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  • गिरिडीह : सुरक्षा का कड़ा पहरा, एसपी डॉ. बिमल कुमार ने एसपी ताज हसन की पुरानी याद  ताज़ा कर दी

    गिरिडीह: अपराध नियंत्रण और शहर की सुरक्षा को लेकर गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कमर कस ली है। शनिवार की आधी रात, जब पूरा शहर गहरी नींद में था, कड़ाके की ठंड मे एसपी अचानक सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने सड़कों पर निकले । इस औचक निरीक्षण के दौरान एसपी ने पुलिस पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। एसपी डॉ. बिमल कुमार के इस औचक निरीक्षण ने तीस साल पहले के एसपी ताज हसन की पुरानी याद ताज़ा कर दी । वे भी बारबरा इसी तरह अचानक सड़क पर निकाल जाते थे ।

    चेक पोस्ट पर सख्ती के आदेश।
    एसपी सबसे पहले उन चेक पोस्ट्स पर पहुंचे, जहां रात में वाहनों की जांच की जा रही थी। तैनात जवानों को उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि रात के समय वाहनों की जांच में कोई ढिलाई न हो। खासतौर पर दोपहिया वाहनों पर पैनी नजर रखने की बात कही गई।

    रात 10 बजे के बाद दुकानें होंगी बंद।
    रात 12 बजे तक खुली रहने वाली दुकानें और गुमटियां भी एसपी की नजर से नहीं बच सकीं। उन्होंने संचालकों से सख्त लहजे में कहा कि रात 10 बजे के बाद दुकानें बंद हो जानी चाहिए। मौके पर मौजूद नगर थाना प्रभारी शैलेश प्रसाद और इंस्पेक्टर मंटू कुमार को आदेश दिया गया कि समय सीमा का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई करें।

    बेवजह घूमने वालों की हुई पूछताछ।
    रात के समय सड़कों पर बाइक चलाते या पैदल घूमते लोगों से एसपी ने खुद पूछताछ की। उनसे आईडी कार्ड मांगे गए और ठोस कारण न बता पाने वालों को थाने ले जाया गया। ऐसे लोगों से कड़ी पूछताछ की गई। एसपी ने पुलिस टीम को निर्देश दिया कि रात 10-11 बजे के बाद जो भी व्यक्ति सड़कों पर बिना वजह घूमता दिखे, उसे रोककर कारण पूछा जाए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाए।

    अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर नजर।
    एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि शहर में बाहरी जिलों से आने वाले वाहनों, खासकर दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों की जांच तेज कर दी गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों का इस्तेमाल असामाजिक तत्व गिरिडीह में प्रवेश करने के लिए करते हैं। इनपर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

    एसपी का यह औचक निरीक्षण और सख्त कदम गिरिडीह की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम प्रयास है। पुलिस की इस मुस्तैदी से जहां आम जनता राहत महसूस कर रही है, वहीं अपराधियों और असामाजिक तत्वों के लिए यह सख्त संदेश भी है।

  • गुरु गोविंद सिंह जी का प्रकाश पर्व कल , प्रभात फेरी जारी

    गिरिडीह : सिखों के दसवें गुरु और खालसा पंथ के संस्थापक श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के प्रकाश पर्व को लेकर गिरिडीह में भक्तिमय उत्सव का दौर जारी है। रविवार को प्रभात फेरी के पांचवें दिन गिरिडीह के पंजाबी मोहल्ला गुरुद्वारा से प्रभात फेरी का आयोजन हुआ। यह फेरी शहर के विभिन्न मार्गों – मकतपुर, कालीबाड़ी चौक, मुस्लिम बाजार, बड़ा चौक होते हुए मुख्य गुरुद्वारा स्टेशन रोड तक पहुंची।

    इस दौरान सिख समुदाय के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। भक्तगण भजन-कीर्तन करते हुए पूरे माहौल को भक्ति रस से सराबोर कर रहे थे। गिरती हुई ठंड और ठिठुरन भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर सकी।

