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  • हेमन्त सरकार का बड़ा कदम: विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में रिसर्च और स्टार्टअप को मिलेगा  47 करोड़

    राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा और नवाचार को नया आयाम देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अगले पांच वर्षों में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में होने वाले शोध और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सरकार 47 करोड़ रुपये खर्च करेगी। यह राशि सरकारी और निजी दोनों संस्थानों को अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी, जिससे अनुसंधान और नवाचार की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति संभव हो सकेगी।

    सरकारी और निजी संस्थानों को मिलेगा लाभ

    सरकार की इस योजना के तहत न केवल सरकारी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को बल्कि निजी विश्वविद्यालयों और संबद्धता प्राप्त कॉलेजों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। प्रस्तावित झारखंड स्टूडेंट रिसर्च एंड इनोवेशन पॉलिसी-2025 में इसका स्पष्ट प्रावधान किया गया है।

    राज्य सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस नीति पर जनता और शैक्षणिक संस्थानों से एक मार्च तक सुझाव मांगे हैं। प्रस्ताव के अनुसार, सरकारी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को शोध एवं नवाचार के लिए शत-प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में मिलेगी। वहीं, निजी विश्वविद्यालयों को कुल बजट का 75 प्रतिशत सरकार देगी, जबकि शेष 25 प्रतिशत राशि संबंधित संस्थानों को स्वयं निवेश करनी होगी।

    शोध और नवाचार के लिए विशेष केंद्रों की स्थापना

    इस नीति के तहत राज्यभर में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्टेट रिसर्च पार्क और स्टेट इनोवेशन पार्क की स्थापना का प्रस्ताव भी किया गया है। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के संकाय सदस्यों के प्रशिक्षण हेतु झारखंड फैकल्टी डेवलपमेंट अकादमी की स्थापना की जाएगी। ये सभी केंद्र अगले वित्तीय वर्ष में अस्तित्व में आ जाएंगे।

    पॉलिटेक्निक संस्थानों में इनोवेशन हब

    राज्य सरकार सभी पॉलिटेक्निक संस्थानों में इनोवेशन हब स्थापित करने जा रही है, जिसका उद्देश्य छात्रों को उद्योग जगत से संबंधित आधुनिक कौशल से लैस करना होगा। यह हब झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस एंड म्यूजियम (NCSM) द्वारा बनाई जाएगी।

    तकनीकी छात्रों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं

    इस इनोवेशन हब में विभिन्न स्ट्रीम के छात्रों के लिए आधुनिक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी:

    • कंप्यूटर साइंस के छात्रों के लिए इनोवेशन रिसोर्स सेंटर
    • थ्री डी प्रिंटर और लेजर कटिंग मशीन से सुसज्जित डिजाइन स्टूडियो
    • इलेक्ट्रिकल और ईएंडसी केंद्रित लैब
    • इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) लैब, जो इलेक्ट्रॉनिक्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए विशेष रूप से विकसित की जाएगी।

    शोध और स्टार्टअप को मिलेगा नया आयाम

    सरकार की यह पहल झारखंड में उच्च शिक्षा और शोध को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे न केवल छात्रों को नई तकनीकों से अवगत होने का अवसर मिलेगा, बल्कि प्रदेश में स्टार्टअप कल्चर को भी बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति राज्य को इनोवेशन और उद्यमिता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होगी।

  • गिरिडीह : अधिवक्ताओं का बड़ा ऐलान, 25 फरवरी को न्यायिक से रहेंगे अलग

    रिपोर्ट – परवेज़ आलम

    गिरिडीह ज़िला अधिवक्ता संघ ने सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है! फैसला लिया गया है कि 25 फरवरी, मंगलवार को गिरिडीह व्यवहार न्यायालय के सभी वकील न्यायिक कार्यों से अलग रहेंगे। वजह? एडवोकेट (संशोधन) विधेयक, 2025 का मसौदा, जिसे लेकर अधिवक्ताओं में ज़बरदस्त नाराज़गी है!

    संघ के उपाध्यक्ष अजय कुमार सिन्हा  मंटू ने खुलकर विरोध जताते हुए कहा, “यह विधेयक अधिवक्ताओं के अधिकारों और विशेषाधिकारों को सीमित करने की कोशिश करता है, जो पूरी तरह से अस्वीकार्य है!”

