द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह : भरकट्टा ओपी क्षेत्र के ग्राम चिताखारो में 8 अक्टूबर की रात हुई सीएससी सेंटर डकैती कांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में गिरिडीह पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चार अन्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
विशेष टीम का गठन और पुलिस की रणनीति.
घटना के बाद गिरिडीह पुलिस अधीक्षक डॉक्टर बिमल कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बगोदर-सरिया SDPO के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया। टीम ने लगातार क्षेत्र में छापेमारी अभियान चलाया, संदिग्धों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसी क्रम में गुप्त सूचना के आधार पर 16 अक्टूबर को गांडेय थाना की पुलिस के सहयोग से ग्राम डहुआटांड में छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान और खुलासे.
पकड़े गए अपराधियों की पहचान कारू कुमार वर्मा और रितेश यादव के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान दोनों ने न केवल अपनी संलिप्तता स्वीकार की, बल्कि अपने अन्य साथियों के नाम भी उजागर किए। उनके बयान के अनुसार, मोहित मंडल और छोटू मंडल भी इस डकैती में शामिल थे।
घटना की पूरी साजिश.
अभियुक्तों ने खुलासा किया कि घटना से एक दिन पहले, यानी 7 अक्टूबर की शाम, तीन अपराधी अपाचे बाइक से चिताखारो पहुंचे थे और सीएससी सेंटर की बारीकी से रैकी (निरीक्षण) की थी। उन्हें जानकारी मिली थी कि सेंटर संचालक के पास करीब 10 लाख रुपये नकद रखे हुए हैं। इसके बाद, 8 अक्टूबर की रात छह अपराधी दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर सेंटर पहुंचे, पीछे की कुंडी तोड़ी और घर में घुस गए।
डकैती की वारदात और बरामदगी.
पिस्टल के बल पर अपराधियों ने सीएससी संचालक के परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की। वे घर से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, दो कैमरे, नगदी और कीमती आभूषण लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान सभी चोरी किए गए सामानों को बरामद कर लिया है।
अभी भी फरार चार आरोपी.
फिलहाल, चार आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। गिरिडीह पुलिस अधीक्षक डॉक्टर बिमल कुमार ने कहा है कि जल्द ही सभी अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा और अपराध के इस नेटवर्क का पूरी तरह सफाया किया जाएगा।







