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  • अबुआ आवास का जियो टैग अब पंचायत सचिव करेंगे, मंत्री शिल्पी नेहा ने दिया निर्देश।

    Ranchi:
    चान्हो में अबुआ आवास के जियो टैगिंग का कार्य अब पंचायत स्वयंसेवकों के बजाय पंचायत सचिव द्वारा किया जाएगा। इस संबंध में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने निर्देश जारी किए हैं। साथ ही, मंत्री ने जनसेवक (VLW) को कृषि से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालने का भी आदेश दिया है।

  • झारखंड: मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

    रांची: सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के रिक्त पदों को भरने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सर्वोच्च न्यायालय ने झारखंड विधानसभा की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी को निर्देश दिया है कि वह अपने किसी निर्वाचित सदस्य को इस चयन कमेटी के लिए नेता प्रतिपक्ष के रूप में नामित करे। यह प्रक्रिया दो सप्ताह में पूरी करने का आदेश दिया गया है।

    सुप्रीम कोर्ट का आदेश: नियुक्ति प्रक्रिया तेज करें.

    मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने झारखंड में सूचना आयोग की नियुक्ति से संबंधित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार तुरंत इस मामले में कदम उठाए और दो सप्ताह के भीतर नेता प्रतिपक्ष की नामित प्रक्रिया पूरी करे। इसके बाद चयन समिति मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करेगी।

    नेता प्रतिपक्ष की गैरमौजूदगी बनी समस्या.

    राज्य सरकार ने सुनवाई के दौरान बताया कि झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद फिलहाल खाली है। नेता प्रतिपक्ष चयन समिति का अहम हिस्सा होते हैं। इसी वजह से सूचना आयोग की नियुक्तियों में देरी हो रही है।

    सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि इस निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित करें और इस पर शपथ पत्र दाखिल करें।

    2020 से निष्क्रिय है सूचना आयोग.

    याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि झारखंड में वर्ष 2020 से राज्य सूचना आयोग पूरी तरह से निष्क्रिय है। मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों सहित कई पद खाली हैं, जिसके कारण सूचना के अधिकार से संबंधित हजारों मामले लंबित हैं।

    विज्ञापन के बावजूद नियुक्ति क्यों रुकी?

    राज्य सरकार के मुताबिक, जून 2024 में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। लेकिन झारखंड विधानसभा चुनाव के बाद नेता प्रतिपक्ष की घोषणा नहीं हो पाई। इस कारण चयन समिति की बैठक नहीं हो सकी।

    पूर्व में क्या हुआ था?

    इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार को निर्देश दिया था कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति चार सप्ताह में पूरी की जाए। अदालत ने मुख्य सचिव से इस मामले में प्रगति रिपोर्ट के लिए शपथ पत्र मांगा था।

    सूचना का अधिकार अधर में.

    जानकारों का मानना है कि सूचना आयोग में नियुक्तियों में देरी से राज्य में सूचना के अधिकार का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को गति देगा, बल्कि जनता के अधिकारों को बहाल करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

     

  • झारखंड: कैबिनेट बैठक में 9 अहम फैसलों पर लगी मुहर

    रांची:  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें 9 प्रमुख एजेंडों पर मंजूरी दी गई। इन फैसलों में राज्य के बजट सत्र की तारीख से लेकर शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।

    24 फरवरी से शुरू होगा बजट सत्र।

    कैबिनेट ने 24 फरवरी से 27 मार्च तक बजट सत्र के आयोजन के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस सत्र में राज्य का बजट पेश किया जाएगा और विभिन्न विभागीय मुद्दों पर चर्चा होगी। राज्य के आर्थिक विकास और नीतिगत फैसलों पर यह सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    हर प्रखंड में होंगे शिक्षा प्रसार पदाधिकारी।

    झारखंड के 265 प्रखंडों में शिक्षा प्रसार पदाधिकारी नियुक्त करने का फैसला लिया गया है। इससे राज्य के दूर-दराज के इलाकों में शिक्षा की पहुंच मजबूत होगी। झारखंड शिक्षा अवर सेवा के तहत इन पदों की संख्या बढ़ाई जाएगी। यह निर्णय शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है।