    अब ज़रा इधर भी देखिए—देशभर में वकीलों के विरोध का असर साफ दिखने लगा है! केंद्र सरकार बैकफुट पर आ गई है! केंद्रीय विधि और न्याय मंत्रालय ने एक बड़ा ऐलान किया है! मंत्रालय ने कहा है कि विधेयक को फिर से संशोधित किया जाएगा और हितधारकों से दोबारा सलाह-मशविरा होगा।


    मंत्रालय के मुख्य लेखा नियंत्रक ध्रुव कुमार सिंह के दस्तख़त वाले पत्र में साफ लिखा गया है कि, “सरकार की प्राथमिकता पारदर्शिता है! 13 फरवरी को विधेयक को सार्वजनिक परामर्श के लिए डाला गया था, लेकिन अब जब इतने सुझाव और विरोध आ रहे हैं, तो हमें इसे फिर से संशोधित करना होगा!”

    तो कुल मिलाकर, वकीलों की एकता रंग ला रही है! अब देखना ये है कि सरकार नया मसौदा लेकर कब आती है और क्या उसमें वकीलों की मांगों को शामिल किया जाता है या नहीं!

     

  • गिरिडीह जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स की बैठक संपन्न, कई अहम फैसले लिए गए

    गिरिडीह: गिरिडीह जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स की कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक 21 फरवरी 2025, शुक्रवार को बरगंडा स्थित चैंबर कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे निर्मल झुनझुनवाला ने जानकारी दी कि आगामी 6 मार्च 2025 को श्री श्याम सेवा समिति में चेंबर के सभी सदस्यों की आम सभा आयोजित की जाएगी। इस सभा में संगठन के भविष्य और विस्तार को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।

    उन्होंने यह भी बताया कि उसी दिन एचडीएफसी बैंक, गिरिडीह शाखा द्वारा व्यापारियों और उद्यमियों के लिए नई बैंकिंग योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सरकारी और बैंकिंग योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, जिससे उनके व्यवसाय को बढ़ावा मिल सके।

    फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने बैठक में बताया कि 6 मार्च को साइबर क्राइम पर एक विशेष व्याख्यान भी आयोजित किया जाएगा। इस दौरान दिल्ली से आए साइबर विशेषज्ञ विभिन्न साइबर अपराधों के आधुनिक तरीकों और उनसे बचाव के उपायों पर प्रकाश डालेंगे। इस विषय की गंभीरता को देखते हुए, गिरिडीह जिला पुलिस उपाधीक्षक (साइबर थाना) और इंस्पेक्टर (साइबर थाना) को भी इस बैठक में आमंत्रित किया जाएगा। इसके अलावा, कुछ प्रमुख बैंकों के प्रबंधकों की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी।

    बैठक के समापन के बाद सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से दोपहर भोजन का आनंद लिया। इस अवसर पर अशोक जैन, अमरजीत सिंह, गुणवंत सिंह, प्रमोद कुमार, निर्मल कुमार, प्रदीप डोकानिया, राजेंद्र बगड़िया, सुनील मोदी, राजेश अग्रवाल, विकास खेतान, सरवन केडिया सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।

  • मैट्रिक पेपर लीक मामला: कोडरमा में दो गिरफ्तार, गढ़वा में तीन नाबालिगों पर FIR; ऑनलाइन कोचिंग कनेक्शन सामने आया

    मैट्रिक परीक्षा पेपर लीक: राज्यभर में छापेमारी तेज, कई गिरफ्तार

    मैट्रिक परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने के बाद पूरे राज्य में लगातार छापेमारी की जा रही है। जिला प्रशासन की विशेष टीम के साथ साइबर पुलिस और सीआईडी इस मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं। गढ़वा, कोडरमा, गिरिडीह और जमशेदपुर में लगातार कार्रवाई जारी है। गढ़वा में तीन नाबालिगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि कोडरमा में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों छात्र उत्क्रमित उच्च विद्यालय सोह और उत्क्रमित उच्च विद्यालय ओबरा में पढ़ते हैं।