    मुख्य गुरुद्वारा पहुंचने पर प्रभात फेरी का स्वागत पुष्प वर्षा और निशान साहब पर माल्यार्पण के साथ किया गया। इसके बाद स्थानीय रागी जत्थों द्वारा शब्द-कीर्तन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं के लिए जलपान की भी विशेष व्यवस्था की गई थी।

    गुरुद्वारा प्रबंधन का विशेष योगदान।
    इस आयोजन पर श्री गुरु सिंह सभा गिरिडीह के प्रधान डॉ. गुणवंत सिंह मोंगिया ने बताया कि प्रकाश पर्व को लेकर गुरुद्वारे में अखंड पाठ लगातार जारी है। पांच दिनों तक प्रभात फेरी के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। सोमवार को मुख्य गुरुद्वारे में सुबह से ही शब्द-कीर्तन और लंगर का आयोजन होगा। उन्होंने गिरिडीह वासियों से गुरुद्वारे में आकर गुरुवाणी का श्रवण करने की अपील की।

    इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. गुणवंत सिंह मोंगिया, सचिव सरदार नरेंद्र सिंह सम्मी, डॉ. अमरजीत सिंह सलूजा, सरदार चरणजीत सिंह सलूजा, सरदार देवेंद्र सिंह, सरदार कुंवरजीत सिंह, सरदार भूपेंद्र सिंह, सरदार गुरु भेज सिंह कालरा, सतविंदर सिंह सलूजा, सरदार परमजीत सिंह और सरदार अजिंदर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों का सराहनीय सहयोग मिल रहा है।

     

  • गिरिडीह : सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम,ग्रामीणों से सीधा संवाद

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट………

    गिरिडीह जिले में सरकार और प्रशासन मिलकर वंचित समुदायों के उत्थान की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज पीरटाड़ प्रखंड के नौकोनिया गांव में एक अनोखा सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा और पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और सरकारी योजनाओं के लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।

    पारंपरिक स्वागत और कल्याण योजनाओं की जानकारी।
    कार्यक्रम का आरंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों से हुआ, जहां उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों का ग्रामीणों ने गर्मजोशी से स्वागतकिया। उपायुक्त ने ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और अपील की कि सभी इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

    मनरेगा कार्ड और ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरण।
    कार्यक्रम में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने जरूरतमंदों के बीच मनरेगा जॉब कार्ड वितरित किए। साथ ही, बढ़ती ठंड को देखते हुए गर्म कपड़े और कंबल बांटे गए, ताकि ग्रामीण शीतलहर से बच सकें। उपायुक्त ने ठंड से बचाव के लिए जरूरी एहतियात बरतने की अपील भी की।

    बच्चों के लिए खेल सामग्री और शैक्षणिक सामग्रियां वितरित।
    उत्क्रमित मध्य विद्यालय के बच्चों को पढ़ाई और खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खेल सामग्री जैसे बैट, बॉल, फुटबॉल और शैक्षणिक सामान—कॉपी, पेन, पेंसिल—साथ ही स्वेटर, जूते और मोजे वितरित किए गए। इस दौरान उपायुक्त ने बच्चों से संवाद कर उनकी पढ़ाई और रुचियों के बारे में जाना। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ खेलकूद में भी भाग लेना चाहिए।

    गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान।
    कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं का गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन किया गया। उपायुक्त ने गर्भवती महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए सात्विक और पौष्टिक भोजन के महत्व पर जोर दिया। महिलाओं को उचित आहार और स्वच्छता से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई।

    सामुदायिक पुलिसिंग: भरोसे और जुड़ाव की पहल।
    इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने सामुदायिक पुलिसिंग के महत्व पर जोर दिया और कहा कि यह कार्यक्रम पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का जरिया है। ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया कि उनकी सुरक्षा और भलाई प्रशासन की प्राथमिकता है।

