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  • इंडिया गठबंधन की बैठक में रणनीति और तैयारी पर चर्चा

    रांची: राजनीति की गहमागहमी के बीच झारखंड में इंडिया गठबंधन की एक अहम बैठक हुई, जहां सत्ता पक्ष ने एक बार फिर एकजुटता का परिचय दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधायकों को अपने आवास पर आमंत्रित कर स्पष्ट संदेश दिया—सदन में पूरी तैयारी के साथ उतरना है।

    मुख्यमंत्री ने बैठक में साफ किया कि विपक्ष के वार को उन्हीं की शैली में जवाब देना होगा। उन्होंने कहा, “सरकार ने पिछले कार्यकाल में जनता के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए हैं। सदन के भीतर हमें अपनी उपलब्धियों को मजबूती से रखना होगा।”

    झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 9 दिसंबर से 12 दिसंबर तक चलने वाला है। इसे लेकर सरकार की प्राथमिकता विपक्ष के सवालों का जवाब देने और अपनी योजनाओं को जनता के सामने रखने की है।

    उपाध्यक्ष पद की मांग ने पकड़ा जोर
    बैठक में कांग्रेस विधायकों ने सदन में उपाध्यक्ष पद को लेकर अपनी नाराजगी जताई। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा, “झारखंड विधानसभा में वर्षों से उपाध्यक्ष पद रिक्त है। यह स्थिति संसदीय व्यवस्था को कमजोर करती है। हमें उम्मीद है कि सरकार इस पर जल्द विचार करेगी।”

    गठबंधन के इस बैठक में कांग्रेस की तरफ से कुछ चेहरे नदारद रहे। मंत्री शिल्पा नेहा तिर्की, कांग्रेस विधायक सोना राम सिंकू, और राजद के विधायक संजय सिंह यादव की अनुपस्थिति ने सवाल जरूर खड़े किए, लेकिन गठबंधन की समग्र एकजुटता पर इसका खास असर नहीं दिखा।

    कांग्रेस विधायक दल का नेता: इंतजार अभी बाकी
    कांग्रेस में विधायक दल के नेता का चयन अभी भी अधर में लटका हुआ है। पार्टी के भीतर गहमागहमी है, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने इस पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है। हाल ही में प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने इस मुद्दे पर विधायकों से चर्चा की थी, लेकिन अंतिम फैसला दिल्ली में होना बाकी है।

    इस बैठक ने साफ कर दिया कि झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इंडिया गठबंधन पूरी तैयारी के साथ उतरेगा। सत्ता पक्ष अपनी नीतियों और उपलब्धियों को प्रमुखता से पेश करने के लिए तैयार है।

    आगामी सत्र सिर्फ विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच बहस का मंच नहीं होगा, बल्कि झारखंड की राजनीति में नई दिशा तय करने का अवसर भी बनेगा।

  • झारखंड में खेल विश्वविद्यालय स्थापित की जाएगी -मंत्री

    गिरिडीह : झारखंड के नगर विकास, पर्यटन एवं खेलकूद मंत्री सूदिब्य कुमार सोनू ने आज गिरिडीह मे THE NEWS POST4U से खास मुलाक़ात मे अपने मंत्रालय से जुड़ी कई प्र्स्तवित योजनाओं के बारे मे बताया । मंत्री ने कहा कि झारखंड में खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने की उनकी योजना है,जिसे अमली जामा पहनाने की कवायद तेज़ की जाएगी । उनका दावा है कि झारखंड में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हाँकी और तीरंदाजी जैसे खेलों में राज्य के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रौशन किया है ।  मंत्री का वादा है कि अन्य खेलों में भी गुणवत्ता और स्वच्छ माहौल के साथ अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
    शहरी विकास—आत्मनिर्भर नगर निगम बनाने का प्रयास
    सूदिब्य कुमार सोनू ने शहरी विकास को लेकर भी बड़े बदलाव की बात की। उन्होंने कहा कि राज्य के नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद केsthapaitटैक्स ढांचे की समीक्षा की जाएगी और इन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए आंतरिक स्रोत विकसित किए जाएंगे। उन्होने सवाल के जबाब मे कह कि शहरों मे ट्राफिक जाम  की  एक बड़ी समस्या है । इसके समधान  के लिए पुलिस और निगम को संयुक्त प्रयास करने होगे और इसके लिए पहल शुरू की जाएगी।

