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  • गिरिडीह में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता: रणविजय महतो गिरफ्तार, मनोज टुडू ढेर

     

    गिरिडीह: नक्सली संगठन भाकपा माओवादी को झारखंड पुलिस ने बड़ा झटका दिया है। रीजनल कमेटी मेंबर और 15 लाख के इनामी नक्सली रणविजय महतो को गिरफ्तार कर लिया गया है। रणविजय बोकारो जिले के चंद्रपुरा थाना क्षेत्र के बेहराटांड़ का रहने वाला है। वहीं, गिरिडीह जिले के खुखरा थाना क्षेत्र के चतरो निवासी रणविजय की पत्नी शांति, जो खुद एक सक्रिय नक्सली थी, मुठभेड़ में मारी जा चुकी है।

    इसके अलावा, पीरटांड़ थाना क्षेत्र के धावाटांड़ निवासी और भाकपा माओवादी के सदस्य मनोज टुडू को भी पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल गिरिडीह बल्कि पारसनाथ क्षेत्र में भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

    शीर्ष नक्सली नेताओं तक पहुंचने की उम्मीद

    रणविजय महतो की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उससे पूछताछ के जरिए संगठन के पोलित ब्यूरो मेंबर मिसिर बेसरा, केंद्रीय कमेटी के सदस्य प्रयाग मांझी उर्फ विवेक और पतिराम मांझी उर्फ अनल जैसे बड़े नेताओं तक पहुंचने की संभावना है। रणविजय का प्रभाव गिरिडीह, बोकारो और धनबाद जिलों के पारसनाथ से झुमरा इलाके तक रहा है।

    रणविजय पर बोकारो में 18, गिरिडीह में 14 और धनबाद में एक मामला दर्ज है। ये कुल 33 मामले उसकी नक्सली गतिविधियों में गहरी संलिप्तता को दर्शाते हैं। माना जा रहा है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद संगठन के कई गुप्त राज सामने आ सकते हैं, जिससे झुमरा और सारंडा जैसे इलाकों में नक्सली गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

    शांति महतो: एक कुख्यात महिला नक्सली

    रणविजय की पत्नी शांति महतो पिछले डेढ़ दशक से नक्सली संगठन में सक्रिय थी। वह झारखंड के गिरिडीह और बिहार के जमुई क्षेत्र में आतंक फैलाने के लिए जानी जाती थी। साल 2015 में भेलवाघाटी इलाके में विस्फोटक बरामदगी के मामले में शांति का नाम प्रमुखता से सामने आया था।

    गिरिडीह-डुमरी रोड पर 4 अगस्त 2010 को हुए लैंडमाइन विस्फोट में भी शांति की संलिप्तता पाई गई थी। इस हमले में पांच निजी सुरक्षा गार्ड मारे गए थे। इसके अलावा, 2023 में खुखरा थाना क्षेत्र में विस्फोटक बरामद होने पर भी शांति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

    मुठभेड़ में मारे गए मनोज टुडू की पहचान

    पीरटांड़ थाना क्षेत्र के मुठभेड़ में मारे गए नक्सली मनोज टुडू की पहचान के लिए पुलिस ने उसके गांव जाकर परिजनों को मृतक की तस्वीर दिखाई। मनोज की मां ने उसे पहचानते हुए बताया कि वह उनका मझला बेटा था।

    पुलिस की इन कार्रवाइयों से न केवल संगठन को बड़ा नुकसान हुआ है, बल्कि झारखंड में नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूती भी मिली है।

  • प्रसिद्ध यूट्यूबर मनोज डे की कार ने ऑटो को मारी टक्कर, ऑटो चालक की स्थिति गंभीर

    चर्चित यूट्यूबर मनोज डे की फॉर्च्यूनर कार का एक सड़क हादसा हो गया है। यह घटना तिसरा थाना क्षेत्र के जयरामपुर मोड़ के पास हुई, जहां उनकी कार ने एक ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में ऑटो चालक गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के समय मनोज डे स्वयं कार में मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि कोई अन्य व्यक्ति उनकी गाड़ी चला रहा था।

    हादसे की तस्वीरों से साफ है कि मनोज डे की कार को भी काफी नुकसान हुआ है। गौरतलब है कि मनोज डे एक लोकप्रिय यूट्यूबर हैं, जिनके यूट्यूब चैनल पर लाखों फॉलोअर्स हैं। हाल ही में, योग गुरु रामदेव बाबा ने उन्हें अपने आश्रम में बुलाकर सम्मानित भी किया था।

