— राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2025 को बताया छात्र विरोधी.
द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की गिरिडीह नगर इकाई ने बुधवार को झारखंड सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। झंडा मैदान से टॉवर चौक तक आक्रोश मार्च निकालते हुए कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया।
विरोध का मुख्य कारण राज्य विधानसभा में पारित राज्य विश्वविद्यालय विधेयक-2025 रहा। इस विधेयक के तहत झारखंड के विश्वविद्यालयों में कुलपति, प्रति कुलपति, वित्तीय सलाहकार, परीक्षा नियंत्रक और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति का अधिकार अब महामहिम राज्यपाल से हटाकर राज्य सरकार को देने का प्रावधान किया गया है। एबीवीपी नेताओं ने इसे पूरी तरह असंवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
एबीवीपी गिरिडीह जिला संयोजक मंटू मुर्मू ने कहा कि सरकार का यह निर्णय छात्रों की आवाज़ को दबाने की साजिश है। उन्होंने कहा— “छात्र संघ चुनाव केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जीवंत प्रयोगशाला है। यहाँ छात्र अपने नेतृत्व कौशल का विकास करते हैं, अपनी समस्याओं को मुखरता से रखते हैं और प्रशासन तक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात पहुँचाते हैं। सरकार का यह कदम छात्रों को प्रतिनिधित्व से वंचित करने वाला है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुलपति या सरकार द्वारा नामित प्रतिनिधि कभी भी छात्रों की वास्तविक आवाज़ नहीं बन सकते। यह व्यवस्था छात्रों को केवल दर्शक बना देगी और निर्णय प्रक्रिया से उनकी भूमिका समाप्त हो जाएगी।
नगर मंत्री नीरज चौधरी ने कहा कि संशोधन के जरिए छात्रों की भागीदारी खत्म करना न केवल अलोकतांत्रिक है, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने वाला कदम भी है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत इस संशोधन को वापस ले और विश्वविद्यालय परिसरों में स्वतंत्र व निष्पक्ष छात्र संघ चुनाव बहाल करे।
एबीवीपी नेताओं ने कहा कि छात्र संघ चुनाव सिर्फ राजनीति का प्रशिक्षण केंद्र नहीं है, बल्कि यही वह स्थान है जहाँ से समाज को भविष्य का नेतृत्व देने वाली पीढ़ी तैयार होती है। ऐसे में छात्र संघ चुनावों पर रोक लगाना न केवल छात्रों के हितों के खिलाफ है, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना पर भी कुठाराघात है।
इस मौके पर नगर सह मंत्री अनीश राय, सदानंद राय, शुभम तांती, ऋषि त्रिवेदी, पृथ्वी कुमार, दीपक वर्मा, आशीष सिंह, बिट्टू मोदी, देवदत्त श्रीवास्तव, हिमांशु कश्यप, बबलू यादव, सत्यम, कृष्णा दास, चुन्नू सिंह, सनी सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।







