द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह: जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में आज एक अहम कदम उठाया गया। उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने अपने कार्यालय कक्ष में आयुष विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर साफ संकेत दे दिया कि अब स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
बैठक का फोकस स्पष्ट था—आमजन को बेहतर, सुलभ और प्रभावी स्वास्थ्य सुविधा कैसे मिले। आयुष विभाग की योजनाओं की प्रगति, सेवा की गुणवत्ता, दवाओं की उपलब्धता और आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उप विकास आयुक्त ने एक-एक बिंदु पर गंभीरता से समीक्षा की और अधिकारियों से जमीनी हकीकत की जानकारी ली।
ओपीडी नियमित, दवाएं समय पर.
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी आयुष स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित रूप से ओपीडी संचालित हो। चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और मरीजों को आवश्यक दवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। साफ-सफाई की स्थिति पर भी विशेष जोर देते हुए कहा गया कि स्वास्थ्य केंद्रों की स्वच्छता से ही मरीजों का विश्वास मजबूत होता है।
ग्रामीण इलाकों पर विशेष फोकस.
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष सेवाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति की ताकत गांव-गांव तक पहुंचनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी पद्धतियों के माध्यम से लोगों को सस्ती और प्रभावी चिकित्सा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
आयुष्मान भारत से तालमेल.
बैठक में आयुष्मान भारत योजना के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। निर्देश दिया गया कि लाभुकों को योजनाओं का समुचित लाभ मिले और आयुष सेवाएं भी इस दायरे में प्रभावी रूप से जुड़ें।
जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर.
उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि आयुष विभाग की सेवाएं सीधे जनहित से जुड़ी हैं। सभी पदाधिकारी और कर्मी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन गंभीरता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ करें। साथ ही, प्रगति कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि योजनाएं कागजों से निकलकर जमीन पर दिखाई दें।
बैठक में आयुष पदाधिकारी समेत संबंधित अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासन की यह सक्रियता आने वाले दिनों में आमजन के लिए राहत की बड़ी खबर साबित हो सकती है।