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधायकों के लिए निर्माणाधीन आवास का किया निरीक्षण

    मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया निर्माणाधीन विधायक आवासीय परिसर, दिए महत्वपूर्ण निर्देश

    रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज राजधानी के जगन्नाथपुर स्थित निर्माणाधीन विधायक आवासीय परिसर का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आवास, हेल्थ सेंटर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, चिल्ड्रन पार्क, प्ले ग्राउंड, बिजली, पानी, सड़क, वाहन पार्किंग, और सीवरेज-ड्रेनेज सिस्टम समेत अन्य कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि इसे जल्द पूरा कर विधायकों को आवास अलॉट किए जा सकें।

    मुख्यमंत्री के साथ मौजूद कंस्ट्रक्शन कंपनी ने बताया कि निर्माण कार्य जून माह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    विधायकों को मिलेगा सुविधाजनक और व्यवस्थित आवास

    मुख्यमंत्री ने परिसर में बड़े पैमाने पर पौधारोपण करने का निर्देश देते हुए कहा कि विधायकों के लिए अभी आवासीय व्यवस्था अलग-अलग क्षेत्रों में बिखरी हुई है। विधायक आवासीय परिसर के बन जाने से सभी विधायकों को एक जगह, सुविधाजनक और व्यवस्थित आवासीय व्यवस्था उपलब्ध होगी।

    इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, भवन निर्माण विभाग के सचिव अरवा राजकमल और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

  • गिरिडीह: घरेलू हिंसा और आरोपी पुलिस अफसर पर हुई कार्रवाई

    नगर भवन में हुआ जन शिकायत समाधान कार्यक्रम को आयोजन.

    गिरिडीह में घरेलू हिंसा और जमीन विवाद से जुड़े कई मामलों का पुलिस महकमे द्वारा आयोजित जन शिकायत समाधान कार्यक्रम में त्वरित निबटारा ऑन द स्पॉट किया गया ।  बुधवार को नगर भवन में गिरिडीह पुलिस ने जन शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया था । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डीआईजी संजीव कुमार शामिल हुए। उनके साथ एसपी डॉक्टर विमल कुमार और डालसा सचिव सोनम बिश्नोई भी उपस्थित थीं। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। डीआईजी ने कहा, “जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हमारी प्राथमिकता है।”

    छात्रा ने पुलिस अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप॰
    कार्यक्रम में मुफ्फसिल थाना इलाके की एक छात्रा ने पचंबा थाना के एसआई संजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रा ने कहा कि उसके भाई पर मारपीट के मामले में जांच के नाम पर एसआई ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया था। यह मोबाइल एक साल से थाने में पड़ा है और वापस मांगने पर केवल आश्वासन दिया जाता है।

    डीआईजी ने दिए सख्त निर्देश।
    छात्रा की शिकायत सुनकर डीआईजी संजीव कुमार ने एसपी डॉक्टर विमल कुमार से रिपोर्ट मांगी। उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए तुरंत पचंबा थाना के एसआई संजय सिंह को निलंबित करने का आदेश दिया और छात्रा का मोबाइल वापस लौटाने को कहा।

    कई अधिकारियों की मौजूदगी. 
    कार्यक्रम में एसडीपीओ जीत वाहन, डीएसपी नीरज सिंह, साइबर डीएसपी आबिद खान, प्रोबेशनल डीएसपी नीलम कुजूर, कैलाश महतो और अन्य अधिकारी मौजूद थे। सभी ने जनसमस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए सक्रियता दिखाई।

    जनता को मिला राहत का भरोसा.
    जन शिकायत समाधान कार्यक्रम ने यह साबित किया कि जब प्रशासन गंभीरता से जनता की बात सुने और कार्रवाई करे, तो समस्याओं का समाधान संभव है। खासकर घरेलू हिंसा और जमीन विवाद जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस की तत्परता ने लोगों का भरोसा बढ़ाया।

     

  • गणतंत्र दिवस 2025: आपके जिले में झंडोत्तोलन कौन करेगा,यहाँ जानिए  

      गणतंत्र दिवस 2025 के खास मौके पर झारखंड में पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ तिरंगा फहराया जाएगा। इस अवसर पर राज्य के मंत्रीगण विभिन्न जिलों के मुख्यालयों में झंडोत्तोलन करेंगे। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने झंडोत्तोलन कार्यक्रम की सूची जारी कर दी है।

    कौन कहां फहराएगा तिरंगा?

