गढ़वा और पलामू से ‘आपकी संगठन, आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत
संवाददाता The News Post4U
राधास्वामी संगठन ने अपने विशेष जनसंपर्क कार्यक्रम ‘आपकी संगठन, आपके द्वार’ के तहत आज झारखंड के दो ज़िलों – गढ़वा और पलामू – से इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अभियान की अगुवाई झारखंड प्रदेश अध्यक्ष मुकेश कुमार सिन्हा ने की, जबकि इसे सफल बनाने में संगठन के सभी कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
हर अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का लक्ष्य.
इस अवसर पर संगठन की मीडिया प्रभारी अनीशा सिन्हा ने बताया कि राधास्वामी संगठन का उद्देश्य है कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े हर व्यक्ति तक संगठन की योजनाओं की जानकारी पहुँचे, जिससे वह आर्थिक रूप से सशक्त बन सके।
उन्होंने कहा कि आज भी कई ग्रामीण परिवार आर्थिक तंगी, बेटियों की शादी, बच्चों की पढ़ाई और आवास जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में राधास्वामी संगठन कन्यादान योजना, आवास योजना, छात्रवृत्ति योजना, वाहन योजना, गैस सब्सिडी योजना, और एफएमसीजी योजना जैसी योजनाओं के ज़रिए उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रहा है।
आजादी के 78 साल बाद भी हालात जस के तस
अनीशा सिन्हा ने कहा, “देश को आज़ाद हुए 78 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी गाँवों में झोपड़ियां हैं, बेटियों की शादी में कठिनाइयाँ हैं, बच्चों की शिक्षा अधूरी है। इन सबके बीच राधास्वामी संगठन आर्थिक और सामाजिक रूप से लोगों को मज़बूत करने में जुटा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य केवल योजनाएं देना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है — जहां सामाजिक कुरीतियों का अंत हो और हर नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन मिले।
20 से 30 करोड़ सदस्यों का लक्ष्य.
अनीशा सिन्हा ने बताया कि संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक शर्मा के नेतृत्व और मार्गदर्शन में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उनका सपना है कि पूरे भारतवर्ष में 20 से 30 करोड़ लोगों को संगठन से जोड़ा जाए, जिससे एक सशक्त सामाजिक आंदोलन खड़ा किया जा सके।
उन्होंने कहा, “हम सभी कार्यकर्ता पूरी निष्ठा के साथ इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम पहले भी तैयार थे, आज भी तैयार हैं और भविष्य में भी हर चुनौती के लिए तैयार रहेंगे।”
एक सशक्त समाज की ओर बढ़ता कदम.
राधास्वामी संगठन का यह अभियान केवल योजनाओं की जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जनचेतना आंदोलन बनकर उभर रहा है, जिसका लक्ष्य है — सशक्त, समृद्ध और कुरीति-मुक्त भारत।