    अधिकारियों की उपस्थिति।
    कार्यक्रम में पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी, सीआरपीएफ के पदाधिकारी, और कई पुलिस अधिकारी मौजूद थे। सभी ने सामुदायिक जुड़ाव को और सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
    गिरिडीह के सुदूर इलाकों में आयोजित यह सामुदायिक कार्यक्रम सिर्फ योजनाओं के प्रचार-प्रसार तक सीमित नहीं था, बल्कि यह सरकार और प्रशासन की ओर से जरूरतमंदों तक पहुंचने की एक सकारात्मक पहल थी। नौकोनिया गांव के इस आयोजन ने दिखाया कि जब प्रशासन और जनता मिलकर काम करते हैं, तो बदलाव की राह आसान हो जाती है।

     

  • गोगो दीदी योजना: JMM का BJP पर तीखा हमला

    रांची से रिपोर्ट ………………

    झारखंड में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने गोगो दीदी योजना में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जोरदार निशाना साधा है। शनिवार को मीडिया से बात करते हुये उन्होंने भाजपा पर जनता से पैसे वसूलने का गंभीर आरोप लगाया।

    वसूले गए पैसों की रिकवरी कराएगी सरकार।
    सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, “चुनाव से पहले भाजपा ने गोगो दीदी योजना के नाम पर जनता को ठगा। 500-500 रुपये लेकर फॉर्म भरवाए गए, लेकिन यह योजना केवल छलावा थी। अब हमारी सरकार उन पैसों की रिकवरी कराएगी। साथ ही, हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि गोगो दीदी योजना को पूरे देश में लागू किया जाए और महिलाओं को हर महीने ₹2100 दिए जाएं।”

    महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने का वादा।
    JMM  नेता ने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। “हमने दिसंबर से मंईयां सम्मान राशि को ₹2500 करने का वादा किया था, जो पूरा किया गया। झारखंड देश का पहला राज्य है, जिसने 56 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹2500 की आर्थिक सहायता दी है। जिन महिलाओं के खातों में दिसंबर का पैसा नहीं पहुंचा, उनके खातों में एक साथ ₹5000 डाले जाएंगे।”

    बाबूलाल मरांडी पर निशाना।
    सुप्रियो ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी पर कटाक्ष करते हुए कहा, भाजपा विधानसभा गठन के बाद भी विधायक दल के नेता का चयन नहीं कर पाई है । अपने कार्यकाल में भाजपा ने कभी एमएसपी पर धान की खरीद नहीं की। किसानों को केवल झूठे सपने दिखाए गए, और सैकड़ों किसानों ने अपनी जान गंवाई।

    भाजपा के कुचक्र से बचने की अपील।
    सुप्रियो भट्टाचार्य ने युवाओं से भाजपा के कुचक्र में न फंसने की अपील की। उन्होंने कहा, “सरकार इस वर्ष सभी सरकारी नियुक्तियां पूरी करेगी। युवाओं को हर छोटी-बड़ी बात पर न्यायालय जाने की जरूरत नहीं है। अगर ठोस सबूत हो, तो राज्य सरकार को अवगत कराएं। नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।”

    भाजपा पर ‘भ्रमजाल’ फैलाने का आरोप।
    सुप्रियो ने कहा कि भाजपा झारखंड में केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने कुचक्र और झूठे वादों से राज्य में विकास कार्यों को बाधित करने का प्रयास कर रही है।

    झारखंड की जनता जागरूक हो रही है।
    सुप्रियो ने कहा कि झारखंड की जनता अब भाजपा की राजनीति को समझ चुकी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि JMM सरकार महिलाओं, किसानों और युवाओं के हितों को सर्वोपरि रखते हुए विकास के लिए काम करती रहेगी।
    झारखंड की राजनीति में गोगो दीदी योजना को लेकर JMM और BJP  के बीच तीखी तकरार जारी है।