    • राधाकृष्ण किशोर: पलामू (डाल्टनगंज)
    • सुदिव्य कुमार: गिरिडीह
    • दीपक बिरुवा: पश्चिमी सिंहभूम
    • चमरा लिंडा: गुमला
    • संजय प्रसाद यादव: पाकुड़
    • रामदास सोरेन: पूर्वी सिंहभूम
    • इरफ़ान अंसारी: जामताड़ा
    • हाफिजुल हसन: देवघर
    • श्रीमती दीपिका पांडे सिंह: गोड्डा
    • योगेंद्र प्रसाद: बोकारो
    • श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की: लोहरदगा

    धूमधाम से मनाया जाएगा पर्व।
    राज्य सरकार के निर्देशानुसार, जिला मुख्यालयों में झंडोत्तोलन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर स्कूली बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत और झांकियां भी प्रस्तुत की जाएंगी।

    गणतंत्र दिवस का संदेश।
    झारखंड के मुख्यमंत्री ने नागरिकों से गणतंत्र दिवस पर अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया है। पूरे राज्य में शांति और भाईचारे के साथ इस राष्ट्रीय पर्व को मनाने की तैयारियां जोरों पर हैं।

     

  • मंईयां सम्मान योजना: कब आएगी जनवरी माह की राशि?

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट ………..

    झारखंड में मुख्यमंत्री के लाभार्थी इस वक्त असमंजस और इंतजार की स्थिति में हैं। जनवरी माह की किस्त का पैसा अब तक लाभार्थी के अकाउंट  में ट्रांसफर नहीं हुआ है, जिससे 58 लाख से अधिक लाभार्थियों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर देरी की वजह क्या है।

    अगस्त से शुरू हुई है योजना।
    मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत अगस्त 2024 में हुई थी। योजना के तहत अगस्त से नवंबर तक लाभार्थियों को हर माह ₹1,000 दिए गए। दिसंबर से इस राशि को बढ़ाकर ₹2,500 प्रति माह कर दिया गया।
    6 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नामकुम में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में ₹2,500 की पहली बढ़ी हुई राशि 56,61,791 लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की थी। मात्र दिसंबर माह में ₹1,415 करोड़ 44 लाख 77 हजार 500 रुपये का वितरण हुआ। इसके बाद से जनवरी की किस्त का इंतजार बढ़ता जा रहा है।

    कहां फंसा है पेंच?
    योजना के तहत हर माह की 15 तारीख तक राशि लाभार्थियों के खातों में क्रेडिट हो जानी चाहिए, लेकिन इस बार प्रक्रिया में देरी हुई है।

    1. प्रखंड स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया
      हर महीने नए लाभार्थियों को जोड़ा जा रहा है और 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुके लाभार्थियों को सूची से हटाया जा रहा है। जनवरी में 10 लाख से अधिक नए आवेदन आए, जिनमें से डेढ़ लाख का सत्यापन पूरा हो चुका है।
    2. पोर्टल की तकनीकी समस्याएं
      योजना का पोर्टल बार-बार तकनीकी खामियों का सामना कर रहा है। आवेदन अद्यतन और सत्यापन प्रक्रिया बाधित हो रही है। इसका सीधा असर राशि ट्रांसफर पर पड़ रहा है।

    क्या कह रहा है विभाग?
    जिला स्तर पर नोडल बैंकों और प्रखंड स्तर के अधिकारियों के सहयोग से सत्यापन प्रक्रिया जारी है। विभाग का कहना है कि जैसे ही प्रक्रिया पूरी होगी, लाभार्थियों के खातों में राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।

    लाभार्थियों को संदेश।
    जनवरी माह की राशि में हो रही देरी के बावजूद सरकार ने मार्च तक की राशि पहले ही आवंटित कर दी है। विभागीय अधिकारी तकनीकी खामियों को दूर करने और सत्यापन प्रक्रिया को तेज करने के लिए काम कर रहे हैं।

