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  • हार्डकोर नक्सली तालो मरांडी गिरफ्तार,पुलिस की बड़ी कामयाबी

    गिरिडीह:  झारखंड और बिहार की सीमावर्ती इलाके में नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। भेलवाघाटी थाना क्षेत्र में पुलिस ने हार्डकोर नक्सली तालो मरांडी उर्फ सुनील मरांडी को गिरफ्तार कर लिया। भाकपा माओवादी का यह दुर्दांत सदस्य कई नक्सली वारदातों का मुख्य आरोपी है।

    गुप्त सूचना से मिली सफलता।

    गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार को खबर मिली कि तालो मरांडी जंगल के रास्ते अपने रिश्तेदार के घर जा रहा है। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) सुरजीत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर तालो मरांडी को गिरफ्तार कर लिया।

    तालो मरांडी पर दर्ज हैं गंभीर मामले.

    गिरफ्तार नक्सली तालो मरांडी बिहार के जमुई जिले के चकाई थाना क्षेत्र के नेहालडीह गांव का रहने वाला है। गिरिडीह एसपी ने बताया कि वह 2020 में भेलवाघाटी थाना क्षेत्र में हुई नक्सली घटनाओं का मुख्य आरोपी है। गुनियाँथर पंचायत में जमीन के अंदर छिपाकर रखे विस्फोटक सामग्री की बरामदगी और निर्माणाधीन पुल के ठेकेदार से लेवी वसूली की घटनाओं में तालो का नाम प्रमुखता से सामने आया था। तालो के खिलाफ झारखंड और बिहार में कुल चार मामले दर्ज हैं। इनमें से एक मामला विस्फोटक बरामदगी का है, जिसमें भेलवाघाटी थाना कांड संख्या 07/20 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके अलावा, 2020 में ठेकेदार और सुरक्षा गार्ड से मारपीट व धमकी के मामले में भी वह वांछित था।

    पुलिस टीम की भूमिका।

    इस कार्रवाई में अपर पुलिस अधीक्षक सुरजीत कुमार, एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद, और भेलवाघाटी थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। एसएसबी की 35 बी टीम के सहयोग से इस अभियान को अंजाम दिया गया।

    तालो मरांडी के खिलाफ पुराने केस।

    तालो के खिलाफ दर्ज अन्य मामलों में चकाई थाना क्षेत्र के दो प्रमुख कांड शामिल हैं। इनमें 2018 का मामला (कांड संख्या 91/18) और 2019 का मामला (कांड संख्या 11/19) प्रमुख हैं, जिनमें हत्या, विस्फोटक पदार्थ और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किए गए थे।

    पुलिस की कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ बड़ा संदेश।

    गिरिडीह पुलिस की यह कामयाबी नक्सलवाद के खिलाफ जारी मुहिम में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह गिरफ्तारी न केवल सीमावर्ती इलाकों में नक्सल गतिविधियों पर लगाम लगाएगी, बल्कि स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा भी बढ़ाएगी।

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट..

  • HMPV Virus: झारखंड में हाई अलर्ट! स्वास्थ्य मंत्री ने जारी किया संदेश, जानें क्या है सरकार की तैयारी

    Human Metapneumovirus (एचएमपीवी) चीन के बाद अब भारत में भी फैल रहा है। बेंगलुरु, नागपुर, तमिलनाडु में दो-दो और अहमदाबाद में एक मामला सामने आया है। चीन और अन्य देश इस समय वायरल बुखार और निमोनिया जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसी बीच, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने एचएमपीवी वायरस को लेकर एक संदेश जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग ने भी वायरस से बचाव के लिए गाइडलाइन जारी की है।

    स्वास्थ्य विभाग ने जांच किट का ऑर्डर दिया

    स्वास्थ्य विभाग ने इस वायरस से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं। गाइडलाइन जारी करने के साथ ही जांच किट का ऑर्डर दिया गया है। विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि यह वायरस नया नहीं है और सर्दियों में ऐसे मामले पहले भी देखे गए हैं। घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा, अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने और ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    चीन का खतरनाक एचएमपीवी वायरस भारत में

    स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक महत्वपूर्ण संदेश साझा करते हुए लिखा, “मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार किसी भी स्वास्थ्य आपातकाल से निपटने के लिए तैयार है। वर्तमान में एचएमपीवी वायरस को लेकर कोई बड़ी चिंता नहीं है, क्योंकि यह व्यापक जनसंख्या के लिए खतरा नहीं है। राज्य सरकार ने किसी भी संभावित स्वास्थ्य चुनौती का सामना करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां और व्यवस्थाएं की हैं।”