  • मसला स्वर्ण व्यवसायियों की सुरक्षा का, पुलिस-व्यवसायी मिलकर बैठे

    गिरिडीह के सिरसिया स्थित सेलिब्रेशन होटल में शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें स्वर्ण व्यवसायियों की सुरक्षा और शहर में बढ़ते अपराध को नियंत्रित करने पर मंथन किया गया। यह बैठक गिरिडीह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और गिरिडीह पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई।

    पुलिस और व्यवसायियों के बीच संवाद।
    बैठक में गिरिडीह सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जीत वाहन उरांव, साइबर डीएसपी आबिद खान, मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम महतो, नगर थाना प्रभारी शैलेश कुमार और पचंबा थाना निरीक्षक मंटू कुमार जैसे प्रमुख पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। स्वर्ण व्यवसायियों ने शहर में अपराध की बढ़ती घटनाओं पर अपनी चिंता व्यक्त की और पुलिस प्रशासन को अपने सुझाव दिए।

    सीसीटीवी और सेंसर से सुरक्षा का आश्वासन।
    बैठक में पुलिस अधिकारियों ने व्यवसायियों को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा प्राथमिकता है। उन्होंने चैंबर ऑफ कॉमर्स के सहयोग से शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और स्वर्ण दुकानों में सेंसर स्थापित करने की योजना की जानकारी दी। पुलिस ने यह भी कहा कि पेट्रोलिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा ताकि अपराधियों पर नकेल कसी जा सके।

    चैंबर अध्यक्ष ने दिया भरोसा।
    चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष राहुल बर्मन ने कहा, “व्यवसायियों की सुरक्षा चैंबर की प्राथमिकता है। हम उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार चिंतन कर रहे हैं। सीसीटीवी और सेंसर के जरिए स्वर्ण व्यवसायियों की दुकानों की सुरक्षा को और बेहतर बनाया जाएगा।”

    व्यवसायियों ने दिए सुझाव।
    बैठक में स्वर्ण व्यवसायियों ने पुलिस और प्रशासन को कई सुझाव दिए, जिनमें बाजार क्षेत्र में पुलिस की सतर्कता बढ़ाने और रात के समय गश्त तेज करने की मांग प्रमुख रही।

    उपस्थिति और सहयोग का भरोसा।
    बैठक में गिरिडीह के कई प्रमुख स्वर्ण व्यवसायी जैसे सौरभ बर्मन, विनोद बर्मन, प्रमोद स्वर्णकार, बबलू बर्मन, अजय स्वर्णकार, बाबू, गाजू सोनार, सुमेर, चिंटू कुमार, सुबोध बर्मन और संजय उपस्थित थे। सभी ने इस पहल का स्वागत किया और अपनी ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

    अपराध पर लगाम की तैयारी।
    गिरिडीह में स्वर्ण व्यवसायियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह बैठक एक सकारात्मक कदम है। पुलिस प्रशासन और चैंबर ऑफ कॉमर्स का यह साझा प्रयास अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि उनकी हर गतिविधि पर अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी। वहीं, व्यवसायियों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील की गई है।

    यह बैठक केवल एक संवाद नहीं, बल्कि शहर में बढ़ते अपराधों पर रोक लगाने और व्यवसायियों के विश्वास को बहाल करने की दिशा में एक मजबूत पहल है।

  • NIA का बड़ा एक्शन: जानिए कहाँ हुई कारवाई और कौन पकड़ा गया

    बोकारो की रिपोर्ट……..