    ऑनलाइन कोचिंग सेंटर से जुड़े तार

    पुलिस पूछताछ में सामने आया कि पकड़े गए तीनों नाबालिगों का संबंध एक ऑनलाइन कोचिंग सेंटर से है, जो कर्नाटक के उडुपी से संचालित होता है। छात्रों ने बताया कि उनके भाई और बहन ने विज्ञान का प्रश्न पत्र व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजा था। इस मामले में भवनाथपुर पुलिस ने कोचिंग सेंटर संचालक शाहिद अंसारी और सात छात्रों को हिरासत में लिया है। पूछताछ अभी जारी है। वहीं, जमशेदपुर में भी एक छात्र को नकल सामग्री (पुर्जा) के साथ पकड़ा गया है।

    आगामी परीक्षाओं की भी जांच जारी

    कोडरमा, गढ़वा और गिरिडीह में पेपर लीक प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के अध्यक्ष ने इन जिलों के उपायुक्तों (डीसी) को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र भी लीक हुए हैं या नहीं। यदि कोई नई जानकारी सामने आती है, तो प्रशासन आगामी परीक्षाओं को लेकर आवश्यक कदम उठाएगा।

  • झारखंड के मंत्रियों के लिए बंगले तैयार, जानिए कौन कहां रहेगा

    झारखंड के 11 मंत्रियों को मिले नए बंगले, स्मार्ट सिटी में आधुनिक सुविधाओं से लैस आवास आवंटित

    झारखंड सरकार ने धुर्वा स्थित स्मार्ट सिटी में 11 मंत्रियों के लिए निर्मित बंगलों का आवंटन कर दिया है। इन बंगलों के निर्माण में लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत आई है। एक ही परिसर में बनाए गए इन अत्याधुनिक बंगलों में मंत्रियों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

    बंगलों की विशेषताएं

    • प्रत्येक बंगले का क्षेत्रफल 16,321 वर्ग फीट है, जबकि बिल्ट-अप एरिया 8,000 वर्ग फीट का है।
    • बंगले दो हिस्सों में विभाजित हैं – रेजिडेंशियल ब्लॉक (निवास स्थान) और एनेक्स ब्लॉक (कार्यालयीय कार्यों के लिए)।
    • एनेक्स ब्लॉक को मंत्रियों की आधिकारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है।

    इन मंत्रियों को आवंटित हुए बंगले

    1. बंगला नंबर 1 – सुदिव्य कुमार सोनू (नगर विकास, उच्च शिक्षा, पर्यटन एवं कला संस्कृति मंत्री)
    2. बंगला नंबर 2 – शिल्पी नेहा तिर्की (कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री)
    3. बंगला नंबर 3 – राधाकृष्ण किशोर (वित्त मंत्री)
    4. बंगला नंबर 4 – इरफान अंसारी (स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, खाद्य सार्वजनिक एवं उपभोक्ता मंत्री)
    5. बंगला नंबर 5 – योगेंद्र प्रसाद (पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री)
    6. बंगला नंबर 6 – हफ़ीजुल हसन (जल संसाधन एवं अल्पसंख्यक विभाग मंत्री)
    7. बंगला नंबर 7 – चमरा लिंडा (कल्याण मंत्री)
    8. बंगला नंबर 8 – दीपक बिरुआ (राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार, परिवहन मंत्री)
    9. बंगला नंबर 9 – दीपिका पांडे सिंह (ग्रामीण विकास, पंचायती राज मंत्री)
    10. बंगला नंबर 10 – रामदास सोरेन (स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री)
    11. बंगला नंबर 11 – संजय प्रसाद यादव (श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं उद्योग मंत्री)

    ये नए बंगले मंत्रियों को सरकारी कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के साथ-साथ आरामदायक आवासीय सुविधाएं भी प्रदान करेंगे।

  • उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में आजसू की बैठक, संगठन विस्तार समेत विभिन्न मुद्दों पर मंथन

    झारखंड की राजनीति में नई दिशा: आजसू पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित

    झारखंड की राजनीति में नया मार्ग प्रशस्त करने के उद्देश्य से आजसू पार्टी ने उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल की एक अहम बैठक गिरिडीह के मधुबन में आयोजित की। इस बैठक में धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा, हजारीबाग और चतरा जिलों के केंद्रीय समिति पदाधिकारी, केंद्रीय सदस्य, जिला और नगर स्तर के प्रतिनिधि शामिल हुए।

