द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने साफ संदेश दिया है कि जिले का एक भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से बाहर नहीं रहना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को सर्किट हाउस में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
सर्किट हाउस, गिरिडीह में आयोजित इस बैठक में झामुमो जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निर्देश देते हुए कहा कि SIR अभियान को पूरी गंभीरता के साथ लिया जाए। उन्होंने कहा कि गिरिडीह जिले का एक भी मतदाता छूटना नहीं चाहिए।
पार्टी द्वारा नियुक्त बीएलए-2 को बूथ लेवल अधिकारियों यानी बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर घर-घर जाकर मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी प्रखंड और नगर कमेटियों को जल्द से जल्द बीएलए-2 की बैठक आयोजित करने को कहा गया है।
“विशेष गहन पुनरीक्षण में बीएलए-2 और बीएलओ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों को मिलकर घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करना होगा और सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर करना होगा।” –संजय सिंह, जिला अध्यक्ष, झामुमो
बैठक में यह भी बताया गया कि चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों की भागीदारी बढ़ाने के लिए बीएलए को बल्क में आवेदन जमा करने की अनुमति दी है। अब बीएलए प्रतिदिन 50 आवेदन अपने बीएलओ को सौंप सकेंगे।
जमुआ के पूर्व विधायक केदार हाजरा ने कहा कि दो महीने तक चलने वाले इस अभियान में कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय रहना होगा, ताकि कोई भी मतदाता सूची से वंचित न रहे।
वहीं जिला उपाध्यक्ष शाहनवाज अंसारी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की मदद के लिए तैयार हैं और दस्तावेजों में मौजूद त्रुटियों को दूर कराने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा ने जानकारी दी कि आगामी 14 जून को जिले के सभी 2,586 बूथों के बीएलए-2 को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे पहले सभी प्रखंडों और नगर क्षेत्रों में बैठकें आयोजित कर अभियान को और मजबूत किया जाएगा।
बैठक में केंद्रीय समिति सदस्य दिलीप मंडल, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष कोलेश्वर सोरेन, महानगर अध्यक्ष राकेश कुमार रॉकी सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, झामुमो ने SIR अभियान को लेकर अपनी तैयारियां पूरी तरह से तेज कर दी हैं और पार्टी का लक्ष्य स्पष्ट है—गिरिडीह का कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से बाहर न रहे।