    झारखंड के उग्रवाद प्रभावित इलाके में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA ) ने नक्सली नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को एनआईए ने बोकारो जिले के गोविंदपुर से बच्चा सिंह उर्फ बच्चा बाबू सिंह को गिरफ्तार किया। बच्चा सिंह पर प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी [ MCC ]के लिए काम करने और उसकी विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप है।

    नक्सलियों के लिए करता था आर्थिक मदद का प्रबंध।
    एनआईए की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि बच्चा सिंह न केवल नक्सलियों की गतिविधियों का समर्थन करता था, बल्कि उनके लिए धन संग्रह में भी अहम भूमिका निभाता था। झारखंड समेत कई अन्य इलाकों में माओवादी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए वह सक्रिय था।

    एनआईए की आठ टीमें, सटीक छापेमारी
    शनिवार सुबह एनआईए की आठ टीमें बोकारो पहुंचीं। पुलिस के सहयोग से गोमिया, चतरोचट्टी और गोविंदपुर जैसे क्षेत्रों में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया। बोकारो के एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि एनआईए की टीम ने उग्रवादियों के सहयोगियों और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों पर शिकंजा कसा है।

    सुदूर गांवों में नक्सलियों के मददगारों पर कार्रवाई।
    एनआईए की टीम ने चतरोचट्टी के चुट्टे और लोधी गांव, साथ ही गोमिया थाना क्षेत्र के धमधरवा जैसे दुर्गम गांवों में छापेमारी की। इन इलाकों को नक्सली गतिविधियों के गढ़ के रूप में जाना जाता है। बच्चा सिंह की गिरफ्तारी ने इन क्षेत्रों में नक्सलियों के मददगारों और अवैध गतिविधियों में लिप्त अन्य लोगों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।

    भाकपा माओवादी पर बड़ी चोट।
    बच्चा सिंह की गिरफ्तारी को भाकपा माओवादी के नेटवर्क पर एक बड़ी चोट माना जा रहा है। एनआईए के सूत्रों के अनुसार, यह गिरफ्तारी संगठन के शीर्ष नेताओं तक पहुंचने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    स्थानीय प्रशासन का सहयोग और रणनीति।
    एनआईए की इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस का पूरा सहयोग रहा। यह छापेमारी इस बात का संकेत है कि केंद्र और राज्य सरकार नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

    एनआईए का एक्शन, माओवादी नेटवर्क की कमजोर कड़ी उजागर।
    यह कार्रवाई न केवल नक्सलियों के खिलाफ एक सख्त संदेश है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे एनआईए उग्रवाद प्रभावित इलाकों में माओवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है। बच्चा सिंह की गिरफ्तारी से उग्रवादियों के बीच खलबली मच गई है, और सुरक्षा एजेंसियां अब उनके नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने के लिए और अधिक तत्पर हो गई हैं।

     

     

     

     

  • देश-विदेश से जुटे हजारों किन्नर,खास मन्नत से प्रेरित है आयोजन

    धनबाद से खास रिपोर्ट……..

    धनबाद में अखिल भारतीय किन्नर समाज का महाधिवेशन पूरे वैभव और उल्लास के साथ चल रहा है। इस महाधिवेशन के दूसरे दिन एक अनोखी और परंपरागत रस्म निभाई गई—खिचड़ी तौलने की। पीले वस्त्रों में सजी-धजी किन्नरों की टोली ने पांच प्रकार के अनाज से खिचड़ी तौलकर रेशमा मां को समर्पित किया। रस्म के दौरान खुशी के इजहार में रुपयों की बौछार भी की गई, जिसने माहौल को और भी जीवंत कर दिया।

    शुभ शुरुआत और भव्य स्वागत।
    कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश अध्यक्ष छमछम देवी के आगमन पर भव्य स्वागत के साथ हुआ। विशेष रूप से सजाए गए मंडप में किन्नरों ने अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत किया। किन्नरों के लिए यह रस्म शादी-ब्याह के उत्सव जितनी पवित्र और शुभ मानी जाती है।