    बैठक में राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, संगठन के विस्तार, आगामी चुनावी रणनीतियों और जनसंपर्क अभियानों पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी के सुप्रीमो सुदेश महतो की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उन्होंने कार्यकर्ताओं से झारखंड की जनता के प्रहरी के रूप में खड़े होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को एक मजबूत विपक्ष के रूप में उभरने के लिए सरकार की नीतियों और घोषणाओं का आकलन करना होगा, ताकि यह पता चल सके कि वे जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी हैं।

    बैठक में गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, मांडू विधायक तिवारी महतो, गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लम्बोदर महतो और केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने भी अपने विचार साझा किए। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि झारखंड को सामूहिक नेतृत्व से आगे बढ़ाया जाएगा और संगठन के विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी। विशेष रूप से उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्र के गांवों, विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों में पार्टी को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

    इसके अलावा, नगर निकाय चुनावों के मद्देनजर शहरी क्षेत्रों में संगठन के विस्तार पर विशेष ध्यान देने की रणनीति बनाई गई। युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए “युवा संवाद” कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी, जिसमें सुदेश महतो जिले और प्रखंड स्तर पर युवाओं से संवाद करेंगे। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के लिए भी कार्ययोजना तैयार की गई।

    साथ ही, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा हुई, ताकि पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके। बैठक में शामिल सभी सदस्यों ने झारखंड के सबसे बड़े विपक्षी दल के रूप में पार्टी को मजबूती से स्थापित करने और जनता के हक-अधिकारों के लिए संघर्ष को और धार देने के संकल्प को दोहराया।

    हेमंत सरकार पर आजसू का प्रहार

    झारखंड में एक बार फिर हेमंत सरकार के सत्ता में आते ही विकास और विनाश की परिभाषा स्पष्ट हो गई है। सरकार न तो विस्थापन नीति बना पाई, न नियोजन नीति, न स्थानीय नीति, और न ही महिलाओं को 2500 रुपये देने का वादा पूरा हुआ। JPSC और JSSC ने अब तक परीक्षा कैलेंडर जारी नहीं किया, जिससे युवा असमंजस में हैं। महिलाओं और आम जनता की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

    अब झारखंड में पहली बार मैट्रिक परीक्षा के पेपर लीक का मामला सामने आया है, जिससे लाखों छात्रों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। इस गंभीर मुद्दे पर सरकार कार्रवाई करने के बजाय आरोप-प्रत्यारोप में उलझी हुई है।

    आजसू पार्टी का आरोप है कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण दिया जा रहा है, अपराध बढ़ रहे हैं, पेपर लीक हो रहे हैं, और माफियाओं को बढ़ावा मिल रहा है। सरकार की नीतियां पूरी तरह जनविरोधी हैं, जिससे प्रदेश में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।

    आजसू पार्टी का कहना है कि उनका संघर्ष हमेशा जनता के हक-अधिकारों के लिए रहेगा। पार्टी ने अन्य राज्यों में विस्थापितों के लिए “ट्रिब्यूनल एक्ट” लागू करवाने में अहम भूमिका निभाई, लेकिन झारखंड में अब तक इसे लागू नहीं किया गया।

    पार्टी ने झारखंड आंदोलन के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि वे आने वाले समय में राजनीतिक परिदृश्य बदलने के संकल्प के साथ आगे बढ़ते रहेंगे। इस कार्यक्रम में पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो, मांडू विधायक तिवारी महतो, पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो, केंद्रीय प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।

  • स्पीकर रवींद्रनाथ महतो आज बुलाएंगे सर्वदलीय बैठक, बजट सत्र के अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

    झारखंड विधानसभा बजट सत्र की तैयारियाँ शुरू, आज होगी अहम बैठक

    झारखंड विधानसभा के आगामी बजट सत्र की तैयारियाँ जोरों पर हैं। विधानसभा अध्यक्ष रबिंद्रनाथ महतो ने आज सभी राजनीतिक दलों के विधायक दल के नेताओं की बैठक बुलाई है। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत विभिन्न दलों के नेता शामिल होंगे। बैठक में सत्र के सुचारू संचालन और अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही, पांच नेताओं को विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।

    गौरतलब है कि बजट सत्र 24 फरवरी से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 20 कार्यदिवस निर्धारित किए गए हैं। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जिसके बाद नए सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। 25 से 27 फरवरी तक राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। 28 फरवरी को सरकार तीसरा अनुपूरक बजट पेश करेगी, जबकि 3 मार्च को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट प्रस्तुत करेंगे।

  • झारखंड बोर्ड 10वीं परीक्षा पेपर लीक: हिंदी और विज्ञान की परीक्षाएं रद्द

    झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने कक्षा 10वीं की हिंदी (कोर्स A और कोर्स B) और विज्ञान विषय की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। यह फैसला पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद लिया गया। परीक्षा की नई तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।

    कैसे हुआ खुलासा?