    पर्यटन से रोजगार
    मंत्री ने कहा कि झारखंड में पर्यटन के क्षेत्र में असीम संभावनाओं हैं । उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य के आधार पर राजस्व बढ़ाने और रोजगार सृजन का प्रयास किया जाएगा।
    युवाओं के लिए रोजगार
    मंत्री ने कहा कि झारखंड के युवा रोजगार के लिए बाहर जाते हैं, लेकिन पर्यटन को बढ़ावा देकर उन्हें राज्य में ही रोजगार मिले इस पर वे काम करेंगे ,  साथ ही रीति-रिवाजों और स्थानीय कला-संस्कृति को भी रोजगार का जरिया बनाने का प्रयास होगा ।झारखंड बदलाव की ओर बढ़ रहा है ?
    मंत्री सूदिब्य कुमार सोनू जैसे युवा नेता झारखंड के विकास का नया खाका खींचने का दावा कर रहे हैं। जिससे एक उम्मीद जगी है । क्या सोनू की अगुवाई मे झारखंड  वाकई खेल, पर्यटन और शहरी विकास के क्षेत्र में नई इबारत लिखेगा  ?
    आम जनता असरदार बदलाव की उम्मीद मे है। जिसे पूरा करने की जिम्मेवारी मंत्री जी की है
    परवेज़ आलम की मंत्री सूदिब्य सोनू से खास बातचीत पर आधारित रपट

  • झारखंड के मंत्री संजय यादव को लालू यादव ने क्या दिया टिप्स !

    पटना: झारखंड के नव-नियुक्त श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद बिहार की राजधानी पटना में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात की। इस खास मुलाकात में लालू यादव ने मंत्री संजय प्रसाद यादव को गरीबों के हक और अधिकार के लिए काम करने का आशीर्वाद दिया।

    गरीबों की तकदीर बदलने का निर्देश। 
    लालू प्रसाद यादव ने कहा, “गरीबों की तकदीर बदलना हमारा मुख्य लक्ष्य होना चाहिए।” उन्होंने संजय यादव को झारखंड के गांव-गांव जाकर गरीबों के दुख-दर्द समझने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की सलाह दी। लालू यादव ने कहा कि विरोधियों को जवाब देने का सबसे अच्छा तरीका है विकास कार्य। उन्होंने जोर देकर कहा, “ईमानदारी और निष्ठा से जनता की सेवा करें, यही असली राजनीति है।”

    लालू-राबड़ी से आशीर्वाद लेकर दिखाया समर्पण । 
    पदभार संभालने के बाद मंत्री संजय प्रसाद यादव ने पटना जाकर अपने राजनीतिक गुरु लालू प्रसाद यादव से आशीर्वाद लिया। इस मौके पर राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे। आरजेडी के झारखंड प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि मंत्री ने पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए गरीबों और मजदूरों के लिए समर्पित भाव से काम करने का वादा किया।

    झारखंड में श्रम विभाग की नई उम्मीदें । 
    संजय प्रसाद यादव ने लालू यादव से मुलाकात के दौरान राज्य में श्रम विभाग को नई दिशा देने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि झारखंड में श्रमिकों और बेरोजगारों के लिए कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर लाने का काम प्राथमिकता पर रहेगा।

    राजनीतिक संदेश और सादगी का मेल । 
    लालू यादव के साथ इस मुलाकात को राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है। मंत्री ने न केवल पार्टी नेतृत्व से आशीर्वाद लिया, बल्कि इस दौरान राजद की विचारधारा और गरीबों के लिए समर्पण को केंद्र में रखते हुए अपनी जिम्मेदारी को और अधिक गंभीरता से निभाने का संकेत दिया। झारखंड के श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव अब लालू यादव की सलाह और आशीर्वाद को अमल में लाते हुए झारखंड के श्रमिकों और गरीबों की आवाज बनने की तैयारी में हैं। जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने और विकास कार्यों के जरिए विरोधियों को जवाब देने की इस यात्रा में उनके लिए चुनौतियां और अवसर दोनों हैं।

  • स्वास्थ्य को व्यवसाय समझने वालों की जगह जेल मे होगी- डॉ. इरफान

    धनबाद: झारखंड के नव-नियुक्त स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है। रविवार को धनबाद के गोविंदपुर के फकीरडीह में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी अस्पतालों की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    बिल भुगतान के नाम पर शव रोकने पर रोक.
    डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि अगर किसी मरीज की अस्पताल में मौत होती है, तो अस्पताल प्रबंधन शव को परिजनों को तुरंत सौंपेगा। बिल भुगतान के नाम पर शव रोकने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन को कानूनी कार्रवाई का निर्देश दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य को व्यवसाय समझने वालों की जगह अब जेल होगी।”

