नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजी शाम.
संवाददाता The News Post4u.
गिरिडीह : बरनवाल महिला समिति गिरिडीह की ओर से बरनवाल सेवा सदन में आयोजित सावन महोत्सव शनिवार को परंपरा, उत्सव और नारी शक्ति के रंग में रंगा नजर आया। इस आयोजन में समाज की सैकड़ों महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं और कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
दीप प्रज्वलन से हुई शुरुआत.
कार्यक्रम का आरंभ समिति की अध्यक्षा ललिता बरनवाल और कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा महाराजा अहिबरण जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ। इस सांस्कृतिक आयोजन की शुरुआत समिति की सदस्य रेनू बरनवाल द्वारा प्रस्तुत सुंदर गणेश वंदना नृत्य से हुई, जिसने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां बनीं आकर्षण का केंद्र.
इसके बाद समाज की महिलाएं — सरिता बरनवाल, अनीता बरनवाल, निशा बरनवाल और अन्य — ने एक से बढ़कर एक आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियां दीं। विशेष आकर्षण रहा राधा-कृष्ण की जीवंत झांकी, जिसने उपस्थित सभी महिलाओं को भावविभोर कर दिया।
प्रतियोगिताएं और पुरस्कार.
कार्यक्रम को और रोचक बनाने के लिए लकी ड्रा और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। इन आयोजनों में विजयी महिलाओं को पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिससे प्रतिभागियों का उत्साह और भी बढ़ गया।
आपसी जुड़ाव और संस्कृति के संकल्प का उत्सव.
सभा को संबोधित करते हुए समिति की अध्यक्षा ललिता बरनवाल ने कहा,
“सावन महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि यह हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है। हम सबको चाहिए कि सावन को झूले और गीतों तक सीमित न रखें, बल्कि इसे नारी शक्ति के उत्सव के रूप में मनाएं।”
आयोजन में महिलाओं की अहम भागीदारी.
महोत्सव को सफल बनाने में सरिता बरनवाल, सीमा बरनवाल, ज्योति बरनवाल, सुनीता बरनवाल, सोनी बरनवाल, कविता बरनवाल, रिंकी बरनवाल, नीलू बरनवाल, रंजीता बरनवाल, रेखा बरनवाल, रश्मि बरनवाल, किरण बरनवाल, शकुंतला बरनवाल और अन्य कई महिलाओं ने सक्रिय और सराहनीय योगदान दिया।
इस आयोजन ने जहां सावन के पारंपरिक रंग को फिर से जीवंत किया, वहीं महिलाओं को एक साथ लाकर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश भी दिया।