    देश-विदेश से जुटे हजारों किन्नर।
    झारखंड में पहली बार हो रहे इस अधिवेशन में देश-विदेश से करीब 5000 किन्नर धनबाद पहुंचे हैं। सिलीगुड़ी से आई अलाविया नायक ने कहा, “यह सम्मेलन हमारे समाज के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।” गोरखपुर की प्रिया, नेपाल की टीना राय, बोकारो की बबीता नायक सहित कई राज्यों और देशों से आई किन्नर समाज की प्रमुख हस्तियां इस कार्यक्रम का हिस्सा बनीं।

    मटकुरिया से शक्ति मंदिर तक शोभायात्रा।
    अधिवेशन के उत्साह को और भी बढ़ाने के लिए 7 जनवरी को मटकुरिया से शक्ति मंदिर तक एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान किन्नर समाज माता रानी के दरबार में 21 किलो का घंटा चढ़ाएगा और यजमानों के परिवारों की खुशहाली के लिए प्रार्थना करेगा।

    खास मन्नत से प्रेरित आयोजन।
    कोरोना महामारी के कठिन दौर में किन्नर समाज ने मन्नत मांगी थी कि यदि देश इस त्रासदी से उबरता है, तो वे भव्य आयोजन करेंगे। यह अधिवेशन उसी मन्नत को पूरा करने का प्रतीक है। पूजा-पाठ और विशेष चर्चा के साथ इस आयोजन का उद्देश्य किन्नर समाज के यजमानों और उनके परिवारों को आशीर्वाद देना है।

    धनबाद की मेहमाननवाजी का जश्न।
    विशाल पंडाल और भव्य सजावट ने इस आयोजन को खास बना दिया है। धनबाद शहर और यहां के लोगों की तारीफ करते हुए किन्नरों ने कहा कि इस शहर ने उन्हें अपनाया है। कार्यक्रम स्थल पर ठहरने और खाने-पीने की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे हर प्रतिभागी को घर जैसा महसूस हो।

    खुशियों का उत्सव, संस्कृति का सम्मान।
    धनबाद में पहली बार हो रहे इस विशाल अधिवेशन ने किन्नर समाज की परंपराओं और संस्कृति को एक नया आयाम दिया है। यह आयोजन केवल रस्मों का उत्सव नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, समर्पण और सहिष्णुता का संदेश भी है।

     

  • 2025 : नई उम्मीदों का झारखंड, मिलेगी विकास की बड़ी सौगात

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट …………..

    झारखंड की ज़मीन पर विकास का नया सूरज उगने वाला है। नए साल में इस राज्य को न सिर्फ रोज़गार की नई रोशनी मिलेगी, बल्कि बुनियादी ढांचे से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य तक का कायाकल्प होने जा रहा है।

    1 लाख से ज्यादा नौकरियां, झारखंड के युवाओं के लिए सुनहरा मौका!
    सरकार ने ठान लिया है—2025 वो साल होगा जब झारखंड के हर घर में रोज़गार का सपना सच होगा। एक लाख से ज़्यादा सरकारी पदों पर नियुक्तियां होंगी। शिक्षकों के 60,000 पद, प्रधानाध्यापकों के 15,000, पुलिस में 10,000 और भाषा शिक्षकों के 10,000 पद भरे जाएंगे। तैयारी ज़ोरों पर है।

    शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़ा बदलाव—कोडरमा में मेडिकल कॉलेज, ICT लैब्स का जाल!
    कोडरमा और रांची में नए मेडिकल कॉलेज बनने जा रहे हैं। रांची में 1,000 बिस्तरों का अस्पताल बनेगा, जो RIMS का बोझ हल्का करेगा। साथ ही, 1,317 स्कूलों में ICT लैब्स तैयार हो रही हैं, ताकि झारखंड के बच्चों को डिजिटल युग से जोड़ा जा सके।

    दामोदर साफ़ होगा, किसानों को सिंचाई का तोहफा
    518 करोड़ की लागत से दामोदर नदी को प्रदूषण मुक्त किया जाएगा। वहीं, रानेश्वर-मसलिया सिंचाई परियोजना से 55,000 एकड़ जमीन को पानी मिलेगा। झारखंड के किसानों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं।