    केंद्र से अभी कोई चेतावनी नहीं मिली

    स्वास्थ्य मंत्री ने आगे लिखा, “डॉक्टर होने के नाते, मैं हर संभव माध्यम से स्थिति पर करीब से नजर रख रहा हूं और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए हूं। फिलहाल, केंद्र से कोई औपचारिक चेतावनी नहीं मिली है। मैंने राज्य के सिविल सर्जनों के साथ तैयारियों की समीक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग के सचिव को बैठक बुलाने का निर्देश दिया है।”

    चिंता की जरूरत नहीं, सभी व्यवस्थाएं मौजूद

    स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वस्त किया, “जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है। हमारे पास सभी जरूरी व्यवस्थाएं मौजूद हैं। हालांकि, सर्दियों के इस मौसम में अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी है। खासकर 5 वर्ष से कम और 70 वर्ष से अधिक आयु के लोग अधिक संवेदनशील होते हैं। हम सभी से अपील करते हैं कि स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का पालन करें और अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं। राज्य सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी नई स्वास्थ्य चुनौती से निपटने के लिए सक्रिय कदम उठाती रहेगी।”

  • झारखंड कैबिनेट की साल की पहली बैठक आज होगी, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगने की संभावना है।

    Ranchi:

    झारखंड में हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई है। यह बैठक दोपहर 4 बजे से शुरू होगी। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) ने गुरुवार को जानकारी दी कि यह बैठक 7 जनवरी 2025 को झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) के मंत्रिपरिषद कक्ष में आयोजित होगी। नए साल की इस पहली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। इससे पहले, हेमंत सोरेन सरकार की पिछली कैबिनेट बैठक 24 दिसंबर 2024 को हुई थी। उस बैठक में सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देते हुए उनके महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। कुल 10 प्रस्ताव पास किए गए थे, जिनमें पेंशनभोगियों के डीआर (डियरनेस रिलीफ) में भी वृद्धि शामिल थी।

  • नक्सली हमला: चालक सहित 9 जवान  शहीद, जानिए कहाँ है मामला

    By Perwez Alam……..

    छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में आज एक बार फिर से भयावह नक्सली हमला हुआ। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों की गाड़ी को IED विस्फोट से निशाना बनाया। इस हमले में 8 डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवान और वाहन चालक शहीद हो गए। यह घटना बीजापुर के कुटरू मार्ग के बेदरे क्षेत्र में हुई, जब जवान एक सफल ऑपरेशन के बाद लौट रहे थे।

    IED विस्फोट की भयावहता।

    घटना की पुष्टि बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने की। उन्होंने बताया कि नक्सलियों ने घात लगाकर इस विस्फोट को अंजाम दिया। धमाके की तीव्रता इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। जवानों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए। मौके पर बने बड़े गड्ढे से इस विस्फोट की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    हमले के पीछे की रणनीति।

    यह हमला उस समय हुआ जब सुरक्षाबल नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल कर लौट रहे थे। इस ऑपरेशन में 5 नक्सलियों को मार गिराया गया था। लेकिन, ऐसा प्रतीत होता है कि नक्सलियों ने पहले से ही जवानों की मूवमेंट पर नजर रखी और उनकी वापसी पर हमला करने की योजना बनाई।

    क्या इंटेलिजेंस फेल हुआ?

    हमले के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या इंटेलिजेंस फेल हुआ। राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस घटना की पूरी जांच की जाएगी। हालांकि, बस्तर रेंज के आईजी का कहना है कि जवान ऑपरेशन की सफलता के बाद लौट रहे थे। जिस जगह पर हमला हुआ, वहां से पहले भी सुरक्षाबलों का काफिला निकला था।

    नक्सलियों का मजबूत खुफिया तंत्र ।

    नक्सलियों का खुफिया तंत्र इतना मजबूत है कि उन्हें जवानों के मूवमेंट की जानकारी अक्सर बच्चों के माध्यम से मिल जाती है। बस्तर के अबूझमाड़ क्षेत्र को नक्सलियों का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता है। यहां नक्सलियों ने कई सालों से IED बिछा रखी है, जिनकी जानकारी सुरक्षाबलों को नहीं होती।