    डीजी और आईजी चयन के लिए नई नियमावली।

    पुलिस महानिदेशक (डीजी) और महानिरीक्षक (आईजी) के चयन के लिए कैबिनेट ने नई नियुक्ति नियमावली को मंजूरी दी। अब इन पदों पर नियुक्ति राज्य में गठित एक समिति के माध्यम से होगी। इस समिति में दो सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और एक सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक शामिल होंगे। पहले यह चयन केंद्र के माध्यम से होता था।

    देवघर एम्स के संचालन के लिए एमओयू।

    देवघर में एम्स के संचालन को लेकर झारखंड सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच एमओयू के प्रारूप को मंजूरी दी गई। यह फैसला राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई ऊंचाई देगा।

    झारखंड परिचारिका नियमावली 2025 को स्वीकृति।

    कैबिनेट ने झारखंड परिचारिका गैर-शैक्षणिक संवर्ग (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं अन्य सेवाशर्त) नियमावली, 2025 के गठन को स्वीकृति दी। यह नियमावली स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद करेगी।

    प्री-बजट कार्यशाला के लिए नॉलेज पार्टनर चयनित।

    प्री-बजट कार्यशाला के आयोजन के लिए वित्त नियम को शिथिल करते हुए संत जेवियर कॉलेज की सहायक प्रोफेसर डॉ. सीमा अखौरी और उनकी टीम को नॉलेज पार्टनर के रूप में चयनित किया गया है।

    ऊर्जा विकास निगम में संशोधन।

    झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड और इसकी अनुषंगी कंपनियों में प्रबंध निदेशक और निदेशक पदों की नियुक्ति के लिए प्रावधानों में आंशिक संशोधन के प्रस्ताव पर भी घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

    कैबिनेट के फैसले झारखंड के लिए बड़ी उपलब्धि।

    कैबिनेट के ये फैसले राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधार के लिए मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। बजट सत्र की तैयारियों के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए ये सुधार झारखंड की विकास यात्रा को गति देंगे।

  • झारखंड कैबिनेट की साल की पहली बैठक आज होगी, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगने की संभावना है।

    Ranchi:

    झारखंड में हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई है। यह बैठक दोपहर 4 बजे से शुरू होगी। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) ने गुरुवार को जानकारी दी कि यह बैठक 7 जनवरी 2025 को झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) के मंत्रिपरिषद कक्ष में आयोजित होगी। नए साल की इस पहली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। इससे पहले, हेमंत सोरेन सरकार की पिछली कैबिनेट बैठक 24 दिसंबर 2024 को हुई थी। उस बैठक में सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देते हुए उनके महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। कुल 10 प्रस्ताव पास किए गए थे, जिनमें पेंशनभोगियों के डीआर (डियरनेस रिलीफ) में भी वृद्धि शामिल थी।

  • हेमंत सोरेन ने दिया झारखंड की महिलाओं को नए साल का तोहफा

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………………………

    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। ‘मंईयां सम्मान योजना‘ के तहत 56.61 लाख महिला लाभार्थियों के खातों में ₹1415.44 करोड़ की धनराशि ट्रांसफर की गई। यह समारोह रांची के नामकुम स्थित खोजाटोली के ट्रेनिंग ग्राउंड में आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर यह राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी।

    जैसे ही राशि ट्रांसफर की गई, वहां उपस्थित महिलाओं के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री ने इस योजना को झारखंड की महिलाओं के सपनों को पंख देने वाला कदम बताया। मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा, “हमारे राज्य की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने में सक्षम हैं। हमने वादा किया था कि राज्य की आधी आबादी को उनका हक दिलाएंगे, और आज हमने उस वादे को निभाया है।” मुख्यमंत्री ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “आप अपने सपनों को साकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। यह राशि न केवल आपकी जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि आपके आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी मददगार साबित होगी। अब आप बच्चों की पढ़ाई, परिवार की जरूरतों और अपनी इच्छाओं को पूरा कर सकती हैं।”