    स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब परीक्षा के दिन प्रश्न पत्र खोले गए और सोशल मीडिया पर पहले से वायरल हो रहे पेपर से उनकी समानता पाई गई। JAC अध्यक्ष ने इस मामले की जांच के आदेश दिए, जिसके बाद अधिकारियों ने वायरल पेपर और मूल पेपर की तुलना की। लीक की पुष्टि होते ही बोर्ड ने तुरंत परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया।

    JAC का आधिकारिक नोटिस

    झारखंड बोर्ड ने नोटिस जारी कर कहा, “सभी छात्रों, अभिभावकों, प्रधानाचार्य, केंद्र अधीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाता है कि सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में वायरल हो रही खबरों के मद्देनजर, 18 फरवरी 2025 को आयोजित हिंदी (कोर्स A और कोर्स B) तथा 20 फरवरी 2025 को आयोजित विज्ञान की परीक्षा रद्द कर दी गई है। इन विषयों की नई परीक्षा तिथियां बाद में घोषित की जाएंगी।”

    छात्रों की चिंता

    इस घटना के बाद 11 फरवरी 2025 से शुरू हुई JAC बोर्ड परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। छात्रों में चिंता का माहौल है क्योंकि उन्होंने परीक्षा की तैयारी में काफी मेहनत की थी। अब उन्हें दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी होगी, जिससे उनका मानसिक दबाव बढ़ सकता है।

    आगे क्या?

    बोर्ड की ओर से जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। JAC यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेगा कि दोबारा होने वाली परीक्षाएं पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से आयोजित हों।

     

  • झारखंड में ED की बड़ी कार्रवाई: NRHM घोटाले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

    NRHM घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, तीन दिन की रिमांड मंजूर

    धनबाद निवासी कोयला व्यापारी प्रमोद सिंह, जो लगभग 13 साल पहले (2011-12) हुए एनआरएचएम (नेशनल रूरल हेल्थ मिशन) घोटाले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे हैं, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद प्रमोद सिंह को पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया, जहां ईडी ने सात दिन की रिमांड की मांग की। अदालत ने सुनवाई के बाद तीन दिन की रिमांड की अनुमति दी। इसके बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए चार मार्च तक के लिए बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार में रखा गया। ईडी गुरुवार को उससे जेल में पूछताछ करेगी।

    सात करोड़ के घोटाले में बड़ी भूमिका

    प्रमोद सिंह एनआरएचएम में कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर अकाउंट मैनेजर के रूप में कार्यरत थे और उन पर सात करोड़ रुपये के घोटाले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप है। ईडी ने इस वर्ष का पहला मामला इसी केस में दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि प्रमोद सिंह ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के 10 खातों की रकम अपने और अपनी पत्नी प्रिया सिंह के खातों में ट्रांसफर करा ली थी।

    इस मामले में धनबाद के तत्कालीन दो सिविल सर्जनों – डॉ. शशि भूषण और डॉ. अरुण कुमार सिन्हा – समेत प्रमोद सिंह की पत्नी प्रिया सिंह, अश्विनी शर्मा, अजीत कुमार, रामजय कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह और अमरेंद्र कुमार पांडे के नाम भी शामिल हैं।

    एसीबी केस को ईडी ने किया टेकओवर

    2016 में प्रमोद सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। बाद में 2023 में ईडी ने इस केस को टेकओवर कर लिया। ईडी ने 4 जुलाई 2024 और 13 अगस्त 2024 को प्रमोद सिंह के घर पर छापेमारी की थी। साथ ही, उनके सहयोगी अंजीव सिंह, मधुबन निवासी अश्विनी शर्मा, नावाडीह के अरुण सिंह, नूतनडीह के मुकेश पासवान और प्रमोद के साढ़ू दिव्य प्रकाश सिंह के घर भी तलाशी ली गई थी।

