परवेज़ आलम. द न्यूज़ पोस्ट4यू
गिरिडीह जिले के रेल विकास को लेकर सोमवार को राजधानी दिल्ली से एक बेहद सकारात्मक संकेत सामने आया है। गिरिडीह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से नई दिल्ली में मुलाकात कर जिले और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी बहुप्रतीक्षित रेलवे मांगों को मजबूती से रखा। यह अहम मुलाकात कोडरमा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री माननीय अन्नपूर्णा देवी के विशेष प्रयासों से संभव हो सका । प्रतिनिधिमंडल को संगठित कर रेल मंत्री तक पहुँचाने में मुकेश जलान ( सदस्य, ZRUCC) की महती भूमिका रही।इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदीप अग्रवाल, गुनवंत सिंह मोंगिया, विकास खेतान तथा संजीव कुमार शामिल रहे।
बैठक में सबसे पहले हावड़ा–गया वंदे भारत एक्सप्रेस का मुद्दा रखा गया। इस पर यह सहमति बनी कि ट्रेन को न्यू गिरिडीह होकर सप्ताह में तीन दिन चलाया जाए, जिससे गिरिडीह, पारसनाथ और कोडरमा को तेज़, आधुनिक और सम्मानजनक रेल सेवा का लाभ मिल सके।
इसके बाद देवघर–जसीडीह–वाराणसी वंदे भारत को न्यू गिरिडीह–कोडरमा मार्ग से सप्ताह में तीन दिन चलाने का प्रस्ताव रखा गया। इससे बाबाधाम, काशी विश्वनाथ और पारसनाथ जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों को जोड़ते हुए एक सशक्त आध्यात्मिक रेल कॉरिडोर का मार्ग प्रशस्त होगा।
प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली–गोड्डा वंदे भारत एक्सप्रेस की मांग भी जोरदार तरीके से रखी। बताया गया कि वर्तमान गोड्डा–नई दिल्ली ट्रेन अत्यधिक भीड़ और लंबी प्रतीक्षा सूची से जूझ रही है। इस पर रेल मंत्री द्वारा सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया गया।
माल ढुलाई के क्षेत्र में भी गिरिडीह को बड़ी सौगात मिलने के संकेत मिले। न्यू गिरिडीह स्टेशन पर मौजूदा रैक प्वाइंट को लंबा करने और बढ़ते औद्योगिक उत्पादन को देखते हुए एक अतिरिक्त नया रैक प्वाइंट विकसित करने पर सहमति बनी। न्यू गिरिडीह को एक मजबूत लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है।
इसके साथ ही महेशमुंडा रैक प्वाइंट का टेंडर होने के बावजूद कार्य शुरू न होने का मुद्दा भी उठाया गया, जिस पर रेल मंत्री ने शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का भरोसा दिलाया।
बैठक में गिरिडीह–कोडरमा–मधुपुर रेलखंड पर डबल लाइन, पारसनाथ–गिरिडीह सेक्शन में यात्री सुविधाओं के विस्तार, स्टेशन विकास और शेड निर्माण जैसे विषयों पर भी सार्थक चर्चा हुई और सभी बिंदुओं पर सकारात्मक रुख देखने को मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने गिरिडीह की औद्योगिक और खनिज महत्ता—कोयला, अभ्रक, स्टोन चिप्स, डोलोमाइट जैसे संसाधनों—का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर रेल अवसंरचना से न सिर्फ रेलवे के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार, उद्योग और व्यापार को भी नई गति मिलेगी।
गिरिडीह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए आभार जताया और विशेष रूप से मंत्री अन्नपूर्णा देवी की सराहना की, जिनकी सक्रियता और संवेदनशील प्रयासों से गिरिडीह की वास्तविक ज़रूरतें केंद्र सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुँचीं।
चैंबर को विश्वास है कि इन प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से गिरिडीह जिला उद्योग, व्यापार, धार्मिक, पर्यटन और समग्र आर्थिक विकास के नए युग में प्रवेश करेगा और झारखंड के प्रमुख विकास केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।







