कटे हुए थे और दुकानें खाली।
    आरएस ज्वेलर्स के मालिक सीताराम स्वर्णकार ने बताया, “सिर्फ सामान ही नहीं, चोर गिरवी रखे गहने और मरम्मत के लिए आए सामान तक उठा ले गए।”
    वहीं वंदना ज्वेलर्स के मालिक सुधीर स्वर्णकार ने कहा, “शटर इतनी ऊंचाई तक उठा दी गई थी कि कोई आराम से अंदर जा सके। दुकान का सारा कीमती सामान ले गए, CCTV तोड़ा और DVR भी चुरा लिया।”
    चोरी का तरीका—’प्लानिंग लेवल हाई!’
    चोर न सिर्फ दुकान का शटर काटने में माहिर थे, बल्कि अंदर घुसते ही सबसे पहले CCTV और DVR को ठिकाने लगा दिया। इन्वर्टर तक को नहीं छोड़ा। दुकान में गहने और नकदी सब ले उड़े।
    पुलिस ने क्या कहा?
    घटना की जानकारी मिलते ही हीरोडीह थाने की टीम हरकत में आ गई। एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद और पुलिस टीम ने जांच शुरू कर दी। एसपी डॉ. बिमल कुमार ने बताया, “चोरी की वारदात कितनी बड़ी है, इसकी जांच चल रही है। अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है। छापेमारी जारी है, और जल्द ही अपराधियों को दबोचा जाएगा।”
    चोरों के हौसले बुलंद क्यों?
    घटना थाने के पास ही हुई, फिर भी चोरों ने बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दिया। यह पुलिस के लिए सवाल खड़े करता है।
    क्या कहती है गिरिडीह की जनता?
    दुकानदारों और इलाके के लोगों में डर का माहौल है। उनका कहना है कि अगर पुलिस जल्द चोरों को नहीं पकड़ पाई, तो यह हिम्मत और बढ़ेगी। गिरिडीह की इस बड़ी चोरी ने फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या हमारी पुलिस वाकई सतर्क है? और अगर नहीं, तो अगला शिकार कौन होगा?

  • साइबर अपराध: ठगी की कहानी जानकार आप हो जाएंगे हैरान !

    गिरिडीह:गिरिडीह पुलिस ने ठगी के खेल में माहिर चार शातिर साइबर अपराधियों को पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। मोहनपुर के जंगल में ये ठग अपने फर्जीपन के जाल में लोगों को फंसाकर उनकी मेहनत की कमाई चट कर रहे थे। लेकिन, गिरिडीह पुलिस की फुर्ती और सूझबूझ ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। गिरफ्तार ठगों में अहिल्यापुर के पंडरिया गांव का अफजल अंसारी, मो. समीम, गांडेय के घाटकुल गांव का मो. मनीर अंसारी और रयूफ अंसारी शामिल हैं। इनके पास से पुलिस ने 14 मोबाइल फोन और 20 सिम कार्ड बरामद किए हैं। साइबर डीएसपी आबिद खान ने मंगलवार को मीडिया को  इसकी जानकारी दी।

    कैसे हुआ खुलासा?
    एसपी डॉ. विमल कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि मोहनपुर जंगल में कुछ लोग छिपकर साइबर ठगी का खेल खेल रहे हैं। एसपी के निर्देश पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की और इन चारों को रंगे हाथ दबोच लिया। ये अपराधी कोरियर कंपनियों की वेबसाइट पर फर्जी नंबर डालने और एयरटेल पेमेंट बैंक के फर्जी अधिकारी बनने का नाटक कर लोगों को ठगते थे।

    अफजल: साइबर ठगी का ‘महागुरु’। 
    गिरफ्तार अफजल अंसारी इस गोरखधंधे में पिछले 10 साल से सक्रिय है। कोरियर सर्विस की आड़ में उसने गूगल पर दर्जनभर फर्जी नंबर डाल रखे थे। ये नंबर जब किसी ग्राहक को कोरियर रिटर्न करने की जरूरत होती, तो उसके गिरोह के पास पहुंच जाते।

    ठगी का तरीका:

    • ग्राहक को फोन पर फर्जी डिलीवरी रिटर्न की प्रक्रिया बताई जाती।
    • उनकी गोपनीय जानकारी जैसे OTP, बैंक डिटेल्स ले ली जाती।
    • और कुछ ही सेकंड में उनके खाते से रकम गायब!

    सावधान रहें:
    डीएसपी आबिद खान ने बताया, “अगर आप कोरियर या ऑनलाइन ऑर्डर रिटर्न कर रहे हैं, तो केवल कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें। गूगल पर दिख रहे अनजान नंबरों से सतर्क रहें।”

    गिरिडीह पुलिस का बड़ा कदम।
    इस कार्रवाई ने गिरिडीह जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की गंभीरता को साफ कर दिया है। लेकिन सवाल यह है—क्या यह गिरफ्तारी इस संगठित अपराध के नेटवर्क को तोड़ने के लिए काफी है? तो दोस्तों आपका सतर्क रहना ही इन ठगों के खेल को खत्म कर सकता है!