    पर्यटन में भी धमाल—धुर्वा और गेतलसूद डैम में वाटर स्पोर्ट्स
    2025 में एडवेंचर वाटर स्पोर्ट्स शुरू होने वाला है। पर्यटन विभाग ने इसकी तैयारियां तेज़ कर दी हैं।

    झारखंड मेफ्लाईओवर का जाल !
    रातू रोड और सिरमटोली में बन रहे फ्लाईओवर शहर को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाएंगे। सिरमटोली एलिवेटेड कॉरिडोर तो फरवरी में ही तैयार हो जाएगा।

    नए बंगले, स्मार्ट मीटर और पेंशनरों को इलाज की सुविधा
    मंत्रियों और विधायकों को स्मार्ट सिटी में नए बंगले मिलेंगे। पेंशनर्स और उनके परिजनों को असीमित इलाज की सुविधा दी जाएगी।

    बोकारो में नई उड़ान, स्टील प्लांट का विस्तार!
    बोकारो हवाई अड्डे से 2025 में उड़ान शुरू होने की संभावना है। इसके अलावा, 15,000 करोड़ के निवेश से स्टील प्लांट का विस्तार होगा, जिससे उत्पादन क्षमता 7.15 MTPA तक बढ़ जाएगी।

    साहेबगंज का मल्टी-मॉडल टर्मिनल—सपना पूरा होने को तैयार!
    साहेबगंज में गंगा किनारे बना मल्टी-मॉडल टर्मिनल अब सिर्फ महीनों की दूरी पर है। 6,500 करोड़ की इस परियोजना से झारखंड और बिहार में औद्योगिक विकास का नया इतिहास लिखा जाएगा। यहां से 30 लाख टन माल ढुलाई होगी और भारत-नेपाल व्यापार को रफ्तार मिलेगी।

    आख़िरी बात!
    झारखंड 2025 में विकास का वो चेहरा दिखाएगा, जिसकी तस्वीर आज तक धुंधली थी। यह नया झारखंड होगा—रोज़गार से लबरेज़, शिक्षा से रोशन, और बुनियादी ढांचे से मजबूत। विकास का सफर बस शुरू होने को  है!

  • सावित्रीबाई फुले जयंती: महिलाओं के अधिकारों की प्रेरणा का महोत्सव

    GIRIDIH : आज हम बात करेंगे एक ऐसी महान विभूति की, जिसने न सिर्फ महिलाओं की शिक्षा की अलख जगाई, बल्कि समाज की कुरीतियों के खिलाफ आवाज भी बुलंद की। जी हां, हम बात कर रहे हैं  सावित्रीबाई फुले की, जिनकी जयंती गिरिडीह के अंबेडकर भवन में आस्था दलित महिला संघ के बैनर तले धूमधाम से मनाई गई।

    कार्यक्रम की खासियत।

    मंच पर मौजूद थीं प्रमुख अतिथि मधु श्रीसन्याल, प्राचार्या आरके महिला कॉलेज; विशिष्ट अतिथि डीडीसी स्मृता कुमारी और पूर्व प्रोफेसर पुष्पा सिन्हा। मंच का संचालन किया प्रमिला मेहरा ने, और वहां मौजूद हर शख्स सावित्रीबाई के योगदान को याद कर गर्व से भर उठा।

    मधुश्री सन्याल ने कहा, “जब महिलाओं को पढ़ाई-लिखाई तो दूर, किसी भी अधिकार का हक नहीं था, उस दौर में सावित्रीबाई फुले ने बालिका शिक्षा और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।” उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं का शिक्षित होना समाज के बदलाव की पहली शर्त है।