    महिला सशक्तिकरण की नई दिशा।

    ‘मंईयां सम्मान योजना’ की शुरुआत अगस्त 2024 में हुई थी। पहले इस योजना के तहत 18-50 वर्ष की महिलाओं को ₹1000 मासिक मानदेय दिया जा रहा था, जिसे दिसंबर 2024 से ₹2500 कर दिया गया। यह योजना झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के लिए महिलाओं के बीच गहरी पैठ बनाने का एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

    महिला और पुरुष: एक हल के दो बैल।

    मुख्यमंत्री ने अपनी बात को सरल लेकिन गहरे संदेश के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, “महिला और पुरुष एक हल के दो बैल हैं। जब तक दोनों साथ नहीं चलेंगे, राज्य और देश का विकास संभव नहीं है।” उन्होंने कहा कि झारखंड की महिलाएं अपनी क्षमता और बुद्धिमत्ता से राज्य को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

    चुनावी राजनीति पर तीखा कटाक्ष।

    मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा, “जब हमने महिलाओं के लिए ₹1000 की घोषणा की, तो विपक्ष ने मजाक उड़ाया। जब ₹2500 की बात की, तो वे इसे अव्यावहारिक बताने लगे। लेकिन हमने साबित कर दिया कि झारखंड में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए हमारी प्रतिबद्धता वास्तविक है।”

    महिलाओं को मिली नई ऊर्जा।

    कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह योजना उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी। समारोह के दौरान महिलाओं ने तख्तियां लहराकर और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मुख्यमंत्री का स्वागत किया। हेमंत सोरेन ने भी महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं।

    अर्थव्यवस्था का पहिया घुमाएंगी महिलाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा, “इस योजना के जरिए हम झारखंड की अर्थव्यवस्था का पहिया घुमाने जा रहे हैं। महिलाओं को अब अपने फैसले खुद लेने और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने का अवसर मिलेगा।” उन्होंने यह भी चेताया कि इस धनराशि का गलत इस्तेमाल न हो।

    झारखंड की तस्वीर बदलेगी।

    मुख्यमंत्री ने इस योजना को झारखंड की गरीबी और पिछड़ेपन के खिलाफ एक मजबूत कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह अभियान झारखंड की आधी आबादी को न केवल सशक्त बनाएगा, बल्कि राज्य को नई दिशा में ले जाने का माध्यम भी बनेगा। झारखंड की महिलाएं अब नई उम्मीदों और सपनों के साथ आगे बढ़ने को तैयार हैं। यह योजना उनके जीवन को बदलने का एक मजबूत आधार बन सकती है।

     

  • झारखंड : मंइयां सम्मान योजना का भव्य आगाज कल,तीन लाख महिलाएं होंगी सहभागी

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………………

    सोमवार को राजधानी रांची के नामकुम में झारखंड सरकार मंइयां सम्मान योजना के तहत ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे, जिसमें लाभुक महिलाओं के लिए मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर ₹2500 कर दिया गया है। यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है।

    महिलाओं के खाते में हर महीने ₹2500।

    पहले इस योजना के तहत ₹1000 मासिक दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर ₹2500 कर दिया गया है। प्रायोगिक तौर पर दिसंबर माह में कुछ लाभार्थी महिलाओं के खाते में यह राशि ट्रांसफर की गई थी। सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।

    भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी आकर्षण का केंद्र।

    कार्यक्रम में झारखंड की लोक संस्कृति का भी जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा। प्रसिद्ध नागपुरी गायक पवन राय, कुडुख गायक सुरेंद्र कुजूर और सादरी गायक इग्नेश कुमार अपनी सुरमयी प्रस्तुतियां देंगे। वहीं पारंपरिक पाइका और छऊ नृत्य जैसे लोकनृत्यों के जरिए झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया जाएगा।