    आयुष्मान योजना में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई।
    स्वास्थ्य मंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज में लापरवाही बरतने वाले अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अस्पताल जो फर्जी तरीके से आयुष्मान की मान्यता लेकर गरीबों को लूट रहे हैं, उनकी उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। “अगर कोई अस्पताल मापदंड पूरे नहीं करता, तो उसे सील कर दिया जाएगा और मालिक को जेल होगी,” उन्होंने कहा।

    स्वास्थ्य सेवाओं को दिल्ली मॉडल पर विकसित करने का वादा।
    डॉ. अंसारी ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मॉडल की तारीफ करते हुए कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी उसी तर्ज पर सुधारा जाएगा। उन्होंने कहा, “दिल्ली में सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता दी है, जिससे वहां का मॉडल देश के लिए उदाहरण बन गया है। मुख्यमंत्री से बात कर झारखंड में भी इसी तरह की सेवाएं लाने की कोशिश होगी।”

    फर्जी डिग्री वालों और बेरोजगारों के लिए योजना।
    स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि फर्जी डिग्री के आधार पर काम कर रहे लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उनकी डिग्री की जांच कराई जाएगी और दोषियों को जेल भेजा जाएगा। इसके साथ ही, स्थानीय बेरोजगार युवाओं को स्वास्थ्य विभाग में रोजगार के मौके दिए जाएंगे।

    सरकारी अस्पतालों में सुधार पर जोर
    डॉ. अंसारी ने वादा किया कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले हर मरीज को हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को इलाज के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।डॉ. इरफान अंसारी के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए अब सख्त कदम उठाए जाएंगे। जनता को बेहतर सुविधाएं और न्याय दिलाने के लिए उन्होंने प्रतिबद्धता जाहिर की है।

  • फर्जी बिजली अधिकारी बनकर ठगी करने वाले तीन साइबर अपराधी गिरफ्तार

    गिरिडीह: गिरिडीह पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में बिजली विभाग के फर्जी अधिकारियों के रूप में ठगी करने वाले तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी गांडेय थाना क्षेत्र के डाकबंगला इलाके में छापेमारी के दौरान हुई।

    एसपी डॉ. विमल कुमार की सक्रियता लाई सफलता.
    गिरिडीह के एसपी डॉ. विमल कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी डाकबंगला के पास लोगों को फर्जी बिजली अधिकारी बनकर ठगने का काम कर रहे हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस और गांडेय थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया और तीन अपराधियों को रंगेहाथ पकड़ लिया।

    गिरफ्तार अपराधियों की पहचान और बरामदगी.
    गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान पंकज कुमार मंडल, दीपक कुमार मंडल, और कैलाश मंडल के रूप में हुई है, जो अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के पदनिया गांव के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन, तीन सिम कार्ड, और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया है।

    कैसे देते थे ठगी को अंजाम?
    एसपी डॉ. विमल कुमार ने बताया कि ये अपराधी बिजली विभाग के फर्जी अधिकारी बनकर रेंडम फोन नंबर सेलेक्ट करते थे। इसके बाद, सीरियल कॉलिंग के जरिए लोगों को यह धमकी देते थे कि बिजली बिल जमा नहीं करने पर उनका कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसी बहाने ये ठग उनसे पैसे ऐंठने का काम करते थे।

    साइबर डीएसपी आबिद खान ने संभाली कमान.
    गुप्त सूचना के आधार पर एसपी ने साइबर डीएसपी आबिद खान को छापेमारी का निर्देश दिया। कार्रवाई इतनी तेज और सटीक थी कि अपराधियों को भागने का मौका तक नहीं मिला।

    एसपी की अपील.
    प्रेस वार्ता में एसपी डॉ. विमल कुमार ने कहा कि आम जनता को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने आग्रह किया कि अगर कोई व्यक्ति फोन पर इस तरह की धमकी देकर पैसे की मांग करता है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

    गिरिडीह पुलिस की यह कार्रवाई न केवल साइबर अपराध पर कड़ा प्रहार है, बल्कि अपराधियों को यह संदेश भी कि ठगी के इस खेल का अंत अब सुनिश्चित है।

  • झारखंड विधानसभा: छठी विधानसभा का पहला सत्र कल , कई नए चेहरे देंगे दस्तक

    परवेज़ आलम की रिपोर्ट…….
    झारखंड विधानसभा का पहला सत्र 9 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है, जो 12 दिसंबर तक चलेगा। यह सत्र न केवल नई ऊर्जा बल्कि नए बदलावों का संकेत भी देगा। सत्र के पहले दो दिन नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण होगा, जिसे प्रोटेम स्पीकर स्टीफन मरांडी संपन्न कराएंगे।

