द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
रांची : नवरात्र के अवसर पर झारखंड का हर शहर आस्था और भक्ति से सराबोर है। राजधानी रांची से लेकर कोल्हान, संताल और पलामू तक दुर्गा पूजा की रौनक नजर आ रही है। जगह-जगह भव्य पंडाल सज चुके हैं और मां दुर्गा की प्रतिमाएं भक्तों के दर्शन के लिए स्थापित की जा चुकी हैं। अधिकांश पंडालों के पट शुक्रवार को ही खोल दिए गए थे, जबकि शेष पंडाल शनिवार से भक्तों के लिए सुलभ हो गए हैं।
लेकिन इस उत्साह के बीच एक सवाल हर किसी के मन में उठ रहा है—क्या बारिश पूजा की खुशी पर पानी फेर देगी?
रुक-रुक कर हो रही बारिश ने बढ़ाई चिंता.
पिछले दो दिनों से झारखंड के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इस कारण पंडालों की भव्य सजावट और रोशनी पर असर पड़ रहा है। कई जगह श्रद्धालुओं को पूजा स्थलों तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। गिरिडीह ,धनबाद, बोकारो और रांची में शुक्रवार को झमाझम बारिश के कारण पंडालों में भीड़ अपेक्षाकृत कम रही।
मौसम विभाग की चेतावनी और उम्मीद.
मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव का असर झारखंड पर भी देखने को मिल रहा है। इसके चलते राज्य के दक्षिणी और मध्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। रांची, जमशेदपुर, धनबाद और गुमला समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
हालांकि राहत की बात यह है कि 28 सितंबर से मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा और नवरात्र के शेष दिनों में श्रद्धालु बिना किसी रुकावट के मां दुर्गा की आराधना कर सकेंगे।
श्रद्धालुओं में उत्साह बरकरार.
मौसम की मार के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। सुबह-शाम भक्ति गीतों और ढाक की धुनों से पंडालों का वातावरण गूंज रहा है। जगह-जगह अष्टमी और नवमी के भोग की तैयारी जोर-शोर से हो रही है।







