द न्यूज़ पोस्ट4यू डेस्क.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि बिनोद बिहारी महतो केवल एक नेता नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के प्रतीक थे। उनका सपना था कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी सम्मान और अधिकार के साथ जीवन जिए। उन्होंने कहा कि विनोद बाबू का नारा “पढ़ो और लड़ो” आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उनके समय में था।
संजय सिंह ने बिनोद बिहारी महतो के जीवन संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि वे आजीवन झारखंड के लोगों को शिक्षा और संघर्ष के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करते रहे। उनका स्पष्ट संदेश था— “जब तक आप अपना इतिहास नहीं पढ़ेंगे, तब तक अपने अधिकारों के लिए मजबूती से लड़ नहीं पाएंगे।” यही विचार आज भी नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक हैं।
इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष शाहनवाज अंसारी, जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा, नगर अध्यक्ष राकी सिंह, जिला कोषाध्यक्ष सुमित कुमार, जिला सह सचिव दिलीप कुमार रजक सहित चांद रसीद, असगर अंसारी, हसनैन अली, मेहताब मिर्जा, राकेश कुमार रंजन, मुकेश यादव, राकेश गुप्ता समेत कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
वहीं, पीरटांड़ स्थित बिनोद धाम में भी बिनोद बिहारी महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नेताओं ने उन्हें याद किया और उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन उनके संघर्ष, शिक्षा और अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने के आह्वान के साथ हुआ।