    पूर्व प्रोफेसर पुष्पा सिन्हा ने बताया कि सावित्रीबाई फुले सिर्फ नारी शिक्षा की प्रेरक नहीं थीं, बल्कि उन्होंने विधवाओं के लिए आश्रम खोलकर समाज की सोच बदलने का काम किया। उनके योगदान से हमें यह सीखने की जरूरत है कि शिक्षा और अधिकार कैसे समाज को नई दिशा दे सकते हैं।

    डीडीसी स्मृता कुमारी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा, “आज हमारे पास हर तरह की सुविधाएं हैं, पढ़ने-लिखने का अधिकार है। ऐसे में हमें अपनी बेटियों को शिक्षित करने और समाज को जागरूक करने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।”

    कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब।

    कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। चाहे वो अफसाना प्रवीण हों, ज्योति सोरेन, माला देवी, या गीता देवी, सभी ने सावित्रीबाई फुले के योगदान को सराहा।

    पुरुषों ने भी इस आयोजन में अपनी सक्रिय भागीदारी दिखाई। सुखदेव दास, सुशील दास, नारायण दास, और अन्य कई ने सावित्रीबाई के संघर्ष को समाज के लिए मार्गदर्शक बताया।

    शिक्षा है सबसे बड़ा बदलाव।

    इस कार्यक्रम ने हमें यह याद दिलाया कि सावित्रीबाई फुले का सपना आज भी अधूरा है। महिलाओं को शिक्षित करना, समाज को कुरीतियों से मुक्त करना और समान अधिकार देना—यही इस महोत्सव का मुख्य संदेश था।

    सावित्रीबाई फुले की जयंती सिर्फ एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि हर दिन हमारे लिए प्रेरणा है। हमें उनसे सीखते हुए अपने समाज को बेहतर बनाने की दिशा में काम करना होगा ।

     

  • हर जान कीमती है, इसे बचाने की मुहिम पर कौन जुटा है,यहाँ जानिए

    गिरिडीह : ज़िले में सड़क सुरक्षा पर जोर देने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ  आज उपायुक्तकी अगुवाई में समाहरणालय भवन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अब ये रथ ज़िले के हर कोने में जाकर लोगों को सड़क सुरक्षा का पाठ पढ़ाएगा।

    क्या है खास इस रथ में?
    यह कोई आम रथ नहीं, यह सड़क पर चलते ‘सुरक्षा की पाठशाला’ है। इसमें ट्रैफिक नियम, हेलमेट पहनने की अनिवार्यता, सीट बेल्ट का महत्व, और नशा करके गाड़ी न चलाने जैसे संदेश हर घर और हर दिल तक पहुंचाए जाएंगे। और तो और, गुड सेमेरिटन (अच्छे समरीटन्स) की योजना का भी बड़े स्तर पर प्रचार किया जाएगा। अगर आपने सड़क हादसे में किसी की मदद की, तो प्रशासन आपको ‘नायक’ मानेगा और पूछताछ से राहत भी देगा।

    उपायुक्त ने क्या कहा?
    मीडिया से बातचीत में उपायुक्त ने साफ कहा, “हमारा लक्ष्य सिर्फ नियम बनाना नहीं, बल्कि लोगों को उनकी ज़िम्मेदारी का एहसास दिलाना है। सड़क पर हादसों को रोकने के लिए लोगों को भी अपनी सोच बदलनी होगी।”

    पुलिस अधीक्षक समेत तमाम अधिकारी मौजूद
    इस मुहिम को सफल बनाने के लिए पूरा प्रशासन एकजुट दिखा। पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, और अन्य बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद थे।

    जागरूकता से हादसे कम हो सकते हैं!
    तो गिरिडीह वालों, यह समय है अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूक होने का। हेलमेट और सीट बेल्ट सिर्फ कानून की बात नहीं, आपकी ज़िंदगी का सवाल है। और ये रथ, उम्मीद करता है कि गिरिडीह में सुरक्षा का नया अध्याय लिखेगा।