  • JEE Mains परीक्षा: रांची के इन क्षेत्रों में 6 दिन तक निषेधाज्ञा लागू

    रांची में JEE Mains परीक्षा के लिए 3 केंद्र स्थापित, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    राजधानी रांची में JEE Mains परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए तीन परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यह परीक्षा 22, 23, 24, 28, 29 और 30 जनवरी को दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। परीक्षा को कदाचार मुक्त रखने के उद्देश्य से केंद्रों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

    फोटो कॉपी और साइबर कैफे पर रोक
    ओल्ड एचबी रोड स्थित ऑक्सफोर्ड स्कूल, लोअर चुटिया के अरुणिमा टेक्निकल सर्विस और पुंदाग के फ्यूचर ब्राइड परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गई है। यह आदेश परीक्षा के दिनों में सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान क्षेत्र में फोटो कॉपी, साइबर कैफे और प्रिंटिंग शॉप खोलने की अनुमति नहीं होगी।

    जिला प्रशासन ने BNS की धारा 163 के तहत यह प्रतिबंध लागू किया है। उपायुक्त ने सदर SDO को निर्देशित किया है कि परीक्षा अवधि के दौरान इन निर्देशों का पालन सख्ती से सुनिश्चित करें।

  • झारखंड : 5 लाख का कैशलेस इलाज, 10 लाख गंभीर बीमारियों के लिए, जानिए किसको मिलेगा

    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को  रांची में हुई कैबिनेट बैठक ने राज्य कर्मियों और पेंशनरों के लिए बहुप्रतीक्षित स्वास्थ्य बीमा योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत, राज्य कर्मियों और उनके आश्रितों को सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये और गंभीर बीमारियों के लिए 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा।

    1.75 लाख कर्मियों और 2.25 लाख पेंशनरों को होगा फायदा।
    कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने बैठक के बाद बताया कि इस योजना के तहत राज्य के 1.75 लाख कर्मियों और 2.25 लाख सेवानिवृत्त कर्मियों को लाभ मिलेगा। योजना में शामिल होने वाले कर्मियों के वेतन से हर महीने 500 रुपये काटे जाएंगे, जबकि पेंशनभोगियों को सालाना 6,000 रुपये जमा करने होंगे। योजना का कवरेज इतना ही नहीं रुकता। इसमें अखिल भारतीय सेवाओं के सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारी, विधानसभा के पूर्व सदस्य, और राज्य के विभिन्न बोर्ड-निगमों के कर्मी भी अपनी इच्छा से जुड़ सकते हैं।

    टाटा एआईजी से हुआ करार।
    इस योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार ने टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी के साथ करार किया है। 150 करोड़ रुपये आकस्मिकता निधि से और 50 करोड़ रुपये बफर स्टॉक के रूप में आरोग्य सोसायटी के ट्रस्ट में रखे जाएंगे।

    हालांकि, यह योजना पिछले साल 31 जुलाई 2023 को घोषित की गई थी, लेकिन तकनीकी दिक्कतों की वजह से इसे लागू नहीं किया जा सका। अब, संशोधन के बाद, यह योजना कर्मियों और पेंशनरों के लिए वरदान साबित होगी।

    दुमका से उड़ान सेवा का रास्ता साफ।
    कैबिनेट ने दुमका हवाई अड्डे से उड़ान सेवा शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इंडियन एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ संचार, नेविगेशन और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट सेवाओं के लिए एमओयू के ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई है। इसके बाद क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना ‘उड़ान’ के तहत दुमका हवाई अड्डे से नियमित उड़ानें शुरू होंगी।

    हॉस्पिटलों में नए पद और शिक्षा क्षेत्र में सुधार।
    राज्य के मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में सीनियर मैनेजर, फाइनेंस मैनेजर, और आईटी एग्जीक्यूटिव जैसे नए पद सृजित किए गए हैं। इसके अलावा, मिडिल स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा के लिए ज्ञानोदय योजना के तहत 94.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

    सरकार के कदमों से उम्मीदें बढ़ीं।
    झारखंड सरकार के ये निर्णय न केवल स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों को मजबूत करेंगे बल्कि राज्य के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।

  • गांडेय में विधायक कल्पना सोरेन का हुआ भव्य स्वागत, कल्पना ने जनता का जताया आभार