    नक्सलवाद का घटता प्रभाव और बौखलाहट।

    पिछले एक साल में नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई ने उनके प्रभाव को कमजोर कर दिया है। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के कई सुरक्षित गढ़ों पर हमला कर उन्हें हिला दिया है। इस हमले को नक्सलियों की बौखलाहट और अपनी मौजूदगी का अहसास कराने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

    बीजापुर की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि नक्सलवाद से निपटना कितना चुनौतीपूर्ण है। यह लड़ाई केवल बंदूकों की नहीं, बल्कि सूझबूझ और बेहतर रणनीति की भी है।

  • हेमंत सोरेन ने दिया झारखंड की महिलाओं को नए साल का तोहफा

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………………………

    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। ‘मंईयां सम्मान योजना‘ के तहत 56.61 लाख महिला लाभार्थियों के खातों में ₹1415.44 करोड़ की धनराशि ट्रांसफर की गई। यह समारोह रांची के नामकुम स्थित खोजाटोली के ट्रेनिंग ग्राउंड में आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर यह राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी।

    जैसे ही राशि ट्रांसफर की गई, वहां उपस्थित महिलाओं के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री ने इस योजना को झारखंड की महिलाओं के सपनों को पंख देने वाला कदम बताया। मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा, “हमारे राज्य की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने में सक्षम हैं। हमने वादा किया था कि राज्य की आधी आबादी को उनका हक दिलाएंगे, और आज हमने उस वादे को निभाया है।” मुख्यमंत्री ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “आप अपने सपनों को साकार करने के लिए स्वतंत्र हैं। यह राशि न केवल आपकी जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि आपके आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी मददगार साबित होगी। अब आप बच्चों की पढ़ाई, परिवार की जरूरतों और अपनी इच्छाओं को पूरा कर सकती हैं।”

    महिला सशक्तिकरण की नई दिशा।

    ‘मंईयां सम्मान योजना’ की शुरुआत अगस्त 2024 में हुई थी। पहले इस योजना के तहत 18-50 वर्ष की महिलाओं को ₹1000 मासिक मानदेय दिया जा रहा था, जिसे दिसंबर 2024 से ₹2500 कर दिया गया। यह योजना झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के लिए महिलाओं के बीच गहरी पैठ बनाने का एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

    महिला और पुरुष: एक हल के दो बैल।

    मुख्यमंत्री ने अपनी बात को सरल लेकिन गहरे संदेश के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, “महिला और पुरुष एक हल के दो बैल हैं। जब तक दोनों साथ नहीं चलेंगे, राज्य और देश का विकास संभव नहीं है।” उन्होंने कहा कि झारखंड की महिलाएं अपनी क्षमता और बुद्धिमत्ता से राज्य को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

    चुनावी राजनीति पर तीखा कटाक्ष।

    मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा, “जब हमने महिलाओं के लिए ₹1000 की घोषणा की, तो विपक्ष ने मजाक उड़ाया। जब ₹2500 की बात की, तो वे इसे अव्यावहारिक बताने लगे। लेकिन हमने साबित कर दिया कि झारखंड में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए हमारी प्रतिबद्धता वास्तविक है।”

    महिलाओं को मिली नई ऊर्जा।

    कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह योजना उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी। समारोह के दौरान महिलाओं ने तख्तियां लहराकर और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मुख्यमंत्री का स्वागत किया। हेमंत सोरेन ने भी महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं।

    अर्थव्यवस्था का पहिया घुमाएंगी महिलाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा, “इस योजना के जरिए हम झारखंड की अर्थव्यवस्था का पहिया घुमाने जा रहे हैं। महिलाओं को अब अपने फैसले खुद लेने और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने का अवसर मिलेगा।” उन्होंने यह भी चेताया कि इस धनराशि का गलत इस्तेमाल न हो।

    झारखंड की तस्वीर बदलेगी।

    मुख्यमंत्री ने इस योजना को झारखंड की गरीबी और पिछड़ेपन के खिलाफ एक मजबूत कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह अभियान झारखंड की आधी आबादी को न केवल सशक्त बनाएगा, बल्कि राज्य को नई दिशा में ले जाने का माध्यम भी बनेगा। झारखंड की महिलाएं अब नई उम्मीदों और सपनों के साथ आगे बढ़ने को तैयार हैं। यह योजना उनके जीवन को बदलने का एक मजबूत आधार बन सकती है।