    तीन लाख महिलाओं की भागीदारी, पुख्ता सुरक्षा इंतजाम।

    इस राज्यस्तरीय समारोह में करीब तीन लाख महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद है। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चार हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। रैप की चार कंपनियां और प्रमुख चौक-चौराहों पर क्यूआरटी टीम को आंसू गैस दस्ते के साथ तैयार रखा गया है।

    सुविधाओं और यातायात का रखा गया विशेष ध्यान।

    लाभार्थियों के लिए भोजन, पानी, और बैठने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। वाहनों को व्यवस्थित पार्किंग स्थल पर खड़ा कराने के निर्देश दिए गए हैं। यातायात सुचारू रखने के लिए शहर के कुछ मार्गों को वन-वे किया गया है और भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।

    प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में।

    रविवार को रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने आयोजन स्थल का निरीक्षण किया और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को समय पर ड्यूटी संभालने के निर्देश दिए। मौके पर डीडीसी दिनेश यादव, रांची एसडीओ उत्कर्ष कुमार, और ग्रामीण एसपी सुमित अग्रवाल भी मौजूद थे।

    झारखंड की संस्कृति का संदेश।

    यह समारोह झारखंड की परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को एक नए आयाम तक पहुंचाने का प्रयास है। मंइयां सम्मान योजना के जरिए सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का जो अवसर दिया है, वह झारखंड के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।

  • CM ने लॉन्च किया ‘अबुआ बजट’ पोर्टल और ऐप, जनता से मांगे सुझाव

    रांची: वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट को जनभागीदारी के साथ तैयार करने की दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को ‘अबुआ बजट’ पोर्टल और मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मंत्री सुदिव्य सोनू, मुख्य सचिव अलका तिवारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, “जनता की राय और भागीदारी से ही हम झारखंड को सतत विकास के पथ पर आगे ले जा सकते हैं।” उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे पोर्टल और ऐप के माध्यम से अपने बहुमूल्य सुझाव देकर राज्य के आगामी बजट को बेहतर बनाने में अपना योगदान दें।

    सोशल मीडिया के जरिए अपील.
    मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर जनता को संदेश देते हुए कहा कि झारखंड के विकास और कल्याणकारी योजनाओं के लिए ‘अबुआ बजट’ की प्रक्रिया में हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे इस पहल में शामिल होकर राज्य के लिए अपने विचार साझा करें।

    जन सहभागिता की ओर कदम.
    यह पहल झारखंड सरकार के उस दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें राज्य की नीतियों और योजनाओं में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है। अबुआ बजट पोर्टल और ऐप जनता को अपनी राय सीधे सरकार तक पहुंचाने का मंच प्रदान करते हैं।

    कार्यक्रम में उपस्थित मंत्रियों और अधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना की और इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया। अब देखना यह होगा कि जनता की भागीदारी से बजट निर्माण में कौन-कौन से नवाचार देखने को मिलते हैं।

  • गोगो दीदी योजना: JMM का BJP पर तीखा हमला

    रांची से रिपोर्ट ………………

    झारखंड में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने गोगो दीदी योजना में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जोरदार निशाना साधा है। शनिवार को मीडिया से बात करते हुये उन्होंने भाजपा पर जनता से पैसे वसूलने का गंभीर आरोप लगाया।

    वसूले गए पैसों की रिकवरी कराएगी सरकार।
    सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, “चुनाव से पहले भाजपा ने गोगो दीदी योजना के नाम पर जनता को ठगा। 500-500 रुपये लेकर फॉर्म भरवाए गए, लेकिन यह योजना केवल छलावा थी। अब हमारी सरकार उन पैसों की रिकवरी कराएगी। साथ ही, हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि गोगो दीदी योजना को पूरे देश में लागू किया जाए और महिलाओं को हर महीने ₹2100 दिए जाएं।”

    महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने का वादा।
    JMM  नेता ने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। “हमने दिसंबर से मंईयां सम्मान राशि को ₹2500 करने का वादा किया था, जो पूरा किया गया। झारखंड देश का पहला राज्य है, जिसने 56 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹2500 की आर्थिक सहायता दी है। जिन महिलाओं के खातों में दिसंबर का पैसा नहीं पहुंचा, उनके खातों में एक साथ ₹5000 डाले जाएंगे।”

    बाबूलाल मरांडी पर निशाना।
    सुप्रियो ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी पर कटाक्ष करते हुए कहा, भाजपा विधानसभा गठन के बाद भी विधायक दल के नेता का चयन नहीं कर पाई है । अपने कार्यकाल में भाजपा ने कभी एमएसपी पर धान की खरीद नहीं की। किसानों को केवल झूठे सपने दिखाए गए, और सैकड़ों किसानों ने अपनी जान गंवाई।

    भाजपा के कुचक्र से बचने की अपील।
    सुप्रियो भट्टाचार्य ने युवाओं से भाजपा के कुचक्र में न फंसने की अपील की। उन्होंने कहा, “सरकार इस वर्ष सभी सरकारी नियुक्तियां पूरी करेगी। युवाओं को हर छोटी-बड़ी बात पर न्यायालय जाने की जरूरत नहीं है। अगर ठोस सबूत हो, तो राज्य सरकार को अवगत कराएं। नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।”

    भाजपा पर ‘भ्रमजाल’ फैलाने का आरोप।
    सुप्रियो ने कहा कि भाजपा झारखंड में केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने कुचक्र और झूठे वादों से राज्य में विकास कार्यों को बाधित करने का प्रयास कर रही है।

    झारखंड की जनता जागरूक हो रही है।
    सुप्रियो ने कहा कि झारखंड की जनता अब भाजपा की राजनीति को समझ चुकी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि JMM सरकार महिलाओं, किसानों और युवाओं के हितों को सर्वोपरि रखते हुए विकास के लिए काम करती रहेगी।
    झारखंड की राजनीति में गोगो दीदी योजना को लेकर JMM और BJP  के बीच तीखी तकरार जारी है।

  • मंईयां सम्मान योजना :1400 करोड़ रुपये की राशि 6 जनवरी को 56 लाख महिलाओं के खाते मे

    झारखंड में इस बार की सर्दी कुछ खास होने वाली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फिर से साबित कर दिया कि महिलाओं का सम्मान उनकी सरकार की प्राथमिकता है। मंईयां सम्मान योजना की नई किस्त 6 जनवरी को जारी होने जा रही है, और पूरे राज्य की 56 लाख महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाने का वादा किया गया है। ये सिर्फ 2500 रुपये की बात नहीं है। ये बात है भरोसे की, जो हेमंत सोरेन ने झारखंड की महिलाओं के साथ बांधा है। कार्यक्रम नामकुम के खोजा टोली मैदान में होगा, और इसे लेकर तैयारियां ज़ोरों पर हैं। करीब तीन लाख महिलाएं इस समारोह में हिस्सा लेने पहुंचेंगी। भव्य कार्यक्रम, भरी दोपहरी, और 1400 करोड़ रुपये की सीधी मदद।

    28 दिसंबर को क्यों टला कार्यक्रम?

    पहले ये समारोह 28 दिसंबर को होना था। लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के बाद, सरकार ने राजकीय शोक में इसे आगे बढ़ा दिया। लेकिन  इंतजार अब खत्म होने वाला है।

    कैसे होगी शुरुआत?

    26-27 दिसंबर को टेस्ट के तौर पर कुछ महिलाओं के खातों में ये राशि ट्रांसफर हुई थी। अब पूरी 56 लाख महिलाओं के खाते में सीधे 2500 रुपये पहुंचेंगे। विधानसभा चुनाव से पहले ये योजना सिर्फ 1000 रुपये की थी, लेकिन वादा किया गया था कि दोबारा सत्ता में लौटने पर इसे बढ़ाकर 2500 रुपये किया जाएगा। और देखिए, वादा पूरा हो रहा है।

    राजनीति या हकीकत?

