परवेज़ आलम.
द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
गिरिडीह: मुसाबनी की सभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा व्यापारियों के खिलाफ दिए गए अपमानजनक बयान के विरोध में मंगलवार को गिरिडीह के टावर चौक पर व्यापारिक समुदाय ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नाराज व्यापारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दर्ज कराई और मांग की – मुख्यमंत्री अपने बयान पर तुरंत सार्वजनिक माफी मांगें।
इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए। व्यापारिक प्रतिनिधियों में शुभम केशरी, श्रेयांश सिन्हा, रामपुनीत सिंह, संदीप डंगाइच, मुकेश जालान, दिनेश यादव, नवीन सिन्हा, हरमिंदर सिंह बग्गा और शाहिल शर्मा प्रमुख रूप से मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया बयान — “व्यापारी पहले पैर पकड़ते हैं और बाद में गला पकड़ते हैं” — न केवल असंवेदनशील और आपत्तिजनक है, बल्कि पूरे व्यापारी वर्ग के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है।
वक्ताओं ने कहा कि झारखंड के व्यापारी सदैव राज्य की आर्थिक रीढ़ रहे हैं। चाहे कोरोना जैसी आपदा रही हो या मंदी के कठिन दौर, व्यापारियों ने सरकार और समाज दोनों के साथ मिलकर राहत कार्यों में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया यह बयान न केवल अनुचित है, बल्कि सत्ता के अहंकार को दर्शाता है।
व्यापारिक समुदाय ने एकजुट होकर चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री शीघ्र ही अपने बयान पर व्यापारी समाज से सार्वजनिक माफी नहीं मांगते, तो राज्यभर में व्यापारी संगठन व्यापक आंदोलन छेड़ देंगे।
प्रदर्शन के दौरान उपस्थित व्यापारियों ने कहा कि झारखंड के विकास में व्यापारिक वर्ग का योगदान किसी से कम नहीं है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जनता और व्यापारियों के सम्मान की रक्षा की जाए, न कि अपमानजनक शब्दों से उनके मनोबल को ठेस पहुंचाई जाए।
टावर चौक पर हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान “व्यापारी एकता ज़िंदाबाद”, “मुख्यमंत्री माफी मांगो” और “व्यापारियों का सम्मान करो” जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शन का माहौल शांतिपूर्ण रहा, लेकिन व्यापारियों के तेवर बेहद सख्त दिखे।