    नए विधायकों की शपथ और अध्यक्ष का चुनाव।
    9 दिसंबर को सत्र के पहले दिन से विधायकों का शपथ ग्रहण शुरू होगा, जो 10 दिसंबर तक चलेगा। इसी दिन शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद झारखंड विधानसभा के नए अध्यक्ष का चुनाव होगा। यह प्रक्रिया सत्र की गंभीरता और विधायी गतिविधियों की दिशा तय करेगी।

    राज्यपाल का अभिभाषण और अनुपूरक बजट।
    11 दिसंबर को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार का अभिभाषण होगा। इसके तुरंत बाद, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर चालू वित्तीय वर्ष के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट पेश करेंगे। यह दिन सरकार की योजनाओं और प्राथमिकताओं का खाका पेश करने का होगा।

    पहली बार पहुंचे 20 नए विधायक। 
    इस बार की विधानसभा में एक नया इतिहास लिखा जाएगा। सदन में 20 ऐसे विधायक होंगे, जो पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं। इनमें से कई युवा और अनुभवहीन चेहरों के साथ सत्र का माहौल उत्साह और बदलाव से भरा होगा। यह पहली बार है जब सत्ता पक्ष के सदस्यों की संख्या सदन की कुल संख्या का दो-तिहाई होगी।

    छोटे दलों की मौजूदगी। 
    इस विधानसभा में चार दलों का एकल प्रतिनिधित्व भी देखने को मिलेगा। जदयू, लोजपा (आर), आजसू पार्टी, और जेएलकेम के एक-एक विधायक ने इस बार सदन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

    सत्र के अंतिम कार्यदिवस 12 दिसंबर को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके साथ ही अनुपूरक बजट पर वाद-विवाद की प्रक्रिया भी पूरी होगी।

    झारखंड विधानसभा का यह सत्र नई उम्मीदों और दिशा-निर्देशों का संकेत देगा। 20 नए विधायकों की भागीदारी और सत्ता पक्ष की मजबूत उपस्थिति इसे और भी खास बनाती है।

  • कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री सुदिव्य सोनू का किया भव्य स्वागत

    परवेज़ आलम की कलम से …..
    गिरिडीह: रविवार को झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने गिरिडीह कांग्रेस भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री का फूलों के बुके और शॉल देकर भव्य स्वागत किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष धनंजय सिंह ने मंत्री को सम्मानित करते हुए कहा कि उनका पार्टी कार्यालय में आना कार्यकर्ताओं के प्रति उनके सम्मान और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने इस मौके पर कहा, “कांग्रेस मेरा परिवार है, और मैं हमेशा आपके लिए उपलब्ध रहूंगा। कांग्रेस कार्यालय आकर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। कार्यकर्ताओं की मेहनत और सम्मान को बनाए रखना मेरी प्राथमिकता है।”

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी एक पार्टी के नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और महागठबंधन के मंत्री हैं। “मेरी जिम्मेदारी है कि मैं हर कार्यकर्ता की भावनाओं का सम्मान करूं और किसी को निराश न होने दूं। गिरिडीह और झारखंड के विकास के लिए मैं पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं,” उन्होंने कहा।

    जिला अध्यक्ष धनंजय सिंह ने मंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा, “मंत्री बनने के तुरंत बाद कांग्रेस कार्यालय आना यह दर्शाता है कि सोनू जी कार्यकर्ताओं के प्रति संवेदनशील हैं। उनकी मेहनत और सहयोग से ही गठबंधन सरकार बनी है, और हमें विश्वास है कि वे इसे ध्यान में रखेंगे।”

    प्रदेश सचिव अजय सिन्हा मंटू ने मंत्री सोनू की मिलनसार प्रवृत्ति की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान किया है। उनके मंत्री बनने से गिरिडीह की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है।

    इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें कार्यकारी अध्यक्ष सतीश केडिया, मदन लाल विश्वकर्मा, जेएमएम नेता मो. हसनैन अली, शाहनवाज़ अंसारी, प्रो. कमाल नयन, और प्रो. मंजूर अंसारी जैसे प्रमुख नाम शामिल थे।

    कार्यक्रम का माहौल उत्साह और एकजुटता से भरा हुआ था, जो दर्शाता है कि झारखंड कांग्रेस का यह गठबंधन मजबूती से आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

  • विधान सभा परिसर के पास कल से निषेधाज्ञा लागू

    रांची: झारखंड में विधानसभा का पहला सत्र सोमवार (9 दिसंबर) से शुरू होगा. 4 दिनों तक चलने वाले इस सत्र की तैयारी पूरी हो चुकी है. विधानसभा के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लगा दी गई है. विस परिसर के पास कल सुबह 8 बजे से निषेधाज्ञा लगाई गई है । एसडीओ उत्कर्ष कुमार ने इससे संबंधित आदेश जारी किया है. इस दौरान विधानसभा के 200 मीटर के दायरे में जुलूस, रैली, प्रदर्शन और घेराव आदि पर रोक रहेगी.