    12 बार समन भेजने के बाद वारंट पर हुई गिरफ्तारी

    ईडी के रांची जोनल ऑफिस ने प्रमोद सिंह को 12 बार समन भेजा था, लेकिन वह किसी भी बार पेश नहीं हुए। इसके बाद ईडी ने कोर्ट से वारंट जारी करवाया और उसे रांची कार्यालय में हाजिर होने के लिए कहा। बुधवार को प्रमोद सिंह वारंट के आधार पर ईडी कार्यालय पहुंचा, जहां पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

    गौरतलब है कि सितंबर 2024 में ईडी ने प्रमोद सिंह और उनके परिवार की 1.63 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। पहले एनआरएचएम में कॉन्ट्रैक्ट के तहत कार्यरत रहे प्रमोद सिंह वर्तमान में कोयला व्यापार में सक्रिय हैं और एक बड़े कारोबारी के रूप में जाने जाते हैं।

  • राशन लेने वाले अयोग्य लोगों पर होगी कार्रवाई, धावा दल करेगी छापेमारी, सूद समेत वसूला जागा पैसा।

    राशन कार्ड अनियमितताओं पर प्रशासन सख्त, अपात्र लाभुकों पर होगी कार्रवाई

    रांची: मंईयां सम्मान योजना लागू होने के बाद से राशन कार्ड के लिए जिला आपूर्ति कार्यालय में बड़ी संख्या में आवेदन आ रहे हैं। इस बीच, कई ऐसे लोगों ने भी राशन कार्ड बनवा लिया है, जो इसकी पात्रता नहीं रखते। अब प्रशासन ऐसे अपात्र लाभुकों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। जिला आपूर्ति कार्यालय ने इस संदर्भ में एक धावा दल गठित करने का निर्णय लिया है, जो संपन्न परिवारों द्वारा बनाए गए अवैध राशन कार्ड की जांच करेगा।

    यदि जांच में अपात्र लाभुक पकड़े जाते हैं, तो उनके द्वारा अब तक उठाए गए अनाज की वर्तमान बाजार दर पर वसूली की जाएगी। इसके अलावा, उस राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।

    भुगतान करनी होगी पूरी राशि और ब्याज

    जिला आपूर्ति कार्यालय के अनुसार, जिन लाभुकों को अपात्र पाया जाएगा, उन्हें अब तक लिए गए खाद्यान्न की पूरी कीमत चुकानी होगी। चावल के लिए प्रति किलो ₹33.50 और गेहूं के लिए ₹35.00 की दर से वसूली की जाएगी। साथ ही, 12 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज भी देना होगा। इससे पहले भी कई अपात्र लाभुकों पर सख्त कार्रवाई की गई थी, जिसमें किसी पर ₹1.48 लाख और किसी पर ₹1.37 लाख तक का जुर्माना लगाया गया था। कई मामलों में एफआईआर दर्ज की गई थी और कुछ के खिलाफ सर्टिफिकेट केस भी चलाया गया था। अब प्रशासन एक बार फिर इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई के लिए तैयार है।

    सरेंडर करने का आखिरी मौका

    जो लोग बिना पात्रता के राशन कार्ड बनवाकर गरीबों का हक छीन रहे हैं, उनके पास अभी भी खुद से राशन कार्ड सरेंडर करने का मौका है। स्वेच्छा से सरेंडर करने वालों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। लेकिन अगर जांच में वे पकड़े जाते हैं, तो उन्हें जुर्माने के साथ कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।

    ये लोग नहीं बनवा सकते राशन कार्ड

    राशन कार्ड की पात्रता को लेकर सरकार ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निम्नलिखित श्रेणी के लोग राशन कार्ड के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे:

    • जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी या स्वायत्त निकायों (जैसे विश्वविद्यालय, नगर परिषद, न्यास आदि) में कार्यरत हो।
    • जो आयकर, सेवा कर, व्यावसायिक कर आदि का भुगतान करते हैं।
    • जिनके पास 5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि या 10 एकड़ से अधिक असिंचित भूमि हो।
    • जिनके परिवार में चारपहिया वाहन हो या कोई सदस्य सरकार द्वारा पंजीकृत उद्यम का मालिक हो।
    • जिनके पास रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, वाशिंग मशीन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों।
    • जिनके घर में तीन या अधिक कमरों वाली पक्की दीवारों और छत वाला मकान हो।
    • जिनके पास कृषि कार्य के लिए चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर) हो।