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………

    झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की नेत्री और गांडेय की विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद मंगलवर को पहली बार अपने विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। बरमसिया पंचायत में आयोजित “धन्यवाद सह आभार कार्यक्रम” में शामिल होकर उन्होंने क्षेत्रवासियों को उनके समर्थन के लिए दिल से धन्यवाद दिया।

    कार्यक्रम में राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन, विधायकप्रतिनिधि बैरिस्टर फरदीन अहमद और झामुमो के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। इससे पहले, विधायक ने जिला उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा और एसपी डॉ. विमल कुमार सहित ज़िले और प्रखंड के सभी अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त बैठक की। बैठक में उन्होंने विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिया कि योजनाओं की रूपरेखा तैयार कर उन्हें तुरंत लागू किया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इसके लिए झारखंड सरकार आवश्यक बजट उपलब्ध कराएगी।

    भव्य स्वागत और जन समर्थन का उत्सव।
    गांडेय पहुंचने पर विधायक सोरेन का जोरदार स्वागत हुआ। महिलाओं ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया और बच्चों ने उनके साथ सेल्फी लेकर खुशी जताई। पूरे गांव में उत्साह का माहौल था। इस दौरान कल्पना सोरेन ने कहा, “यह आपकी सरकार है, अबुआ सरकार। झारखंड के हर व्यक्ति के मान-सम्मान और विकास को प्राथमिकता देना हमारी जिम्मेदारी है।”

    जन योजनाओं और महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं।
    विधायक सोरेन ने अपनी सरकार की महत्वाकांक्षी “माइयाँ सम्मान योजना” की चर्चा करते हुए बताया कि झारखंड सरकार महिलाओं के खातों में हर महीने ₹2500 दे रही है ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने वादा किया कि आने वाले पांच वर्षों में गांडेय की तकदीर और तस्वीर बदलने का जो सपना उन्होंने देखा है, उसे साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

    भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख और जनता से अपील।
    कल्पना सोरेन ने विकास कार्यों में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराया। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को दफ्तरों में अनावश्यक परेशान न किया जाए। उन्होंने कहा, “आपके दुख-दर्द को समझकर उन्हें राहत पहुंचाना ही प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।”

    जनता और प्रतिनिधियों का सम्मान।
    बैरिस्टर फरदीन अहमद की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “एक विधायक प्रतिनिधि के तौर पर फरदीन अहमद का कार्य सराहनीय है। वे लगातार क्षेत्र की समस्याओं को हम तक पहुंचाते हैं, और हम उनका समाधान करने का हर संभव प्रयास करते हैं।”

    कार्यक्रम के बाद विधायक सोरेन रांची के लिए रवाना हो गईं, लेकिन उन्होंने गांडेय की जनता को यह भरोसा दिलाया कि वह जल्द ही अन्य क्षेत्रों का भी दौरा करेंगी और क्षेत्र के विकास के लिए अपने प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाएंगी।

  • सीसीएल ने मेगा मेडिकल कैंप का आयोजन किया

    गिरिडीह

    सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने मंगलवार  को 16 नंबर चूंजका में एक भव्य मेगा मेडिकल कैंप का आयोजन किया। इस कैंप में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं और आवश्यक दवाइयां प्रदान की गईं। इस पहल ने स्थानीय समुदाय के बीच राहत और संतोष का माहौल पैदा किया।

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कोडरमा सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव और लोजपा नेता राजकुमार राज ने शिरकत की। साथ ही, सीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर कैंप की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और इस प्रयास की सराहना की।

    कैंप को सफल बनाने में स्थानीय मुखिया शाहनवाज गोल्डी, मुख्तार, तबारक और मिनहाज जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अहम भूमिका निभाई। उनकी मेहनत और समर्पण ने इस कार्यक्रम को नई ऊंचाई दी।

    यह उल्लेखनीय है कि कोल इंडिया की अनुषंगी इकाइयां अपने क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा देती हैं। इसी दिशा में सीसीएल द्वारा आयोजित यह मेगा मेडिकल कैंप न केवल ग्रामीण समुदाय को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायक बना, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाने में कारगर साबित हुआ।

    इस प्रकार के आयोजन यह सिद्ध करते हैं कि जब प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता एकजुट होकर कार्य करते हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाना संभव हो जाता है।