  • हजारीबाग: एसडीओ की पत्नी अनिता की मौत,FIR

    हजारीबाग : हजारीबाग सदर के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अशोक कुमार की पत्नी अनिता कुमारी की मौत हो गई है। अनिता करीब 65% तक जल चुकी थीं, और डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस दर्दनाक घटना ने परिवार और प्रशासन, दोनों को हिला कर रख दिया है।

    एफआईआर में एसडीओ समेत परिवार के चार लोग नामजद. 
    अनिता के भाई राजू कुमार गुप्ता ने लोहसिंघना थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। एफआईआर में एसडीओ अशोक कुमार, उनके पिता दुर्योधन साव, छोटे भाई शिवनंदन कुमार, और उनकी पत्नी रिंकू देवी को आरोपी बनाया गया है।

    राजू का आरोप है कि उनकी बहन अनिता ने कई बार कहा था कि उनके पति का किसी और महिला से अवैध संबंध है। यही वजह दोनों के बीच लगातार विवाद का कारण बनती थी। एक बार दोनों परिवारों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत भी हुई थी। उस वक्त एसडीओ ने कथित तौर पर कहा था, “आगे से शिकायत करने का मौका नहीं मिलेगा।”

    ‘कहां जाना है जाओ, मैं एसडीओ हूं!’
    राजू के मुताबिक, इस घटना से पहले भी एसडीओ और उनके परिवार की ओर से धमकियां दी गई थीं। अशोक कुमार ने कथित तौर पर कहा था, “जहां जाना है जाओ, कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं अनुमंडल पदाधिकारी हूं। तुम सबको बर्बाद कर दूंगा।”

    सुबह की घटना, भाई ने फोन पर दी सूचना. 
    राजू ने बताया कि 26 दिसंबर की सुबह 8:45 बजे एसडीओ के भाई शिवनंदन का फोन आया। उन्होंने केवल इतना कहा कि अनिता जल गई है और फोन काट दिया। इसके बाद राजू ने दोबारा कॉल किया, तो पता चला कि अनिता को हजारीबाग के अस्पताल से बोकारो के बीजीएच रेफर किया जा रहा है। घटना कब और कैसे हुई, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।जब परिवार बोकारो पहुंचा, तो अनिता को बुरी तरह झुलसा हुआ पाया। बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची के देवकमल अस्पताल भेजा गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

    एसडीओ का पक्ष: ‘खुद पर तेल डालकर लगाई आग. ‘
    एसडीओ अशोक कुमार ने इस पूरे मामले में सफाई दी है। उन्होंने कहा, “गुरुवार की सुबह मेरी पत्नी मॉर्निंग वॉक के लिए तैयार हो रही थीं। घर में रंग-रोगन का काम चल रहा है। मैंने उन्हें बाहर जाने से रोका, तो वह नाराज हो गईं। फिर गुस्से में खुद पर तेल डालकर आग लगा ली।”एसडीओ का दावा है कि उन्हें बचाने की कोशिश में उनके हाथ भी जल गए।

    मौत पर उठ रहे सवाल.
    इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह वास्तव में आत्महत्या का मामला है, जैसा कि एसडीओ दावा कर रहे हैं? या फिर यह घरेलू हिंसा और प्रताड़ना का परिणाम है? पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

    हजारीबाग की यह घटना बताती है कि परिवार और समाज के बीच अधिकार और जिम्मेदारी का संतुलन कितना अहम है।

  • भीख मांगने की आड़ में चोरी का खेल, सीसीटीवी ने खोली पोल

    गिरिडीह: दो मासूम बच्चों को साथ लेकर घर-घर भीख मांगने के बहाने दिनदहाड़े चोरी करने वाली महिला को आखिरकार नगर थाना की पुलिस ने धर दबोचा। पावर हाउस मोड़, बरगंडा रोड पर सोमवार को सीसीटीवी फुटेज की मदद से इस संदिग्ध महिला को गिरफ्तार किया गया।

    क्या है मामला?
    इन दिनों गिरिडीह नगर थाना क्षेत्र में एक महिला द्वारा भीख मांगने की आड़ में चोरी की घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया था।

    महिला पर आरोप है कि उसने मकतपुर रोड स्थित एसबीआई गली और आजाद नगर के घरों में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया।
    इन घटनाओं में नकद और जेवरात गायब होने की शिकायतें दर्ज की गई थीं।
    बीएनएस डीएवी स्कूल की शिक्षिका ने बताया कि उनके घर में भी चोरी हुई, जब उनका बेटा छत पर था। सीसीटीवी फुटेज में महिला अपने बच्चों के साथ घर से निकलती हुई दिखी।
    पुलिस की कार्रवाई. 

    नगर थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करने के बाद महिला को गिरफ्तार किया।पुलिस का दावा है कि फुटेज में दिखने वाली यही महिला थी, जो शातिर अंदाज़ में चोरी की वारदातों को अंजाम देती थी।
    पुलिस का आरोप और पीड़ितों का बयान. 
    डीएवी स्कूल की शिक्षिका और अन्य पीड़ितों ने सीसीटीवी फुटेज में महिला की पहचान की है।
    शिक्षिका ने कहा, “चोरी के समय घर पर कोई नहीं था। फुटेज में महिला को बच्चों के साथ निकलते देखा गया।”
    पिछले घटनाक्रम.
    महिला पर डीएवी प्रिंसिपल मनीष सिन्हा और संतोष तुरी के घर चोरी करने का भी आरोप है।इन घटनाओं में नगद और जेवरात चोरी हुए थे।
    पुलिस का मानना है कि महिला लंबे समय से इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रही थी। नगर थाना की टीम अब इस महिला से गहन पूछताछ कर रही है।चोरी के नेटवर्क और अन्य वारदातों में उसकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
    पुलिस यह भी पता लगा रही है कि महिला के साथ कोई अन्य व्यक्ति इस अपराध में शामिल है या नहीं।
    आखिरी सवाल. 
    क्या महिला निर्दोष है, या फिर शातिर चोर? यह सवाल अभी बाकी है। लेकिन एक बात तय है कि पुलिस की कार्रवाई ने गिरिडीह शहर में चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने की कवायद तेज़ कर दी है ।