     

  • गुरू गोबिंद सिंह जी के 358वें प्रकाश पर्व पर उमड़ी आस्था की बयार

    GIRIDIH :  358वें प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख धर्म के दसवें गुरू, खालसा पंथ के संस्थापक, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्मोत्सव हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर गुरुद्वारों में सुबह से ही शबद-कीर्तन की गूंज सुनाई दी और लंगर की सेवा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

    गिरिडीह के गुरुद्वारा में इस मौके पर विशेष दीवान सजाया गया। आकर्षक फूलों और रोशनी से सजे गुरुद्वारे में देहरादून के प्रसिद्ध रागी जत्था भाई हरप्रीत सिंह और उनकी टीम ने अपनी भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कीर्तन के माध्यम से संदेश दिया कि जीवन में सुख-शांति पाने के लिए हमें जाति-पाति का भेद मिटाकर एकता की ओर अग्रसर होना चाहिए।

    गुरुद्वारा के प्रधान मुख्य सेवक डॉ. गुणवंत सिंह मोंगिया और सचिव सम्मी सलूजा ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती को लेकर 4 जनवरी को अखंड पाठ आरंभ किया गया था, जिसका समापन प्रकाश पर्व पर हुआ। 31 दिसंबर से 5 जनवरी तक प्रभात फेरियां निकाली गईं।

    डॉ. मोंगिया ने गुरु गोबिंद सिंह जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे केवल सिख धर्म के गुरु ही नहीं थे, बल्कि एक महान दार्शनिक, प्रख्यात कवि, निडर योद्धा और संगीत प्रेमी भी थे। उन्होंने मात्र 9 वर्ष की आयु में सिखों के नेतृत्व का भार संभाला और समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ एक मजबूत आवाज बनकर खालसा पंथ की स्थापना की।

    इस आयोजन की विशेषता रही कि लंगर की पूरी व्यवस्था झारखंड सरकार के मंत्री और गिरिडीह सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू द्वारा की गई थी। उनकी धर्मपत्नी श्वेता शर्मा ने अपनी पुत्री के साथ माथा टेका और गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। लंगर में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया।

    मौके पर डॉ. अमरजीत सिंह सलूजा, चरणजीत सिंह सलूजा, राजेंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह समेत समाज के कई गणमान्य सदस्य और श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस आयोजन ने सभी को एकता, प्रेम और सेवा की भावना से जोड़ते हुए गुरु गोबिंद सिंह जी के उपदेशों की याद दिलाई।

  • “मंईयां सम्मान योजना के तहत आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन महिलाओं के खाते में ₹5000 स्थानांतरित करेंगे

    Ranchi
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज, 6 जनवरी को मंईयां सम्मान योजना के तहत 56 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर करेंगे। यह आयोजन रांची के नामकुम में होगा, जिसमें राज्य के 24 जिलों से लगभग 5 लाख से अधिक महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, और ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है।

    गौरतलब है कि यह कार्यक्रम पहले 28 दिसंबर को आयोजित होने वाला था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब यह कार्यक्रम सोमवार, 6 जनवरी को आयोजित होगा। मुख्यमंत्री महिलाओं के खातों में 2500 रुपए की किस्त ट्रांसफर करेंगे। वहीं, जिन महिलाओं को दिसंबर में भुगतान नहीं मिला था, उनके खातों में एक साथ 5000 रुपए भेजे जाएंगे।

  • झारखंड : मंइयां सम्मान योजना का भव्य आगाज कल,तीन लाख महिलाएं होंगी सहभागी

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………………

    सोमवार को राजधानी रांची के नामकुम में झारखंड सरकार मंइयां सम्मान योजना के तहत ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे, जिसमें लाभुक महिलाओं के लिए मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर ₹2500 कर दिया गया है। यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है।

    महिलाओं के खाते में हर महीने ₹2500।

    पहले इस योजना के तहत ₹1000 मासिक दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर ₹2500 कर दिया गया है। प्रायोगिक तौर पर दिसंबर माह में कुछ लाभार्थी महिलाओं के खाते में यह राशि ट्रांसफर की गई थी। सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।

    भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी आकर्षण का केंद्र।

    कार्यक्रम में झारखंड की लोक संस्कृति का भी जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा। प्रसिद्ध नागपुरी गायक पवन राय, कुडुख गायक सुरेंद्र कुजूर और सादरी गायक इग्नेश कुमार अपनी सुरमयी प्रस्तुतियां देंगे। वहीं पारंपरिक पाइका और छऊ नृत्य जैसे लोकनृत्यों के जरिए झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया जाएगा।

    तीन लाख महिलाओं की भागीदारी, पुख्ता सुरक्षा इंतजाम।

    इस राज्यस्तरीय समारोह में करीब तीन लाख महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद है। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चार हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। रैप की चार कंपनियां और प्रमुख चौक-चौराहों पर क्यूआरटी टीम को आंसू गैस दस्ते के साथ तैयार रखा गया है।

    सुविधाओं और यातायात का रखा गया विशेष ध्यान।

    लाभार्थियों के लिए भोजन, पानी, और बैठने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। वाहनों को व्यवस्थित पार्किंग स्थल पर खड़ा कराने के निर्देश दिए गए हैं। यातायात सुचारू रखने के लिए शहर के कुछ मार्गों को वन-वे किया गया है और भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।

    प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में।

    रविवार को रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने आयोजन स्थल का निरीक्षण किया और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को समय पर ड्यूटी संभालने के निर्देश दिए। मौके पर डीडीसी दिनेश यादव, रांची एसडीओ उत्कर्ष कुमार, और ग्रामीण एसपी सुमित अग्रवाल भी मौजूद थे।

    झारखंड की संस्कृति का संदेश।

    यह समारोह झारखंड की परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को एक नए आयाम तक पहुंचाने का प्रयास है। मंइयां सम्मान योजना के जरिए सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण का जो अवसर दिया है, वह झारखंड के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।

  • हाड़ी जाति विकास मंच ने एकजुटता का लिया संकल्प,समाज सुधार की ओर कदम

    GIRIDIH : रविवार को अंबेडकर भवन में हाड़ी जाति विकास मंच का एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महिला कमेटी का गठन और ज़िला कमेटी द्वारा प्रमाण पत्र वितरण रहा।

    बैठक में समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखने पर जोर दिया गया। हाड़ी समाज में विभेद पैदा करने के किसी भी प्रयास की कड़ी निंदा की गई और एकजुट होकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।

    प्रदेश अध्यक्ष अनूप लाल हरी ने समाज सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की, वहीं प्रदेश संगठन सचिव आकाश हरि ने संगठन के सदस्यों को संगठित रहकर काम करने की प्रेरणा दी। इस मौके पर पवन हरि, शाम हरि, सचिन हरि, संतोष हरि, राजा हरि, बबलू हरि, विनोद हरि, सागर हरि, राजेश हरि, अजय हरि, अनिल हरि, चंदन हरि और सनी हरि जैसे प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे।

    बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हाड़ी समाज में व्याप्त कुरीतियों को खत्म करने और समाज को जागरूक करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा। इस संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

  • CM ने लॉन्च किया ‘अबुआ बजट’ पोर्टल और ऐप, जनता से मांगे सुझाव

    रांची: वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट को जनभागीदारी के साथ तैयार करने की दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को ‘अबुआ बजट’ पोर्टल और मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मंत्री सुदिव्य सोनू, मुख्य सचिव अलका तिवारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, “जनता की राय और भागीदारी से ही हम झारखंड को सतत विकास के पथ पर आगे ले जा सकते हैं।” उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे पोर्टल और ऐप के माध्यम से अपने बहुमूल्य सुझाव देकर राज्य के आगामी बजट को बेहतर बनाने में अपना योगदान दें।

    सोशल मीडिया के जरिए अपील.
    मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर जनता को संदेश देते हुए कहा कि झारखंड के विकास और कल्याणकारी योजनाओं के लिए ‘अबुआ बजट’ की प्रक्रिया में हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे इस पहल में शामिल होकर राज्य के लिए अपने विचार साझा करें।

    जन सहभागिता की ओर कदम.
    यह पहल झारखंड सरकार के उस दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें राज्य की नीतियों और योजनाओं में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है। अबुआ बजट पोर्टल और ऐप जनता को अपनी राय सीधे सरकार तक पहुंचाने का मंच प्रदान करते हैं।

    कार्यक्रम में उपस्थित मंत्रियों और अधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना की और इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया। अब देखना यह होगा कि जनता की भागीदारी से बजट निर्माण में कौन-कौन से नवाचार देखने को मिलते हैं।