    विधानसभा में कब क्या होगा !

    9 दिसंबर को सबसे पहले विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी.

    10 दिसंबर को शेष विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी.

    10 दिसंबर को ही नये विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा.

    11 दिसंबर को राज्यपाल का अभिभाषण होगा.

    11 दिसंबर को सरकार द्वितीय अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखेगी.

    12 दिसंबर को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस होगी.

    12 दिसंबर को ही अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी.

  • कांग्रेस विधायक दल के नेता के लिए 3 नाम,किसकी खुलेगी किस्मत

    रांची:झारखंड में 9 दिसबंर से 12 दिसंबर तक विधानसभा का सत्र बुलाया गया है। इससे पहले सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गया है। सीएम आवास में आज सभी विधायकों की बैठक बुलाई गई है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने भी विधायक दल की बैठक बुलाई है। वहीं विधानसभा सत्र की शुरुआत से पहले कांग्रेस को भी विधायक दल का नेता मिल सकता है।झारखंड में कांग्रेस की राजनीति का केंद्र इन दिनों विधायक दल के नेता का चयन बन गया है। झारखंड विधानसभा सत्र की शुरुआत से पहले प्रदेश कांग्रेस इस अहम पद के लिए अपने नेता की घोषणा कर सकती है। पार्टी ने पहले ही विधायक दल की बैठक कर केंद्रीय नेतृत्व को यह अधिकार सौंप दिया है कि वह नेता का चयन करे।

    तीन नाम रेस में:

    कांग्रेस विधायक दल के नेता के लिए तीन प्रमुख नामों पर चर्चा हो रही है:

    1. प्रदीप यादव: उनके लंबे राजनीतिक अनुभव को देखते हुए उन्हें इस पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
    2. डॉ. रामेश्वर उरांव: पूर्व वित्त मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता उरांव भी दावेदारी में हैं। माना जा रहा है कि कैबिनेट से उनकी छुट्टी के बाद उन्हें इस पद के जरिए संतुष्ट किया जा सकता है।
    3. नमन विक्सल कोंगाड़ी: युवा और उभरते नेता के रूप में कोंगाड़ी का नाम चर्चा में है। अगर प्रदीप यादव को नेता चुना जाता है, तो कोंगाड़ी को उपनेता बनाया जा सकता है।

    निर्णय की घड़ी:

    सूत्रों के अनुसार, रविवार रात या सोमवार सुबह तक कांग्रेस विधायक दल के नेता के नाम की घोषणा हो सकती है। इस निर्णय के साथ विधानसभा सत्र की रणनीति पर भी फोकस होगा।

    सत्ताधारी गठबंधन की बैठक:

    विधानसभा सत्र की शुरुआत से ठीक पहले रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर सत्ताधारी गठबंधन के विधायकों की बैठक बुलाई गई है। इंडिया गठबंधन के सभी विधायक इस बैठक में शामिल होंगे, जो दोपहर 3 बजे रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित होगी।

    बीजेपी भी मैदान में:

    जहां कांग्रेस और सत्ताधारी गठबंधन अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने भी अपनी योजना पर काम शुरू कर दिया है। विधानसभा सत्र को लेकर पार्टी अपने विधायकों के साथ लगातार बैठकों में जुटी हुई है।

    कांग्रेस का दांव:

    यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस अपने विधायक दल का नेता किसे चुनती है। प्रदीप यादव की वरिष्ठता, उरांव की सुलहकारी छवि, या कोंगाड़ी की युवा जोश—इनमें से किसे मौका मिलेगा, इसका जवाब सोमवार तक मिलने की उम्मीद है।

  • बीजेपी की रणनीति बैठक आज

    RANCHI: रांची में रविवार  का दिन बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण है। पार्टी के प्रदेश कार्यालय में शाम 7 बजे नवनिर्वाचित विधायकों की एक अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में 9 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। इसके साथ ही विधायक दल के नेता के चयन पर भी विचार-विमर्श संभव है।

    शाम की बैठक पर नजरें:
    शाम को होने वाली विधायक दल की बैठक पर सभी की निगाहें हैं, क्योंकि इसमें विधानसभा सत्र से पहले पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। साथ ही, विधायक दल के नेता का चयन भी चर्चा का एक अहम विषय हो सकता है।