जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में रिकॉर्ड संख्या में मामलों का निष्पादन हुआ, जिससे हजारों लोगों को त्वरित राहत मिली। आंकड़ों के मुताबिक, कुल 71,654 प्री-लिटिगेशन मामलों और 3,004 लंबित मामलों का सफल निष्पादन किया गया। वहीं विभिन्न विभागों और संबंधित पक्षकारों को कुल 12 करोड़ 46 लाख 93 हजार 739 रुपये की राशि प्राप्त हुई।
कार्यक्रम का ऑनलाइन उद्घाटन सुजीत नारायण प्रसाद ने किया। उद्घाटन समारोह का सीधा प्रसारण पूरे झारखंड के न्यायालयों में किया गया, जिसे गिरिडीह न्यायमंडल के न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और आम लोगों ने देखा।
इस दौरान वाहन दुर्घटना मामलों के पीड़ितों को बड़ी राहत देते हुए 1 करोड़ 34 लाख रुपये से अधिक राशि के चेक भी वितरित किए गए। इस पहल ने पीड़ित परिवारों के चेहरों पर उम्मीद और राहत की मुस्कान लौटाई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मार्तंड प्रताप मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय देने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से जहां पक्षकारों को वर्षों पुराने मामलों से राहत मिलती है, वहीं न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत में सुलहनीय आपराधिक मामले, सिविल विवाद, बैंक ऋण, वाहन दुर्घटना, बिजली, वन विभाग, उत्पाद, माप-तौल और खाद्य सुरक्षा विभाग से जुड़े मामलों का निष्पादन किया गया।
वहीं सफदर अली नैयर ने राष्ट्रीय लोक अदालत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए लोगों से आगे बढ़कर अपने मामलों का समाधान कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सौहार्द और आपसी समझ को मजबूत करते हैं।
राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए कुल 13 पीठों का गठन किया गया था। सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, पारा लीगल वॉलंटियर्स और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मिलकर मामलों के त्वरित निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के समन्वय से कई लाभुकों को सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी दिया गया।
गिरिडीह न्यायमंडल में आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत ने न सिर्फ हजारों मामलों का समाधान किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि आपसी सहमति और संवाद के जरिए न्याय को तेज, सरल और प्रभावी बनाया जा सकता है।