    हेमंत सोरेन की ये योजना महज़ वादों तक सीमित नहीं है। महिलाओं के समर्थन ने ही उनकी सरकार को दोबारा सत्ता में लाने में अहम भूमिका निभाई। अब वो उन्हीं महिलाओं का आभार जता रहे हैं।

    झारखंड की महिलाओं को क्या कहना है?

    “हमारे लिए ये सिर्फ पैसे नहीं, ये सम्मान है। सरकार हमारे लिए सोचती है।”
    ये सिर्फ योजना नहीं, महिलाओं के आत्मसम्मान का त्योहार है।

  • झारखंड 2024: सीएम को हुई जेल और भाजपा हुई फ़ेल!

    परवेज़ आलम की खास रपट ……………..

    2024  झारखंड के लिए केवल एक चुनावी साल नहीं था, बल्कि सियासत का ऐसा रंगमंच था, जहां हर दिन एक नया ट्विस्ट देखने को मिला। जनवरी से शुरू हुई उथल-पुथल नवंबर में जाकर शांत हुई, लेकिन इस दौरान झारखंड ने इतिहास भी बनाया और राजनीति के सबसे दिलचस्प पल भी देखे।

    हेमंत सोरेनकी गिरफ्तारी ।

    31 जनवरी 2024, झारखंड की राजनीति और भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में दर्ज हो गया। पहली बार किसी मौजूदा मुख्यमंत्री को केंद्रीय जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया। ईडी के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके आवास पर सात घंटे पूछताछ की और फिर रात में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले 29 जनवरी को ईडी ने दिल्ली में शांति निकेतन स्थित उनके आवास, झारखंड भवन और उनके पिता शिबू सोरेन के घर पर छापेमारी की थी। लेकिन हेमंत सोरेन को ढूंढ नहीं पाई । 30 जनवरी को वे अचानक इंडिया गठबंधन के विधायकों के साथ रांची में बैठक करते दिखे।

    चंपाई सोरेन का मुख्यमंत्री बनना।

    31 जनवरी की रात हेमंत सोरेन को इस्तीफा देना पड़ा। उनकी गिरफ्तारी के बाद गठबंधन ने चंपाई सोरेन को मुख्यमंत्री चुना। पांच महीने तक राज्य की कमान चंपाई सोरेन के हाथ में रही

    5 महीने बाद जेल रिहाई और हेमंत की वापसी।

    28 जून 2024 को झारखंड हाई कोर्ट से हेमंत सोरेन को जमानत मिली। जेल से बाहर आते ही उन्होंने अपने नए लुक से सबको चौंका दिया। लंबे बाल और दाढ़ी में वे अपने पिता शिबू सोरेन की झलक दे रहे थे। उनकी रिहाई के साथ ही गठबंधन में सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज हो गईं। और आखिरकार, 4 जुलाई को हेमंत सोरेन ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली ।

    चुनाव और गठबंधन की जीत।

    2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। जेएमएम-कांग्रेस-आरजेडी और सीपीआई-एमएल के साथ मिलकर गठबंधन ने 81 में से 56 सीटों पर जीत दर्ज की। 28 नवंबर को हेमंत सोरेन ने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

    बीजेपी के लिए निराशाजनक रहा साल।

    2024 बीजेपी की हार का साल भी साबित हुआ। लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को झटका लगा, और विधानसभा चुनाव में उनकी हार ने झारखंड में उनकी स्थिति और कमजोर कर दी।

    झारखंड की राजनीति में 2024 का साल दिखाता है कि लोकतंत्र में एक दिन भी कितना निर्णायक हो सकता है। हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी से लेकर उनकी वापसी तक, सत्ता के हर पहलू में सस्पेंस, ड्रामा और नई उम्मीदें देखने को मिलीं।

    झारखंड की राजनीति को समझने के लिए इस साल को हमेशा याद किया जाएगा।
    तो दोस्तों, कैसी लगी ये कहानी ? कमेंट में अपनी राय जरूर दीजिएगा।